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बैंगन/Brinjal (Eggplant) के आयुर्वेदिक और औषधीय गुण

बैंगन से घरेलू चिकित्सा

बैंगन को ब्रिंजल भी कहा जाता है, इसे सब्जियों का राजा कहा गया है| जो स्वाद के साथ साथ स्वास्थवर्धक भी होता है| अलग तरह का स्वाद होने की वजह से इसे बहुत पसंद किया जाता है| बैंगन से बहुत सी रेसिपी बनती है, भारतीय परिवार में बैंगन की सब्जी व बैंगन का भरता काफी फेमस है| एक शोध के अनुसार बैंगन के पौधे में निकोटिन होता है, लेकिन इसके फल में बहुत मात्रा में होता है व ये हमारे शरीर में कुछ भी नुकसान नहीं पहुँचाता है| कई लोगों को बैंगन नहीं पसंद होता है इसलिए वो इसके औषधीय गुण से वंचित रह जाते हैं !

कुदरत ने बैंगन के सिर पर ताज पहनाया है। सब्जी के तौर पर इस्तेमाल होने वाला बैंगन औषधीय गुणों से भरपूर है। जो लोग इसे बे-गुण समझते हैं उन्हें इसके लाभों को जानना चाहिए।

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बैगन में मौजूद पोषक तत्व

  • विटामिन B-6
  • फाइबर
  • पोटेशियम
  • एंटीओक्सिडेंट
  • विटामिन C

बैंगन/Brinjal के औषधीय गुण

  1. कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करता है :- बैंगन के सेवन से रक्त में बैंगन के सेवन से रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर गिरता है। इस तरह के प्रभाव का प्रमुख कारण है। बैंगन में पोटेशियम व मैंगनीशियम की अधिकता। बैंगन की पत्तियों के रस का सेवन करने से भी रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम किया जा सकता है।
  2. संक्रमण से मुक्ती :- बैंगन में विटामिन सी बहुत अच्छी मात्रा में है जो प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है और शरीर को संक्रमण से मुक्त रखने में मदद करता है।
  3. सिगरेट छोड़ने में मददगार :- प्राकृतिक तरीके से सिगरेट छोड़ना चाहते हैं तो डाइट में बैंगन का सेवन अधिक करें। निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी के तहत इसमें मौजूद निकोटिन की सीमित मात्रा सिगरेट छोड़ने वाले लोगों के लिए मददगार हो सकती है।
  4.  दांत का दर्द :- बैंगन का रस दांत के दर्द में लाभदायक प्रभाव दिखलाता है। अस्थमा के उपचार के लिये बैंगन की जड़ें प्रयुक्त की जाती हैं।
  5. रक्त की कमी :- आदिवासी चुल्हे पर भुने हुए बैंगन में थोडी सी शक्कर डालकर सुबह खाली पेट खाने की सलाह देते हैं, उनका मानना है कि ऐसा करने से शरीर में रक्त की कमी दूर हो जाती है
  6. पेट की बीमारी में :- बैंगन का सूप तैयार किया जाए जिसमें हींग और लहसून भी स्वाद के अनुसार मिलाया जाए और सेवन किया जाए तो यह पेट फूलना, गैस, बदहज़मी और अपचन जैसी समस्याओं में काफी राहत देता है।
  7. अच्छी त्वचा :- बैंगन त्वचा को हाइड्रेट करता है और अंदर से नमी प्रदान करता है। तो अगर आपके बाल और त्वचा रूखे-सूखे हैं तो आप बैंगन खाना शुरु कर दीजिये।
  8. Weight loss :- यह आहार चर्बी को जलाता है और कैलोरी कम करता है। इसमें फाइबर होता है जिसको खाने से पेट भर जाता है और जल्‍द भूख नहीं लगती, तो ऐसे में वजन भी कम होता है।
