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Vitamin B12 building and repair DNA, Brain and Spinal Cord

Vitamin B12 (विटामिन बी 12 )

Vitamin B12 डीएनए को बनाने और उनकी मरम्मत करने तथा ब्रेन, स्पाइनल कोर्ड और नसों को बनाने में सहयोग करता है

Vitamin B12 Benifits :-

  1. वसा को ऊर्जा के रूप में परिवर्तित करने वाला B12 शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाता है।
  2. शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने का काम विटामिन B12 ही करता है।
  3. यह मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के सही से काम करने, कोशिकाओं में पाए जाने वाले जीन डीएनए को बनाने और उनकी मरम्मत तथा ब्रेन, स्पाइनल कोर्ड और नसों के कुछ तत्वों की रचना में भी सहायक होता है।
  4. विटामिन B12जन्म संबंधी विकृतियों के विकास को रोकने के लिए एक केंद्रीय तत्व है, इसलिए जो महिला गर्भ धारण की योजना बना रही है, उसे इसकी कमी की जांच जरूर करवा लेनी चाहिए।
  5. यह शरीर के सभी हिस्सों के लिए अलग-अलग तरह के प्रोटीन (Protein)  बनाने का काम ही नहीं करता, वरन् शरीर के हर हिस्से की न‌र्व्स को प्रोटीन देने का काम भी करता है।

विटामिन बी 12 की कमी से होने वाले रोग (Vitamin B12 Deficiency Disease) :-

  1. Vitamin B -12 की  कमी होने से हमें कई बीमारी होने की आशंका बनी रहती है
  2. पूरे शरीर और विशेषकर हाथों और पैरों में कमजोरी होना
  3. हाथों और पैरों की किसी भी भाग का अचानक सुन हो जाना
  4. लम्बे समय के लिए, सेक्स के लिए मन न करना
  5. याददास्त या स्मरण शक्ति का कमजोर होना

निरोगी जीवन की कुंजी : B12 सबसे आखिरी विटामिन भले ही हो, लेकिन निरोगी जीवन की सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है, जिसके बारे में सही जानकारी नहीं होने के चलते हम उस पर न तो ध्यान दे पाते हैं और न ही उसे संतुलित रखने के उपाय करते हैं। असल में यह विटामिन B12 घातक एनेमिया के स्रोत, कारण और इलाज ढूंढ़ते-ढूंढ़ते अचानक ही वैज्ञानिकों के हाथ लग गया।

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हैरत की बात यह भी है कि अधिकांश प्राणियों की तरह हमारे शरीर में भी आहार में लिए गए कोबाल्ट के इस यौगिक का अवशोषण छोटी आंत के अंत में आंतों की दीवार की कोशिकाओं द्वारा छोड़े गए एक जैव-रासायनिक अणु की सहायता से सूक्ष्मजीवों द्वारा होता है। यदि शरीर में इस जैव-रासायनिक अणु की कमी है, तो हम भोजन में कितना भी B12 लें, शरीर उसे ग्रहण करने में असमर्थ रहता है। इसी प्रकार, कोबाल्ट धातु/खनिज की आपूर्ति या विशिष्ट सूक्ष्मजीवों की अनुपस्थिति में प्राणियों के शरीर में इसका निर्माण संभव नहीं है।

Vitamin B12 कितनी  मात्रा में चाहिए शरीर को (Vitamin B12 should amount to body):  शरीर को प्रतिदिन 2.4 माइक्रोग्राम विटामिन बी 12 आवश्यकता होती है और हमारे शरीर ने इसकी अधिक मात्रा को एकत्र रखने और जरूरत के हिसाब से उसका उपयोग करने के तंत्र में अपने को ढाला हुआ है। नई आपूर्ति के बिना भी हमारा शरीर B12 को 30 वर्षों तक सुरक्षित रख सकता है क्योंकि अन्य विटामिनों के विपरीत, यह हमारी मांसपेशियों और शरीर के अन्य अंगों विशेषकर यकृत में भंडारित रहता है।

क्‍यों होती है B12 की कमी? (Why is B12 deficiency?)  : जान लें कि, B12 की कमी के अधिकांश मामले दरअसल उसके अवशोषण की कमी के मामले होते हैं क्योंकि चालीस पार के लोगों की B12 अवशोषण की क्षमता धीरे-धीरे कम होती जाती है। बहुत सी दवाइयां भी लम्बे समय तक प्रयोग किए जाने पर B12 के अवशोषण को अस्थाई रूप से या सदा के लिए बाधित करती हैं। इसके अलावा भोजन में नियमित रूप से B12 की अधिकता होने पर शरीर उसकी आरक्षित मात्रा में कमी कर देता है। बी-12 की कमी कई कारणों से पाई जाती है, जिनमें जीवनशैली संबंधी गलत आदतें तथा जैव रासायनिक खपत संबंधी समस्याएं शामिल हैं। हाल ही के एक शोध की मानें तो भारत की लगभग 60-70 प्रतिशत जनसंख्या और शहरी मध्यवर्ग का लगभग 80 प्रतिशत विटामिन बी-12 की कमी से पीड़ित है।

