दिमाग तेज करने और याददाश्त बढ़ाने का आसान और अचूक उपाय

दिमाग तेज करने और याददाश्त बढ़ाने का आसान और अचूक उपाय वैसे तो बहुत से हैं जैसे की ध्यान करना , त्राटक करना, शाम्गभवी मुद्रा आदि हमारे शास्त्रों मैं कुछ मंत्र भी दिए गए हैं जिनके द्वारा आप अपने मस्तिष्क या दिमाग को तेज कर सकते हैं

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दिमाग हमारे शरीर को वो हिस्‍सा है जिसके संकेत के बिना शरीर का कोई भी अंग काम नहीं कर सकता। अपने आहार में कुछ विशेष जड़ी-बूटियों को शमिल करके आप अपने दिमाग को तेज कर सकते हैं।

जटामांसी :- जटामांसी औषधीय गुणों से भरपूर जड़ी-बूटी है। इसे जटामांसी इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी जड़ों में जटा बाल जैसे तंतु लगे होते हैं। यह दिमाग के लिए एक रामबाण औषधि है, यह धीमे लेकिन प्रभावशाली ढंग से काम करती है। इसके अलावा यह याददाश्त को तेज करने की भी अचूक दवा है। एक चम्मच जटामासी को एक कप दूध में मिलाकर पीने से दिमाग तेज होता है।

बाह्मी :- बाह्मी नामक जड़ी-बूटी को दिमाग के लिए टॉनिक भी कहा जाता है। यह दिमाग को शांति और स्पष्टता प्रदान करती है और याद्दाश्त को मजबूत करने में भी मदद करती है। आधे चम्मच बाह्मी के पाउडर और शहद को गर्म पानी में मिलाकर पीने से दिमाग तेज होता है।

शंख पुष्पी :- शंख पुष्‍पी दिमाग को बढ़ाने के साथ-साथ दिमाग में रक्त का सही सर्कुलेशन करके हमारी रचनात्मकता को भी बढ़ावा देता है। यह जड़ी-बूटी हमारी याद करने की क्षमता और सीखने की क्षमता को भी बढ़ाती है। दिमाग को तेज करने के लिए आधे चम्मच शंख पुष्पी को एक कप गरम पानी में मिला कर लें।

दालचीनी :- दालचीनी सिर्फ गर्म मसाला ही नहीं, बल्कि एक जड़ी-बूटी भी है। यह दिमाग को तेज करने की बहुत अच्‍छी दवा है। रात को सोते समय नियमित रूप से एक चुटकी दालचीनी पाउडर को शहद के साथ मिलाकर लेने से मानसिक तनाव में राहत मिलती है और दिमाग तेज होता है।

हल्‍दी :- हल्दी दिमाग के लिए बहुत अच्‍छी जड़ी-बूटी है। यह सिर्फ खाने के स्वाद और रंग में ही इजाफा नहीं करती है, बल्कि दिमाग को भी स्वस्थ रखने में मदद करती है। हल्दी में पाया जाने वाला रासायनिक तत्व कुरकुमीन दिमाग की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को रिपेयर करने में मदद करता है और इसके नियमित सेवन से एल्जाइमर रोग नहीं होता है।

जायफल :- दिमाग को तेज करने वाली जड़ी-बूटियों में जायफल भी एक उपयोगी जड़ी-बूटी है। गर्म तासीर वाले जायफल की थोड़ी मात्रा का सेवन करने से दिमाग तेज होता है। इसको खाने से आपको कभी एल्‍जाइमर यानी भूलने की बीमारी नहीं होती।

अजवाइन की पत्तियां :- अजवाइन की पत्तियां खाने में सुगंध के अलावा शरीर को स्‍वस्‍थ बनाए रखने में भी मदद करती है। इसमें भरपूर मात्रा में मौजूद एंटी-ऑक्‍सीडेंट दिमाग के लिए एक औषधि की तरह काम करता है।

तुलसी :- तुलसी कई प्रकार की बीमारियों के इलाज के लिए एक जानी-मानी जड़ी बूटी है। इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्‍सीडेंट हृदय और मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह में सुधार करता है। साथ ही इसमें पाई जाने वाली एंटी-इंफ्लेमेटरी अल्‍जाइमर जैसे रोग से सुरक्षा प्रदान करता हैं।

केसर :- केसर एक ऐसी जड़ी-बूटी है, जिसका उपयोग खाने में स्‍वाद बढ़ाने के सा‍थ-साथ अनिद्रा और डिप्रेशन दूर करने वाली दवाओं में किया जाता है। इसके सेवन से दिमाग तेज होता है।

कालीमिर्च :- काली मिर्च में पाया जाने वाला पेपरिन नामक रसायन शरीर और दिमाग की कोशिकाओं को आराम देता है। डिप्रेशन को दूर करने के लिए भी यह रसायन जादू सा काम करता है। इसीलिए दिमाग को स्वस्थ बनाए रखने के लिए काली मिर्च का उपयोग करें।

