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शहद / Shahed / Honey के आयुर्वेदिक और औषधीय गुण

शहद के बारे में कुछ रोचक जानकारियां

शहद एक ऐसी औषधी है जिस का कोई मुकाबला नहीं है ये प्राकृतिक देन है मनुष्य को ! मनुष्य हजारों साल्लों से इसका उपयोग करता आया है शहद के बारे में प्राचीन ग्रथों में और भी कई ज्यादा फायदों के बारे में बताया गया है। जिसे आज के वैज्ञानिक भी सच मानने लगे हैं। हाल ही में हुए एक नए शोध में यह भी बताया गया है की यदि आप मिल्क शेक, श्किंजी, शरबत और दूध में चीनी की जगह शहद डालकर सेवन करते हैं तो आपकी और आपके परिवार को कोई बीमारी नहीं लग सकती है ।

शहद एक ऐसा पदार्थ है, जिसकी रासायनिक संरचना काफी कुछ इंसान के रक्त से मिलती जुलती है। शरीर पर शहद का प्रभाव काफी कुछ इसके इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करता है। यानी अगर आप सीधे शहद खाते हैं तो उसका प्रभाव अलग होगा, गर्म पानी या ठंडे पानी के साथ लेते हैं तो वह अलग तरह से असर करेगा।

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शहद फ्रक्टोज, ग्लूकोज, सुक्रोज, माल्टोज आदि शर्कराओं का मिश्रण है। इसमें 75 प्रतिशत शर्करा होती है। इसके अलावा शहद में प्रोटीन, एलब्यूमिन, वसा, एन्जाइम, अमीनो एसिड, कार्बोहाइड्रेट्स, पराग, केसर, आयोडीन, लोहा, तांबा, मैंगनीज, सोडियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, क्लोरीन जैसे उपयोगी खनिज-लवणों के साथ ही, बहुमूल्य विटामिन – राइबोफ्लेविन, विटामिन ए, बी-1, बी-2, बी-3, बी-5, बी-6, बी-12 तथा विटामिन सी, विटामिन एच भी पाया जाता है। वैसे तो आपने शहद के बारे में काफी कुछ सुना होगा, लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं शहद के कुछ ऐसे उपयोग जो आपने कभी सोचे भी नहीं होंगे।

मधुमक्खियों की लगभग 25000 प्रजातियां होती हैं, जिनमें से कई पर दुर्भाग्यवश खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है। सुपरमार्केट में करीब 80 फीसदी खाद्य पदार्थ मधुमक्खियों के परागण का नतीजा हैं। इंसानों द्वारा शहद इकट्ठा करने का पहला प्रमाण 6000 ईसापूर्व में मिलता है। वलेसिना, स्पेन में मकड़ी गुफा के एक गुफा चित्र में इसे दर्शाया गया है। 500 ग्राम शहद बनाने के लिए मधुमक्खियों को पराग की खोज में 1 करोड़ बार भटकना पड़ता है जो दुनिया के 1.5 पूरे चक्कर के बराबर है।

शरीर पर सफेद चीनी के हानिकारक प्रभावों के बारे में बहुत कुछ कहा गया है। शहद उसका एक बढ़िया विकल्प है जो उतना ही मीठा है मगर उसका सेवन अहानिकर है। हालांकि शहद के रासायनिक तत्वों में भी सिंपल शुगर होती है मगर वह सफेद चीनी से काफी भिन्न होती है। उसमें करीब 30 फीसदी ग्लूकोज और 40 फीसदी फ्रक्टोज होता है यानि दो मोनोसेकाराइड या सिंपल शुगर और 20 फीसदी दूसरे कांप्लेक्स शुगर होते हैं। शहद में एक स्टार्ची फाइबर डे‍क्सट्रिन भी होता है। यह मिश्रण शरीर में रक्त शर्करा का स्तर संतुलित रखता है।

आयुर्वेद में शहद का इस्तेमाल

शायद किसी ने शहद के लाभों को इतनी गहराई में नहीं खोजा है, जितना कि भारतीयों ने। शहद मानवजाति के लिए प्रकृति का उपहार माना गया है । 12 महीने से ज्यादा उम्र के किसी भी व्यक्ति के लिए उसे आहार का एक अहम हिस्सा माना गया। शहद को एक सुपाच्य खाद्य पदार्थ माना जाता था जिसे इंसान आसानी से पचा सकते हैं। आयुर्वेद में शहद का एक इस्तेमाल औषधियों के एक वाहक के रूप में किया गया। शहद के साथ मिलाने पर औषधि आसानी से और तेजी से शरीर में समा जाती है और रक्त प्रवाह के द्वारा पूरे शरीर में फैल जाती है। कहा जाता है कि शहद किसी औषधि की क्षमता को भी बरकरार रखती है और उसके असर को लंबा करती है।

