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सिरदर्द के आयुर्वेदिक, औषधीय और घरेलू उपचार

सिरदर्द के आयुर्वेदिक और औषधीय उपचार 

सिरदर्द से घबराना कैसा? आप भी ऐसा मानते हैं ना! पर विशेषज्ञों के अनुसार अगर यह दर्द बार-बार परेशान करने लगे तो किसी अच्छे डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना जरूरी होता है। आमतौर पर सिरदर्द को माइग्रेन, टेंशन और क्लस्टर तीन श्रेणियों में बांटा जाता है। खास यह है कि जितने अधिक लोग इससे पीड़ित हैं, उतनी ही अधिक इस दर्द को नजरअंदाज करने वालों की संख्या भी है। भारत में कुल 5 करोड़ पीड़ित लोगों में से केवल 2% ही माइग्रेन के उपचार के लिए डॉक्टर से संपर्क करते हैं। तनावजनित सिरदर्द से पीड़ितों की संख्या सबसे अधिक है, पर वे भी जीवनशैली के प्रति लापरवाह हैं। तरह-तरह के सिरदर्द और उपचार के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ आयुर्वेदिक नुस्खे  जो आप घर पर ही आसानी से कर सकते हैं

1. लहसुन :

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  • कनपटी पर लहसुन को पीसकर लेप की तरह लगाने से सिरदर्द खत्म हो जाता है।
  • लहसुन को पीसकर शहद की 10 से 30 बूंद के साथ प्रतिदिन सेवन करने सिरदर्द ठीक हो जाता है।
  • जिस ओर सिर में दर्द हो रहा हो उस ओर के नाक के नथुने में एक या दो बूंद लहसुन का रस डालने से आधासीसी के कारण होने वाला सिरदर्द दूर होता है।

2. दूध :

  • प्रतिदिन सुबह 250 मिलीलीटर गर्म दूध में 20 ग्राम देसी घी मिलाकर पीने या मक्खन में 25 ग्राम मिश्री मिलाकर खाने या 250 मिलीलीटर दूध में 4 छुहारे डालकर उबालकर छुहारे खाने व दूध पीने से दिमाग की कमजोरी से होने वाला सिरदर्द ठीक होता है।
  • दूध और जलेबी एक साथ खाने से कुछ दिनों में सिरदर्द समाप्त हो जाता है।
  • दूध में चीनी मिलाकर नाक द्वारा लेने से आधासीसी का दर्द दूर होता है।
  • ठंड़े दूध और ठंड़े पानी को सिर पर डालने से शंखक नाम का सिरदर्द नष्ट होता है।
  • दूध, चीनी और पानी को मिलाकर उबालकर भाप लेने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है।
  • बकरी के दूध के मक्खन से कमर पर मालिश करने से गर्मी के कारण उत्पन्न सिरदर्द ठीक हो जाता है।
  • मिश्री मिला हुआ दूध या केवल दूध या नारियल का पानी या ठंडा पानी या घी को नाक के द्वारा पीने से आधासीसी का दर्द दूर होता है।
  • गाय के दूध के साथ सोंठ घिसकर सिर पर लेप करने से 7-8 घंटों में ही भयंकर सिर का दर्द दूर हो जाता है।

3. नींबू :

