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How To Prevent Multiple Sclerosis (मल्टीपल स्कलेरोसिस)

Multiple Sclerosis  क्या है ?

Multiple Sclerosis एक ऐसी बीमारी जो हमारे ही शरीर की कोशिकाएं व उत्तकों पर हमले के कारण होता है जिसे ऑटो-इम्यून बीमारी कहते है इसका पता लगाने का अभी तक कोई सीधा तरीका तो नहीं है लेकिन जब कुछ समझ नहीं आता तो रीड की हड्डी से एक केमिकल निकल कर बहुत से टेस्ट करने के बाद डॉक्टर इस नतीजे पर पहुँचते हैं की Multiple Sclerosis इस रोगी को हुआ है

Multiple Sclerosis में शरीर में बार-बार  सूजन आने के कारण तंत्रिका तंतुओं को ढंकने वाली माइलिन शीथ (Myelin sheath) नष्ट हो जाती है और तंत्रिका कोशिकाओं के आवरण की पूरी लंबाई में जगह-जगह स्कार टिश्यू (स्क्लेरोसिस) Scar tissue ( sclerosis )के क्षेत्र बन जाते हैं। इससे संबंधित क्षेत्र में तंत्रिका आवेग धीमा पड़ जाता है या अवरुद्ध हो जाता है

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Multiple Sclerosis

Multiple Sclerosis होने के सबसे आम लक्षण है

  1. अंगों में कमजोरी आना और किसी एक भाग का सुन्न पड़ना
  2. अचानक रोगी का संतुलन खोना
  3. आँखों की बीमारी न होते हुए भी धुंधली दृष्टि
  4. अपने आप डिप्रेशन में चले जाना
  5. बोलने में दिक्कत होना
  6. बार बार ऐसा लगना जैसे पेशाब व मल त्याग की बीमारी हो
  7. किसी भी चीज पर ध्यान ना लगा पाना
  8. हर समय बेचैन रहना
  9. अपने आप में खोये रहना

How to prevent Multiple Sclerosis

वैसे तो अभी तक स्टिक इलाज़ के बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता सब की अपनी अपनी ठीक करने के तरीके हैं किसी में 10% रिकवरी है और किसी थेरेपी में 20-40% . यदि हम एलोपैथी की बात करे तो  एमएस इंजेक्शन की औसत लागत 40 हजार रुपये प्रति माह के लगभग होती है। इससे उनकी कार्यक्षमता सीमित हो जाती है।

लेकिन नए शोध से जो बात सामने आ रही है वो है स्टेम सेल (Stem Cell) थरेपी जिस में लाभ होने के चांस ज्यादा है अभी कुछ देशों में जो रिसर्च किया गए है उसके आधार पर मस्तिष्क पक्षाघात(Cerebral palsy ), मस्तिष्क रक्तस्नव व स्ट्रोक(cerebral bleeding and stroke), रीढ़ की हड्डी में चोट( spinal cord injury) , अंगों में पक्षाघात(paralysis of limbs), ऑटिज्म(autism), पार्किसन बीमारी(Parkisn disease) , मोटर न्यूरोन बीमारी (motor neuron disease) , मांसपेशियों में विकृति(muscular disorder) , लीवर की बीमारी(liver disease) , किडनी की बीमारी(kidney disease), ऑप्टिक न्यूरीटिस(optic Nyuritis), Multiple Sclerosis, मस्तिष्क संबंधी रोग (neurological disease) और फ्रिडिरिक रोगों (Fridirik diseases) का इलाज स्टेम सेल से किया जा सकता है।

Multiple Sclerosis का स्टेम सेल से इलाज़ कैसे किया जाता है ?