आयुर्वेद ग्रंथों में ऊष्णता संबंधी समस्याओं, अत्यधिक कफ, उल्टी, गैस समस्याओं और रक्त में अशुद्धियों के उपचार के अंग के रूप में शहद को लेने का सुझाव दिया गया है। आयुर्वेद ग्रंथों में सात अलग-अलग तरह के शहद की पहचान की गई है, जिसमें घने पहाड़ी वनों, जिन्हें मलयतन या पहाड़ी शहद कहा जाता है, से एकत्रित शहद को सबसे ज्यादा औषधीय महत्व का माना जाता है। इस शहद में कई औषधीय पौधों के गुण होते हैं, जिनसे मधुमक्खियां रस या पराग लेती हैं।

Shahed के फायदे

  1. एक चम्मचShahed में एक-चौथाई चम्मच पानी मिलाकर इस मिश्रण को अच्छे से मिक्स कर शैम्पू करने से पहले बालों में लगाएं। कुछ देर रखने के बाद बालों को धो लें। बाल बहुत सिल्की और शाइनी लगने लगेंगे।
  2. Shahedविनेगर और पानी तीनों को बराबर मात्रा में मिलाकर पौधों पर इस्तेमाल करें। यह एक नेचुरल कीटनाशक के रूप में काम करता है।
  3. अगर कहीं पार्टी में जाना हो और पिंपल्स निकल आए हों तो थोड़ा-साShahed लेकर पिंपल्स पर लगाएं। आधे घंटे के लिए लगा रहने दें, फिर धो लें। पिंपल बैठ जाएगा।
  4. यदि कफ की समस्या हो तो एक चम्मचShahed में नींबू का रस या थोड़ा-सा कोकोनट ऑयल मिलाकर लेने से बहुत लाभ होता है।
  5. शरीर पर पड़े खरोंचों को जल्दी ठीक करने के लिएShahed मलना चाहिए। यह खरोचों के निशान भी हल्के कर देता है।
  6. शुगर फ्री की जगह डायबिटीक लोगों को खाने मेंShahedउपयोग करना चाहिए, क्योंकि Shahed ब्लड शुगर लेवल को कम कर देता है।
  7. Shahed सेवन श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या को कम होने से रोकाता है। प्रतिदिन दो चम्मच Shahed पीने से यह कीमोथैरेपी में असरदायक होता है।
  8. यदि आप रोजाना रात को 2 से 4 बजे तक जागते रहते हैं, यानी नींद न आने की प्रॉब्लम हो तो एक चम्मचShahed में थोड़ा नमक मिलाकर सेवन करें। गहरी नींद आएगी।
  9. Shahedको चेहरे पर लगाने से यह त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटा देता है और त्वचा का फिर से टाइट करने लगता है जिस वजह से झुर्रियां जल्दी से नहीं पड़ती हैं।
  10. किसी जगह कट लगने या घाव हो जाने पर एंटीबॉयोटिक क्रीम की तरहShahed का उपयोग किया जा सकता है, क्योंकि Shahed एक नेचुरल एंटीबॉयोटिक भी है। रोजाना घाव पर इसे लगाने से घाव जल्दी भर जाता है।
  11. Shahedसूजन, पाचन की समस्या और कब्ज जैसी परेशानियों को दूर करता है। यह प्रोबायोटिक होता है जो पाचन को ठीक रखता है। Shahed का सेवन करने से एलर्जी का खतरा कम होता है।
  12. अगर कहीं जल जाए तो जले हुए स्थान पर Shahed लगाएं। जले हुए का निशान नहीं रहेगा।
  13. Shahed शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। Shahed और दूध को एक साथ पीने से आपकी त्वचा में रौनक आती है।
  14. – वजन कम करने के लिए भी Shahed एक अचूक नुस्खा है। जहां भी आप शुगर यूज करते हैं, वहां Shahed का उपयोग करें। बढ़ता वजन बहुत जल्दी नियंत्रण में आ जाएगा।
  15. गर्मपानी में दालचीनी और Shahed को मिलाकर पीने से सर्दी और जुकाम ठीक होता है।
  16. आप अपने पूरे शरीर की त्वचा को एकदम साफ करना चाहते हैं तो तीन चम्मच Shahed में दो चम्मच ऑलिव ऑयल मिलाकर नहाने के पानी में मिलाएं। ये आपकी स्किन को नेचुरली मॉइश्चराइज कर देगा। स्किन ग्लो करने लगेगी।
  17. गठिया के दर्द से राहत पाने के लिए Shahed और दालचीनी को बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करें।
  18. जब बहुत तनाव महसूस करें तो चाय में एक बूंद Shahed डालकर पिएं। रिलैक्स महसूस करेंगे।
  19. Shahed का नियमित रूप में सेवन करने से हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है जिस वहज से शरीर में खून की कमी दूर होती है।
  20. हैंगओवर हो जाए तो ब्रेकफास्ट में Shahed लगे टोस्ट लें और चाय में भी Shahed डालकर पिएं। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है, जिसके कारण एल्कोहल का प्रभाव खत्म हो जाता है।
  21. Shahed खाने से हृदय रोग और कैंसर रोग कभी नहीं होता है।
  22. दो बूंद Shahed हथेली में लेकर उसमें उतना ही गुनगुना पानी मिलाएं। इसे दोनों हाथों से अच्छे से मिलाएं और चेहरे पर क्लॉकवाइज मसाज करें। कुछ देर उसे लगा रहने दें, फिर चेहरा साफ पानी से धो लें। इस नेचुरल फेस वॉश को यूज करें। चेहरा चमकने लगेगा।
  23. Shahed में कई तरह के विटामिन्स मौजूद होते हैं और Shahed में सबसे अधिक विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है जो शरीर को कई तरह के रोगों से बचाने के काम आती है। इसलिए Shahed को रोग प्रतिरोधक कहा गया है।
  24. जब कभी कमजोरी महसूस हो, एक चम्मच Shahed खा लें। कुछ ही देर में एनर्जी से भरपूर महसूस करेंगे।
  25. बादाम का तेल, बेस वैक्स और Shahed, तीनों को मिलाकर आप घर पर ही लिप बॉम तैयार कर सकते हैं।

