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Kismis Ke Fayade जानकर चौंक जायेंगे आप

Kismis Ke Fayade आपको हैरान कर देंगे

Kismis Ke Fayade आज हम आपको बताने जा रहे हैं अंगूर को एक विशेष प्रक्रिया के तहत सुखाकर Kismis (किशमिश) बनाया जाता है इसलिए इसमें वो सभी गुण पाए जाते हैं जो अंगूर में होते हैं. Kismis (किशमिश) का इस्तेमाल मुख्य रूप से मीठाई, खीर और दूसरी मीठी चीजों को सजाने या स्वाद के लिए किया जाता है. पर एक बेहतरीन स्वाद के अलावा ये सेहत का भी खजाना है.

Kismis (किशमिश) खाना स्वास्थ्य के लिए वरदान है

किशमिश हमारे शरीर में कितना फायदा देती है इसके लिए आप सर्दियों में इसका सेवन करिए फिर देखिये कैसे आप अपने आप को तंदुरुस्त पाते है और बीमारियां तो ऐसे भाग जाएँगी जैसे कभी थी ही नहीं
    1. किशमिश के सेवन से कब्ज में फायदा होता है. अगर आपको कब्ज की समस्या है तो इसके सेवन से फायदा होगा.
    2. अगर आपका वजन बहुत कम है और आप वजन बढ़ाने को लेकर फिक्रमंद हैं तो किशमिश का सेवन आपके लिए फायदेमंद होगा. इसमें पर्याप्त मात्रा में ग्लूकोज और फ्रक्टोज पाया जाता है जिससे ताकत तो मिलती है ही साथ ही इसमें मौजूद तत्व वजन बढ़ाने में सहायक होते हैं.
    3. किशमिश में पर्याप्त मात्रा में आयरन पाया जाता है. खून के निर्माण के लिए आवश्यक विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की आवश्यकता होती है. किशमिश में पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है. ऐसे में खून की कमी होने पर किशमिश का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है.
    4. किशमिश कामेच्छा को प्रोत्साहित करने में भी कारगर है. यौन दुर्बलता को दूर करने के लिए भी किशमिश का सेवन किया जाता है.
    5. किशमिश में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो हड्डियों को मजबूती देने का काम करते हैं. अगर आपको घुटने में दर्द की शिकायत है तो भी किशमिश का सेवन फायदेमंद होगा.
    6. किशमिश में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है जो आंखों की रोशनी के बहुत फायदेमंद होता है.
    7. वजन बढ़ाने में उपयोगी :- जो लोग अपना वजन बढ़ाने के बारे में सोच रहे है| उन्हें बतादे की किशमिश उनके लिए बेहद फायदेमंद है|  किशमिशमें भरपूर मात्रा में फ्रुक्टोज और ग्लूकोज पाया जाता हैं। जो एनर्जी देने के साथ साथ वजन बढ़ाने में भी मदद करता है। अगर आप सही प्रकार से वजन बढ़ाना चाहते हैं, तो बिना इन्तेजार किये आज से ही किशमिश खाना शुरु कर दें।
    8. एनीमिया- किशमिशमें काफी मात्रा में आयरन होता है जो कि एनीमिया से लड़ने की शक्‍ति रखता है। दरहसल खून को बनाने के लिये विटामिन बी कॉमप्‍लेक्‍स की जरुरत पढ़ती है और किशमिश इस कमी को पूरी करती है। इसके अलावा इसमें मौजूद कॉपर भी खून में लाल रक्‍त कोशिका को बनाने में मदद करता है|
    9. बुखार ठीक करे– आपने अक्सर देखा होगा की जब किसी को बुखार होता है तो उसे Kismis (किशमिश) खाने की सलाह दी जाती है| दरहसल Kismis (किशमिश) में मौजूद फिनॉलिक पायथोन्‍यूट्रियंट जो कि जर्मीसाइडल, एंटी बॉयटिक और एंटी ऑक्‍सीडेंट तत्‍वों की वजह से जाने जाते हैं, वो वाइरल तथा बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन से लड़ कर बुखार को जल्‍द ठीक कर देते हैं।
    10. पाचन तंत्र सुचारू करे– रोजाना Kismis (किशमिश) का सेवन करने से आपका हाजमा ठीक रहता है और पाचन तंत्र भी सुचारू रूप से कार्य करता है| Kismis (किशमिश) लैक्सटिव के रूप में कार्य करती है। यह पेट में जाकर पानी को अवशोषित करती है, जिसके फलस्वरूप कब्‍ज से राहत मिलती है| Kismis (किशमिश) में पाये जाने वाले फाइबर गैस्ट्रोइंटेस्टिनल मार्ग से विषाक्त और अपशिष्‍ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं।
