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Hair loss , herbal and natural remedy for baldness

बालों का गिरना , गंजापन के आयुर्वेदिक व प्राकृतिक उपाय

Hair loss , herbal and natural remedy for baldness

बालों का गिरना (Hair Loss) आज के समय में युवाओं में सबसे बड़ी समस्या है बाल शरीर का एक अहम हिस्सा होते हैं और सुन्दरता में बालो की मुख्य भूमिका होती है। बाल हमारे शरीर का एक जटिल और नाजुक भाग होते हैं। तेज रफ्तार वाली इस जिन्दगी में आज प्रदूषण व कृत्रिम प्रसाधनो में नियमित प्रयोग से बाल बेजान होकर गिरने लगते हैं। साथ ही घर में एक ही कंघी व तौलिया के इस्तेमाल करने से बालो में अनेक रोग उत्पन्न होने लगते हैं। 29 की उम्र में ही पुरुषों के बाल झड़ने शुरू हो जाते हैं।

बालों का झड़ना (Hair Loss) इस तरह की दिक्कतें अनुवांशिक भी होती हैं, लेकिन युवाओं की लाइफ स्टाइल में स्ट्रेस, स्मोकिंग और हार्मोंस की समस्याएं 20 की उम्र के बाद अक्सर शुरू हो जाती हैं। इस वजह से 20 से लकर 40 की उम्र तक लोगों में बाल्डनेस के लक्षण दिखने लगते हैं। कई लोग तो 40 की उम्र तक पूरी तरह गंजे हो जाते हैं। बाल मृत कोशिका (Child dead cell) द्वारा निर्मित एक संरचना होती है लेकिन बालो की रुट में मौजूद जीवित कोशिकाएं बालो की ग्रोथ करती हैं।

बालो की लम्बाई और स्वास्थ्य में हारमोस का खास योगदान होता है जिन लोगो में डाइहाड्रो-टेस्टोस्टीरान (Daihadro – Testostiran) नामक हारमोन अधिक बनता है, उनके बाल कमजोर व पतले होकर गिरने लगते हैं गंजापन सिर्फ पुरुषों में ही नहीं, बल्कि महिलाओं में भी आता है। शरीर में एंड्रोजेन की मात्रा बढ़ जाने से गंजेपन की समस्या देखने को मिल सकता है। हाइपरथायरॉयड व हाइपोथॉयरॉयड की स्थिति में भी गंजापन हो सकता है।

बालों का गिरना बंद होगा , नये उगेंगे

Hair loss will stop new thistles

गंजापन(बालों का गिरना (Hair Loss)) के कारण 

1- अनुवांशिक :- ज़्यादा युवाओं में गंजापन होने का एक मुख्य कारण अनुवांशिक ही होता है। ऐसे में इसका इलाज करना मुश्किल हो जाता है। इस वजह से 20 की उम्र के बाद बाल झड़ने शुरू हो जाते हैं।

2- गंभीर रूप से बीमार पड़ने या बुखार होने से :- कई बार किसी बीमारी का असर भी बालों पर पड़ता है, बालों की जड़े कमज़ोर होने लगती हैं। फिर बालों का झड़ना (Hair Loss) और अंत में गंजापन आ जाना। सिर्फ यही नहीं, कभी-कभार दवाईयों के साइड-इफेक्ट्स से भी बाल तेजी से गिरने लग जाते हैं।

3-स्ट्रेस होना :- ज़्यादा स्ट्रेस होने से गंजापन की समस्या होती है। ट्रिचोलॉजिस्ट्स और हेयर एक्सपर्ट्स इस बात को मानते हैं कि तनाव एलोप्सिया एरिटा(elopsiya Arrieta), टेलोजेन इफ्लुवियम(telojena iphluviyama)और ट्रिचोटिलोमानिया (tricotilomaniya) को बढ़ावा देता है। ये बाल्डनेस यानी गंजेपन के मुख्य कारण हैं।

4-न्यूट्रिशन का सही न होना :- बालों के झड़ने में डाइट का भी अहम रोल होता है। बॉडी में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स की कमी होने पर बालों को सही से पोषण नहीं मिल पाता, जिससे बाल झड़ने लगते हैं। बैलेंस्ड और हेल्दी डाइट लेने पर बालों को पोषण मिलता है। हेल्दी फूड बॉडी के हार्मोंस जैसे डीएचटी को बैलेंस रखता है। बॉडी में डीएचटी हार्मोंस की कमी होने पर बालों का झड़ना (Hair Loss) शुरू हो जाता है।