 

शहद के स्वास्थ्य लाभ

  1. शहद आपके खून के लिए अच्छा है

शहद शरीर पर अलग-अलग तरह से असर डालता है, जो इस पर निर्भर करता है कि आप उसका सेवन कैसे करते हैं। अगर शहद को गुनगुने पानी में मिलाकर पिया जाए तो उसका खून में लाल रक्त कोशिकाओं (आरबीसी) की संख्या पर लाभदायक असर पड़ता है। लाल रक्त कोशिकाएं मुख्य रूप से शरीर के विभिन्न अंगों तक खून में ऑक्सीजन पहुंचाती हैं। शहद और गुनगुने पानी का मिश्रण खून में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाता है, जिससे एनीमिया या खून की कमी की स्थिति में लाभ होता है। आयरन की कमी यानी एनीमिया की स्थिति तब आती है जब आहार में लौह तत्व को कम मात्रा में ग्रहण किया जाता है या शरीर उसे पर्याप्त रूप से सोख नहीं पाता। इससे रक्त की ऑक्सीजन ढोने की क्षमता प्रभावित होती है। ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता कम होने से थकान, सांस फूलना और कई बार उदासी और दूसरी समस्याएं होती हैं। शहद रक्त की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता को बढ़ाते हुए इन समस्याओं को कम कर सकता है।

खून में ऑक्सीजन का होना बेहद जरूरी होता है। आपका शरीर कितना स्वस्थ है या बीमारी के बाद कितनी जल्दी खुद को ठीक कर पाता है, यह आपके खून में मौजूद ऑक्सीजन की मात्रा पर निर्भर करता है। खासकर महिलाओं को इस मामले में खास ख्याल रखने की जरूरत होती हैं, क्योंकि उन्हें हर महीने मासिकचक्र से गुजरना पड़ता है। चूंकि हर महीने उनके शरीर से एक खास मात्रा में खून बाहर निकल जाता है, इसलिए एनेमिया की संभावना उनमें पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा पाई जाती है। अगर मस्तिष्क को उचित मात्रा में खून नहीं मिलेगा तो शरीर और दिमाग को जैसा काम करना चाहिए, वे वैसे नहीं कर पाएंगे।

