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सफेद मूसली गुणों की खान हैं पुरुषों और स्त्रियों के लिए

सफेद मूसली (Safed Muslee)

सफेद मूसली (Safed Musali) का नाम आपने जरुर सुना होगा यह पुरुषों व स्त्रियों में यौन कमजोरी के लिए एक पोषक टॉनिक के रूप में प्रयोग किया जाता है यह चूर्ण एक आयुर्वेदिक दवा है। मूसली को हर्बल वियाग्रा के रूप में जाना जाता है। यह पुरुष प्रजनन प्रणाली को दुरुस्त करती है। मूसली की जड़ों को पुरुषों की यौन कमजोरी दूर करने के लिए पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही स्त्री के वक्ष का समुचित विकास नहीं हुआ हो व मासिक धर्म भी अनियमित हो इस तरह के रोगों में बी इसका प्रयोग बड़ी मात्रा में होता है

सफेद मूसली (Safed Musali) चूर्ण, शरीर की कमजोरी को दूर कर शक्ति प्रदान करती है। यह थकान और यौन विकारों में लाभकारी है। इसका उपयोग लिंग में रक्त परिसंचरण blood circulation in penis में सुधार करता है। यह मधुमेह diabetes की वजह से होने वाली यौन दुर्बलता को भी दूर करता है।

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सफेद मूसली के गुण (Safed Musli properties)

सफेद मूसली (Safed Musali) कामोत्तेजना को बढ़ाने में बहुत मदद करती है। ये क्लोरोफाइटम वोरीविरिअनम (Chlorophytum borivilianum) के जड़ से बनी होती है और इस हर्ब की सबसे अच्छी बात ये है कि भारत के कई प्रांतों में ये आसानी मिल जाती है।

आयुर्वेद के अनुसार ये सूखे जड़ लगभग 25 एल्कलॉयड (alkaloids) का स्रोत है। स्टडी के अनुसार ये जड़ नपुसंकता का इलाज असरदार रूप से करने की क्षमता रखता है क्योंकि इसके सेवन से स्पर्म काउन्ट (Sperm count) बढ़ता है।

अध्ययन के दौरान इस हर्ब का प्रयोग अलाबिनो रैट पर किया गया और पाया गया कि उनके सेक्चुअल बिहेवियर में काफी बदलाव आया है यहाँ तक कि पेनियल इरेक्शन भी बेहतर हुआ है। क्योंकि सफेद मूसली (Safed Musali)  टेस्टास्टरोन इफेक्ट जैसा काम करती है।

सफेद मूसली की खेती (Farming of Safed Musali)

सफेद मूसली (Safed Musali) में खास तरह के तत्त्व सेपोनिन और सेपोजिनिन पाए जाते हैं और इन्हीं तत्त्वों की वजह से ही सफेद मूसली (Safed Musali) एक औषधीय पौधा कहलाता है. सफेद मूसली (Safed Musali) एक सालाना पौधा है, जिस की ऊंचाई तकरीबन 40-50 सेंटीमीटर तक होती है और जमीन में घुसी मांसल जड़ों की लंबाई 8-10 सेंटीमीटर तक होती है. यौवनवर्धक, शक्तिवर्धक और वीर्यवर्धक दवाएं सफेद मूसली (Safed Musali) की जड़ों से ही बनती हैं. तैयार जड़ें भूरे रंग की हो जाती हैं.

सफेद मूसली (Safed Musali) की खेती के लिए गरम जलवायु वाले इलाके, जहां औसत सालाना बारिश 60 से 115 सेंटीमीटर तक होती हो मुनासिब माने जाते हैं. इस के लिए  दोमट, रेतीली दोमट, लाल दोमट और कपास वाली लाल मिट्टी जिस में जीवाश्म काफी मात्रा में हों, अच्छी मानी जाती है. उम्दा क्वालिटी की जड़ों को हासिल करने के लिए खेत की मिट्टी का पीएच मान 7.5 तक ठीक रहता है. ज्यादा पीएच यानी 8 पीएच से ज्यादा वैल्यू वाले खेत में सफेद मूसली (Safed Musali) की खेती नहीं करनी चहिए. सफेद मूसली (Safed Musali) के लिए ऐसे खेतों का चुनाव न करें, जिन में कैल्शियम कार्बोनेट की मात्रा ज्यादा हो.