5 – स्मोकिंग करना :- बॉडी को हेल्दी और फिट बनाए रखने के लिए रक्त में भरपूर ऑक्सीज़न, फूड और न्यूट्रिशन की ज़रूरत होती है। तभी बालों को भरपूर पोषण मिलता है। बालों को हेल्दी बनाए रखने के लिए मिनरल्स की भी ज़रूरत होती है। स्मोकिंग करने से ब्लड में ऑक्सीजन का लेवल कम हो जाता है और जो आप कार्बन-मोनोआक्साइड लेते हैं, उससे बालों को नुकसान पहुंचता है।

दरअसल, तम्बाकू पीने से ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है, जिससे बालों पर असर दिखने लगता है। बालों को सबसे ज़्यादा आपका लाइफस्टाइल प्रभावित करता है। आजकल कम नींद आना, स्ट्रेस होना जैसी दिक्कतें लाइफ में जल्दी शुरू हो जाती हैं। इससे भी बाल 20 की उम्र के बाद झड़ने शुरू हो जाते हैं।

बालों के रोग (Hair Disease)

सिर की खुश्की (The head of the dryness)
:- इस रोग के कारण सिर में रूसी (Dandruff) हो जाती है जिसके कारण सिर में खुजली होने लगती है। सिर की सही तरीके से सफाई न करने के कारण सिर में गंदगी भर जाती है जिसके कारण सिर में खुश्की पैदा हो जाती है।
सिर में खुश्की होने पर प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार (Naturopathy treatment of dryness in the head on) –
 गुड़हल के फूल तथा पोदीने की पत्तियों को आपस में पीसकर इसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर लेप बना लें। इस लेप को सप्ताह में कम से कम 2 बार आधे घण्टे के लिए सिर पर लगाना चाहिए ऐसा करने से बालों के कई प्रकार के रोग ठीक हो जाते हैं तथा सिर की खुश्की भी खत्म हो जाती है।
  • सिर की खुश्की को दूर करने के लिए चुकन्दर के पत्तों का लगभग 80 मिलीलीटर रस सरसों के 150 मिलीलीटर तेल में मिलाकर आग पर पकाएं। जब पत्तों का रस सूख जाए तो इसे आग पर से उतार लें और ठंडा करके छानकर बोतल में भर लें। इस तेल से प्रतिदिन मालिश करने से रोगी को बहुत अधिक लाभ मिलता है।
  • सिर की खुश्की को दूर करने के लिए आंवले के चूर्ण को नींबू के रस में मिलाकर सिर में लगाना चाहिए।
  • सिर की खुश्की तथा बालों के कई प्रकार के रोगों को दूर करने के लिए कई प्रकार के योगासन है जो इस प्रकार हैं- (सर्वांगासन, मत्स्यासन, शवासन तथा योगनिद्रा)
  • सिर की खुश्की को दूर करने के लिए 1 लीटर पानी में 1 चम्मच चोकर तथा साबूदाना मिलाकर कुछ देर तक उबालना चाहिए। इसके बाद इस पानी को ठंडा करके दिन में 2 बार सिर को अच्छी तरह से धोना चाहिए। इसके बाद गहरे रंग की बोतल के सूर्यतप्त तेल से सिर की मालिश करने से सिर की खुश्की दूर हो जाती है।
  • सिर की खुश्की को ठीक करने के लिए सबसे पहले रोगी को अपने पेट की सफाई करनी चाहिए और इसके बाद इस रोग का उपचार करना चाहिए।
  • सिर की खुश्की से पीड़ित रोगी को कुछ दिनों तक चोकर युक्त आटे की रोटी, सब्जी, सलाद तथा फल और दूध का सेवन करके अपने शरीर के खून को शुद्ध करना चाहिए और इसके बाद इस रोग का उपचार करना चाहिए।

2.सिर में जुएं :- इस रोग के हो जाने पर रोगी के सिर में अनेक जुएं हो जाती हैं। सिर में जुएं होने के कारण व्यक्ति को और भी कई रोग हो जाते हैं इसलिए सिर की जुओं को खत्म करना बहुत जरूरी है।