    11. आँखों के लिए फायदेमंद– Kismis (किशमिश) में विटामिन ए, ए-कैरोटीनॉइड और ए-बीटा कैरोटीन मौजूद होता है, जो कि आँखों को फ्री रैडिकल्‍स से लड़ने में मदद करता है। इसमें एंटी ऑक्‍सीडेंट गुण भी पाये जाते है| Kismis (किशमिश) खाने से मोतियाबिंद, उम्र बढने की वजह से आँखों में आने वाली कमजोरी,मसल्स  डैमेज आदि नहीं होता।
    12. शराब से छुटकारा– Kismis (किशमिश) की मदद से आप शराब के नशे से छुटकारा पा सकते है| जब भी आपकी शराब पीने की इच्छा हो तब शराब की जगह 10 से 12 ग्राम Kismis (किशमिश) को चबा-चबाकर खाए या Kismis (किशमिश) का शरबत पियें। जहा एक तरफ शराब पीने से ज्ञानतंतु सुस्त हो जाते हैं वही Kismis (किशमिश) के सेवन से शीघ्र ही पोषण मिलता है जिसके चलते मनुष्य उत्साह, शक्ति और प्रसन्नता का अनुभव करने लगता है। यह प्रयोग लगातार करते रहने से कुछ ही दिनों में शराब छूट जायेगी।
    13. कोलेस्ट्रोल घटाए – बहुत कम लोग यह बात जानते है कि Kismis (किशमिश) पूरी तरह से कोलेस्‍ट्रॉल मुक्त होता है। Kismis (किशमिश) में घुलनशील फाइबर बहुत अधिक मात्रा में होता है। यह घुलनशील फाइबर बुरे कोलेस्‍ट्रॉल का विरोध करता है| इसके अलावा Kismis (किशमिश) पोलीफेनोल्स एंजाइम को भी दबाता है जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल को अवशोषित के लिए जिम्मेदार होता है।
    14. कैंसररोधी – कैंसर कोशिकाओं के विकास के लिए फ्री रेडिकल्‍स सबसे प्रमुख कारणों में से एक है| इसके अलावा यह मेटास्टेसिस को भी प्रोत्साहित करते हैं। किशमिश में उच्‍च स्‍तर में काट्चिंस तत्‍व होता है यह तत्‍व रक्त में पॉलीफेनोलिक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। एंटीऑक्‍सीडेंट शरीर के आस-पास रहने वाले फ्री रेडिकल्‍स को शरीर से बाहर निकालता है।
    15. यौन दुर्बलता– इस समस्‍या के लिये रोजाना किशमिश खाएं क्‍योंकि यह कामेच्छा को प्रोत्साहित करती है। इसमें मौजूद अमीनो एसिड, यौन दुर्बलता को दूर करता है। इसीलिये तो शादी-शुदा जोडों को पहली रात दूध का गिलास दिया जाता है जिसमें Kismis (किशमिश) और केसर होता है।
    16. हड्डी की मजबूती– इस में बोरोन नामक माइक्रो न्‍यूट्रियंट पाया जाता है जो कि हड्डी को कैल्‍शियम सोखने में मदद करता है। बोरोन की वजह से ऑस्‍टियोप्रोसिस से बडी़ राहत मिलती है साथ ही Kismis (किशमिश) खाने से घुटनों की भी समस्या  नहीं पैदा होती |
    17. आंखों के लिये -इसमें एंटी ऑक्‍सीडेंट प्रोपर्टी पाई जाती है, जो कि आंखों की फ्री रैडिकल्‍स से लड़ने में मदद करता है। Kismis (किशमिश) खाने से कैटरैक, उम्र बढने की वजह से आंखों की कमजोरी, मसल्‍स डैमेज आदि नहीं होता। इसमें विटामिन ए, ए-बीटा कैरोटीन और ए-कैरोटीनॉइड आदि होता है, जो कि आंखों के लिये अच्‍छा होता है।
    18. Kismis (किशमिश) खाने से छू मंतर हो जाएगा लो ब्लड प्रेशरआपको अक्सर चक्कर आते हैं, कमजोरी महसूस होती है तो हो सकता है कि आप लो ब्लड प्रेशर के शिकार हों। ज्यादा मानसिक तनाव, कभी क्षमता से ज्यादा शारीरिक काम करने से अक्सर लोगों में लो ब्लडप्रेशर की शिकायत होने लगती है।कुछ लोग इसे नजर अन्दाज कर देते हैं तो कुछ लोग डॉक्टर के यहां चक्कर लगाकर परेशान हो जातें हैं। लेकिन आयुर्वेद में लो ब्ल्डप्रेशर को कन्ट्रोल करने के लिए कारगर इलाज है वो है Kismis (किशमिश)।

Kismis (किशमिश) में इन्फेक्शन से लड़ने के बेहतरीन गुण मौजूद होते है क्योंकि Kismis (किशमिश)में पॉलिफिनॉल (polyphenols) होते हैं जिनमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीइनफ्लैमटोरी तत्व होते हैं। इसलिए आपको Kismis (किशमिश) अपने दैनिक जीवन में जैसे भी सुविधा लगे लेनी चाहिये ।

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