Search

मुंह के छाले (mouth blisters/canker sores)

मुंह के छाले होने के कारण (Muh ke Challe)

मुंह के छाले बदहजमी, अजीर्ण, गैस, वात, पित जैसे विकारों से होते हैं। मुंह में छाले होने एक आम सी परेशानी है। यह समस्या पुरूषों की अपेक्षा महिलाओं को अधिक होती है। इसका मुख्य कारण उनके हारमोन्स में अधिक उतार-चढाव आना है। ये छाले अपने आप ही कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं। इनके निकलने के कई कारण हो सकते हैं। पेट के साफ न होने और खाना खाते समय अचानक दांतों से मुंह के अंदर की झिल्ली के कट जाने से छाले हो जाते हैं।

मासिकधर्म या मेनापॉज के सामय हारमोन्स में बदलाव तथा वायरस, बैक्टीरिया या फंगस संक्रमण से निकल सकते हैं। इसके अन्य कारणें में शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होना, एलर्जी होना भोजन में विटामिन सी और बी12 की कमी होना आदि शामिल हैं। कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के रूप में भी मुंह में छाले निकल सकते हैं।

loading...

द्रोणपुष्पी एलर्जी और सर्पविष की रामबाण औषधी 

चिकित्सकों के अनुसार भूख से अधिक भोजन करना तथा सुपाच्य की बजाय भोजन में गरि‌ष्ठ पदार्थ शामिल करने से पाचन तंत्र को अधिक क्रिया करनी पड़ती है। निश्‍चित अवधि में भोजन न पच पाने के कारण गैस व अपचन की शिकायत होने लगती है। दूसर॓, तेज मिर्च-मसालों के साथ तले हुए पदार्थों के अधिक सेवन से पाचन तंत्र बिगड़ जाता है।

इससे आमाशय में दुर्गन्ध के साथ तीव्र जलन होती है जिससे जीभ पर सफेद व काले छाले उभरने लगते हैं। मुंह के छाले के दो आम प्रकार एफ्थस छाले और बुखार के छाले या फीवर ब्लिस्टर्स हैं। होंठों के आस-पास बुखार के छाले हर्पस सिम्प्लेक्स वायरस के कारण होते हैं। तंबाकू व गुटखा आदि के सेवन के कारण पीड़ितों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

बालों में रूसी (Dandruff) दूर करने के घरेलू असरदार उपाय,

भारत में हर साल लाखों लोग तंबाकू व गुटखों के कारण मुख कैंसर का शिकार होते हैं। चाय, कॉफी, ठण्डे शीतल पेय, मांसाहारी व अधिक तेलीय भोजन के साथ गर्म पदाथोर्ं का अधिक व लगातार सेवन पाचन तंत्र को बिगाड़ देता है जिससे मुख में छाले हो जाते हैं।

जीभ शरीर के आमाशय का लाइव टेलीकास्ट करती है। फेफड़ों में संक्रमण होता है तो जीभ का रंग काला पड़ने लगता है, आमाशय में मल जमा रहने तथा कब्ज रहने पर जीभ सफेद हो जाती है तथा जब आमाशय का तापमान बाहरी शरीर से अधिक हो जाता है तथा पेट में अगिन‌् तेज होती है तो जीभ में सफेद छाले पड़ जाते हैं।

पेट रोगों का पहला संकेत जीभ पर आता है एवं इसका रंग व पड़ने वाले विभिन्‍न रंगों के दाने व छाले रोग व पीड़ा की तीव्रता का ज्ञान कराते है। मुंह के छाले जीभ के ऊपर, नीचे तथा तालु में होते हैं। इनकी संख्या रोग की तीव्रता पर निर्भर करती है। छाले होने पर मुख से लगातार लार निकलती रहती है जो एक प्रकार का संक्रमण होता है। यह दूसरों में फैलने वाला रोग है।