सिर की जुओं को खत्म करने के लिए प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार-
 सिर की जुओं को खत्म करने के लिए सिर में अच्छी तरह सफाई रखनी चाहिए। इसके बाद 1 भाग लाल बोतल के सूर्यतप्त जल और 2 भाग हरी बोतल के सूर्यतप्त तेल को आपस में मिलाकर, इस तेल से सिर की मालिश करनी चाहिए। इसके बाद 25 ग्राम हल्की नीली बोतल का सूर्यतप्त जल लेकर प्रतिदिन 6 बार बालों पर लगाना चाहिए। इस प्रकार से प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार करने से सिर की जुएं समाप्त हो जाती हैं।

सिर की जुओं को खत्म करने के लिए सबसे पहले रोगी व्यक्ति को अपने पेट को साफ रखना चाहिए और सदैव सादा भोजन खाना चाहिए।

3.रूसी (Dandruff):- रूसी (Dandruff) सिर में मरी हुई त्वचा के कण होते हैं, जो नई त्वचा के आने से हटते रहते हैं। इन्हीं कणों को रूसी (Dandruff) कहते हैं। यह रोग स्त्री और पुरुष दोनों में ही पाया जाता है। ज्यादातर लोगों को यह पता नहीं होता कि उनके बालों में होने वाली रूसी (Dandruff) तैलीय है या रूखी। रूखी रूसी (Dandruff) के कण बहुत ही छोटे होते हैं, जो सिर की त्वचा से चिपके या बालों में फैले रहते हैं। ऐसी रूसी (Dandruff) में बहुत खुजली होती है। जबकि तैलीय रूसी (Dandruff) छोटे कणों के साथ सीबम से मिली होती है। कई बार रूसी (Dandruff) ज्यादा हो जाने से बालों का गिरना (Hair Loss) भी शुरू हो जाता है।

रूसी (Dandruff) बालों की सबसे बड़ी दुश्मन है। इसके कारण बाल अपना आकर्षण खो देते हैं। इस रोग के कारण सिर पर खुश्की होकर सफेद-सफेद रूसी (Dandruff) बालों में हो जाती है। जब बालों में ब्रश या कंघा करते हैं या बालों को रगड़ते हैं तो यह बालों से निकलकर बाहर गिरने लगती है। यह खोपड़ी पर दाने या पपड़ी के रूप में भी निकल सकती है। यदि इन्हें बालों से बाहर न निकाला जाए तो यह वहां के रोमकूपों को बंद कर देती है।
अगर बालों को साफ न रखा जाए तो उनमें रूसी (Dandruff) पैदा हो सकती है और यह फैलने वाली होती है। इसलिए अपने कंघे, ब्रश, साबुन और तौलिए को अलग रखना चाहिए। बालों को सप्ताह में जितनी बार ज्यादा से ज्यादा हो धोना चाहिए।
रूसी (Dandruff) होने का कारण (The cause of dandruff):-
  • यह शरीर में दूषित द्रव्य के जमा हो जाने तथा गलत तरीके के खान-पान और दूषित भोजन का सेवन करने के कारण होती है।
  • सिर की ठीक तरीके से सफाई न करने के कारण भी सिर में रूसी (Dandruff) हो सकती है।
  • जिस व्यक्ति के बालों में रूसी (Dandruff) हो उसके द्वारा इस्तेमाल किये गये कंघी, तौलिये, ब्रश आदि दूसरे व्यक्तियों को इस्तेमाल नहीं करने चाहिए नहीं तो दूसरे व्यक्ति के बालों में भी रूसी (Dandruff) हो सकती है।
  • शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता (रोगों से लड़ने की शक्ति) कम होने के कारण तथा भावनात्मक तनाव के कारण भी हो रूसी (Dandruff) का रोग हो सकता है।

बालों से रूसी (Dandruff) को खत्म करने के लिए प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार:-