  • चाय में नींबू को निचोड़कर पीने या नींबू के पत्ते कूटकर रस निकालकर रस सूंघने से लाभ मिलता है।
  • नींबू को काटकर गर्म करके कनपटियों पर एक घंटे तक सिंकाई करने से माथे की पीड़ा मिट जाती है।
  • पेट में गैस बनने के कारण होने वाले सिरदर्द को खत्म करने के लिए नींबू के रस को हल्के गर्म पानी में मिलाकर पीना चाहिए। ऐसा करने से सिरदर्द समाप्त हो जाता है।
  • लगभग आधे ग्राम नींबू के रस में लाल फिटकरी पीसकर पानी के साथ पिलाने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है।
  • नींबू के पत्ते को पीसकर रस निकालकर नाक द्वारा सूंघने से सिर का दर्द दूर होता है।
  • सिर के जिस ओर दर्द हो उस ओर के कान में 2 या 3 बूंद कागजी नींबू का रस टपका देने से आधासीसी का दर्द ठीक हो जाता है।
  • नाक में कागजी नींबू के रस की 2 बूंद डालने से आधासीसी का दर्द दूर हो जाता है।
  • नींबू का रस और तुलसी के पत्तों का रस बराबर भाग में मिलाकर पीने से सिर का दर्द दूर हो जाता है।
  • नींबू के पत्ते को नियमित रूप से सूंघने से सिर का दर्द दूर हो जाता है।
  • नींबू की चाय बनाकर पीने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है।

4. सेब : सेब को काटकर सेंधानमक डालकर खाने से कुछ दिनों में सिरदर्द हमेशा के लिए खत्म हो जाता है।

5. मुलहठी :

  • मुलहठी, मिश्री और घी को घोटकर सूंघने से पित्तज के कारण उत्पन्न सिर का दर्द ठीक हो जाता है।
  • लगभग 1.5 ग्राम मुलहठी और लगभग एक चौथाई ग्राम सींगिया मिलाकर सूंघने से सिर का दर्द खत्म हो जाता है।
  • किसी भी प्रकार के सिरदर्द में मुलेठी का चूर्ण 10 ग्राम, कलिहारी का चूर्ण 40 ग्राम और थोड़ा सा सरसों का तेल मिलाकर नासिका में नसवार की तरह सूंघने से लाभ मिलता है।

6. दूब हरी : जौ को एक चम्मच दूब के रस में घोंटकर सिर पर मलने से सिरदर्द दूर होता है।

7. अपराजिता : अपराजिता की फली के 8-10 बूंद का रस नस्य अथवा जड़ के रस का नस्य सुबह खाली पेट एवं सूर्योदय से पूर्व देने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है।

8. पोदीना :

  • सिर पर हरे पोदीने का रस निकालकर लगाने से सिरदर्द दूर होता है।
  • पोदीने के पत्ते को पानी में पीसकर माथे पर लेप करने से सिर का दर्द खत्म हो जाता है।

9. इलायची :

  • पानी के साथ छोटी इलायची को पीसकर सिर पर लेप की तरह लगाने से सिर का दर्द खत्म हो जाता है।
  • छोटी इलायची को महीन पीसकर सूंघने से सिर का दर्द दूर हो जाता है।
  • पानी के साथ लाल इलायची के छिलके को घिसकर सिर पर लेप की तरह लगाने से सिर का दर्द दूर हो जाता है।
  • इलायची के तेल को पिपरमिन्ट, कपूर और गाय के घी को मिलाकर कपाल पर लगाने से तेज सिर का दर्द दूर हो जाता है।
  • एक बड़ी इलायची, दो छोटी इलायची और आधा ग्राम कपूर को गुलाबजल में मिलाकर लेप बनाकर कपाल पर लगाने से सिर का दर्द दूर होता है।
  • लगभग 21 इलायची को पीसकर इसमें दो चुटकी छोटी पीपल का चूर्ण और इतना ही शहद मिलाकर सेवन करने से सिर का दर्द समाप्त होता है।
  • इलायची को पीसकर सिर पर लगाने से सिरदर्द दूर हो जाता है। इसके चूर्ण को सूंघने पर भी सिरदर्द दूर होता है।

10. आंवला :

  • लगभग 5 ग्राम आंवला और 10 ग्राम धनिये को कूटकर रात को मिट्टी के बर्तन में 200 मिलीलीटर पानी में रख दें। सुबह इस मिश्रण को छानकर पानी पीने से धूप में घूमने के कारण होने वाला सिरदर्द खत्म हो जाता है।
  • आंवले का शर्बत पीने से गर्मी के कारण उत्पन्न सिर का दर्द ठीक हो जाता है।
  • सिरदर्द होने पर आंवले के पानी से सिर की मालिश करने से सिर का दर्द दूर हो जाता है।