विश्व भर में सफेद मूसली (Safed Musali) की मांग सालाना 50,000 टन है। जबकि इसकी कुल आपूर्ति मात्र 5000 टन है। सात-आठ साल पहले तक सफेद मूसली (Safed Musali) का उत्पादन 500 टन से अधिक था जो घटकर मात्र 40-50 टन के स्तर पर सिमट गया है।

सफ़ेद मूसली पाउडर पुरुषों और स्त्रियों के लिए (Safed musli powder for men and women)

तुलसी के बीज और सफेद मुसली (Basil seeds and white muesli) :- 30  ग्राम तुलसी के बीज और 60  ग्राम सफेद मुसली का  चूर्ण बनाएं, फिर उसमें 100  ग्राम मिश्री (धागे वाली ) पीसकर मिला दें और शीशी में भरकर रख दें। 5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे यौन दुर्बलता, बदन दर्द , शुक्राणु की समस्या दूर होती है।

सफेद मूसली पाउडर पुरुषों के लिए (Safed musli powder for men) :- 15 ग्राम सफेद मूसली (Safed Musali) को एक गिलास दूध मे उबालकर दिन मे दो बार पीने से आप अपने आप को  शक्तिशाली महसूस करेंगे।

  • सामान्य दुर्बलता और कमजोरी (fatigue)
  • यौन कमजोरी (saxual disorders)
  • स्तंभन दोष (Erectile dysfunction)
  • शीघ्रपतन (premature ejaculation)
  • कामेच्छा में कमी (Low libido)
  • नपुंसकता (impotency)
  • पौरुष शक्ति बढ़ाने के लिए (Energetic power increase)
  • कम शुक्राणु (Low sperm count)

सफेद मूसली पाउडर स्त्रियों के लिए (Safed musli powder for women) :- 5 ग्राम सफेद मूसली को एक गिलास दूध मे उबालकर दिन मे दो बार पीने से स्त्रियों के सभी रोग दूर होते हैं 

  1. महिलाओं के लिए मूसली अत्यधिक लाभकारी होती है जो उनकी सुन्दरता बढाने के साथ ही उनकी अनेकानेक परेशानियां समाप्त करती है | इनका उपयोग स्त्री रोग सफ़ेद पानी और ढूध बढाने के लिए भी किया जाता है
  2. वक्ष बढाने में उपयोगी :- सफेद मूसली (Safed Musali) व शतावर वक्ष बढ़ाने, जबकि तीनों मूसली सम्मिलित रूप से कामोद्दीपक का काम करती हैं। यदि किसी स्त्री के वक्ष का समुचित विकास नहीं हुआ हो व मासिक धर्म भी अनियमित हो, तो यह नुस्खा अपनाने से लाभ मिल सकता है।
  3. अक्सर बदन दर्द की शिकायत करने वाले लोगों को प्रतिदिन इसकी जड़ों का सेवन करना चाहिए, फायदा होता है।
  4. कुन्नथ फार्मास्युटिकल्स अपनी वेबसाइट पर ये दावा करते हैं कि मूसली पावर एक्स्ट्रा के कोई ज्ञात नकारात्मक साइड इफेक्ट नहीं हैं और क्योंकि यह पूरी तरह कार्बनिक हर्बल सामग्री से बनाया जाता है, इसलिये मानव उपभोग के लिए सुरक्षित है। कंपनी दावा करती है कि इस उत्पाद को उच्च रक्तचाप, रुमेटी गठिया वाले तथा स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए भी इसका सेवन सुरक्षित है, हालांकि इस संबंध में उन्होंने कोई चिकित्सकीय प्रमाण नहीं दिया।
  5. तीनों मूसलियों के साथ फूल मखाना, ताल मखाना, सालमपंझा तथा कुछ अन्य वनस्पतियों को मिलाकर तैयार की गई औषधि जच्चा के लिए लाभकारी होती है। उत्तर-पश्चिमी भारत में इसे ‘पंजीरी’ कहा जाता है। इसके सेवन से जच्चा में दूध की मात्रा बढ़ती है, वक्ष व गर्भाशय की सफाई हो जाती है, जीवनी-शक्ति व प्रतिरक्षा-शक्ति में वृद्धि होती है तथा शुक्र धातु भी बढ़ती है। कहते हैं कि बच्चे के जन्म के बाद जच्चा की कामेच्छा घट जाती है। इस स्थिति में शुक्र-वृद्धि जरूरी होता है ताकि कामेच्छा व योनि-स्राव सामान्य रहे।

सफ़ेद मूसली के अन्य गुण (Other properties of safed musli)

यदि आपको पेशाब में जलन की शिकायत रहती है तो सफेद मूसली (Safed Musali) की जड़ों के चूर्ण के साथ इलायची मिलाकर दूध में उबालते हैं और पेशाब में जलन की शिकायत होने पर रोगियों को दिन में दो बार पीने की सलाह देते हैं।

इन्द्रायण की सूखी जड़ का चूर्ण और सफेद मूसली (Safed Musali) की जड़ों के चूर्ण की समान मात्रा (1-1 ग्राम) लेकर इसे एक गिलास पानी में डालकर खूब मिलाया जाए और मरीज को प्रतिदिन सुबह दिया जाए। ऐसा सात दिनों तक लगातार करने से पथरी गलकर बाहर आ जाती है।

अक्सर बदन दर्द की शिकायत करने वाले लोगों को प्रतिदिन इसकी जड़ों का सेवन करना चाहिए, फायदा होता है।

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