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सुपारी (Areca palm) के आयुर्वेदिक और औषधीय गुण

सुपारी / Supari 

सुपारी का प्रयोग पान में लौंग और इलायची के साथ एक मसाले के रूप में और माउथ फ्रेशनर के रूप में करते आ रहे हैं। आयुर्वेद के अनुसार गुरु, रूक्ष गुण, कषाय, मधुर रस और शीत होने से यह कफ और पित्त का शमन करता है। जिस तरह पुरुषों को गुटके की तलब लगा करती है, उसी तरह महिलाएं सुपारी की दीवानी होती हैं।

Supari  में प्रोटीन 4.9  प्रतिशत, कार्बोहाइड्रेट 47.2 प्रतिशत, वसा 4.4 प्रतिशत और खनिज द्रव्य एक प्रतिशत होता है। साथ ही इसमें टैनिन, गैलिक एसिड, लिगनिन, एरिकोलिन और एरीकेन जैसे एल्केलायड भी पाए जाते हैं। इन गुणों के कारण इसका प्रयोग औषधि के रूप में भी किया जाता है।

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Supari  कितनी तरह की होती है ?

सुपारी 2 तरह की होती है

1.पूजा की सुपारी

2. खाने वाली सुपारी

इन दोनों सुपारियों में अंतर होता है खाने की सुपारी का साइज़ पूजा की सुपारी से बड़ा होता है भारत में Supari  का पेड़ केरल और असम में होते हैं वहां से Supari  कानपुर और आगरा आती है जहाँ इसकी मंडी लगती है देखने में यह भले ही छोटी सी लगती है लेकिन इसकी खुश्बू और मिठास ने शहर को खास पहचान दी है।

कानपुर के बाद देश में आगरा एकमात्र ऐसा शहर है जहां से देश के कई शहरों में मीठी सुपारी सप्लाई की जाती है। शहर में सुपारी का काम पचासियों साल से हो रहा है। खासतौर से चित्तीखाना सुपारी का एकमात्र थोक बाजार बना हुआ है। यहां स्थित आठ-दस दुकानों पर हर तरह की सुपारी बिकती है। यहां से प्रतिदिन करीब 100 किलो मीठी व फीकी सुपारी अन्य शहरों में भेजी जाती है।

25 साल से Supari  के काम में लगे अमित बताते हैं कि वर्तमान में चित्तीखाना में तकरीबन 50 तरह की मीठी सुपारियां बिकती हैं। इनमें करंट, सकेला, सौंफ मिक्स, इलायची वाली, चिकनी, लच्छा सुपारी, रसगुल्ला, मेवा मिक्स, खस, खजूर सुपारी, छुआरा सुपारी, दूध मिक्स आदि प्रमुख हैं। खस Supari सबसे महंगी है। इसकी कीमत 2000 रुपये किलो है है वहीं अन्य सुपारियों की कीमत 250-300 रुपये किलो हैं।

मीठी सुपारी कैसे तैयार की जाती  है ?

Supari पेड़ का एक फल होता जो मुख्यत: केरल तथा आसाम में पैदा होता है। यहां से साबुत सुपारी नागपुर, इंदौर और ग्लावियर पहुंचती है। ये तीनों मंडिया सुपारी की मुख्य मंडी कहलाती है। इन मंडियों से सुपारी विक्रेता थोक में सुपारी खरीदते हैं। साबुत सुपारी की कीमत 180-190 रुपये किलो है। आगरा में लाकर इन्हें भूना जाता है। फिर काटा जाता है। अंत में इन्हें अलग-अलग साइज में तैयार किया जाता है। जो लोग फीकी Supari खाने के शौकीन होते हैं, उनके लिए फीकी Supari अलग कर दी जाती है, बाकी Supari में खुश्बू व फ्लेवर डालकर मनपसंद सुपारी तैयार की जाती है। अमित बताते हैं कि Supari तैयार करते समय मुख्यतौर पर चीनी, फ्लेवर व पीपरमेंट डाला जाता है। खाने वाले रंग डालकर इन्हें लाल, पीला बनाया जाता है।

सुपारी के औषधीय उपयोग :-

दांतों को चमकाने के लिए– 3 सुपारी भून लें। फिर भूनी हुई सुपारियों को पीसकर पाउडर बना लें। इस पाउडर में नींबू रस की करीब 5 बूंदें डाल लीजिए और करीब 1 ग्राम काला नमक भी मिला लें। रोज दिन में दो बार इस मिश्रण से अपने दांतों की सफाई करें, एक सप्ताह में दांत चमकने लगेंगे।