मुंह के छाले रोग का निवारण

छालों के लिये पेट रोग का एक बड़ा कारण है। मुंह में छाले होने पर चाय, कॉफी, गरि‌ष्ठ भोजन तुरन्त बन्द कर देने चाहिए। फलों का रस इस रोग में काफी कारगर है। यदि रोगी को गुटखा, पान व जर्दा खाने की आदत है तो इसको तुरन्त छोड़ देना चाहिए। छाले मुख्यतः पेट की उष्मा बढ़ने से होते है इसलिये ठण्डी तासीर वाले पदार्थों का सेवन करना चाहिए। त्रिफले का नियमित सेवन बहुत अधिक कारगर है।

त्रिफला स्वास्थ्य की बेजोड़ सुरक्षा

इससे पेट की गर्मी बाहर निकलती है तथा कब्ज व गैस आदि से छुटकारा मिलने पर यह रोग स्वतः ही समाप्त हो जाता है। क्रोध व आवेश भी छालों के लिये जिम्मेवार है क्योंकि आवेश से शरीर का तापमान बढ़ता है जिससे कब्ज की शिकायत हो सकती है। जो लोग तुनक मिजाज प्रकृति के होते हैं  उन्हें यह रोग जल्दी व अधिक होता है। जिनको क्रोध अधिक आता हो, उन्हें शुद्ध व शीतल जल अधिक मात्रा में पीना चाहिए। ग्लीसरीन से मुख की सफाई करना इसमें लाभदायक है। जर्दा, तम्बाकू व सिगर॓ट आदि मुख रोग को बढ़ावा देते हैं, इनका सेवन इस रोग को लाइलाज बना सकता है।

पानी क्यों ना पीये खाना खाने के बाद

मुंह के छाले और जीभ के छाले के घरेलू-उपचार

  1. मुलेठी का काढ़ा बनाकर ठंडा कर व छानकर दिन में ३-४ बार गरारा करने से मुंह व जीभ के छाले ठीक हो जाते है।
  2. हरे धनिया का रस मुंह के छालो पर लगाने और सूखे धनिये को पानी में उबालकर उस पानी को छान कर व ठंडा कर उससे गरारे करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते है।
  3. शहद को पानी में मिलाकर कुल्ला करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते है।
  4. इलायची चूर्ण को शहद में मिलाकर छालो पर लगाने और लार टपकाने से छाले ठीक हो जाते है।
  5. चमेली की पत्तियां चबाने से मुंह के छाले दूर होते है।
  6. अमरुद की पत्तियों को उबाल कर कुल्ला करने से गला-जीभ साफ़ होता है और मुंह के छाले ठीक होते हैं।
  7. हल्दी को पानी में डालकर कुछ देर रख दे. इस पानी को छान कर उससे कुल्ले करने से मुंह के छाले नष्ट होते है।
  8. मिश्री की डली, इलायची या गोंद की डली को पूरे दिन चूसते रहने से भी छाले ठीक होते है।
  9. छाले पर थोड़ी मात्रा में सिरका लगाना एक सदियों पुराना उपाय है, जो कुछ देर के लिये दर्द से राहत देता है।

तीन सप्ताह से अधिक समय तक रहनेवाले छालों के उपचार के लिये किसी चिकित्सक से संपर्क करने की आवश्यकता हो सकती है
अपील:- प्रिय दोस्तों  यदि आपको ये पोस्ट अच्छा लगा हो या आप हिंदी भाषा को इन्टरनेट पर पोपुलर बनाना चाहते हो तो इसे नीचे दिए बटनों द्वारा Like और Share जरुर करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस पोस्ट को पढ़ सकें हो सकता आपके किसी मित्र या किसी रिश्तेदार को इसकी जरुरत हो और यदि किसी को इस उपचार से मदद मिलती है तो आप को धन्यवाद जरुर देगा.

Article Source :- http://www.nafanuksan.com/

Loading...
loading...

Related posts