स्टेम सेल में कई लाइलाज बीमारियों जैसे मांसपेशियों से जुड़ी विकृति, ल्यूकेमिया और हृदय संबंधी रोगों को ठीक करने की क्षमता है। स्टेम सेल से इलाज की प्रक्रिया बहुत आसान है। स्टेम सेल भ्रूण, गर्भनाल, रक्त और बोन मेरो से प्राप्त किया जाता है। वयस्क स्टेम सेल ल्यूकेमिया, दिल संबंधी बीमारियां, Multiple Sclerosis और डायबिटीज को ठीक किया जाता है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि वयस्क स्टेम सेल से कई अनगिनत इलाज संभव है। वयस्क स्टेम सेल को बीमार या खराब हड्डियों, रक्त वाहिकाओं और टिश्यू के घाव को ठीक करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। स्टेम सेल रिसर्च में ओटोलोगस बोन मेरो स्टेम सेल को सबसे उच्चतम मानक माना जाता है, क्योंकि इसमें अधिकतम क्षमता दिखाई देती है। इसलिए इसे बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। भ्रूण सेल के मुकाबले वयस्क स्टेम सेल में बेहतरीन गुणवत्ता है, जिससे बीमारियों का इलाज किया जा सकता है।

परभात खबर वेब साईट पर एक ताजा शोध में विटामिन-डी को एमएस के इलाज का सस्ता और कारगर विकल्प पाया गया है. एमएस इम्यून सिस्टम से जुड़ी हुई समस्या है जिसमें मरीज भावनाओं और अभिव्यक्ति के बीच संतुलन नहीं बना पाता. यह शरीर के इम्‍यून सिस्‍टम में माइलिन के ठीक से काम न करने की वजह से पैदा होती है. यह एक वसायुक्‍त पदार्थ है, जो मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डीऔर ऑप्टिक नसों के तंत्रिका तंतुओं का पृथक करता है.

जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ता पीटर कालाब्रेसी ने कहा, ‘शोध के नतीजे उत्साहजनक हैं. विटामिन डी एमएस से जूझ रहे मरीजों के लिए एक सस्ता, सुरक्षित और सहज उपलब्ध इलाज हो सकता है.’

शोध के अनुसार,  शरीर में विटामिन डी का स्तर कम होने से एमएस की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा इसकी कमी से बीमारी के लक्षण भी गंभीर हो जाते हैं.

शोध के दौरान एमएस के 40 मरीजों को छह महीने तक विटामिन डी की यादा खुराक दी गई. इससे ऐसे लोगों में इम्यून सिस्टम की टी-कोशिकाओं पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला.

बताते चले कि इससे पहले किए गए अध्ययन के अनुसार, कॉफी का सेवन भी इस बीमारी में मददगार साबित हो सकता है. दिन में दो कप कॉफ़ी भी इसके खतरे को कम करने के लिए जरुरी हो सकती है. (source :- http://www.prabhatkhabar.com/)

Multiple Sclerosis International Federation (MSIF) की स्थापना २००९ में हुआ और पहला Multiple Sclerosis दिन मनाया गया . इसका उद्देश्य पूरे विश्व का एक साथ इस बीमारी के बारे में सोचना और लोगों को जागरूक करना है यह हर साल मई  के अंतिम बुधवार को MS Day मनाया जाता है

In 2016, the theme for World MS Day is ‘Independence’. It will explore how people with MS can be independent, acknowledging that independence can mean different things to different people.

MSIF मुफ्त संसाधनों का एक टूलकिट हर किसी को दुनिया एमएस दिवस में भाग लेने के लिए मदद करने के लिए प्रदान करता है। कोई भी इन उपकरणों का उपयोग कर सकते हैं, दुनिया भर में  23 लाख लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेन की कोशिश की जा रही है अनुमानों के मुताबिक भारत में Multiple Sclerosis के दो लाख से तीन लाख के बीच मरीज है हालांकि बिना किसी स्टिक आंकड़ों के ये कहना गलत है लेकिन अनुमानित मरीजों की संख्या इतनी हो सकती है

The World MS Day Working Group

The central campaign message and theme for World Multiple Sclerosis Day is developed by staff at the Multiple Sclerosis International Federation together with an international working group.   The working group is drawn from our network of MS organisations and currently has representatives from India, UK, Egypt, Ireland, Spain, and the USA.

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One thought on “How To Prevent Multiple Sclerosis (मल्टीपल स्कलेरोसिस)

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