Vitamin B 12 के स्त्रोत (Sources of Vitamin B 12 ) : ऐसा नहीं कि सिर्फ मांसाहार वाले ही इस विटामिन की कमी से महफूज रहते हों। मांस में भी यह जिन अवयवों में अधिक मात्रा में पाया जाता है, उन भागों को तो अधिकांश मांसाहारी भी अभक्ष्य मानते हैं, इसलिए शाकाहारी लोग भी खमीर, अंकुरित दालों, शैवालों, दुग्ध-उत्पादों यथा दही, पनीर, खोया, चीज, मक्खन, मट्ठा, सोया मिल्क आदि तथा जमीन के भीतर उगने वाली सब्जियों जैसे आलू, गाजर, मूली, शलजम, चुकंदर आदि की सहायता से B12 की पर्याप्त मात्रा प्राप्त कर सकते हैं, और भोजन में गाहे-बगाहे खमीरी रोटी और स्पाइरुलिना भी ले लिया करें तो अच्छा है। विशेषकर यदि आप चालीस के निकट हैं या उससे आगे पहुंच चुके हैं। हां, अच्छी बात यह भी है कि इसकी दवा की मात्रा मर्ज की गंभीरता पर निर्भर करती है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। यह दवा आंतों में मौजूद लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया को सक्रिय करने का काम करती है।

Vitamin B 12 के साइड इफेक्ट भी हैं (There are also side effects of Vitamin B 12) जहां विटामिन B12 के फायदे ही फायदे हैं, और यह जीवन के निर्माण से लेकर उसे सुचारु रूप से चलाने तक करीबन हर गतिविधि में शामिल है, लेकिन हालिया शोध ने इसका एक नकारात्मक पक्ष भी सामने रखा कि यह मुंहासों से चेहरा भरने के लिए जिम्मेदार स्किन बैक्टीरिया को उत्तेजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और यह समस्या विटामिन B12 की गोलियां लेने वालों के साथ भी आ सकती है। वैज्ञानिक इस आधार पर अब मुंहासों का प्रभावी इलाज खोजने की ओर अग्रसर हैं।

शरीर का नेचुरल लाइट स्विच: हाल ही में एमआईटी के वैज्ञानिकों ने विटामिन बी 12 के एक नये रूप को सामने रखा कि यह जीन रेगुलेशन के साथ ही शरीर के नेचुरल लाइट स्विच के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बैक्टीरिया थर्मस थर्मोफिलस की प्रोटीन के अध्ययन में यह स्पष्ट हुआ कि यह फोटोरिसेप्टर प्रोटीन‍्स, जो कि हमारे शरीर तंत्र की रोशनी महसूस करने और उसके प्रति जागरूक बनाती हैं, उनका खाना-पानी विटामिन B12 ही है। यही नहीं, लाइट सेंसिंग प्रोटीन‍्स जीन्स को नियंत्रित करती हैं, जो बगैर बी 12 संभव नहीं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि प्रकृति ने शरीर को संपूर्णता प्रदान करने में इसे ना सिर्फ विटामिनों की खुराक दी, बल्कि पूरी की पूरी एंजाइम यूनिट का बैकअप भी दिया। इस तरह हमारे सूर्योदय के समय जागने और सूर्यास्त के बाद सोने को आदत में बदलने में B12 की यह भूमिका आने वाले समय में नई खोजों के द्वार खोल देगी।

खास बात यह भी सामने आई है कि अंधेरे में माइक्रोब्स के फोटो रिसेप्टर डीएनए से चिपके पड़े रहते हैं और थर्मस थर्मोफिलस की जीन्स की गतिविधियों को थामे रखते हैं, लेकिन जैसे ही रोशनी पड़ती है, फोटो रिसेप्टर खटाक से छिटककर दूर हो जाते हैं और बैक्टीरिया ऐसे एंजाइम बनाना आरंभ कर देता है जिससे कोशिका तंत्र को सूर्य की रोशनी के कारण डीएनए की टूटफूट होने जैसे प्रभावों से बचाया जा सके। इस खोज से डीएनए ट्रांसक्रिप्शन को रोशनी से नियंत्रित करने वाली जेनेटिक इंजीनियरिंग तो अमल में लाई ही जा सकती है, प्रोटीन‍्स के बीच संबंधों को नियंत्रित करने का रास्ता भी खुल सकता है जिसके लिए B12 को जितना धन्यवाद दो, उतना कम। तो, B12 कितना खास है, और बताने की जरूरत है क्या?

Source Article :- http://khabar.ibnlive.com/

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