 पानी में नींबू का रस मिलाकर 1 सप्ताह तक प्रतिदिन बालों की जड़ों में अंगुलियों से अच्छी तरह से मसल लें। फिर थोड़ी देर बाद बालों को धो दें। इससे बालों में से रूसी (Dandruff) खत्म हो जाती है।
  • 3 भाग जैतून के तेल में 1 भाग शहद घोल लें। इस मिश्रण को सिर और बालों पर लगाकर सिर पर गर्म तौलिया लपेट लें। इसके बाद सिर को अच्छी तरह से धोने से बालों की रूसी (Dandruff) खत्म हो जाती है।
  • नारियल के तेल में चार प्रतिशत कपूर मिलाकर रख लें। फिर अपने बालों को अच्छी तरह से धोकर बालों को सुखा लें। इसके बाद इस तेल को बालों में लगाकर सिर की अच्छी तरह से मालिश करें। इससे रूसी (Dandruff) खत्म हो जाती है।
  • आंवला, शिकाकाई तथा रीठा को एक साथ पानी में भिगोकर उस पानी से सिर को धोयें। इस क्रिया को 2-3 दिन तक करने से बालों में से रूसी (Dandruff) खत्म हो जाती है।
  • रोजाना जैतून के गुनगुने तेल से सिर की मालिश करें। फिर गर्म पानी में तौलिया भिगोकर अच्छी तरह से निचोड़कर पूरे सिर में बांध लें। इससे तेल और भाप बालों की जड़ों तक पहुंच जाता है। 3 घंटे के बाद गुनगुने पानी से बालों को अच्छी तरह से धोने से बालों मे से सारा शैंपू निकल जाता है।
  • दही या मट्ठे से सिर धोने से भी लाभ होता है।
  • सरसों के तेल में नींबू मिलाकर या सिरके में बहुत सारा पानी मिलाकर बालों की जड़ों में लगाकर लगभग 2 घंटे के बाद सिर को धोएं। इससे बालों में से रूसी (Dandruff) कम हो जाती है।
  • बालों में रूसी (Dandruff) होने पर प्रतिदिन सुबह के समय में अपने सिर की सूखी मालिश करने से बालों में से रूसी (Dandruff) खत्म हो जाती है।
  • दही में थोड़े से सरसो के तेल को मिलाकर प्रतिदिन इस दही को सिर पर कुछ समय के लिए लगाकर फिर बालों को अच्छी तरह से धोने से रूसी (Dandruff) खत्म हो जाती है।
  • रोजाना आधे घंटे तक सिर पर दही की मालिश करके सिर को धोने से रूसी (Dandruff) खत्म हो जाती है।
  • मेथी के बीजों को रात के समय में पानी में भिगोने के लिए रख दें। सुबह के समय में इसे पीसकर लेप बनाकर सिर पर लगाएं और आधे घंटे के बाद सिर को धो लें।
  • बालों को ब्रश, शैंपू और कंघी से साफ-सुथरा रखें। संतुलित तथा सही से पचने वाला भोजन लें। पूरे सप्ताह में 2 बार गर्म तेल से सिर की मालिश करनी चाहिए।
  • रोजाना रोजमेरी के काढ़े से सिर की मालिश करने से लाभ मिलता है।
  • गर्म पानी में 1 नींबू का रस मिलाकर बालों में लगाकर फिर सिर को धोने से रूसी (Dandruff) में लाभ होता है। बालों को धोने से पहले सिर की त्वचा में तेल की मालिश के बाद गर्म या ठंडे पानी में भीगा हुआ तौलिया लपेट लें। इससे त्वचा के रोम-छिद्र खुल जाते हैं, खून का बहाव तेज होता है और रूसी (Dandruff) भी दूर होती है।
  • सुबह के समय में जब धूप निकल जाए तब कम से कम आधे घंटे तक सूर्य का प्रकाश अपने सिर पर लगने दें। इसके बाद मुलतानी मिट्टी का लेप बनाकर सिर पर लगा लें और कुछ देर बाद सिर को धो लें इससे रूसी (Dandruff) खत्म हो जाती है।
  • 1 अंडे की सफेदी और 1 नींबू के रस को मिलाकर सिर पर आधे घंटे के लिए लगाएं। फिर इसे सादे पानी से धो लें। अंत में सिरका सादे पानी में मिलाकर बालों को धोने से लाभ मिलता है।
  • सूर्यतप्त नीले तेल की मालिश सिर पर कुछ दिनों तक करने से रूसी (Dandruff) खत्म हो जाती है।
  • शरीर में से दूषित द्रव्यों को बाहर करने के लिए व्यक्ति को सप्ताह में एक बार उपवास रखना चाहिए तथा पत्ता गोभी का रस, पालक का रस, अन्ननास का रस सेवन करना चाहिए। एक सप्ताह तक बिना पका हुआ भोजन करना चाहिए। इसके बाद सामान्य भोजन करना चाहिए और भोजन में फल, अंकुरित दालें तथा सलाद अधिक लेने चाहिए।
  • चाय, मिर्च-मसालेदार, कॉफी, रिफाइंड वाले पदार्थ तथा मैदा से बनी चीजों का सेवन न करें। पेट को साफ करने के लिए एनिमा क्रिया की आवश्यकता पड़े तो यह क्रिया जरूर करनी चाहिए।

