Helmets and We

loading...

Helmets and We

Helmets and We :- आसमान को छूने की चाह, धरती पे पाँव न टिकें

होकर अपनी motorcycle पे सवार,

loading...

जिंदगी की बाजी जीतने निकले।

ठंडी हवा जब चेहरे से टकराई, तो हेलमेट उतार के रख दिया

motorcycle नें speed जब थामी, तो handle छोड़ के style दिखा दिया

लेकिन,
क्या अहसास है हमें उस माँ के दर्द का

जिसने अपनी नन्ही बच्ची को चलती गाड़ी के नीचे कुचलते देखा।

क्या अहसास है हमें उस पिता के दर्द का, जिसने अपने बुढ़ापे का सहारा खो दिया।

क्या हमें अहसास है उस दुल्हन के दर्द का,

जिसके हाथों की मेहँदी अभी फीकी भी नहीं हुई थी और उसकी माँग का सिंदूर मिट गया।

क्या अहसास है हमें उन बच्चों का जिन्होंने,

ठीक तरह बोलना भी नहीं सीखा और

पिता का साया उनसे छिन गया।

शायद नहीं।

कयूंकि हम अपनी मस्ती में

Motorcycle चलाए जा रहे थे।

दायें देखा न बायें, बस हवा में उड़े जा रहे थे।

इस बात का हमें अहसास न था कि

किसी को

हमारी वजह से तकलीफ हो रही है

किसी की बसी-बसाई जिंदगी

हमारी वजह से तबाह हो रही है।

जागो युवाओं जागो

जरा धीरे।

कहीं आपने तो नहीं की इनकी जिंदगी तबाह ?

शायद हाँ

नशे में धुत ,” मोटरसाइकल ” पे सवार

आपने शायद किसी की जान ले ली हो।

Mobile पे बात करते-करते गाड़ी से, किसी परिवार की खुशियाँ छीन लीं ।

अपने आनन्द से ज्यादा, उस दुख को, महसूस करो जो तुमने दूसरों को दिए हैं।

जागो युवाओं जागो….

जागो युवाओं जागो….

अब तो जाग जाओ।

Loading...

Related posts