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लाल मिर्च (Red Chilli) के आयुर्वेदिक और औषधीय उपचार

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लाल मिर्च (Red Chilli)

लाल मिर्च कई तरह के उपयोगी तत्व भी पाएं जाते हैं। जैसे अमीनो एसिड, एस्कार्बिक एसिड, फोलिक एसिड, सिट्रीक एसिड, मैलिक एसिड, मैलोनिक एसिड, सक्सीनिक एसिड, शिकिमिक एसिड, आक्जेलिक एसिड, क्युनिक एसिड, कैरोटीन्स , क्रिप्तोकैप्सीन, बाई-फ्लेवोनाईड्स, कैप्सेंथीन, कैप्सोरूबीन डाईएस्टर, आल्फा-एमिरिन, कोलेस्टराल, फायटोफ्लू, कैप्सीडीना, कैप्सी-कोसीन, आदि तत्व पाएं जाते हैं।

लाल मिर्च के सेवन से शरीर का मेटॉबालिज्म तेज होता है । यह एक पाचन उत्तेजक है जो वजन में कम करने में सहायक होता है। लाल मिर्च आपके वजन को संतुलित करने में इसलिए मददगार होता है क्योंकि इससे सेवन से अनावश्यक कैलोरी बर्न होती है और शरीर में ज्यादा फैट नहीं बन पाता है। शोध के मुताबिक खाने में लाल मिर्च का पाउडर मिलाने से आपकी मेटॉबालिज्म की प्रक्रिया तेज होती है और भोजन के बाद शरीर से अवांछित कैलोरी कम होती है और इससे आपका वजन नहीं बढ़ता है। अगर वजन ज्यादा है तो तेजी से कम होता चला जाता है।

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शोध के मुताबिक कोई व्यक्ति आहार में हाई फैट डाइट और लाल मिर्च लेता है, तो खाने में मौजूद रिसेपटर (अभिग्राहक) आपको सिगनल देकर भरा हुआ महसूस कराते हैं। जब हमारा पेट भर जाता है, तो उसमें खिंचाव होने लगता है, जो कि नर्व्स को सक्रिय कर हमें भरा होने का अहसास कराता है। लाल मिर्च में कैपसाइसिन नामक पदार्थ होता है, जो व्यक्ति को ज्यादा खाना खाने से रोकता है।

लाल मिर्च का विभिन्न रोगों में उपचार 

हैजा में असरदार :- हैजा के मरीजों को लाल मिर्च के पानी कि दस-दस बूंद एक चम्मच तजा पानी में हर आधे घंटे में देने से लाभ होता है।

मोटापा कम करें :- लोग लाल मिर्च को सेहत के लिए अच्‍छा नहीं मानते, लेकिन ब्रिटेन में हुए एक शोध के अनुसार, मिर्च शरीर में कैलोरी जलाने में मददगार साबित हो सकती है। मिर्च में मौजूद कैप्सासिन तत्व भूख कम कर सकता है और कैलोरी को जलाते हुए एनर्जी के लेवल को बढा़ता है।

अधिक नींद को भगाए : अधिक नींद आने पर पांच-पांच बूंद सुबह, शाम एक चम्मच पानी में मिलाकर भोजन से पहले पी लें।

दादखाज खुजली में फायदेमंद :- त्‍वचा में किसी भी तरह के चर्म रोग होने पर इसके इस्‍तेमाल से राहत मिलती है। बदन में दाद-खाज या खुजली होने पर सरसों के तेल में लालमिर्च पाउडर गर्म करके और फिर इस तेल को ठंडा करके छान कर पूरे बदन पर या खुजली वाले स्थान पर लगाने से फायदा होता है।

अल्सर में मददगार :- लाल मिर्च आंतों में होने वाली सिकुड़न को कम करके अल्‍सर के इलाज में मदद करता है। साथ ही लाल मिर्च विभिन्न गैस्ट्रिक समस्याओं और ऐंठन के इलाज में मदद करता है जिससे पाचन सही रहता है।

बदहजमी को करें दूर :- बदहजमी, भूख की कमी होने पर पांच-पांच बूंद पानी में मिलकर भोजन से पहले पी लें।

फोड़ेफुंसियों में लाभकारी :- फोड़े-फुंसियों पर लाल मिर्च तेल में पीस कर लगाने से आराम मिलता है।

