लौंग औषधीय एवं आयुर्वेदिक गुणों का खजाना

लौंग गुणों का खजाना

लौंग (Clove) में भी सेहत के बहुत राज छुपे हैं ! यह  देखने में भले ही कितनी भी छोटी हो लेकिन इसके फायदे बहुत बड़े हैं ! जब भी आप घर से बाहर जाएँ अपने साथ में इसे ले जाना ना भूलें !

चाहे भोजन का जायका बढ़ाना हो या फिर दर्द से छुटकारा, छोटी सी लौंग (Clove) को न सिर्फ अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है बल्कि इसके फायदे भी अनेक हैं।

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साधारण से सर्दी-जुकाम से लेकर कैंसर जैसे गंभीर रोग के उपचार में इस का इस्तेमाल किया जाता है। इसके गुण कुछ ऐसे हैं कि न सिर्फ आयुर्वेद बल्कि होम्योपैथ व एलोपैथ जैसी चिकित्सा विधाओं में भी बहुत अधिक महत्व आंका जाता है।

लौंग (Clove) औषधीय एवं आयुर्वेदिक गुणों का खजाना है। यह कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वाष्पशील तेल, वसा जैसे तत्वों से भरपूर होता है।

इसके अलावा इस में खनिज पदार्थ, हाइड्रोक्लोरिक एसिड में न घुलने वाली राख, कैल्शियम, फॉस्फोरस, लोहा, सोडियम, विटामिन सी और ए भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, मैग्नीज और फाइबर भी पाया जाता है।  इन गुणों के कारण यह घर का डॉक्टर साबित होता है।

लौंग (Clove) के औषधीय गुण

दर्दनाशक गुण :- लौंग (Clove) एक बेहतरीन नैचुरल पेनकिलर है। इसमें मौजूद यूजेनॉल ऑयल दांतों के दर्द से आराम दिलाने में बहुत लाभदायक है।

दांतो में कितना भी दर्द क्यों न हो, इस के तेल को उनपर लगाने से दर्द छूमंतर हो जाता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल विशेषता होती है जिस वजह से अब इसका इस्तेमाल कई तरह के टूथपेस्ट, माउथवाश और क्रीम बनाने में किया जाता है।

गठिया में आराम :- गठिया रोग में जोड़ों में होने वाले दर्द व सूजन से आराम के लिए भी लौंग (Clove) बहुत फायदेमंद है। इसमें फ्लेवोनॉयड्स अधिक मात्रा में पाया जाता है। कई अरोमा एक्सपर्ट गठिया के उपचार के लिए इस के तेल की मालिश को तवज्जो देते हैं।

श्वास संबंधी रोगों में आराम :- लौंग (Clove) के तेल का अरोमा इतना सशक्त होता है कि इसे सूंघने से जुकाम, कफ, दमा, ब्रोंकाइटिस, साइनसाइटिस आदि समस्याओं में तुरंत आराम मिल जाता है।

बेहतरीन एंटीसेप्टिक :- लौं व इसके तेल में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं जिससे फंगल संक्रमण, कटने, जलने, घाव हो जाने या त्वचा संबंधी अन्य समस्याओं के उपचार में इसका इस्तेमाल किया जाता है।

पाचन में फायदेमंद :- भोजन में लौंग (Clove) का इस्तेमाल कई पाचन संबंधी समस्याओं में आराम पहुंचाता है। इसमें मौजूद तत्व अपच, उल्टी गैस्ट्रिक, डायरिया आदि समस्याओं से आराम दिलाने में मददगार हैं।

कैंसर :- शोधकर्ताओं का मानना है कि लौंग (Clove) के इस्तेमाल से फेफड़े के कैंसर और त्वचा के कैंसर को रोकने में काफी मदद मिल सकती है। इसमें मौजूद युजेनॉल नामक तत्व इस दिशा में काफी सहायक है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने में  :- इतना ही नहीं, लौंग (Clove) का सेवन शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है और रक्त शुद्ध करता है।

इसका इस्तेमाल मलेरिया, हैजा जैसे रोगों के उपचार के लिए दवाओं में किया जाता है। डायबिटीज में लौंग (Clove) के सेवन से ग्लूकोज का स्तर कम होता है।

लौंग (Clove) का तेल पेन किलर के अलावा मच्छरों को भी दूर भगाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है।  लौंग (Clove) कफ-पित्त नाशक होती है।

