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PMS symptoms (Pre-Menstrual Syndrome)

What Is PMS Symptoms?

PMS Symptoms यानि प्री मेंस्ट्रुएशन सिंड्रोम। शारीरिक एवं भावानात्मक लक्षणों के लिए एक शब्द है जिसका अनुभव अधिकांश लड़कियों एवं महिलाओं को प्रत्येक माह अपने मासिक धर्म शुरू होने से ठीक पहले होता है। इसीलिए इसे मेंस्ट्रुएशन सिंड्रोम (Menstruasn syndrome) कहा जाता है

यदि सच्चाई पूछी जाये तो यह कोई बीमारी नहीं है यह एक नेचुरल process है बॉडी का जिस में आपके हारमोंस में बदलाव आटा है और जब हारमोंस में बदलाव आयेगा तो बॉडी रियेक्ट करेग ही . यह शारीरिक और मानसिक स्थिति में होने वाले बदलाव है जिस को पढ़ पाना बहुत मुश्किल है यदि आपको पीएमएस हो, तो आपको निम्नलिखित का अनुभव हो सकता है जैसे शरीर का फूलना (Swelling of body), पानी इकट्ठा होना(To Collect Water) , ब्रेस्ट में सूजन(Breast inflammation), एक्ने(Acne) , वजन बढ़ना (Weight Gain) , सिर दर्द (Headache) , पीठ दर्द(Back Pain) , जोड़ों का दर्द (Joint Pain) और मसल्स का दर्द(Muscle pain), इन्हीं में शामिल है। इनके साथ-साथ मूडी होना(Be Moody) , चिंता(Anxiety) , डिप्रेशन(Depression), चिड़चिड़ापन(Irritability) , मीठा और नमकीन खाने की इच्छा(The desire to eat sweet and salty), नींद न आना(Insomnia) , जी घबराना (being restless) आदि भी हो सकते हैं।

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कई महिलाओं को रोना, परेशान होना, आत्महत्या के विचार आना और लड़ाकू व्यवहार जैसे लक्षण भी होने लगते हैं। अगर ये लक्षण बहुत तीव्र हो जाएं तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए। जो महिलाएं डिलीवरी, मिस कैरेज या एबॉर्शन के समय ज्यादा हार्मोनल बदलाव महसूस करती हैं, उन्हें पीएमएस होता है। जो महिलाएं गर्भ निरोधक गोलियां लेती हैं, उन्हें भी गोलियां छोड़ देने पर यह ज्यादा होने लगता है। यह तब तक रहता है, जब तक उनका हार्मोनल स्तर नॉर्मल नहीं हो जाता।

PMS symptoms

जब किसी लड़की को माहवारी शुरू हाती है, तो शुरू के 1 या 2 सप्ताह में पीएमएस की शिकायतें अपनी चरम सीमा पर होती हैं, और जब माहवारी होनी शुरू हो जाती है, तो अक्सर ये लक्षण समाप्त हो जाते हैं। आमतौर पर महिलाओं में 20 वर्ष की आयु के बाद ही इसकी शुरुआत होने लगती है।

कुछ लड़कियों को ऐंठन की शिकायत क्यों होती है?

अधिकांश लड़कियों को अपने मासिक धर्म के पहले कुछ दिनो के दौरान पेड़ु में ऐंठन होती है। ऐंठन (क्रेम्प) संभवता आपके शरीर द्वारा निर्मित प्रोस्टाग्लाइंडिस, नामक रसायन की वजह से होती है। यह रसायन गर्भाशय की मांसपेशियों को संकुचित कर देता है। अच्छी खबर यह है कि एंठन केवल आखिर के कुछ दिनों में ही होती है। लेकिन अगर आपको दर्द हो रहा हो, तो आप आईब्रोफेन जैसी दवा का सेवन कर सकती हैं। वो भी किसी डॉक्टर से पूछ कर बिना किसी भी डॉक्टर के सलाह के कभी भी कोई दवाई नहीं लेनी चाहिये. कृपया ध्यान रखें

ऐंठन को कैसे दूर करें ?

