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सूजी (Semolina) के आयुर्वेदिक और औषधीय गुण

सूजी (Semolina) कैसे बनती है 

सूजी गेहूं से बनता है। सूजी बनाने के लिए सबसे पहले गेहूं की अच्छी तरह सफाई की जाती है। उसके बाद साफ और सूखी गेहूँ को मिल में ले जाया जाता है, जिसमें सूजी बनाया जाता है। इस मिल में सबसे पहले गेहूं के दाने की ऊपरी परत निकाल दी जाती है। ऊपरी परत निकालने के बाद गेहूं का जो भाग बच जाता है उसे मिल में दरदरे तरीके से पीसा जाता है, जिससे ऊपरी परत निकालने के बाद का बचा हुआ गेहूं कई भागों में टूट जाता है। इसी कण को सूजी कहते हैं। इस को कई जगह रवा भी कहा जाता है।

इस के अंदर उतनी पौष्टिक तत्त्व नहीं पाये जाते हैं, जितनी कि गेहूं में पायी जाती है। इसका कारण यह है कि गेहूं की ज्यादातर पौष्टिक तत्त्व ऊपरी परत में ही होती है, जो कि सूजी बनाने की प्रक्रिया में निकल जाती है।

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इस में मौजूद फॉस्फोरस, जिंक, मैग्नीशियम नर्वस सिस्टम को सही रखने में मदद करते हैं। साथ ही प्रोटीन की भरपूर मात्रा त्वचा व मांसपेशियों के लिए लाभकारी है। सूजी में पाया जाने वाला सेलेनियम शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करता है। यह कई तरह के इंफेक्शन से बचाता है साथ ही प्रतिरोधक तंत्र को अनेक प्रकार की बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार करता है।

नाश्ते में सूजी के साथ यदि सब्जियों का भी प्रयोग किया जाए तो यह अधिक पौष्टिक हो जाती है। इस में पर्याप्त मात्रा में आयरन होता है। इससे शरीर में खून की कमी नहीं होती व विभिन्न अंगों को भरपूर एनर्जी मिलती रहती है। इस में मौजूद फाइबर पाचनक्रिया को दुुरूस्त रखने में मददगार है। इसमें कैल्शियम, सेलेनियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम जैसे कई मिनरल्स होते हैं जो पाचनतंत्र को सही रखने के लिए जरूरी हैं।

इस को रवे और सेमोलिना भी कहा जाता है। सूजी गेहूं से बनती है, ये उसी का एक प्रकार है। इस का इस्तेमाल हलवे, इडली, रवा डोसा और उपमा आदि के लिए किया जाता है। यह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है, क्योंकि ये खाने में बहुत हल्की होती है।इसी वजह से छोटे बच्चों, ऐसे बुजुर्गों जिनके दांत नहीं होते और मरीज़ों को इस से बनी डिश दी जाती हैं। आइये जानते हैं इस के सभी फायदों के बारे में विस्तार से।

सूजी (Semolina) के आयुर्वेदिक और औषधीय गुणसूजी

 

ओवरईटिंग से बचाए :- Suzi डूरम (एक प्रकार का गेहूं) से बनती है जो आपके पेट को देर तक भरा हुआ रखती है। इससे आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं। दूसरे शब्दों में, आप कम वक्त में वज़न घटा सकते हैं। सूजी बहुत धीरे-धीरे पचती है जिससे आपका फैट कम होने के चांस बढ़ जाते हैं।

एनर्जी बढ़ाए :-Suzi ऐनर्जी बढ़ाने के लिए भी जानी जाती है। ये उन लोगों के लिए बहुत अच्छी है जिनका लाइफस्टाइल बहुत एक्टिव होता है। ये आपको दिन भर एक्टिव रखती है, अच्छा परफॉर्म करने में मदद करती है और आलस से भी बचाती है। अगर आप Suzi की डिश बना रहे हैं तो उसमें सब्जियां भी मिला लें ताकि उसमें बेहतर फ्लेवर आए और फाइबर की मात्रा भी बढ़ जाए।

हड्डियों और नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखे :- सूजी आपकी हड्डियों और नर्वस सिस्टम के लिए भी अच्छी है। ये हड्डियों का घनत्व बढ़ाकर उनको मज़बूत बनाती हैं और स्वस्थ रखती हैं। इसमें फास्फोरस, ज़िंद और मैग्नीशियम होता है जो कि नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने के काम आता है।

दिल के लिए अच्छी :- सूजी आपके लिए टॉनिक की तरह होती है। ये आपकी दिल की सेहत को बेहतर बनाती है और दिल के दौरे का जोखिम कम करती है। ऐसा इसलिए क्योंकि सेमोलिना यानी सूजी में सेलेनियम बहुत उच्च मात्रा में होता है जो कि इंफेक्शन को रोक कर इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।

एनीमिया से बचाव :- सूजी आयरन का बहुत अच्छा स्रोत है। इसलिए सूजी का सेवन करने से आपके शरीर की आयरन की आवश्यकता पूरी होती है। आय़रन से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और ये रोजमर्रा के काम के लिए अधिक ऊर्जा देता है।

चेतावनी – अगर आपको ग्लूटेन लेने से समस्या होती है तो सूजी का सेवन न करें।

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Article Source :- http://hindnews.in/

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