4.बालों का सफेद होना (Hair to be white):– वैसे देखा जाए तो बढ़ती उम्र के साथ-साथ बालों का सफेद होना आम बात है, लेकिन समय से पहले बालों का सफेद हो जाना एक प्रकार का रोग है। जब यह रोग किसी व्यक्ति को हो जाता है तो उसके बाल दिनों दिन सफेद होने लगते हैं। बालों का सफेद होना एक चिंता का विषय है और विशेषकर महिलाओं के लिए। यदि बाल समय से पहले सफेद हो जाते हैं तो व्यक्ति की चेहरे की सुन्दरता अच्छी नहीं लगती है। इसलिए बालों के सफेद होने पर इसका इलाज प्राकृतिक चिकित्सा से किया जा सकता है।

बालों के सफेद होने का कारण (The cause of hair Whiting)
:- असंतुलित भोजन तथा भोजन में विटामिन `बी´, लोहतत्व, तांबा और आयोडीन की कमी होने के कारण बाल सफेद हो जाते हैं।
  • मानसिक चिंता करने के कारण भी बाल सफेद होने लगते हैं।
  • सिर की सही तरीके से सफाई न करने के कारण भी व्यक्ति के बाल सफेद होने लगते हैं।
  • कई प्रकार के रोग जैसे- साईनस, पुरानी कब्ज, रक्त का सही संचारण न होना आदि के कारण बाल सफेद हो सकते हैं।
  • रसायनयुक्त शैम्पू, साबुन, तेलों का उपयोग करने के कारण भी बाल सफेद हो सकते हैं।
  • अच्छी या पूरी नींद न लेने के कारण भी बाल सफेद हो सकते हैं।
  • बालों को सही तरीके से पोषण न मिलने के कारण भी ये सफेद हो जाते हैं।
  • अधिक क्रोध, चिंता और श्रम करने पर उत्पन्न हुई गर्मी और पित्त सिर की नाड़ियों तक पहुंचकर बालों को रूखा-सूखा तथा सफेद कर देती हैं।
  • अनियमित खान-पान तथा दूषित आचार-विचार के कारण भी बाल सफेद हो जाते हैं।
बालों के सफेद होने पर प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार:- इस रोग का उपचार करने के लिए सबसे पहले रोगी व्यक्ति को संतुलित भोजन, फल, सलाद, अकुंरित भोजन, हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
  • रोगी को गाजर, पालक, आंवले का रस अधिक मात्रा में पीना चाहिए।
  • रोगी व्यक्ति को काले तिल तथा सोयाबीन का दूध पीना चाहिए।
  • इस रोग से बचने के लिए व्यक्ति को बादाम तथा अखरोट का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए।
  • गाय का घी खाने में प्रयोग करने से व्यक्ति के बाल जल्दी सफेद नहीं होते हैं तथा सफेद बालों की समस्या भी दूर हो जाती है।
  • आंवला, ब्राह्मी तथा भृंगराज को आपस में मिलाकर पीस लें। फिर इस मिश्रण को लोहे की कड़ाही में फूलने के लिए रख दें। सुबह के समय इसको मसलकर लेप बना लें फिर इसके बाद 15 मिनट तक इसे बालों में लगाएं। इस प्रकार से उपचार सप्ताह में 2 बार करने से बाल सफेद होना बंद होकर कुदरती काले हो जाते हैं।
  • गुड़हल के फूल तथा पोदीने की पत्तियों को एकसाथ पीसकर थोड़े से पानी में मिलाकर लेप बना लें। फिर इस लेप को अपने बालों पर सप्ताह में कम से कम दो बार आधे घण्टे के लिए लगाएं। ऐसा करने से सफेद बाल काले होने लगते हैं।
  • चुकन्दर के पत्तों का लगभग 80 मिलीलीटर रस सरसों के 150 मिलीलीटर तेल में मिलाकर आग पर पकाएं। फिर जब पत्तों का रस सूख जाए, तो आग पर से उतार लें। फिर इसे ठंडा करके छानकर बोतल में भर लें। इस तेल से प्रतिदिन सिर की मालिश करने से बाल झड़ना रुक जाते हैं और समय से पहले सफेद नहीं होते हैं। इससे बालों की कई प्रकार की समस्याएं भी दूर हो जाती हैं।
  • बादाम के तेल तथा आंवले के रस को बराबर मात्रा में मिला लें। इस तेल से रात को सोते समय सिर की मालिश करने से बाल सफेद होना बंद हो जाते हैं।
  • रात के समय तुलसी के पत्तों को पीसकर और इसमें आंवले का चूर्ण मिलाकर पानी में भिगोने के लिए रख दें। सुबह के समय में इस पानी को छानकर इससे सिर को धो लें। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में सफेद बाल काले हो जाते हैं।
  • आंवले के चूर्ण को नींबू के रस में मिलाकर बालों में लगाने से बाल काले, घने तथा मजबूत हो जाते हैं।
  • बाल सफेद होने पर सूर्यतप्त आसमानी तेल से सिर की मालिश करने से बाल सफेद होना बंद हो जाते हैं।
  • बालों को सफेद होने से रोकने के लिए सबसे पहले रोगी व्यक्ति को मानसिक दबाव तथा चिंता को दूर करना चाहिए और फिर इसका उपचार प्राकृतिक चिकित्सा से करना चाहिए।
  • कई प्रकार के योगासन (सर्वांगासन, मत्स्यासन, शवासन तथा योगनिद्रा) प्रतिदिन करने से रोगी व्यक्ति को बहुत अधिक लाभ मिलता है और उसके बाल सफेद होना रुक जाते हैं।
  • भोजन करने के बाद खोपड़ी को खुजलाते हुए कंघी करने से बहुत अधिक लाभ मिलता है।