11. धनिया :

  • धनिये को पीसकर माथे पर लेप की तरह लगाने से पित्त (गर्मी) के कारण उत्पन्न सिरदर्द खत्म हो जाता है।
  • सूखा धनिया 10 ग्राम और गुठली रहित सूखा आंवला 5 ग्राम लेकर रात को मिट्टी बर्तन में पानी में भिगोकर रख दें और सुबह उसी पानी में मथकर मिश्री मिलाकर सेवन करें। इससे सिरदर्द ठीक होता है और चक्कर आना आदि भी शान्त होता है।
  • यदि सर्दी के कारण सिरदर्द हुआ हो तो सूखे धनिये के साथ सोंठ, चाय की पत्ती व तुलसी के पत्ते को पीस लें और इसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर लेप बना लें। इस लेप को चमचे में गर्म करके माथे पर लगाने से सिर का दर्द दूर हो जाता है।
  • यदि गर्मी के कारण सिरदर्द हुआ हो तो लेप में सोंठ न डाले और केवल धनिया और तुलसी का लेप बनाकर माथे पर लगाएं।
  • सिरदर्द में चक्कर, उल्टी व गर्भवती स्त्री को उल्टी आने पर धनिया उबालकर मिश्री मिलाकर पिलाना चाहिए।
  • हरे या कच्चे धनिये को पीसकर सिर पर लेप करने से सिर का दर्द दूर हो जाता है।
  • पित्तज या गर्मी के कारण होने वाले सिरदर्द में धनिया, चंदन और गुलाब के फूलों को बारीक पीसकर इसे ईसबगोल में गाढ़ा करके कपाल पर लगाने से सिर का दर्द खत्म हो जाता है।
  • 1 चम्मच धनिया, 5 कालीमिर्च, 4 पत्ते तुलसी और 2 लौंग को मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से सर्दी और जुकाम की वजह से होने वाले सिरदर्द ठीक हो जाता है।
  • 10 ग्राम सूखा हुआ धनिया, 5 ग्राम आंवले का चूर्ण और 4 लौंग को पीसकर सेंधानमक के साथ चाटने या माथे पर लेप करने से गर्मी के कारण होने वाला सिर का दर्द दूर हो जाता है।
  • सर्दी, जुकाम के कारण यदि सिर में दर्द हो रहा तो घबराना नहीं चाहिए। सबसे पहले रूई के फोहे से गले, माथे व छाती पर कम से कम 10 मिनट तक सिंकाई करें। इसके बाद पिसा हुआ धनिया पानी के साथ गर्म करके माथे पर लेप करें। यदि सिर में झनझनाहट हो रही हो तो सबसे पहले कुछ देर के लिए आराम करना चाहिए। इसके बाद तुलसी की 2 पत्ते को 2 कालीमिर्च के साथ पीसकर रोगी को पिलाएं और धनिया व तुलसी का रस मिलाकर माथे पर लगाना चाहिए। इससे सिरदर्द में जल्दी आराम मिलता है।

12. तरबूज :

  • यदि सिरदर्द गर्मी के कारण हुआ हो तो तरबूज का गूदा मलमल के कपड़े में डालकर निचोड़कर रस निकालकर पीना चाहिए।
  • मिश्री को तरबूज के रस में मिलाकर पीने से सिरदर्द खत्म हो जाता है।

13. मौलसिरी : मौलसिरी के सूखे फूलों का महीन चूर्ण सूंघने से सिर का दर्द तुरन्त समाप्त हो जाता है।

14. हींग :