  9. कैंसर से बचाए :- इसमें एक तत्‍व पाया जाता है जो कि शरीर में कैंसर की सेल से लड़ने में सहायक होता है। अगर आप हर रोज बैंगन खाएंगे तो आपका शरीर कैंसर से लड़ने के लिये मजबूत हो जाएगा। यह खासकर पेट के कैंसर से लड़ने में सहायक है।
  10. दिमाग के लिये :- इस पेड़ में जो न्‍यूट्रियन्‍ट्स पाए जाते हैं वह हमारे दिमाग के लिये बहुत ही अच्‍छे होते हैं। यह किसी भी प्रकार के नुक्‍सान से हमारी कोशिका की झिल्‍ली को बचाते हैं। यह दिमाग को फ्री रैडिक्‍ल से बचाता है और ब्रेन का विकास करता है।
  11. दिल के लिए :- धमनियों की दीवारों में कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल कम हो जाता है। यहां तक की खून की नसों में भी खून ठीक प्रकार से बहने लगता है।
  12. मधुमेह से लड़े :– हाई फाइबर और कम कार्बोहाइड्रेट के तत्‍व होने के कारण यह मधुमेह रोगियों के लिये बहुत अच्‍छा आहार है। इसको नियमित खाने से आपका शुगर लेवल कम होगा।
  13. लीवर की रक्षा :- लीवर की बीमारियां होने पर भी बैंगन का सेवन लाभदायक प्रभाव दिखलाता है। बैंगन की पत्तियों में हल्का निद्राकारी तत्व उपस्थित रहता है। अत: कई दवाईयां बनाने में इसकी पत्तियां आधारभूत तत्व की तरह कार्य करती हैं।
  14. बैंगन के गुण “- यह याद रखें कि सब्जी बनाते समय इसका डंठल व्यर्थ समझकर फेंकना नहीं चाहिए, क्योंकि इसमें पौष्टिक तत्वों की अधिकता होती है।अधिक दिनों तक रखे या सूखे हुए बैंगन अच्छे नहीं होते इसलिए इन्हें दो तीन दिन से अधिक फ्रिज में नहीं रखना चाहिए।आग पर भुने हुए बैंगन पचने में बिल्कुल हल्के और पाचन शक्ति बढ़ाने वाले होते हैं। यह अपच दूर करता है।
  15. Glowing Skin :- उम्र के साथ चेहरे में झुरियां, धारियां आ जाती है, हर लड़की का सपना होता है कि वो हमेशा सुंदर जवान लगे| एंटीऑक्सीडेंट व विटामिन से भरपूर बैगन में पानी की भी मात्रा बहुत होती है जिससे ये शरीर से विषेले तत्व निकालकर चेहरे को सुंदर व हेल्थी बनाता है| स्किन के साथ साथ बैगन बालों के लिए भी लाभकारी है, ये बालों को मजबूत बनाता है व इनकी ग्रोथ भी बढती है|
  16. आयरन कम करे :- शरीर के लिए आयरन भी बहुत जरुरी होता है लेकिन अगर इसकी अधिकता हो जाए तो दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ता है| बैगन शरीर में आयरन का लेवल सही रखता है जिससे इससे जुडी बीमारियाँ नहीं होती है|
  17. बैगन में मौजूद पोटेशियम एक तरह का मिनिरल है जो शरीर में electrolyte बैलेंस रखता है| ये शरीर में ब्लडप्रेशर कंट्रोल में सहायक है|
  18. खांसी : बैंगन को भूनकर इसमें स्वादानुसार नमक छिड़ककर खाने से खांसी दूर होती है और कफ निकल आता है।
  19. एनीमिया : भुने हुए बैंगन में शक्कर डालकर खाली पेट खाने से रक्त की कमी यानी एनीमिया की समस्या दूर होती है। यह उच्च रक्तचाप व दिल के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है।

    अन्य लाभ :- 

    बैगन की तो कई किस्में पाई जाती हैं लेकिन काले और गोल बैगन जो बीज रहित हों ,सबसे ज्यादा गुणकारी होते हैं। बीज वाले बैगन कभी नहीं खाने चाहिए। ये पित्त बढ़ाते हैं। छोटे छोटे कोमल बैगन पित्त और कफ को दूर करते हैं। 