  1. शहद : रक्तचाप में फायदेमंद

शहद का नियमित सेवन सर्कुलेटरी सिस्टम और रक्त की केमिस्ट्री में संतुलन को पाने में न सिर्फ आपकी मदद करता है, बल्कि आपको ऊर्जावान और फुर्तीला भी बनाए रखता है। अगर आपको निम्न रक्तचाप की शिकायत है और अगर आप नीचे बैठे-बैठे अचानक उठने की कोशिश करते हैं तो आपको चक्कर आ जाते हैं। निम्न रक्तचाप का मतलब दिमाग में ऑक्सीजन का कम मात्रा में पहुंचना है। इसी तरह से अगर आप अपना सिर नीचे करते हैं और आपको चक्कर आते हैं तो इसका मतलब है कि आपको उच्च रक्तचाप की समस्या है। या तो उच्च रक्तचाप की वजह से या फिर ऑक्सीजन की कमी की वजह से आपको चक्कर आते हैं।

शहद का सेवन हमारे शरीर के इन असंतुलनों को दूर करता है। शरीर में रक्त का दबाव शरीर की जरूरतों पर निर्भर करता है। लोगों को लगता है कि उच्च रक्तचाप एक बीमारी है, लेकिन सच्चाई यह नहीं है। दरअसल, शरीर अपनी जरूरतों के हिसाब से खून का दबाव तय करता है। अगर किसी कारण वश शरीर को सामान्य रूप से ज्यादा ऑक्सीजन या पोषक तत्वों की जरूरत होती है या फिर खून की गुणवत्ता वैसी नहीं होती, जैसी होनी चाहिए तो शरीर का खून पंप करने वाला पंपिंग सिस्टम ज्यादा खून पंप करना शुरू कर देता है। इसके लिए अंगों में शीघ्र और तेज प्रवाह के लिए दिल तेजी से खून को पंप करता है, जिससे खून का दबाव बढ़ता है।

निम्न रक्तचाप के पीछे भी वजह होती है, जैसे शरीर को ही निम्न दबाव की जरूरत हो सकती है या फिर जन्मजात वजहों से ही दिल इतना मजबूत नहीं होता कि वह शरीर की जरूरत के मुताबिक ज्यादा खून पंप कर पाए। ये भी हो सकता है कि शरीर के परिसंचरण तंत्र यानी सर्कुलेटरी सिस्टम में कोई दिक्कत हो अथवा खून की रासायनिक संरचना के चलते ऐसा हो रहा हो। अकसर एक साथ कई वजहों के चलते ऐसा होता है। ठीक इसी तरह उच्च रक्तचाप के कई परिणाम सामने आते हैं, लेकिन शुरु में तो उच्च रक्तचाप खुद ही एक परिणाम है- यह एक परिणाम है, कारण नहीं है।

योग का नियमित अभ्यास करने वाले व शरीर को खास तरह की प्रक्रिया में ढालने वाले लोगों के लिए अपने सर्कुलेटरी सिस्टम और रक्त की केमिस्ट्री में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। शहद का नियमित सेवन इस संतुलन को पाने में न सिर्फ आपकी मदद करता है, बल्कि आपको अपेक्षा कृत ऊर्जावान और फुर्तीला भी बनाए रखता है।

  1.  कीमोथैरेपी में असरदायक

इसके भी कुछ प्रारंभिक प्रमाण हैं कि शहद कीमोथैरेपी के मरीजों में श्वेत रक्त कोशिकाओं (डब्ल्यूबीसी) की संख्या को कम होने से रोक सकता है। एक छोटे प्रयोग में कीमोथैरेपी के दौरान कम डब्ल्यूबीसी संख्या के जोखिम वाले 40 फीसदी मरीजों में उपचार के तौर पर दो चम्मच शहद पीने के बाद वह समस्या फिर से नहीं उभरी।