व्यायाम से भी आप खुद को बेहतर अहसास करा सकती हैं। व्यायाम करने से शरीर से एंडोरफिन (Andorfin) नामक रसायन निकलता है, जिससे आपको अच्छा महसूस होता है। गर्म पानी का स्नान या पेट पर गर्म सेक करने से आपकी ऐंठन तो खत्म नहीं होगी लेकिन आपकी मांसपेशियों को थोड़ी बहुत राहत जरूरत मिलेगी। यदि आपकी ऐंठन इतनी गंभीर हो जाए कि आप स्कूल न जा पाएं या फिर अपने दोस्तों के साथ काम न कर पाएं, तो आपको डाॅक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

हर माह पीएमएस के संकेत मेंस्ट्रुअल साइकल के उन्हीं दिनों में होते हैं।
क्या आपको सचमुच पीएमएस है- यह जानने के लिए कि आपको पीएमएस है या नहीं, बेहतर होगा आप एक डायरी रखें जिसमें दो-तीन महीनों तक होने वाले लक्षणों को नोट करें। यह डायरी आपको बताएगी कि आपके लक्षण आपके मासिक धर्म से जुड़े हुए हैं या नहीं। आपको पता चल जाएगा कि आप पीएमटी (प्री मेंस्ट्र्रुअल टेंशन) से पीड़ित तो नहीं।

किसी किसी को मासिक धर्म में दर्द एवं ऐठन होती है चलने उठने बैठने से रक्तस्त्राव बढ जाता है ये सब लक्षण कुछ गलत संकेत करते है हमें इनपर ध्यान देना चाहिये । इसके और भी कई कारण हो सकती है। यदि अधिक तकलीफ हो डॉक्टर की सलाह लें। कई बार घरेलू उपाय से ठीक हो सकता है।

PMS symptoms में अनियमितता को ठीक करने के आयुर्वेदिक व घरेलू उपाय

  1. गुड, अजवाइन का हलवा बनाकर खाने से होने वाले दर्द एवं एकएक कर आने वाली मासिक धर्म ठीक हो सकता है।
  2. मासिक दर्द में होने वाली जांघों का दर्द हो तो इन दिनों नीम के पत्ते 5 ग्राम अदरक का रस 10 ग्राम इसमें इतना ही पानी मिलाकर पिये।
  3. अगर मासिक धर्म न आता हो तो दो चम्मच गाजर का बीज एक चम्मच गुड एक गिलास पानी में उबालकर रोज सुबह शाम पिये। 50 ग्राम सोंठ, गुड 30 ग्राम 5 ग्राम  कुटी जौ, वायविडंग, 1 गिलास पानी में उबाले काढ़ा बनाऐं। आधाआधा कप, तीनतीन घंटे बाद पियें। रूका हुआ मासिक स्त्राव शुरू हो जायेगा।
  4. 1दो गिलास पानी में 4 चम्मच राई उबालकर पानी छान लें उससे कपड़ा भिगाकर पेट सेकें। इससे मासिक स्त्राव खुलकर होगा व दर्द भी कम होगा।
  5. 1नारियल खाने से मासिक धर्म खुलकर होता है।
  6. तुलसी की जड़ को छाया में सुखाकर पीसकर चुटकी पावडर पान में रखकर खाने से अनावश्यक रक्त स्त्राव बंद होता है।
  7. 1लड़कियों को मासिक धर्म के दिनों में सुबह भूखे पेट नींबू तथा नारंगी का रस पियें कारण ये पोटेशियम की कमी पूरी करता है दर्द वाले स्थान पर सेंक करें
  8. इन दिनों में अधिक तेल खटाई, मिर्च मसाला न खायें। खाली पेट दूध न पिये ऐंठन होगी।
  9. महिलाओं  के स्वभाव पर इसका असर बुरा पडता है वो चिडचिडी हो जाती है्। इसके लिये अपने आहार में उचित मात्रा में कैल्शियम लें ,आयरन युक्त भोजन लें हरी साग सब्जिया ,मौसमी फल ,यदि आप पहले से ही एनिमिक है तो पहले उसे दूर करें । सुपाच्य   तथा पौष्टिक भोजन करें।
  10. प्याज का सूप एक कप बनाएं| उसमें थोड़ा- सा गुड़ घोल लें| इस पीने से रुका हुआ मासिक धर्म खुल जाएगा|
  11. दिन में तीन बार 2-2 ग्राम नमक गरम पानी से सेवन करना चाहिए| इससे मासिक धर्म खुल जाता है|
  12. कच्चे पपीते की सब्जी बनाकर कुछ दिनों तक खाने से मासिक धर्म खुलकर आने लगता है|
  13. 3 ग्राम कालीमिर्च का चूर्ण शहद के साथ सेवन करने से माहवारी ठीक हो जाती है|

नोट :- PMS Symptoms को लेकर जो आपके मन की जो भी समस्याएँ थी वो सब दूर हो गयी होंगी . भले ही यह विचित्र लगे, लेकिन मासिक धर्म चक्र से सम्बन्धित अधिकतर चीजें पूर्णतया सामान्य होती हैं। लेकिन कुछ ऐसी स्थितियां भी होती हैं जोकि अधिक गंभीर हो सकती हैं। यदि आपको PMS Symptoms न होने का संदेह हो, तो तुरंत डाॅक्टर से सलाह लें।

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