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दिमाग तेज करने और याददाश्त बढ़ाने में मंत्र भी एहम भूमिका निभाते हैं निचे एक मंत्र दिया जा रहा है जो की कुछ बीज मन्त्रों से मिल कर माँ सरस्वती का मंत्र बनता है यदि इस मंत्र का नियमित जाप किया जाये तो बहुत ही अच्छे प्रभाव देखे गए हैं जिनका पढाई मैं मन न लगता हो या पढ़ा हुआ याद न रहता हो या किसी मानसिक पीड़ा (डिप्रेशन ) की समस्या हो तो यह मंत्र राम बाण की तरह काम करता है

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं वाक् वादिनी सरस्वती मम,

जिह्वाग्रे वद वद ॐ एं ह्रीं श्रीं क्लीं नमः स्वाहा

ॐ – उस परब्रह्म का सूचक है जिससे यह समस्त जगत व्याप्त हो रहा है।

ऐं – यह वाणी, ऐश्वर्य, बुद्धि तथा ज्ञान प्रदात्री माता सरस्वती का बीज मन्त्र है। इस बीज मन्त्र का जापक विद्वान हो जाता है। यह वाक् बीज है, वाणी का देवता अग्नि है, सूर्य भी तेज रूप अग्नि ही है, सूर्य से ही दृष्टि मिलती है; दृष्टि सत्य की पीठ है, यही सत्य परब्रह्म है।

ह्रीं – यह ऐश्वर्य, धन ,माया प्रदान करने वाली माता महालक्ष्मी का बीज मंत्र है। इसका उदय आकाश से है । पीठ विशुद्ध में, आयतन सहस्रार में, किन्तु श्रीं का उदय आकाश में होने पर भी आयतन आज्ञाचक्र में है।

श्रीं – बीज को लक्ष्मी बीज कहा गया है।

क्लीं— यह शत्रुनाशक, दुर्गति नाशिनी महाकाली का बीज मन्त्र है। इस बीज में पृथ्वी तत्व की प्रधानता सहित वायु तत्व है जोकि प्राणों का आधार है।

सरस्वती मंत्र का जाप कितना करना चाहिए ?

सरस्वती मंत्र का जाप वैसे तो कभी भी किया जा सकता है आप इस मंत्र को उठते बैठते चलते फिरते सोने के समय कभी भी कर सकते है 11-21-31-51-108 कितना भी करिए लेकिन करिए जरुर . जैसे जैसे आप इस मंत्र का जाप करेंगे वैसे वैसे आपको इसके रिजल्ट मिलने शुरू हो जायेंगे . पढाई मैं मन लगने लगेगा और एक बार में ही पढ़ कर याद हो जाएगा

सरस्वती मंत्र का जाप करने की सही विधि क्या है और कितने दिनों में रिजल्ट मिलेंगे ?

सरस्वती मंत्र का जाप करने का सही समय सुबह चार बजे से छ बजे के बिच कभी भी किया जा सकता है . यदि आप सुबह स्नान कर के हर रोज 108 मंत्र का जाप करते हैं तो इक्कीस दिन में जो रिजल्ट आयेंगे वो किसी चमत्कार से कम नहीं होंगे

आपको अपना एक अनुभव बताता हूँ हमारे एक मित्र ने एक बार बताया की उनके पुत्र का पढाई में मन नहीं लगता वो किताब खोलता है पढने के लिए लेकिन पांच मिनट में ही बंद कर देता है और उसको किसी एग्जाम की तयारी भी करनी थी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा था जिस से वो ये sure हो सके की बच्चे का किसी अच्छे कोर्स मैं दाखिला हो जायेगा . तो मैंने उनको बच्चे को ये मंत्र पढने के लिए दिया और १०-१५ दिन बाद जब उनसे पुछा की कोई change आया या नहीं तो उन्होंने जो बताया वो वाकई एक चमत्कार सा था उन्होंने बताया की उनकी धरमपत्नी बच्चे को पढाया करती थी जब उन्होंने भी मंत्र बच्चे को याद करवाया तो उनका खुद भी पढाई का मन करने लगा . आज वो बच्चा इंजीनियरिंग की पढाई कर रहा है ये सब उसकी मेहनत और माँ सरस्वती की कृपा है

नोट :- किसी भी आयुर्वेदिक औषधि लेने से पहले किसी अनुभवी डॉक्टर या किसी आयुर्वेदाचार्य से जरुर परामर्श करें और यदि मंत्र की सहायता से आपको कोई अनुभव हो तो जरुर बतायें . आगे आप सभी स्वस्थ रहे यही भगवान से प्रार्थना है

Article Source :- http://desigharelunuskheinhindi.elcraz.com/

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