  1. शहद चीनी से कम नुकसानदायक है

शरीर पर सफेद चीनी के हानिकारक प्रभावों के बारे में बहुत कुछ कहा गया है। शहद उसका एक बढ़िया विकल्प है जो उतना ही मीठा है मगर उसका सेवन अहानिकर है। हालांकि शहद के रासायनिक तत्वों में भी सिंपल शुगर होती है मगर वह सफेद चीनी से काफी भिन्न होती है। उसमें करीब 30 फीसदी ग्लूकोज और 40 फीसदी फ्रक्टोज होता है यानि दो मोनोसेकाराइड या सिंपल शुगर और 20 फीसदी दूसरे कांप्लेक्स शुगर होते हैं। शहद में एक स्टार्ची फाइबर डे‍क्सट्रिन भी होता है। यह मिश्रण शरीर में रक्त शर्करा का स्तर संतुलित रखता है।

  1. शहद योगाभ्यासियों के लिए अच्छा है 

योग अभ्यासों को करने वाले लोगों के लिए शहद का सेवन रक्त के रसायन में संतुलन लाता है, इसलिए उन्हें खास तौर पर इसका सेवन करना चाहिए। शहद का नियमित सेवन शरीर को अधिक जीवंत बनाता है। सुबह अभ्यास शुरू करने से पहले गुनगुने पानी में थोड़ा सा शहद मिलाकर लेने पर शरीर सक्रिय हो जाता है।

  1. शहद एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक है

शहद का सेवन लाभदायक एंटीऑक्सीडेंट तत्वों की संख्या को बढ़ाता है, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाता है और हानिकारक सूक्ष्मजीवों से लड़ता है। कई अध्ययनों में जख्मों की चिकित्सा में भी शहद के इस्तेमाल पर विचार किया गया है। एक अध्ययन में एक उपचारात्मक शहद का इस्तेमाल किया गया जो एक खास शुद्धिकरण प्रक्रिया से गुजरा था। इस अध्ययन में भाग लेने वाले सभी लोगों के जख्मों से सारा बैक्टीरिया नष्ट हो गया। एक और अध्ययन में असंसाधित (अनप्रोसेस्ड) शहद के इस्तेमाल से 59 मरीजों के जख्म और पैर के अल्सर ठीक हो गए। इन मरीजों में से 80 फीसदी पर पारंपरिक उपचार का कोई असर नहीं हुआ था। एक मरीज को छोड़कर बाकी सभी के जख्मों में सुधार हुआ। साथ ही शहद लगाने के एक सप्ताह के भीतर संक्रमित जख्म जीवाणुरहित हो गए। पारंपरिक चिकित्सा में, शहद के एक लाभ में श्वास संबंधी संक्रमणों का उपचार शामिल है।

क्लीनिकल रिसर्च से यह भी पता चला है कि मेडिकल ग्रेड शहद भोजन से पैदा होने वाले जीवाणुओं जैसे इशटीशिया कोली और सेलमोनेला को नष्ट कर सकता है। शहद उन बैक्टीरिया से लड़ने में भी प्रभावकारी साबित हुआ है, जिन पर एंटीबायोटिक्स का असर नहीं होता। शहद कई स्तरों पर संक्रमण से लड़ता है जिससे वह जीवाणुओं के लिए प्रतिरोधी क्षमता विकसित करना मुश्किल बना देता है। इसके विपरीत एंटीबायोटिक्स बैक्टीरिया पर उस समय हमला करते हैं, जब वे विकसित हो रहे होते हैं इससे वे उसे प्रतिरोधी क्षमता विकसित करने का मौका देते हैं। 

  1. शहद दिल की देखभाल में फायदेमंद

एक अनार का ताजा रस लेकर उसमें एक बड़ा चम्मच शहद मिलाएं। रोजाना सुबह खाली पेट लें।

खजूर में सुई चुभाते हुए उसमें छेद करें। उसे शहद में डुबा दें और दिन में दो बार 2-4 खजूर खाएं।

  1. सर्दी जुकाम के लिए शहद के उपचार

अगर आप सर्दी-जुकाम से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित हैं या आपको हर सुबह बंद नाक से जूझना पड़ता है, तो नीम, काली मिर्च, शहद और हल्दी का सेवन काफी फायदेमंद हो सकता है। यहां कुछ सरल उपचार दिए गए हैं:

विकल्प 1:

काली मिर्च के 10 से 12 दानों को दरदरा कूट लें और उन्हें दो छोटे चम्मच Shahed  में रात भर भिगो कर रखें। सुबह खूब अच्छी तरह चबाते हुए काली मिर्च के दाने खा लें। आप Shahed  में थोड़ा हल्दी भी मिला सकते हैं।