त्वचा रोग में लौग के फायदे  :- त्वचा के किसी भी प्रकार के रोग के लिए इसका प्रयोग किया जा सकता है । त्वचा रोग होने पर चंदन के बूरे के साथ लौंग (Clove) का लेप लगाने से फायदा होता है ।

दांत दर्द में :- दांतों में दर्द होने पर नींबू के रस में 2-3 लोंग को पीसकर मिला लीजिए। उसके बाद दांतों पर इसका लेप लगाइए । दांत दर्द समाप्त हो जाएगा ।

लोंग को हल्का भूनकर चबाने से मुंह की दुर्गंध समाप्त होती है ।

मुंह में अगर छाले हों तो लोंग चबाने से फायदा होता है ।

दांत और मसूड़ों में दर्द से राहत दिलाने में खासतौर पर उपयोगी है लोंग। दर्द के समय अगर एक लोंग मुंह में रख लें और उसके मुलायम होने के बाद उसे हल्के-हल्के चबाएं तो दांत दर्द बंद हो जाता है।

सांस के रोगी का इलाज:- दमे में भी लोंगकाफी उपयोगी होती है। दमे से पीडित व्यक्ति को लोंग की पांच कलियों को 30 मिलीलीटर पानी में उबाल कर काढ़ा बना कर शहद के साथ दिन में तीन बार पिलाएं, काफी लाभ होगा।

संक्रमण से बचाव :- एंटीसेप्टिक गुणों के कारण लौंग (Clove) चोट, खुजली और संक्रमण में काफी उपयोगी होती है। इसका उपयोग कीटों के काटने या डंक मारने पर भी किया जाता है।

इसे किसी पत्थर आदि पर पानी के साथ पीस कर काटे गए या डंक वाले स्थान पर लगाना चाहिए, काफी लाभ होता है।

पाचन शक्ति मजबूत बनाए :- लौंग (Clove) पाचन शक्ति बढ़ाती है। इसके सेवन से भूख तेज लगने लगती है, इसलिए मसाले में लौंग (Clove) का नियमित सेवना करें।

सामान्य आदमी को भोजन में प्रतिदिन दो लौंग (Clove) का अवश्य सेवन करना चाहिए, ताकि हाजमा और पाचन तंत्र दुरुस्त रहें।

जी मिचलाए तो आजमाएं :- उलटी होने पर भुनी लौंग (Clove) के पाउडर को शहद में मिला कर सेवन करने से तत्काल लाभ होता है।

यदि जी मिचला रहा हो तो 2 लौंग (Clove) पीस कर आधा कप पानी में मिला कर गर्म करके पीने से लाभ होगा।

तनाव में मिलेगा फायदा :- अक्सर लोग तनाव के समय सिगरेट जला लेते हैं या ऐसा कोई अन्य उपाय करते हैं, जो कई बार नुकसानदेह भी साबित होता है।

एक लौंग (Clove) आपके ऐसे तनाव को ही नहीं कम करती, बल्कि अपने विशिष्ट गुण के कारण थकान को कम करने का भी काम करती है।

गैस होने पर :- पेट में गैस होने पर 1 कप उबलते हुए पानी में 2 लौंग (Clove) को पीसकर डालें । उसके बाद पानी ठंडा होने के बाद पी लीजिए । पेट की गैस समाप्त हो जाएगी ।

लौंग (Clove) की चाय के फायदे और घरेलु नुस्खे

चाय हम सबकी ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा है। सुबह-सुबह एक कप गर्मागर्म चाय पीकर हम अपना दिन शुरू करना पसंद करते हैं।हालांकि हमेशा एक जैसी चाय पीने से बोरियत भी महसूस हो सकती है।

ऐसे में आप लौंग (Clove) की चाय ट्राई कर सकते हैं। लौंग (Clove) एक ऐसी चीज़ है जो हर किसी के किचन की मसालेदानी में पाई जाती है।

ये आपकी चाय में न सिर्फ एक स्पेशल और ताज़ा टेस्ट लाएगी बल्कि लौंग (Clove) की चाय पीने से आपकी सेहत को भी फायदे पहुंचेंगे।

1)  दांत और मसूड़े दर्द में फायदा :- लौंग (Clove) में सूजन दूर करने वाले (anti-inflammatory) तत्व मौजूद होते हैं जो मसूड़ों की सूजन में राहत पहुंचाते हैं।