डायबिटीज में– डायबिटीज के कारण कई लोगों को बार-बार मुंह सूखने की समस्या होती है। यदि आपके साथ भी यह समस्या है तो जब भी मुंह सूखे एक Supari का टुकड़ा मुंह में रखें। ऐसे लोगों को इस स्थिति से बचने के लिए सुपारी बहुत मदद करती हैं, क्योंकि इसे चबाने से बड़ी मात्रा में सलाइवा निकलती है।

दांतों को सड़न से बचाए– Supari में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। इसके कारण इसका इस्तेमाल दांतों की सड़न को रोकने के लिए मंजन के रूप में किया जाता है। दांतों में कीड़ा लगने पर Supari को जलाकर उसका पाउडर
बना लें। इससे रोजाना मंजन करें, फायदा होगा।

स्किजोफ्रेनिया को दूर करें– स्किजोफ्रेनिया एक तरह की दिमागी बीमारी है। इस बीमारी के लक्षणों को Supari के सेवन से कम किया जा सकता है। एक ताजा रिसर्च के अनुसार, इस बीमारी में जो रोगी सुपारी का सेवन करते हैं, उनके लक्षणों में सुधार होता है।

हाई ब्लडप्रेशर में लाभदायक- Supari खाने से हाई ब्लडप्रेशर नियंत्रित रहता है। एक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि सुपारी में मौजूद टैनिन नामक तत्व एंजियोटेनसिन हाई ब्लडप्रेशर के कंट्रोल में उपयोगी हैं।

डिप्रेशन दूर होता है-Supari खाने से तंत्रिका तंत्र उत्तेजित होता है। इसके अलावा, Supari पर हुए एक रिसर्च से भी यह बात सामने आई कि इसे चबाने से तनाव महसूस नहीं होता है।

एंटीऑक्सीडेंट गुण– Supariमें एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं, जो विषैले पदार्थों और फ्री रैडिकल्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इससे हमारा शरीर रोगों से बचा रहता है।

घाव भर देती है- Supari का काढ़ा बनाकर घाव पर लगाएं। इसके बारीक चूर्ण को लगाने से भी खून बहना बंद हो जाता है। कुछ ही देर में घाव भरने लगता है।

स्किन प्रॉब्लम्स में रामबाण– Supari स्किन प्रॉब्लम्स को दूर करने में बहुत मददगार होती है। दाद, खाज, खुजली और चकत्ते होने पर Supari को पानी के साथ घिसकर लेप करने से फायदा होता है। बहुत ज्यादा खुजली होने पर Supari की राख को तिल के तेल में मिलाकर लगाने से लाभ होता है।

बहुमूत्रता में इसका चूर्ण एक से दो ग्राम गाय के घी के साथ नियमित सेवन कराने से लाभ होता है

