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Loss Weight Without Any Hard Work

Loss Weight Without Any Hard Work

Loss Weight (बिना मेहनत वजन घटाना) है तो ये हैं चार देसी नुस्खे

खान-पान, रहन-सहन से जब शरीर पर चर्बी चढ़ती है तो पेट बाहर निकल आता है, कमर मोटी हो जाती हैं। इसी अनुपात से हाथ-पैर और गर्दन पर भी मोटापा आने लगता है। जबड़ों के नीचे गर्दन मोटी होना और तोंद बढऩा मोटापे के मोटे लक्षण हैं।  इसीलिए जब कमर की चौड़ाई 34 ईंच से अधिक होने लगे तो सावधान हो जाना चाहिए।  इससे अधिक कमर की चौड़ाई होना मोटापे की निशानी है। यहां हम कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बता रहे हैं, जिससे न केवल कमर की मोटाई कम की जा सकती है, बल्कि उसे पतली और आकर्षक बनाया जा सकता है। 

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Loss Weight Tip 1

– पपीता के मौसम में इसे नियमित खाएं। लंबे समय तक पपीता के सेवन से कमर की न केवल अतिरिक्त चर्बी कम होती है, बल्कि वह बेहद आकर्षक हो जाता है।

Loss Weight Tip 2

– छोटी पीपल का कपड़छान (यानी किसी सूती कपड़े से छान लेना) कर चूर्ण बना लें।  इस चूर्ण को तीन ग्राम प्रतिदिन सुबह के समय छाछ के साथ लेने से निकला हुआ पेट दब जाता है और कमर पतली हो जाती है।
Loss Weight Tip 3

– मालती की जड़ को पीसकर उसे शहद में मिलाएं और उसे छाछ के साथ पीएं। प्रसव के बाद बढ़ने वाले मोटापे में यह रामवाण की तरह काम करता है और कमर की चौड़ाई कम हो जाती है।

Loss Weight Tip 4

-आंवले व हल्दी को पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को छाछ के साथ लें, पेट घट जाएगा और कमर कमनीय हो जाएगी।

एक और आसान तरीका है Loss Weight

अपने भोजन को अच्छी तरह चबाएं

जी हाँ, मात्र इतना ही! आयुर्वेद के अनुसार मानव शरीर के रोगों में से पंचानवे प्रतिशत पेट से उत्पन्न होते हैं और उनमें अधिकतर रोग भोजन को ठीक से चबाने से रोके जा सकते हैं। यदि आप पौष्टिक पदार्थ भी नहीं खा रहे हैं, फिर भी जब तक आप पूरी तरह अपने भोजन को चबा रहे हों आप को भोजन के बाद सुस्ती का अनुभव नहीं होगा। भोजन शीघ्र ही पच जाएगा और आप का मोटापा भी कम हो जाएगा। और तो और, फिर से आप का वजन बढ़ेगा भी नहीं (जब तक आप ठीक से भोजन चबाना बंद न कर दें)। क्या यह असत्य लगता है? केवल मेरे शब्दों पर विश्वास ना करें – आप स्वयं प्रयास करें और स्वयं परिणाम देख लें। इस विधि को जिन व्यक्तियों ने अपनाया उन्होंने पाया कि कुछ ही सप्ताहों में उन का वजन कम हो गया। औसत अवधि छह सप्ताह थी। उन सभी ने मुझे बताया कि वे पहले से कहीं अधिक ओजस्वी एवं स्वस्थ महसूस कर रहे हैं।

जब आप अच्छी तरह से अपने भोजन को चबाते हैं, तो यह केवल पाचन के लिए ही लाभदायक नहीं। दो और कहीं अधिक महत्वपूर्ण विषयों से भी इस का संबंध है। सर्वप्रथम, आप अपने भोजन के प्रति और जागरूक हो जाते हैं तथा आप और धीरे खाते हैं। इस के फलस्वरूप, आप का शरीर एवं मन और अनुरूप एवं अनुकूल हो जाते हैं। आप का शरीर भोजन को और बेहतर अवशोषित करता है, भोजन पौष्टिक ना भी हो फिर भी। दूसरी बात, आप की लार में एंज़ाइम नामक सशक्त जैविक अणुएं हैं। एंज़ाइम अच्छी पाचन के लिए उत्प्रेरक होते हैं। आप जितना अधिक चबाते हैं उतना ही बेहतर आप अपने भोजन को अपने लार के साथ मिलाते हैं। और आप भोजन को जितना अधिक चबाते हैं उतने ही अधिक एंज़ाइम आपके पेट तक पहुँच पाते हैं। यदि आप एक चॉकलेट को पिघला कर पीते हैं तो आप उसे खाने की तुलना में और अधिक भारी महसूस करते हैं। पिघला हुए चॉकलेट को पचने में और अधिक समय लगता है। ऐसा क्यों? इसका कारण यह है कि जब आप चॉकलेट को पिघला कर पीते हैं तब आप सीधे उसे अपने पेट में डाल देते हैं, लार के एंज़ाइमों के बिना। आपके पेट में जितनी लंबी अवधि तक ठोस आहार रहता है , वसा जमा होने की उतनी ही अधिक संभावना है। परंतु लंबी अवधि के लिए अपने पेट को खाली रखने या भोजन में बड़ा अंतराल होना भी अच्छा नहीं है। मैं इस विषय पर विस्तार से कभी और लिखूँगा। अभी के लिए, इस लेख का मुख्य विषय है वजन कम करने हेतु अपने भोजन को अच्छे से चबाना।

प्रश्न यह उठता है कि भोजन को कितनी बार चबाना चाहिए तथा आप यह कैसे जान पाएंगे कि भोजन को अच्छी तरह से चबाया है कि नहीं? इस का वैसे तो कोई निश्चित नियम नहीं है परंतु आप लगभग बत्तीस बार चबा सकते हैं, अथवा आपके पास जितने दांत हैं उतनी बार चबाएं, अथवा भोजन जब तक लगभग तरल ना हो जाये आप उतनी बार चबाएं। दूसरे शब्दों में, चाहे कुछ भी हो जाये, शीघ्रता से ना खायें। भोजन को निगलें नहीं। एक एक निवाले का स्वाद लें। आप क्यों इतनी कड़ी मेहनत करते हैं? ताकि आप सुखपूर्वक भोजन कर सकें तथा प्रसन्नतापूर्वक जी सकें, है ना? तो हम भला कैसे अपने भोजन को जल्दबाज़ी में कर सकते हैं? याद रखें कि आप इतनी मेहनत करते हैं ताकि आप एक आनंदमय भोजन कर सकें, एक सुखद जीवन का आनंद ले सकें।

धीरे धीरे खाएं और अपने भोजन को अच्छी तरह चबाएं और शीघ्र ही आप का वजन कम होना शुरू हो जाएगा। मैं दोहराना चाहूँगा कि यह विधि शारीरिक व्यायाम और पौष्टिक आहार की जगह नहीं ले सकती। परंतु यह आप के वजन को घटाने में आप की मदद अवश्य करेगा। और आप चबाने में किए गए श्रम को व्यायाम नहीं कह सकते!

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