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याददाश्त बढाने के आयुर्वेदिक एवं औषधीय गुण

याददाश्त बढाने के आयुर्वेदिक एवं औषधीय गुण
याददाश्त (Memory) बढाने के घरेलू नुस्खे  याददाश्त कमजोर होना एक आम बात है। पहली बात तो हम सभी इंसान अपने दिमाग का सिर्फ 10-20% ही उपयोग कर रहे हैं। भूलने की समस्या लगभग हर उम्र के लोगों में पाई जाती है। भूलने का मुख्य कारण एकाग्रता की कमी है।अधिकतर समस्या रिकाल करने में होती है क्योंकि हमारे दिमाग को रिकाल... Read More

आंखों में होने वाले रोग उनके लक्षण और उपाय

आंखों में होने वाले रोग उनके लक्षण और उपाय
आंखों की बनावट आंखों के बिना किसी कार्य को करने में हम असमर्थ हैं। मनुष्य के शरीर में आंखें वह अंग हैं जिसका सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। आंखें वह इन्द्रियां होती हैं जिसके कारण ही हम वस्तुओं को देख सकते हैं। हमारे शरीर की समस्त ज्ञानेन्द्रियों में आंखें सबसे प्रमुख ज्ञानेन्द्रियां हैं। वैसे तो प्रकृति ने हमारी आंखों की... Read More

मुद्रा से आरोग्य एवं आध्यात्मिक लाभ

मुद्रा से आरोग्य एवं आध्यात्मिक लाभ
मुद्रा से आरोग्य एवं आध्यात्मिक लाभ मुद्रा:- हस्त मुद्रा को लेकर सभी जन मानस में अलग अलग तरह की अवधारणा है कोई सोचता है की ये मुश्किल है कोई सोचता है की इनका करने से क्या फायदा होगा और किसी किसी का तो ये मत भी है की ये सिर्फ योगी ऋषि मुनियों के लिए ही है लेकिन जब तक... Read More

नभो मुद्रा – मुद्रा से आरोग्य एवं आध्यात्मिक लाभ

नभो मुद्रा – मुद्रा से आरोग्य एवं आध्यात्मिक लाभ
नभो मुद्रा (दूसरी मुद्रा)  नभो मुद्रा के द्वारा बहुत से रोगों को समाप्त किया जा सकता है। नभ का मतलब होता है `आकाश´ और नभोमुद्रा का काम है जीभ को तालु की ओर लगाना। नभो मुद्रा करना कोई आसान काम नहीं है। यह एक बहुत ही रहस्यात्मक अभ्यास है।  पूरे शरीर को सिर से ऊर्जा का प्रवाह से संबंधित है... Read More

खेचरी मुद्रा – मुद्रा से आरोग्य एवं आध्यात्मिक लाभ

खेचरी मुद्रा – मुद्रा से आरोग्य एवं आध्यात्मिक लाभ
खेचरी मुद्रा :- सारे रोगों का नाश करने वाली रहस्यमयी मुद्राओं का खुलासा खेचरी मुद्रा हठयोग के अन्तर्गत वर्णित हैं। मुद्राओं का तत्काल और सूक्ष्म प्रभाव शरीर की आंतरिक ग्रन्थियों पर पड़ता है। इन मुद्राओं के माध्यम से शरीर के अवयवों तथा उनकी क्रियाओं को प्रभावित, नियन्त्रित किया जा सकता है। विलक्षण चमत्कारी फायदा पहुचाने वाली व आसानी से कुण्डली को... Read More

आयल पुलिंग (Oil Pulling) विधि से रोगो से मुक्ति पायें

आयल पुलिंग (Oil Pulling) विधि से रोगो से मुक्ति पायें
आयल पुलिंग (Oil Pulling) रोगो से मुक्ति पाने की अनूठी विधि। मामूली से खर्च में हमेशा स्वस्थ और ऊर्जावान रहने की विधि हैं आयल पुलिंग। मुख के अंदर तेल भरकर कुछ समय तक रखने या चूसने मात्र से अनेकानेक रोगो से छुटकारा मिल सकता हैं। ये बहुत पुरानी आयुर्वेद की चिकित्सा हैं जिसको आज सिर्फ कुछ गिने चुने लोग ही... Read More

विपरीतकरणी मुद्रा से आरोग्य एवं आध्यात्मिक लाभ

विपरीतकरणी मुद्रा से आरोग्य एवं आध्यात्मिक लाभ
विपरीतकरणी मुद्रा (VIPRITKARANI MUDRA) विपरीतकरणी मुद्रा में पैर उपर एवं सिर नीचे अर्थात शरीर की विपरीत स्थिति होने से इसे विपरीतकरणी मुद्रा कहते हैं |इस मुद्रा को सर्वांगासन की पूर्व स्थिति भी कहा जाता है | अथ विपरीतकरणीमुद्राकथनम्। नाभिमूलेवसेत्सूर्यस्तालुमूले च चन्द्रमाः। अमृतं ग्रसते मृत्युस्ततो मृत्युवशो नरः ॥३३॥ ऊर्ध्वं च जायते सूर्यश्चन्द्रं च अध आनयेत्। विपरीतकरीमुद्रा सर्वतन्त्रेषुगोपिता ॥३४॥ भूमौ शिरश्च संस्थाप्य... Read More

अश्विनी मुद्रा से आरोग्य एवं आध्यात्मिक लाभ

अश्विनी मुद्रा से आरोग्य एवं आध्यात्मिक लाभ
अश्विनी मुद्रा ( ASHWANI MUDRA) अश्विनी मुद्रा का अर्थ है “अश्व यानि घोड़े की तरह करना”. घोडा अपने गुदा द्वार को खोलता बंद करता रहता है और इसी से अपने भीतर अन्य सभी प्राणियों से अधिक शक्ति उत्पन्न करता है अथ अश्वनीमुद्राकथनम्। आकुञ्चयेद्गुदद्वारं प्रकाशयेत् पुनः पुनः। सा भवेदश्विनी मुद्रा शक्तिप्रबोधकारिणी ॥८२॥ अश्विनीमुद्रायाः फलकथनम्। अश्विनी परमा मुद्रा गुह्यरोगविनाशिनी। बलपुष्टिकरी चैव अकालमरणं... Read More

ऊषापान (शरीर के लिए अमृत समान)

ऊषापान (शरीर के लिए अमृत समान)
ऊषापान (तांबे के बर्तन में रखा बासी पानी पीना ) ऊषापान करने के लिए एक तांबे के बर्तन की आवश्यकता होती है। शरीर में लगातार मेटाबोलिक क्रिया चलती रहती है जिसमें पानी की लगातार जरूरत होती है। इन्हीं क्रियाओं के फलस्वरूप हमें एनर्जी मिलती है। प्रातःकाल पिया गया पानी उषापान कहलाता है। इससे मनुष्य के यौवन और आयु में वृद्धि... Read More

स्लिप डिस्क होने के कारण और आयुर्वेदिक उपचार

स्लिप डिस्क होने के कारण और आयुर्वेदिक उपचार
स्लिप डिस्क/Slip Disc/backpain क्या है ? स्लिप डिस्क आज की भागती दौड़ती दुनिया में एक भयानक बीमारी के रूप ले चुकी है एक अनुमान के अनुसार 10 प्रतिशत की आबादी कमर दर्द का शिकार है। दु:ख की बात यह है कि यह समस्या जीवन के उस पड़ाव में होती है जो प्रोडक्टिव होते हैं यानि 30-50 साल की उम्र में।... Read More