बालों को चमकाएं :- लाल मिर्च ब्‍लड सर्कुलेशन में सुधार करता है जिससे रूखे और बेजान बालों में नई जान आ जाती है साथ ही इसके सेवन से बालों को बढ़ने में भी मदद मिलती है। अगर आप बालों की समस्‍या से परेशान है तो अपने आहार में लालमिर्च को सेवन करना शुरू कर दें।

पेट दर्द रखे दूर :- पेट दर्द होने पर पीसी हुई लाल मिर्च गुड़ में मिलाकर खाने से लाभ होता है।

कैंसर से बचाता है :- कैंसर को रोकने में मदद करना, लाल मिर्च का सबसे महत्‍वपूर्ण लाभ है। यह हमारे शरीर, फेफड़े और अग्न्याशय में मौजूद कैंसर कोशिकाओं को मारता है। इसमें मौजूद कैप्सासिन तत्‍व के कारण ही लाल मिर्च ऐसा कर पाती है।

दर्द निवारक :- लाल मिर्च पर किए गए वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि इसमें से तत्व मौजूद हैं जो शरीर में उठने वाले दर्द के निवारण के लिए लाभदायक होती है।

आँखों का लाल होना :- लाल मिर्च की लुगदी बना लें जिस ओर की आंख लाल हो या दर्द हो उसी पैर के अंगूठे पर व लुगदीका लेप करें, यदि दोनों आंख में हो रही हों तो दोनों में करें- 2 घंटे में आंख ठीक हो जायेगी।

गंदे पानी के दुष्प्रभाव ;- अशुद्ध पानी से पेट में होने वाली परेशानी है तो लाल मिर्च की चटनी को घी में छोंककर खाने से गंदे पानी का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है।

विष उतारने में :- अगर किसी को सांप कांट ले तो मिर्च कड़वी नहीं लगती । मिर्च खिलाने से विष खत्म होगा।

विच्छू कटाने पर :- विच्छू के काटने पर लाल मिर्च का लेप लगायें ठंडक पड़ जायेगी।

कुत्ते के काटने पर :- कुत्ते के काट लेने पर या ततैया के के डंक मारने पर मिर्च को पीस कर लगाने से विषैले असर से छुटकारा मिलता है।

5 मकड़ी से सुरक्षा :- मकड़ी त्वचा पर चल जाती है, तब छोटे-छोटे दाने उभर आते हैं। उन पर भी मिर्च पीसकर लगाने से फायदा होता है।

लाल मिर्च खाने के नुकसान

गर्भवती महिलाएं कम खाएं :- मसालेदार खाने से भूख समाप्त हो जाती है, बुखार भी हो सकता है, मसूड़ों में सूजन और नाक से खून भी निकल सकता है। मिर्च और मसाला गर्भवती महिलाओं और बवासीर के रोगियों को बिलकुल नही खाना चाहिए।

ज्यादा खाने से नींद कम आएगी :- ज्यादा तीखा भोजन हमारी टेस्ट बड को काफी नुकसान पहुंचाता है।मसाले जैसे प्याज, लहसुन, मिर्च आदि अधिक मात्रा में खाने से सांस की बदबू की समस्या हो जाती है। मसाले गर्म होते हैं। ये शरीर का ताप बढ़ा देते हैं जिससे अनिद्रा की समस्या हो जाती है।

पेट समस्याएं :- अधिक मसालेदार और तीखा खाने से पेट की कईं समस्याएं हो जाती हैं। पेट की अंदरूनी सतह पर सूजन आ जाती है, एसिडिटी और अल्सर की समस्या हो जाती है।

हरी मिर्च अधिक मात्रा में नहीं ली जानी चाहिए, अन्यथा अम्ल-पित्त की शिकायत हो सकती है।

कश्मीरी लाल मिर्चें छोटे होने के साथ-साथ, गोल और कम तीखे होते हैं पर किसी भी डिश में एक बहुत ही जीवंत लाल रंग प्रदान करते हैं। बारीक पीसे हुए और अलग स्वाद वाले कश्मीरी लाल मिर्चों को, उनके रंग और स्वाद के लिए, ध्यान से उत्पन्न किया जाता है। ये अनेक रंगों में उपलब्ध हैं जिनमें से सबसे अच्छे तीव्र लाल रंग के होते हैं और अपने उच्च रंग को बरकरार रखने के लिए जाने जाते हैं।जब आप गाढ़ा लाल रंग व्यंजन में पाना चाहते हैं और तीखापन भी सीमाबद्ध रखना चाहते हैं तो कश्मीरी लाल मिर्च ही एकमात्र रास्ता है।

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