इसलिए अगर आपके मसूड़ों और दांतों में दर्द है तो लौंग (Clove) की चाय पियें। लौंग (Clove) आपके मुंह से बैक्टीरिया दूर कर देगी, और इससे आपके दांतों व मसूड़ों का दर्द भी दूर हो जाएगा।

2)  साइनस में राहत :- क्या आपको साइनस की समस्या है? आप सुबह एक कप गर्म लोंग की चाय पियें और फिर देखिये कि आपकी इस समस्या में कितनी राहत मिलती है।

लोंग में मौजूद इजेनॉल (eugenol) के कारण लौंग (Clove) बलगम हटाता है और गर्माहट देता है। जिससे कि साइनस से पीड़ित व्यक्ति को राहत मिलती है।

3)  बुखार कम करना :- लोंग की चाय में उच्च मात्रा मैग्नीशियम, विटामिन ई और विटामिन के पाया जाता है। इसमें सूजन दूर करने वाले और बैक्टीरियल इंफेक्शन से लड़ने वाले तत्व भी होते हैं।

लौंग (Clove) में ऐसे गुण भी होते हैं जो बुख़ार कम कर देते हैं और इम्यूनिटी स्तर बढ़ा देते हैं।

4)  पाचन क्रिया आसान :- दोपहर या और रात को खाना खाने से पहले एक कप लोंग की चाय पियें। ऐसा करने से आपका रक्त संचरण और सलाइवा बनना बढ़ जाएगा, जिससे कि खाना आसानी से पच जाएगा।

इसके अलावा, लौंग (Clove) से एसिडिटी की समस्या भी दूर हो जाती हैं और पेट दर्द कम हो जाता है।

5)  आंतों के परजीवी नष्ट होते हैं :- लोंग की चाय का इस्तेमाल पुराने ज़माने से आंतों के कीड़े यानी परजीवी मारने के के लिए किया जाता है।

लौंग (Clove) में मौजूद एंटी-इनफ्लेमेटरी तत्व आंतों के परजीवी साफ कर देते हैं, जिससे कि पेट में दर्द और अन्य समस्याओं से राहत मिलती है।

6)  प्राकृतिक सेनेटाइज़र :- ये बात कम ही लोग जानते हैं कि ठंडी लोंग की चाय एक शानदार हैंड सेनेटाइज़र के रूप में काम करती है।

बस आपको हाथ में थोड़ी सी लोंग चाय लेकर उससे दोनों हाथ साफ करने हैं। इससे जो घर्षण पैदा होगा उससे हाथ के बैक्टीरिया नष्ट हो जाएंगे। और ये नेचुरल है, इसलिए इसके कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं होंगे।

7)  त्वचा के इंफेक्शन में राहत :- लौंग (Clove) में एंटीसेप्टिक तत्व मौजूद होते हैं जिस वजह से लौंग (Clove) की चाय से बहुत सारे त्वचा के इंफेक्शन ठीक हो जाते हैं।

लौंग (Clove) की चाय पीने से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं। आप इस चाय को घाव या फंगल इंफेक्शन पर भी लगा सकते हैं।