गंजापन(बालों का गिरना (Hair Loss)) के घरेलू उपाय

शिकाकाई (Sikakai)  :- पौधे की छाल, पत्ती तथा फली का प्रयोग बालो की सफाई के लिए किया जाता है। इसकी पत्तियो का प्रयोग डैन्ड्रफ हटाने व फली का प्रयोग त्वचा रोगो में किया जाता है। शिकाकाई नारमल, ड्राई व आयली सभी बालो के लिए कारगर होती है, इसके उपयोग के बाद किसी कंडीशनर की आवश्यकता नहीं होती है।
आंवले (Amla)  :- इसके फल में विटामिन सी, बाइलेवोनायड, लेवोन्स तथा कैरोटिनायड नामक तत्व पाये जाते हैं, जो बालो के बढने में सहायक होते हैं। आंवले में मौजूद विटामिन सी की प्रचुरता संतरे और टमाटर से चार से आठ गुना अधिक होती है जिससे बाल अधिक मजबूत व सुंदर दिखायी देते हैं।
भृंगराज  (Bhringaraj):- इसमें काले रंग का तत्व पाया जाता है, जो बालो को रंगने के काम आता है। इससे बालो की बढोत्तरी होती है।
गुडहल या जवाकुसुम (Gudhl or hibiscus) :- इसका प्रयोग दक्षिण भारत में बालो की देखभाल के लिए बहुत अधिक किया जाता है। इसके लाल फूल और पत्तियो का इस्तेमाल बालो को झडने से रोकने के साथ डैंड्रफ भी खत्म करता है। इन फूलो की पत्तियो को पानी में भिगोकर पीस लें और बालो में शैम्पू की तरह प्रयोग करें।
रीठा (Reetha):- रीठे के फल में सैपोनिन नामक तत्व पाया है जो साबुन का कार्य करता है। केंद्रीय औषधि एवं सुगंध पौधा संस्थान (सीमैप) में बालाें की देखभाल पर काम कर रहे वैज्ञानिक डॉ. ए.के. त्रिपाठी ने जैसा रहनुमा खान से कहा) 
मेथी (Fenugreek):- इसके दाने भी बालो के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। इन दानो में ऐसे तत्व पाये जाते हैं जो बालो को संपूर्ण पोषण प्रदान करते हैं। मेथी बालो में प्रोटीन की आवश्यकता पूरी करते है। इसके नियमित प्रयोग से बाल घने व मजबूत होते हैं। इसके दानो को पेस्ट बनाकर बालो में लगाकर सुखाएं फिर इसे धो लें।
मेहंदी (Heena) :- मेहंदी की पत्तियां बालो को अच्छी रंगत प्रदान करती हैं और इसके इस्तेमाल से कोई साइड एफेक्ट भी नहीं होता है।

