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Hepatitis C के कारण, लक्षण, उपचार और बचने के उपाय

Hepatitis C क्या है ? What is Hepatitis C ?

Hepatitis C की मौजूदगी 1970 के दशक में मान ली गयी थी और 1989 में यह सिद्ध कर दी गयी. यह Hepatitis के पांच वायरसों: Hepatitis A, Hepatitis B, Hepatitis C, Hepatitis D, Hepatitis E में से एक है.Hepatitis C यकृत  (जिगर ) से संबन्धित एक बिमारी है जो Hepatitis C नामक विषाणु (वायरस) के द्वारा होती है। एक बार होने पर Hepatitis C का  संक्रमण तेजी से यकृत (फाइब्रोसिस) को  नुकसान पहुंचाता है और अधिक क्षतिग्रस्तता (सिरोसिस) की ओर बढ़ सकता है जो आमतौर पर कई वर्षों के बाद प्रकट होता है. कुछ मामलों में सिरोसिस से पीड़ित रोगियों में से कुछ को यकृत कैंसर हो सकता है या सिरोसिस की अन्य जटिलताएं जैसे कि यकृत कैंसर और जान को जोखिम में डालने वाली एसोफेजेल वराइसेस तथा गैस्ट्रिक वराइसेस विकसित हो सकती हैं.

Hepatitis C वायरस रक्त से रक्त के संपर्क या यों कहें की किसी  संक्रमित रोगी का रक्त  आप को यदि चढ़ा दिया जाये या उसके किसी भी तरह के रिलेशन होने से फैलता है . शुरुआती संक्रमण के बाद अधिकांश लोगों में कोई भी लक्षण नहीं दिखाई देता , तब यह विषाणु  (वायरस) आपके यकृत   को संक्रमित कर उसे हानि पहुंचा सकता है। Hepatitis C पीड़ितों में से 85% के यकृत में वायरस रह जाता है. सही इलाज और  देखभाल किये जाने पर जैसे कि दवाइयों, पेजिन्टरफेरॉन और रिबावायरिन से स्थायी संक्रमण ठीक हो सकता है. इकावन प्रतिशत से ज्यादा पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं. जिन्हें सिरोसिस या यकृत कैंसर हो जाता है, उन्हें यकृत के प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है तथा प्रत्यारोपण के बाद ही वायरस पूरी तरह से जाता है.

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एक अनुमान के अनुसार दुनिया भर में 270-300 मिलियन लोग हेपेटाइटिस सी से संक्रमित हैं. Hepatitis C पूरी तरह से मानव रोग है. इसे किसी अन्य जानवर से प्राप्त नहीं किया जा सकता है न ही उन्हें दिया जा सकता है

Hepatitis C

Hepatitis C के क्या लक्षण हैं  ? What are the symptoms of Hepatitis C ?

कम भूख लगना

थकान

पेट दर्द

पीलिया

खुजली

फ्लू

Hepatitis C किस कारण से होता है ? Hepatitis C is caused by what ?

यकृत को कमजोर और बीमार करने के कारण इस प्रकार है –आजकल हमें अपने स्वाद के कारण यकृत को बीमार होने की स्थिति में डाल दिया है. रोजाना की ज़िन्दगी में बहुत ज्यादा तेल युक्त खाना खाते है इसके अलावा बहुत ज्यादा मसालेदार चीजे भी यकृत पर बुरा असर डालती है. जो चीजे हम अपने स्वाद के अनुसार खाते है जैसे बहुत चटपटी चीजे , वनस्पति घी से बने हुए पदार्थ, बेसन से बने हुए ब्रैड, बिस्कुट आदि. ये चीजे यकृत पर बहुत ही दबाव डालती है और आसानी से पचती भी नहीं है. इन्हें पचाने के लिए यकृत को बहुत ही मेहनत करनी पड़ती है. और उसी कोशिश में यकृत की कोशिकाएं बहुत कमजोर हो जाती है और यकृत भी अपने सामान्य रूप से कार्य नहीं कर पाता है. इस तरह का खाना अगर हम रोज़ खायेंगे तो यह यकृत की परेशानी और भी बड़ा देंगे. क्योकि ऐसे खाने से पाचन तंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ता है वो इस खाने को पचाने में सक्षम नहीं होता. और जब खाना पूरी तरह से पचेगा नहीं तो वो पेट के अंदर ही सड़ेगा जिसके कारण यकृत और दबाव में आ जायेगा और काम करना बंद कर देगा. सड़े हुए भोजन के अंदर जमा होने से यकृत पर कीटाणु आक्रमण अलग से कर देते है. इसके अलावा जो लोग शराब, गांझा, अफीम और मांस का सेवन करते है वे तो मानो अपने यकृत को ज़हर दे रहे है. इन चीजो के प्रभाव से कीटाणु यकृत पर हमला करके यकृत को बिलकुल ही दुर्बल बना देता है जिसके कारण यकृत पर सुजन या शोथ हो जाती है. बहुत सी ऐसी दवाइयां है जिनका बुरा असर भी यकृत को बीमार करता है जैसे की पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, ब्युटाजोलीडीन इत्यादि

