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Brown Rice के आयुर्वेदिक और औषधीय गुण

Brown Rice/भूरे रंग के चावल

Brown Rice को छिलके वाले चावल के नाम से भी जाना जाता है। Brown Rice चावल का अपरिष्कृत / unrefined प्रकार है। चावल को सफ़ेद बनाने के लिए परिष्कृत / refining process में चावल में मौजूद अनेक जरुरी Vitamins. Protein और fiber इत्यादि घटक कम हो जाते है जिनसे उसकी पौष्टिकता कम हो जाती है। बाजार में Vitamins. Protein और fiber से समृद्ध सफ़ेद रंग के चावल भी बेचे जाते है पर भूरे Brown Rice के तुलना में उनकी पौष्टिकता कम ही होती है।
ज्यादातर लोग खाने में भूरे रंग के चावल / Brown Rice की बजाए, सफ़ेद रंग के चावल का इस्तेमाल करते है। यह जानते हुए भी कि, Brown Rice सफ़ेद रंग के चावल से ज्यादा पौष्टिक है, लोग सफ़ेद रंग के चावल खाना ज्यादा पसंद करते है क्योंकि सफ़ेद रंग के चावल दिखने में साफ़, पकाने में आसान और खाने में ज्यादा स्वादिष्ट होते है।
Brown Rice का महत्व और औषधीय गुण  :
  • Fiber से भरपूर : भूरे रंग के चावल में प्रचुर मात्रा में fiber होता है। Fiber अधिक मात्रा में होने कारण Brown Rice खाने वाले व्यक्ति को कभी कब्ज / Constipation की शिकायत नहीं होती है। Fiber शरीर के लिए नुकसानकारी LDL Cholesterol को भी काम करता है। शरीर में आँत / Intestine के cancer को निर्माण करने वाले घातक chemicals को बाहर निकालने का काम भी Brown Rice में मौजूद fiber करता है जिससे आँत के cancer होने का खतरा भी कम हो जाता है। एक अध्ययन अनुसार यह पता चला है की Fiber से भरपूर होने के कारण Brown Rice खाने वाली महिलाओ में पित्ताश्मरी / Gall Bladder stones होने का खतरा बहुत कम हो जाता है।
  • Selenium : भूरे रंग के चावल में मौजूद Selenium हमें कर्करोग / Cancer, ह्रदय रोग / Heart Disease और संधिवात / Arthritis  जैसे रोगो से बचाता है।
  • Manganese : एक कप Brown Rice में उपलब्ध Manganese हमारे शरीर की रोजाना Manganese की 80 % जरुरत को पूरी कर देता है। हमारे शरीर में तंत्रिका प्रणाली / Nervous System और प्रजनन प्रणाली / Reproductive organs के सुचारू काम करने के लिए Manganese की आवश्यकता होती है।
  • Natural Oil : Brown Rice में उपलब्ध नैसर्गिक तेल शरीर में Cholesterol की मात्रा को सामान्य रखने के लिए उपयोगी होता है। नियमित आहार में Brown Rice लेने वाले लोगो में ह्रदय की बीमारी होने का खतरा कम होता है।
  • वजन कम करना / Weight Loss : जो लोग बढे हुए वजन और मोटापे से परेशान है उनके लिए Brown Rice वरदान है। Brown Rice में अधिक मात्रा में fiber होने के कारन इसे खाने से अधिक calories नहीं मिलती है और पेट भी काफी समय तक भरा हुआ महसूस होता है और इस प्रकार आवश्यकता से अधिक खाने / overeating से बचा जा सकता है। Brown Rice खाने वाले लोगो की पाचन संस्था / Digestive system भी अच्छी रहती है।
  • Anti-Oxidants : Anti-Oxidants शरीर की रोग प्रतिकार शक्ति को बढ़ाने के साथ शरीर को हमेशा स्वस्थ और बुढ़ापे से दूर रखने के लिए जरुरी होते है। Brown Rice में Anti-Oxidants भी अच्छी मात्रा में होने के कारन आहार में इनका समावेश करना चाहिए।
  • Blood Sugar नियंत्रण : Brown Rice में मौजूद fiber रक्त की शर्करा / Blood sugar को नियंत्रण करता है और इसलिए Brown Rice मधुमेह से पीड़ित रोगियों के लिए एक श्रेष्ट आहार पदार्थ है। एक शोध अनुसार यह पता चला है की रोजाना आधी कटोरी Brown Rice खाने वाले लोगो में मधुमेह / Diabetes  होने की आशंका 60% से कम हो जाती है। इसके विपरीत जो लोग आहार में सफ़ेद चावल ज्यादा लेते है उन लोगो में मधुमेह होने की आशंका 70% बढ़ जाती है।
  • हड्डियों की मजबूती : Brown Rice में Manganese होता है जो की Calcium के अवशोषण के लिए आवश्यक तत्व है। Calcium के सही मात्रा में अवशोषण होने से हड्डियों को मजबूती मिलती है।
  • अस्थमा विरोधीBrown Rice में मौजूद Manganese और Selenium, अस्थमा के लक्षणों को कम करता है जिससे अस्थमा के रोगियों को लाभ हो सकता है।
  • शिशु आहार : अपने उच्च पौष्टिक मूल्य के कारण Brown Rice एक उत्तम शिशु आहार है। इसे लेने से शिशु की काफी सारी पौष्टिक जरूरते पूरी होती है और शिशु का विकास बेहतर तरीके से होता है।
      • स्तन का कर्करोग : Brown Rice से शरीर को Phytonutrients मिलता है जो कि रक्त में स्तन के कर्करोग / Breast cancer विरोधी Enterolactone की मात्रा को बढ़ा देता है जिससे महिलाओ में स्तन के कर्करोग होने का खतरा काम कर देता है।
भूरे रंग के चावल / Brown Rice के स्वास्थ्य संबंधी फायदे जान लेने के बाद मुझे विश्वास है की आप इसे अपने आहार में जरूर शामिल करेंगे।

भूरे चावल के दानों की संरचना के कारण सफेद चावल के पकने में 15-20 मिनिट की तुलना में भूरे चावल को पकने में 45 मिनिट समय लगता है।चावल के प्रक्रमणित तरीके के कारण यह अंतर आता है। कटाई के बाद बीजों को राइस हलर में मिलिंग के लिए डाला जाता है ताकि अनाज का भूसा निकल जाए। इस प्रक्रिया को करने से उकड़े-चावल का जीवाणु और भूसा वैसा ही रहता है और चावल चमकदार नहीं हो पाता है।भूरे चावल के जीवाणु और भूसे पकने के समय को बढ़ा देते हैं पॉलिश चावल के तुलना में, इसमें जीवाणु और भूसा नहीं रहता है।भूरे चावल में ज़्यादा पौष्टिकता रहती है, जैसे-विटामिन इ, थियामिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, विटामिन बी6, फोलासिन, पोटाशियम, मैग्निशियम, आयरन और दर्जनों पौष्टिकता के तत्व रहते हैं। इसके अलावा भूरे चावल में डाएटरी फाइबर रहता है जो सफेद-चावल से एक-चौथाई ज़्यादा रहता है। भूरा चावल खाने से मधुमेह, दिल की बिमारी और कैंसर की संभावना कम होती है और वज़न की देख-रेख भी होती है।

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सम्पर्क सूत्र हरबीर जी।+91 88 60 239162

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