    * बैगन में विटामिन ए ,बी ,सी ,आयरन, कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन भरपूर पाये जाते हैं। 


    * यदि लीवर और तिल्ली बढ़ गयी हो तो कोमल बैगन आग में भून कर पुराना गुड मिला कर खाएं, सुबह खाली पेट। एक माह लगातार खाए ,लाभ दिखाई देगा। 


    * शरीर में हवा का गोला घूमता हुआ सा महसूस होता हो तो बैगन का सूप हींग और लहसुन मिला कर बनाएं और रोजाना पीयें। 


    * बैगन मूत्रल है। इसकी सब्जी रोजाना खाने से ज्यादा मूत्र होगा और किडनी और मूत्राशय में बनने वाली पथरी गल कर बाहर निकल जाएगी। 


    * अगर आपको खुल कर भूख नहीं लगती है तो बैंगन और टमाटर का सूप बनाकर लगातार २१ दिन जरूर पीयें ,भूख खुल कर लगने लगेगी। 


    * आपको नींद नहीं आती है टोबैगन आग में भूनिये ,छिलका उतारिये। बचे हुए गूदे में शहद मिलाकर शाम के समय खा लीजिये। लगातार २१ दिन खाएं। नींद अच्छी और गहरी आयेगी। रक्तचाप सामान्य रहेगा।

    * खांसी बहुत ज्यादा परेशान कर रही है तो बैगन को पानी में उबाल कर सूप बनाये फिर इस सूप में हल्दी और मिश्री मिला कर पी जाएँ ,जल्दी आराम मिलेगा।

    * बैगन की सब्जी हार्ट को भी मजबूती प्रदान करती है। 


    * कब्जियत दूर करने के लिए बैगन और पालक का सूप पीजिये ,सेंधा नमक मिला कर। 


    * आपकी हथेलियाँ और पैर के तलुए पसीने से भीगे रहते हों तो उनपर बैगन का रस मल लीजिये। 


    * बैगन के बीज पेट के कीड़ों को खत्म करते हैं। बीजो को शहद मिलकर खा लीजिये। 


    * बवासीर के मस्सो पर बैगन का ढेप पीस कर लगा दीजिये ,अद्भुत आराम मिलेगा।

बैगन के बारे में कुछ ध्यान देने योग्य बातें

  • बैगन को लोहे की चाकू से नहीं काटना चाहिए ना ही इसे लोहे के बर्तन में बनाना चाहिए| लोहे के साथ बैगन केमिकल रिएक्शन कर लेता है जो स्वास्थ के लिए अच्छा नहीं होता है| तो हमेशा ध्यान रखें बैगन स्टेनलेस स्टील के चाकू से काटें व लोहे के अलावा दुसरे बर्तनों में बनायें|
  • बैगन काटने के बाद उसे नमक वाले पानी में कुछ देर रखें इससे उसका बिटर टेस्ट अलग होगा जिससे ये और अधिक स्वादिष्ट लगेगा|

किन लोगों को बैगन नहीं खाना चाहिये :-
* बुखार से पीड़ित व्यक्ति को बैंगन नहीं खाना चाहिए। 
* अनिद्रा के रोगी को भी बैंगन नहीं खाना चाहिए। 

* किसी भी दिमागी बिमारी के रोगी को भी बैंगन नहीं खाना चाहिए। (मानसिक तनाव, उन्माद आदि रोग में ) 

* बवासीर के रोगी को तो कतई बैगन नहीं खाना चाहिए। 

* त्वचा रोग ,एलर्जी आदि में भी बैगन नहीं खाना चाहिए। 

* एसिडिटी हो तो बैगन की तरफ देखिये भी नहीं। 

* गर्भवती महिलायें भी बैगन से परहेज करें।

बैंगन की सब्जी केवल ठंड में खाई जाए अर्थात बैंगन खाने का उपयुक्त समय दीपावली से होली तक है। 

Article Source :- http://desinushkhe.blogspot.in/

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