Hepatitis C के लिए किये जाने वाले जांच (To be screened for Hepatitis C)

डॉक्टर लक्षणों के आधार पर यानि लीवर का बढ़ा होने पर, स्किन का पीला होने पर, उदर में फ्लूइड होना आदि को देखकर फिज़िकल एक्ज़ामिनेशन करने को कहते हैं। इसके लिए इन टेस्ट को करने की सलाह दी जाती है-

• लीवर फंक्शन टेस्ट (liver function tests)

• पेट का अल्ट्रासाउन्ड (ultrasound)

• ऑटोइम्यून ब्लड मार्कर (autoimmune blood markers)

• हेपैटाइटिस ए, बी और सी का टेस्ट (hepatitis A,B, or C)
• लीवर बायोपसी ( liver biopsy)

• पैरासेनटेसीस (paracentesis)

Hepatitis C का इलाज़ (Treatment of Hepatitis C)

आप को जान कर हैरानी होगी की Hepatitis से आज तक जितनी भी मौत हुई है उनका कारण सिर्फ और सिर्फ Hepatitis के लगायी हु इंजेक्शन है यह रोग इतना खतरनाक नहीं है जितना इसको बढ़ा चढ़ा कर बताया जाता है और अमरीका जैसे देश या विभिन्न कंपनी जो Hepatitis को लेकर दवाइयां बनती है या वक्सिन बनाती है ये सब उनकी चाल है

में यहाँ पर आपको एक बात और बताना चाहता हूँ की यदि आपके लीवर में किसी भी तरह का इन्फेक्शन है और लीवर में 10% भी जान है या उसका 10% हिस्सा भी बचा हुआ है तो अपने आप recovery कर सकता है लेकिन हम है की उसके काम में रुकावट डालते रहते हैं और उसको उसका काम नहीं करने देते और जिस से बात बिगढ़ती चली जाती है

Hepatitis A, B, C, D  aur E का जो खौफ फैलाया हुआ है  वो अधिकतर कैसों में पीलिये का बिगड़ना है वो चाहे किसी भी वायरस से इन्फेक्टेड हो आज तक Hepatitis से बचने की कोई भी दवाई नहीं बनी लेकिन यदि आप आयुर्वेद और नेचुरल (प्राकृतिक चिक्तिसा) की बात करें तो आपको इसे बहुत से उधारण मिल जायेंगे जिनको डॉक्टर ने Hepatitis से संक्रिमित बता दिया और आज वो अपनी नार्मल लाइफ जी रहे हैं

यदि आपके आस पास कोई Hepatitis C का रोगी है या किसी भी तरह के Hepatitis के रोगी हो तो आप उन्हें कुछ नुस्खे आयुर्वेदिक दे सकते हैं या किसी भी प्राकृतिक चिकत्सक से उनका इलाज करवा सकते हैं जिस से वो जल्द ही रोग मुक्त हो सकता है

Hepatitis C का आयुर्वेदिक इलाज़ (Ayurvedic treatment of Hepatitis C)

द्रोण पुष्पी पौधे को पहचानते हों तो उसका एक चम्मच चूर्ण मिट्टी के बर्तन में 100 मि.ली. पानी डालकर भिगो दें। प्रात: मसल व छानकर रोगी को पिलाएं तथा प्रात: भिगोकर रात को पिला दें। 5-7 दिन में रोगी ठीक हो जाएगा।