  • थोड़ी-सी हींग को पानी में घोलकर माथे पर लगाने से सर्दी के कारण होने वाला सिर का दर्द कुछ ही मिनटों में खत्म हो जाता है।
  • पानी में हींग को घोलकर इसकी कुछ बूंदें नाक में डालने से आधासीसी के कारण होने वाला दर्द दूर हो जाता है।

15. कालीमिर्च :

  • लगभग 4 कालीमिर्च, 3 ग्राम अदरक और 7-8 तुलसी के पत्तों को हल्का सा कूटकर पानी में उबालकर चाय बनाकर पीने से सर्दी के कारण होने वाला सिरदर्द खत्म हो जाता है।
  • कालीमिर्च और धनिये को पानी के साथ पीसकर माथे पर लगाने से सिरदर्द तुरन्त ही खत्म हो जाता है।
  • कालीमिर्च, लौंग और तुलसी के पत्तों को पानी के साथ पीसकर माथे पर लगाने से सिरदर्द खत्म हो जाता है।
  • कालीमिर्च और चूल्हे की जली हुई मिट्टी को बारीक पीसकर सूंघने से आधासीसी का दर्द दूर हो जाता है।
  • कालीमिर्च के चूर्ण को भांगरे के रस के साथ पीसकर सूंघने से सिर का दर्द खत्म हो जाता है।
  • कालीमिर्च को पीसकर सूंघने या सिर पर लेप की तरह लगाने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है।
  • नमक और कालीमिर्च को पीसकर प्याज के रस में घोलकर लेप की तरह सिर पर लगाने से सिर का दर्द जल्दी ठीक हो जाता है।
  • दो चुटकी पिसी हुई कालीमिर्च के चूर्ण में खांड़ डालकर खाने से आधे सिर का दर्द दूर हो जाता है।

16. घी :

  • सुबह नाक के नथुनों में गाय के घी 3-4 बूंद डालने से सिरदर्द खत्म हो जाता है।
  • घी और दूध को अधिक मात्रा में लेने से पित्तजन्य (गर्मी) के कारण होने वाला सिरदर्द ठीक हो जाता है।
  • सिर पर घी को मलने और सूंघने से सिर का दर्द मिट जाता है।
  • पैरों के तलवों पर रात को सोते समय घी की मालिश करने से अकारण होने वाला सिर का दर्द ठीक हो जाता है।
  • नियमित रूप से भोजन के रूप में शुद्ध देशी घी खाने से सिर के सभी रोग दूर हो जाते हैं।
  • कालीमिर्च और मुर्गे की बीट बराबर मात्रा में लेकर पीसकर सिर में यदि बायीं ओर दर्द हो तो दायीं और दायीं ओर दर्द हो तो बायीं ओर लगाने से आधासीसी का दर्द दूर हो जाता है।
  • गाय की लोनी (मक्खन) अथवा वैसलीन में कपूर व पिसा हुआ सेंधानमक मिलाकर माथे पर लगाने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है।
  • सुबह शुद्ध देशी घी में बनी हुर्ह गर्म-गर्म जलेबियों को खाने के बाद गर्म-गर्म दूध पीने से सिर का दर्द दूर हो जाता है।

17. भृंगराज (भांगरा) :

  • भांगरे के तेल को ठंड़ा करके सिर पर लगाने और तेल की मालिश करके ठंड़े पानी की पटि्टयों को सिर पर रखने से गर्मी के दिनों में धूप में घूमने के कारण होने वाला सिरदर्द खत्म हो जाता है।
  • भांगरे के रस और बकरी का दूध बराबर मात्रा में मिलाकर धूप में रखकर गर्म करें और सूंघने से सिर का दर्द और आधासीसी का दर्द ठीक हो जाता है।
  • भांगरे का रस और गाय का दूध बराबर मात्रा में लेकर पीने से सिर का दर्द दूर हो जाता है।
  • दशमूल की जड़ों से निकाले तेल और भांगरे के तेल को मिलाकर लगाने से तेज सिरदर्द दूर हो जाता है।
  • भांगरा का रस 1 मिलीलीटर, 2 ग्राम कांजी, 5 मिलीलीटर बेरी का रस, 3 ग्राम सहजना, 6 मिलीलीटर तुम्बी का रस और 4-4 ग्राम इमली, सोंठ, परवल, हल्दी, अडूसा, सेंधानमक, हरड़ व तुलसी के पत्ते। इन सभी को चौथाई सरसों के तेल में मिलाकर पकाएं और जब पानी जलकर केवल तेल बच जाए तो इसे एक ढक्कन वाली बोतल में भरकर रख लें। इस तेल को सूंघने से सिर के सभी रोग दूर हो जाते हैं।

