Search

रसोईघर में मिलने वाली दवाईयाँ जो किसी चमत्कार से कम नहीं

रसोईघर में मिलने वाली दवाईयाँ सच में किसी भी चमत्कार से कम नहीं हैं लेकिन हम को अब आदत पड़ गयी है की छोटी भी तकलीफ हो तो सीधा डॉक्टर के पास और डॉक्टर भी जब तक ४-5 टेस्ट ना करवा ले तब तक वो दवाई नहीं देता बहुत बार सोचना पड़ता है की दवाई में ऐसा क्या मिला होता है की लेते ही तुरंत ठीक होने का एहसास होता है

बहुत से जानकार लोगों से बात की तो कुछ लोगों ने बताया की डॉक्टर अधिकतर बीमारी में 1-2 antibiotics, Pain killer aur 1-2 vitamins की गोली लिख देगा और आपसे 500-7-1000 रूपए ले लेगा क्या कभी आपने सोचा है  की क्या सच में दवाई न काम किया या जो डॉक्टर ने परहेज बताये उस वजह से ठीक हुए . मुझे तो नहीं लगता की आप इस बारे में कुछ सोचते हैं लेकिन यदि आप सच में ऐसा सोचते हैं तो ये पोस्ट आपके कुछ पैसे बचा सकती है आप एक बार कोशिश जरुर करें

loading...

रसोईघर में मिलने वाली चमत्कारी दवाईयाँ

साँसों की बदबू मिटाकर महकाए  इलायची :- सांस की बदबू एक आम समस्या है। आप इसके लिए सुबह या शाम माउथ वॉश इस्तेमाल कर सकती हैं। परंतु दिन में क्या उपाय हो यह सोचने की बात है। इसका सबसे अच्छा उपाय इलायची है जो आपके रसोईघरमें आसानी से मिल जायेगी । जिसका कोई साइड इफैक्ट भी नहीं होता। इलायची भारत में ही नहीं, दूसरे देशों में भी खूब इस्तेमाल की जाती है। इसमें एंटीसेप्टिक ‘सिनोल’ (Antiseptic Sinol) द्रव होता है, जो सांसों में दुर्गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया (Bad odor causing bacteria) को मारता है। यदि आपकी सांस में ज्यादा बदबू हो तो इसे हटाने के लिए इलायची के बीज (Cardamom seeds) कुछ देर तक चबाएं और फिर थूक दें।

खांसी व बलगम को खत्म करे अजवायन :- गले में खराश और कफ (Throat and Cough) की वजह से चल रही खांसी कितना परेशान करती है इसका अनुभव आपको भी होगा ही। आप तुरंत आराम पाना चाहते हैं तो आपको रसोईघर में मसालों में अजवायन का सहारा लेना चाहिए। अजवायन न सिर्फ खांसी दूर करती है, बल्कि यह जमे हुए बलगम को भी बाहर निकालकर आपकी श्वास-नली (Windpipe) को साफ करती है। यह शक्तिशाली एंटीसेप्टिक (The powerful antiseptic) भी है। ज्यादा कफ होने की स्थिति में एक कप खौलते पानी में एक या दो चाय के चम्मच भर अजवायन 10 मिनट तक उबालें। इस प्रकार तैयार की हुई चाय को दिन में 3 बार पिएं।

जरुर पढ़े :- ज़ुकाम के दौरान नाक से निकलने वाला कफ क्यों और कहाँ बनता है।

अजवायन (Celery) साइनस (Sinus ) की तकलीफ को भी दूर करने में सहायक होती है। अगर आपको साइनस की समस्या है तो आपको अजवाइन जैसी गर्म और खुश्क वनस्पति की जरूरत है। अजवाइन श्वसन तंत्र के इन्फेक्शन का पारंपरिक इलाज (Conventional treatment of respiratory tract infections celery) तो है ही, यह एक शक्तिशाली एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल (Powerful antiviral and antibacterial herbs)वनस्पति भी है। अजवाइन की एक-दो चम्मच सूखी पत्तियाँ एक कप गर्म पानी में 10 मिनट तक भिगोएँ। इस प्रकार तैयार किया गया काढ़ा दिन में तीन पीने से लाभ मिलता है।