विकल्प 2:

नीम के पत्तों का पेस्ट बना लें और उस पेस्ट से एक कंचे के आकार की गोली बनाएं। उस गोली को Shahed में डुबाकर हर सुबह खाली पेट निगल लें। अगले 60 मिनट तक कुछ न खाएं ताकि नीम आपके शरीर में फैल जाए। इससे दूसरी तरह की एलर्जी जैसे त्वचा या किसी खाद्य पदार्थ से होने वाली एलर्जी में भी लाभ मिलता है। नीम में बहुत से औषधीय गुण हैं और यह आदत बहुत ही लाभदायक है। अगर आपको नीम के सामान्य पत्ते ज्यादा कड़वे लगते हैं, तो नीम के कोमल पत्तों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। 

  1. शहद एक बलवर्धक खाद्य पदार्थ (एनर्जी फूड) है

पारंपरिक औषधि में Shahed  का एक महत्वपूर्ण प्रयोग एक त्वरित बलवर्धक के रूप में किया जाता है। जैसा कि पहले भी जिक्र किया गया है, Shahed  में अलग-अलग तरह के शुगर कण होते हैं, खासकर ग्लूकोज और फ्रक्टोज। हालांकि सफेद चीनी, जिसमें फ्रक्टोज और ग्लूकोज एक साथ सुक्रोज के रूप में होते हैं, इसके विपरीत शहद में ये दोनों शर्कराएं अलग होती हैं। इसलिए शहद तत्काल शक्ति देता है।

संयुक्त राष्ट्र राष्ट्रीय शहद बोर्ड शहद के सेवन का सुझाव देता है क्योंकि इसमें कम मात्रा में बहुत से विटामिन और मिनरल होते हैं। इनमें कैल्शियम, कॉपर, आयरन, मैगनीशियम, फॉसफोरस, पोटैशियम और जिंक शामिल हैं।

  1. शहद पाचन में मदद करता है

Shahed  कब्ज, पेट फूलने और गैस में लाभकारी होता है क्योंकि यह एक हल्का लैक्सेटिव है। Shahed  में प्रोबायोटिक या सहायक बैक्टीरिया भी प्रचुर मात्रा में होते हैं जो पाचन में मदद करते हैं, प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाते हैं और एलर्जी को कम करते हैं। टेबल शुगर की जगह Shahed  का इस्तेमाल आंतों में फंगस से पैदा हुए माइकोटॉक्सिन के विषैले प्रभावों को कम करता है।

  1. शहद त्वचा और सिर की खाल के संक्रमणों से लड़ता है।

त्वचा और सिर की खाल के लिए भी Shahed  बहुत फायदेमंद होता है। 30 मरीजों पर किए गए एक छोटे स्तर के अध्ययन, जिसमें सेबोरिक डर्माटाइटिस और रूसी के उपचार पर शहद के प्रभावों की जांच की गई थी, इसमें प्रतिभागियों ने हर दूसरे दिन 2-3 मिनट तक अपने समस्याग्रस्त क्षेत्रों पर पतले अपरिष्कृत(अनप्रोसेस्ड) Shahed  से हल्की मालिश की। Shahed को तीन घंटे तक छोड़ दिया गया, फिर गुनगुने पानी से धो दिया गया। सभी मरीजों को इस उपचार से लाभ दिखा। एक सप्ताह के भीतर खारिश में राहत मिली और स्केलिंग गायब हो गई, दो सप्ताह में जख्म गायब हो गए। मरीजों के बाल गिरने की समस्या में भी सुधार आया। इसके अलावा जिन मरीजों ने सप्ताह में एक बार Shahed  लगाते हुए छह माह तक उपचार जारी रखा, उन्हें यह समस्या दोबारा नहीं हुई।

शहद को कभी भी गरम नहीं करना चाहिये इसको गरम करने से इसमे से फास्फोरस बनता है जो शरीर के लिए जहर का काम करता है और ना ही इसे उबलते पानी में न डालें और न ही इसे कभी पकाएं, क्योंकि एक खास तापमान पर पहुंचने के बाद शहद का कुछ हिस्सा जहरीला हो जाता है। इसलिए जिस पानी में आप शहद डालते हैं, वह उबलता हुआ न होकर गुनगुना होना चाहिए।

Article Source :- http://isha.sadhguru.org/http://www.vedicvatica.com/

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