लौंग (Clove) के फायदे और घरेलु नुस्खे

  1. लौंग (Clove) का तेल (clove oil for Skin)से मुंहासे के रोगियों को फायदेमंद साबित होता है। यह झुर्रियों में, उम्र बढने के प्रभाव को कम करने में भी लाभकारी है। लौंग (Clove) के तेल से चेहरे की कायाकल्प हो जाती है।
  2. पानी में 3-4 लौंग (Clove) उबालकर पीने से सिर दर्द दूर हो जाता है।
  3. सिर दर्द में भी लौंग (Clove) काफी कारगर है। लौंग (Clove) को पीस कर मस्तिष्क पर लेप करने से दर्द में राहत मिलती है। लोंग के तेल में नमक मिला कर सिर पर लगाने से ठंडक का अहसास होता है।
  4. हिचकियां आने पर 2-3 लौंग (Clove) चबाएं और ऊपर से थोडा सा पानी पी लें, फायदा होगा।
  5. उम्र अधिक होने पर प्राय: चक्कर आने की शिकायत होती है, ऎसे में आधे गिलास में 2 लोंग उबालकर इस पानी को पीने से लाभ होता है।
  6. आंखों की पुतलियों पर कई बार छोटी-छोटी बारीक फुंसियां हो जाती हैं। इन फुंसियों पर यदि लौंग (Clove) पीसकर लगाई जाए तो वे बैठ जाती हैं और सूजन कम होती है।
  7. प्यास लगने और जी ‍मचलने पर लोंग का सेवन लाभकारी होता है।  पाचन क्रिया पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है।
  8. लोंग भूख बढ़ाती है, इससे पाचक रसों का स्त्राव बढ़ता है।
  9. पेट के कृमि इसके प्रयोग से नष्ट हो जाते हैं।
  10. इसे पीसकर मिश्री की चाशनी या शहद के साथ लेना अधिक लाभप्रद होता है।
  11. यह एंटीबायोटिक है। अत: दमा रोग में अत्यंत लाभकारी है।
  12. त्वचा के किसी भी प्रकार के रोग में इसका चंदन बूरा के साथ मिलाकर लेप लगाने से फायदा मिलता है।
  13. पेट के कीड़े लोंग खाने से समाप्त हो जाते हैं ।
  14. लोंग पीसकर गर्म पानी के साथ खाने से जुकाम और बुखार ठीक होता है ।
  15. गर्दन में दर्द या फिर गले की सूजन होने पर लौंग (Clove) को सरसों के तेल के साथ मालिश करने पर दर्द समाप्त होता है ।
  16. हैजे के उपचार में भी लोंग बहुत उपयोगी साबित होती है। इसके लिए चार ग्राम लौंग (Clove) को तीन लीटर पानी में डालकर पानी आधा रह जाने तक उबालें। इस पानी को ठंडा करके पीने से रोग के तीव्र लक्षण तुरंत काबू में आ जाते हैं।
  17. पेशियों में ऐंठन होने पर लोंग के तेल की पुलटिस बनाकर प्रभावित क्षेत्र पर लगाने से आराम मिलता है।
  18. नमक, लोंग और दूध को मिलाकर तैयार लेप से सिरदर्द ठीक में राहत मिलती है।
  19. लोंग सेंककर मुंह में रखने से गले की सूजन और सूखे कफ का नाश होता है।
  20. खाना खाने के बाद 1-1 लौंग (Clove) सुबह-शाम खाने से एसिडिटी ठीक हो जाती है।
  21. 15 ग्राम हरे आंवले का रस, पांच पिसी हुई लोंग, एक चम्मच शहद और एक चम्मच चीनी मिलाकर रोगी को पिलाएं। इससे एसिडिटी में राहत मिलती है।
  22. 4 लोंग पीस कर गर्म पानी से फांक लें। इस तरह तीन बार लेने से बुखार दूर हो जाएगा।
  23. गर्भवती स्त्री को यदि ज्यादा उल्टियां हो रही हों, तो लोंग का चूर्ण शहद के साथ चटाने से लाभ होता है।
  24. लौंग (Clove) का तेल मिश्री पर डालकर लेने से पेट दर्द में लाभ होता है।
  25. लौंग (Clove) आंखों व दांतों के लिए बहुत लाभदायक है। दर्द के समय एक लौंग (Clove) मुंह में रख लें और उसके मुलायम होने के बाद हल्के-हल्के चबाएं तो दांत दर्द बंद हो जाएगा।
  26. यदि जी मिचला रहा हो तो 2 लोंग पीस कर आधा कप पानी में मिला कर गर्म करके पीने से लाभ होगा।
  27. लोंग का चूर्ण और हल्दी मिलाकर लगाने से नासूर मिटता है।

ध्यान रखने योग्य :-

  • लोंग के तेल को कभी भी सीधे त्वचा पर न लगाकर किसी तेल में मिलाकर लगाना चाहिए।
  • इसकी मात्रा एक से पाँच लोंग तक ही उचित है।
  • वही लोंग लाभकारी होती है, जिसमें से तेल ना निकाला गया हो।

लौंग (Clove) की चाय बनाने की विधि :-

एक चम्मच लोंग  को मिक्सी में पीस लें। अब इसे एक कप पानी में डालकर 5-10 मिनट उबलने दें। जब ये उबलने लगे तो इसमें आधा चम्मच चाय पत्ती मिलाकर इसे कुछ और देर उबलने दें। अब इसे छान लें। गर्मागर्म पियें और पिलायें !

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