डिहायड्रेशन से रक्षा करे दालचीनी  ;- गर्मियों की सबसे आम समस्या पेट की खराबी होती है। दस्त लगने पर डिहायड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में दालचीनी (जो हर घर में रसोईघर की शान है ) बहुत ही फायदा करती है। दालचीनी की चाय बनाकर पीने से लाभ मिलता है। दालचीनी एक प्राकृतिक एस्ट्रिजेंट (दस्त बांधने वाली) (Cinnamon is a natural astringent (diarrhea compellingly)) है, जो आंतों से पानी कम करती है। एक कप गर्म पानी में एक चम्मच दालचीनी पावडर डालें और 10-15 मिनट तक इसे भिगो दें फिर उबाल कर पी लें।

चमत्कारी अदरक (Miraculous Ginger) :- रसोईघर में मिलने वाले अदरक में एक तत्व पाया जाता है जिसे ‘थ्रोम्बोक्सेन ए-2’ (Thromboxane A2) के नाम से जाना जाता है। यह रक्त-वाहिकाओं को चौड़ा करने वाले तत्त्वों को नष्ट होने से बचाता है(Eliminating elements that widen blood vessels prevents)। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो अदरक, रक्त प्रवाह को संतुलित (Blood flow balances) करता है, जो माइग्रेन (Migraine) को रोकने के लिए जरूरी है। सिरदर्द से बचे रहने के लिए पिसी हुई ताजा अदरक जूस में डालकर पिएं। रोज खाने में भी ताजे अदरक का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है। अदरक कब्ज का भी दुश्मन है। बेहतर नतीजे के लिए ताजा अदरक लेकर कुचलें और एक चम्मच अदरक को एक कप गर्म पानी में 10-15 मिनट तक भीगने दें। फिर अदरक को छानकर पानी पी जाएं।

गैस से छुटकारा पाना है तो लियें मिंट की चाय :- गैस किसी आतंक से कम नहीं होता है। गैस आपकी दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर देती है। गैस बढ़ने की एक वजह तनाव भी है। मिंट की चाय (Mint tea) पीकर आप गैस के प्रकोप को मिटा सकते हैं, क्योंकि आपके पाचन तंत्र की यात्रा करते समय यह गैस को शांत करती चलती है। इसलिए इससे तुरंत आराम मिलता है। गैस से छुटकारा पाने के लिए सुबह-शाम एक-एक कप मिंट की चाय पिएं। मिंट पुदीने के वर्ग का ही पौधा है। यह न मिलने पर पुदीना (Peppermint) ले सकते हैं। (जरुर पढ़े :- पुदीना सेहत का नगीना)

हल्दी जलन दूर करे जल्दी ;- यदि आपने खूब तीखा तेल वाला भोजन लिया है और अब आप पेट की जलन (Stomach irritation) से परेशान हैं तो तुरंत थोड़ी हल्दी खा लें। फौरन आराम मिलेगा। (जरुर पढ़े :-हल्दी के फायदे असाधारण हैं (Turmeric has Exceptional Advantages)

दांत के दर्द से मुक्ति दिलाये लौंग :- दाँत में दर्द हो रहा हो तो लौंग के तेल (Clove oil) की दो बूंद रूई के फाहे पर डाले और उसे दर्द वाले दांत पर रख लें। यदि लौंग का तेल न हो तो पूरी लौंग को दर्द वाले हिस्से के वहां दबा दें। इसी तरह लौंग का तेल सर्दी, फ्लू और पैरों में होने वाल फंगल इन्फेक्शन ( flu and fungal infections in the feet) में भी बहुत फायदा करता है।

तिल (mole) भी दांत दर्द दूर करने में सहायक होता है। तिल में करीबन सात दर्दरोधी तत्व (Seven pain resistant element) पाए जाते हैं। एक हिस्सा तिल और तीन हिस्से पानी लेकर उबालें, जब तक यह जलकर आधा न रह जाए। इसे ठंडा कर लें और फिर इससे दांतों को साफ करें।

Loading...
loading...

Related posts