सुपारी के नुक्सान :-

  • इसके खाने से थ्री-फोर वेज पायरिया होता है। इससे दूध के दांत ही खराब नहीं होते बल्कि आगे चलकर ये कैंसर का रूप धारण कर लेता है। बताया कि खास तौर से जीभ का कैंसर ज्यादा होता है।हर मीठी सुपारी बच्चों के लिए हानिकारक होती है।  यह केमिकल से तैयार की जाती है। इसके खाने से मुंह में जकड़न आना शुरू हो जाती है तथा धीरे-धीरे मुंह बंद होने लगता है।
  • Supari का ज्यादा सेवन करने से महिलाओं को स्तन रोग, स्तन कैंसर, गर्भाशय का कैंसर, बांझपान, मानसिक धर्म का अचानक बंद हो जाना, अनियमित मासिक धर्म, कम उम्र में रजोनिवृत्ति, काम शिथिलता, सेक्स के प्रति अरुचि या अत्यधिक सेक्स आदि में से कोई एक या कई समस्याएं एक साथ उत्पन्न हो सकती हैं।
  • मुंह के ना खुलने को म्यूकस फाइब्रोसिस कहा जाता है। इसका सबसे बड़ा कारण सुपारी -तम्बाकू उत्पादों का सेवन करना होता है। मुंह नहीं खुलेगा तो दांतों और मसूड़़ों की सफाई कैसे होगी। मुंह नहीं खुलना कैंसर से ठीक पहले के लक्षण हैं। दांतों पर लगा इनेमल घिस जाता है और दांत संवेदनशील बन जाते हैं। दांतों के पेरिओडोंटल टिश्यू (दांत की हड्डी) क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और दांत ढीले हो जाते हैं।
  • गुटखे में मौजूद कई किस्म के रसायन हमारे डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते है।इसके अलावा हमारे सेक्स हार्मोन भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।  हमारे शरीर के हर अंग में पाए जाने वाले साइप-450 नामक एंजाइम की कार्यक्षमता पर इसका बुरा असर पड़ता है। हमारे शरीर में ये एंजाइम हार्मोंस के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • Supariचबाना एक बहुत बुरी लत है। अगर आप Supari को तंबाखू के बिना कभी-कभी चबाते हैं तो ज़्यादा नुकसान की आशंका नहीं है। एक शोध के अनुसार चिंताजनक बात तब है जब मुँह में छाले हो जाएँ जो ठीक ही नहीं हो रहे हों, या फिर मुँह के भीतर लाल या सफेद रंग के धब्बे हों और मुँह खोलने में दिक्कत आ रही हो।
  • कैंसर से Supari और तंबाकू का गहरा संबंध है। तंबाकू, जर्दा तथा Supari चबाने से कैंसर के होने का रास्ता आसान हो जाता है। ये पदार्थ मुंह, गले व भोजन की नली तथा पाचन संस्थान में पहुँचकर पतली तह के रूप में जम जाते है। ये धीरे-धीरे सूजन का रूप धारण कर आंतरिक त्वचा पर जम जाते है जो आसानी से साफ नहीं होती। ये आंतों में भी जम जाते है और धीरे-धीरे कैंसर में बदल जाते है।
  • लंबे समय तक Supari का सेवन करने से उतना ही नुकसान होता है जितना कि सिगरेट पीने से।” इसके अलावा इससे दिल की बीमारी भी हो सकती है

ज्योतिष की नज़र में सुपारी के प्रयोग :-

कार्य की सफलता हेतु : अगर कोई काम कई दिनों से रुका पड़ा है, नहीं हो रहा है तो गणेश चतुर्थी के दिन दाईं ओर मुड़ी हुई सूंड़ वाले गणेशजी के चित्र की लौंग और सुपारी से पूजा करें। अब जब कभी भी काम पर जाना हो, एक लौंग और सुपारी अपने पास रख लिया करें। काम के समय लौंग को अपने मुंह में रख लें और उसे चूसें। इस दौरान ‘जय गणेश काटो कलेश’ का जाप करते रहें। घर आने पर सुपारी को वापस गणेशजी के फोटो के सामने रख दें। इस उपाय से आपका कार्य सफल होगा।

तिजोरी में रखें पूजा की सुपारी : पूजा की Supari पूर्ण एवं अखंडित होती है। इसीलिए इसको पूजा के समय गौरी-गणेश का रूप मानकर उस पर जनेऊ चढ़ाई जाती है। बाद में उस पूजा की सुपारी को तिजोरी में रखना चाहिए क्योंकि जहां गणेशजी यानी बुद्धि के स्वामी का निवास होता है वहीं लक्ष्मी का निवास होता है। इससे घर में लक्ष्मी का स्थाई निवास होता है।
लक्ष्मी पूजन में Supari रखें। Supari पर लाल धागा लपेटकर अक्षत, कुमकुम, पुष्प आदि पूजन सामग्री से पूजा करें और पूजन के बाद इस सुपारी को तिजोरी में रखें।
व्यापार में वृद्धि हेतु : एक Supari और एक सिक्का लें और इसे पीपल के पेड़ के नीचे शनिवार की रात्रि को रख दें और इतवार की सुबह को वहां जाएं और उसे पीपल को नम्कार करके उसका एक पत्ता तोड़ लाएं। उस पीपल के पत्ते को अपनी तिजोरी में या गद्दी के नीचे रखेंगे तो व्यापार में वृद्धि अवश्य होगी।
धन योग हेतु : गुरुवार को पुष्य नक्षत्र में, स्नान के बाद, एक गांठ हल्दी पीली रुमाल में बांधें। हल्दी से रंगे चावल, नारियल का गोला  और एक Supari भी रखें। इन सभी वस्तुओं को धूप-दीप दिखाकर, हल्दी में रंगा एक सिक्का भी रखें। इन चीजों की रोज़  पूजा करने से धन पाने के महायोग बनेंगे।
विशेष :- इसका अधिक प्रयोग रक्तभार को कम करता है तथा चक्कर आने लगता है और अनावश्यक सुपारी का सेवन वात रोगों को बढ़ाता है।

Article SOurce :- http://hamarapyaraagra.blogspot.in/

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