18. पीपल :

  • पीपल के पेड़ के 4 कोमल पत्ते को चबाकर रस चूसकर फेंक देने से सिरदर्द ठीक हो जाता है।
  • छोटी पीपल के 2 या 3 फलियों को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें और इस चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर सिरदर्द से पीड़ित रोगी को चाटना चाहिए।
  • पीपल, सोंठ, नागरमोथा, मुलहठी, सोया, कूट और नीलकमल को बराबर मात्रा में लेकर पीसकर सिर पर लेप के रूप में लगाने से कफ के कारण होने वाला सिर का दर्द ठीक हो जाता है।
  • छोटी पीपल और बच का रस अथवा काढ़े को सूंघने से सिरदर्द के साथ ही साथ आधासीसी का दर्द भी दूर हो जाता है।
  • पीपल और सेंधानमक को एक साथ पीसकर सूंघने से त्रिदोषज के कारण होने वाला सिर का दर्द ठीक हो जाता है।
  • 1 ग्राम पीपल, 1 ग्राम कालीमिर्च, 1 ग्राम सोंठ और 1 ग्राम मुलेठी को बारीक पीसकर मक्खन में पकाकर धीरे-धीरे सूंघने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है।

19. बादाम :

  • 10 ग्राम बादाम की गिरी, एक ग्राम कपूर, एक ग्राम केसर, मिश्री और गाय का घी मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं और केवल घी शेष रहने पर इसे छानकर शीशी में भरकर रख लें। यह थोड़ी मात्रा में सेवन करने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है।
  • बादाम रोगन की सिर पर मालिश करने से सिरदर्द दूर हो जाता है।
  • बादाम की एक गिरी को सरसों के तेल में पीसकर मलने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है।
  • 10 गिरी बादाम, 6 ग्राम ब्राह्मी बूटी और 7 कालीमिर्च को रात को सोते समय भिगो दें और सुबह इसका छिलका उतारकर पीसकर ठंडाई बनाकर मिश्री मिलाकर सेवन करें। इसके पीने से सभी प्रकार के सिरदर्द दूर हो जाता है।
  • सिर में दर्द होने पर मगज बादाम का लेप बनाकर सिर पर लेप करना लाभकारी होता है।
  • सिर में तेज दर्द होने पर माथे पर बादाम के तेल की मालिश करना चाहिए।
  • बादाम के बीजों को सिरके के साथ पीसकर सिर में दर्द वाले स्थान पर लगाने से सिर का दर्द एवं साइटिका का दर्द ठीक होता है।

20. मुचकुन्द :

  • मुचकुन्द के फूलों को कांजी के साथ पीसकर सिर या माथे पर लगाने से वायु के कारण होने वाला सिरदर्द खत्म हो जाता है और नींद भी अच्छी आती है।
  • मुचकुन्द के फूलों को मट्ठा के साथ पीसकर लेप की तरह लगाने से सिरदर्द तुरन्त ही ठीक हो जाता है।

नोट : अगर आपके समझ में कोई औषधि नहीं आ रही हो तो आप उसका नाम एक पर्चे पर लिखकर पंसारी के यहाँ से मंगा सकते है, पंसारी देखकर दे देगा

जरुर पढ़े :- सिर दर्द के कारण लक्षण और परहेज

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