थोड़ा शहद और चने के दाने जितना कपूर मिलाकर देने से प्रभाव अधिक होगा। चूने का पानी 2-2 चम्मच दिन में 3 बार रोगी को पिलाएं यही पानी 10-15 दिन तक देते रहें। अन्य दवाओं के साथ भी इस प्रयोग को कर सकते हैं।

पीली हरड़ का चूर्ण एक चम्मच तथा शहद या पुराना गुड़ (रसायनों से रहित) दिन में 2-3 बार दें। असाध्य पीलिया पर भी काम करेगा। 6 मास में एक बार 7 दिन तक इसका प्रयोग करते रहें,

सावधानी :- उल्टा-सीधा न खाएं (चाय, कॉफी, जंक फूड़) तो अम्ल पित्ता (हाईपर ऐसिडिटी, खट्टा पानी आना, बदहजमी) पूरी तरह सदा के लिए ठीक हो जाएगी (Article Source :- http://www.pravakta.com/)

Hepatitis C के घरेलू इलाज़ (Domestic treatment of Hepatitis C)

  1. हरे धनिया की एक गुच्छी ले कर उसको बारीक काट लें और उसमे 8-10 तुलसी के पत्ते डाल कर ४ लीटर पानी में उबाल लें जब पानी 1 लीटर रह जाये तो उसको उत्तार कर ठंडा होने दे उसके बाद रोगी को 2-३ बार में वो पानी पिलायें इससे recovery जल्दी होगी
  2. ४-5 तुलसी के पत्ते को पेस्ट बना कर मूली के जूस में मिला कर 15 दिन तक रोगी को खली पेट पिलायें
  3. ४-5 तुलसी के पत्ते का पेस्ट बना कर गन्ने के जूस में देने से 15-20 दिन में रोगी ठीक हो जाता है
  4. खाने मे केला, आम, टमाटर, पालक, आलू, आंवला, अंगूर, मूली, नींबू, सूखे खजूर, किशमिश, बादाम और इलायची ज्यादा शामिल करें।
  5. यदि हो सके तो 10-15 दिन फलाहार पर रहें और पानी खुला पिए कम से कम 8-10 गिलास हर रोज़
  6. पूरा आराम करें और धुप से बचें

Hepatitis C से बचने के उपाय (Tips to avoid Hepatitis C)

• अपना रेजर व किसी भी तरह की सूई  या कोई भी ऐसा सामान जो आपके blood और स्किन से रिलेटेड हो उसे किसी से भी शेयर न करें, इससे Hepatitis C के इन्फेक्शन का खतरा कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

• टैटू करने के वक्त उपकरणों से सावधान रहें।

• कान को छेद करते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि वह साफ हो।

• सेक्स करते वक्त सावधानी बरतें।

बच्चों को हेपेटाइटिस से बचाव के लिए टिका दिया जाता है। सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एण्ड प्रिवेन्शन [ Center for Disease Control and Prevention (CDC)] के सलाह के अनुसार 18 साल के उम्र तक और उससे वयस्क लोगों को छह से बारह महीने में तीन डोस दी जाती है, इससे वे इस बीमारी से पूरी तरह से सुरक्षित रख सकते हैं।

एक्यूट हेपेटाइटिस (एचएवी एण्ड एचइवी) से राहत कुछ हफ्ते में मिल जाता है। क्रॉनिक हेपेटाइटिस के लिए दवाई लेने की ज़रूरत होती है। लीवर खराब हो जाने पर लीवर ट्रांसप्लैनटेशन भी एक विकल्प है।

Hepatitis C एलोपैथी में ठीक ना होने वाली बीमारी के रूप में जनि जाती है लेकिन Hepatitis C या Hepatitis  चाहे वो किसी भी तरह का हो उसका इलाज़ सिर्फ आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिक्तिसा में ही संभव है अंत में सिर्फ इतना ही कहना चाहूँगा की Hepatitis C को लेकर जो अलग अलग तरह की अफवाह फैली हुई है उससे बचे और किसी भी तरह के व्यसन से दूर रहें और जितना हो सकते प्राकृतिक के साथ रहें .

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