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White Sugar (चीनी) affects Children’s immunity system

 White Sugar (चीनी) एक सफ़ेद ज़हर

White Sugar आज कल हर घर में अपने पैर पसर चुकी है चीनी का इस्तेमाल करना भारतीय रसोई में एहम भूमिका निभाता है कोई हलवा बनाना हो या खीर, बच्चों का ढूध बनान हो या किसी के लिए चाय. बहुत ह कम घर ऐसे होंगे जो चीनी को इस्तेमाल ना कर के भारतीय परम्परा अनुसार अभी भी गुड़ या शक्कर का इस्तेमाल करते हो या देसी खांड का इस्तेमाल करते हो.
White Sugar (चीनी) में केमिकल होता है :- चीनी (White Sugar ) में कुछ और नहीं बल्‍कि रिफाइंड शुगर होती है जिसमें घातक केमिकल मिले होते हैं जो बच्‍चों के लिए नुकसानदायक है। सफेद चीनी का ज्‍यादा सेवन करने से बच्‍चे की इम्‍यूनिटी कमजोर पड़ने लगती है, जिससे बच्‍चों को संक्रमण और अन्‍य बीमारियां घेरने लगती हैं। स्‍टडी में साफ बताया गया है कि जो माता-पिता बच्‍चों को मीठा खिलाने की आदत डालते हैं, उन बच्‍चों को आगे चल कर हार्ट की बीमारी का रिस्‍क रहता है। बच्चों को चुरने लगना, दांत में कीड़ा लगना, ये सब चीनी खाने वाले बच्चों में खास तौर पर देखी जा सकती है और उनके पेट में कीड़े जैसी समस्या से अक्सर माँ बाप को दो चार होना पड़ता है
White Sugar

White Sugar चीनी से होने वाले नुक्सान

  1. चीनी को सफेद ज़हर कहा जाता है। चीनी अम्ल (Acid) पैदा करती है जो शरीर के लिए हानिकारक है।
  2. चीनी को पचाने में 500 केलोरी खर्च होती है।
  3. गुड़ में कैल्शियम के साथ-साथ फोस्फोरस भी होता है। जो शरीर के लिए बहुत अच्छा माना जाता है और हड्डियों को बनाने में सहायक होता है। जबकि चीनी को बनाने की पक्रिया में इतना अधिक तापमान होता है कि फोस्फोरस जल जाता है इसलिए अच्छी सेहत के लिए गुड़ का उपयोग करें।
  4. चीनी के प्रयोग से डायबिटीज, हाइपोग्लाइसेमिया जैसे घातक रोग होते हैं!
  5. चीनी चूँकि कार्बोहाइड्रेट होता है इसलिए यह सीधे रक्त में मिलकर उच्च रक्तचाप जैसी अनेक बीमारियों को जन्म देता है जिससे हर्ट अटेक का खतरा बढ़ जाता है!
  6. चीनी का प्रयोग आपको मानसिक रूप से भी बीमार बनाता है।
  7. अभी हाल में हुए शोध से ये बात सामने आई है जो लोग चीनी ज्यादा खाते हैं उनकी यादाश्त कमजोर हो जाती है  ज्यादा चीनी खाने से नयूरोंस के विकास के लिए जिम्मेदार नयूरोड़ वन जिन प्रभावित होता है जो आगे जा कर मूड, अवसाद और तनाव जैसी बीमारी के लिए जिम्मेदार हैं
बाज़ार का सामान खरीदते समय ध्यान देने योग्य :- डिब्‍बाबंद खाना ना खरीदें क्‍योंकि उसमें सबसे ज्‍यादा चीनी होती है। चीनी मिला जूस या अन्‍य पेय पदार्थ बच्‍चों को ना पिलाएं। बिस्किट और कुकीज बच्‍चों को ना खिलाएं। बच्‍चों को पीने के लिये सादा दूध दें। बच्‍चों को जैम, जैली, टॉफी, सॉस, सीरप या सॉफ्ट ड्रिंक ना पिलाएं।
बच्‍चे के एक साल के अंदर उसे नमक और चीनी खिलाने से बचना चाहिए। ज्‍यादा हो तो आप बच्‍चों को ऐसे फल खिला सकते हैं जिनमें नेचुरल मिठास होती है। अगर बेबी को शुरुआत से ही चीनी वाली चीजें खिलाना शुरु कर देंगे तो उसे सब्‍जियां, फल और सादा दूध कभी पसंद नहीं आएगा। इसके अलावा 5 से 6 महीने के बच्‍चे को अगर ज्‍यादा मात्रा में चीनी वाली डाइट दी जाए तो उनमें मोटापा और भविष्य में अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए बच्‍चों को का फूड खरीदते समय लेबल पर शुगर की मात्रा जरूर चेक करें।
White Sugar (चीनी) को जितना अपनी रसोई से दूर कर सकते हैं उतना आपकी और आपके परिवार के लिए अच्छा है White Sugar (चीनी) के स्थान पर और बहुत से आप्शन है जैसे शहद, गुड़, देसी खांड, शक्कर आदि आपको सिर्फ अपनी खाने पीने की आदतों में कुछ चंगे करना है जैसे कोल्ड ड्रिंक और बाज़ार के जूस जैसे चीज़ों को जितना जल्दी हो सके त्याग दें यदि आप कोई फ्रूट जूस लेते हैं तो उसमे भी बिना नमक और White Sugar (चीनी) का घोल मिलाये पियें
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