गंजापन(बालों का गिरना (Hair Loss)) के आयुर्वेदिक उपाय 

-तिल के तेल से बालों की मालिश करना बेहतर माना जाता है। तिल के तेल में थोड़ी-सी मात्रा में गाय का घी और अमरबेल चूर्ण मिलाकर रात को सोने से पहले लगा लिया जाए
तो बाल चमकदार, खूबसूरत होने के साथ घने हो जाते हैं।यही फार्मूला गंजेपन को रोकने में मदद भी करता है।

2-गेंदे के फूलों का रस नारियल तेल के साथ मिलाकर उससे हल्की-हल्की मालिश करके नहा लिया जाए तो सिर में हुए किसी भी तरह के संक्रमण, फोड़े- फुंसियों में आराम मिल जाता है।

3-बहेड़ा के बीजों के चूर्ण को नारियल या जैतून के तेल में मिलाकर गुनगुना गर्म किया जाए और इस तेल को बालों पर लगाया जाए तो बाल चमकदार हो जाते हैं। बालों की जड़ें भी मजबूत हो जाती हैं। बालों की समस्याओं में हर्बल जानकारों के अनुसार त्रिफला का सेवन हितकर माना गया

4-आंवला के फलों का चूर्ण दही में मिलाकर हल्के-हल्के हाथों से सिर पर मालिश करें और 5 मिनट बाद गुनगुने पानी से बालों को साफ कर लें। कुछ दिनों तक ऐसा करने से बाल स्वस्थ हो जाते हैं और डेंड्रफ भी दूर हो जाता है।

5-कलौंजी को पीसकर पानी में मिला लें। इस पानी से बालों को कुछ दिनों तक धोने से बाल झडऩा बंद हो जाते हैं और घने होना शुरू हो जाते हैं।

6-बाल झड़ते हैं तो जैतून के तेल में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर का पेस्ट बनाएं। नहाने से पहले इस पेस्ट को सिर पर लगा लें। 15 मिनट बाद बाल धोएं। ऐसा करने पर कुछ ही में दिनों बाल झड़ने की समस्या दूर हो जाएगी।

7-लहसुन का खाने में अधिक प्रयोग करें। हरे धनिए का लेप करने से भी गंजापन खत्म हो जाता है।

बालों को झड़ने तथा सफेद होने से बचाने के लिए कुछ चमत्कारी बालों का तेल बनाने का तरीका-

Hair loss and graying of hair oil to avoid making some miraculous way

  • सबसे पहले एक लोहे का बर्तन ले लें। इसके बाद इसमें 1 लीटर नारियल का तेल, 100 ग्राम आंवला, रीठा, शिकाकाई पाउडर, 1 बड़ा चम्मच मेंहदी, 2 चम्मच रत्नजोत पाउडर को एकसाथ मिलाकर सूर्य की रोशनी में कम से कम एक सप्ताह तक रखें। फिर इसके बाद इसे धीमी आग पर उबालें तथा उबलने के बाद इसको छानकर इसमें नींबू का रस तथा कपूर मिलाकर बोतल में भर कर रख दें। इसके बाद प्रतिदिन इस तेल को बालों में लगाएं। ऐसा करने से बाल लम्बे घने और काले हो जाते हैं।
  • आधा किलो सूखे आंवले को कूटकर साफ कर लें तथा इसके बाद मुलैठी को कूटकर आपस में मिला लें। फिर इसमें आठ गुना पानी मिलाकर किसी बर्तन में इसे फूलने के लिए छोड़ दें। फिर सुबह के समय में इसे धीमी आग पर उबालने के लिए रख दें। इस मिश्रण को तब तक गर्म करना चाहिए, जब तक कि इसका पानी आधा न रह जाए। फिर इसे आग पर से उतार लें और इसे अच्छी तरह से मिलाकर छान लें। इसके बाद फिर से इस मिश्रण को तेल में मिलाकर आग पर गर्म करें तथा इसे तब तक गर्म करें जब तक कि इसका सारा पानी जल न जाये। इसके बाद इसे आग से उतार लें और इसमें इच्छानुसर सुगन्ध तथा रंग मिलाकर किसी बोतल में भर लें। इसके बाद प्रतिदिन इस तेल को बालों पर लगाएं। इस तेल को लगाने से सिर का दर्द, बालों का सफेद होना, बालों का झड़ना रुक जाता है तथा रोज इसके उपयोग से बाल लम्बे, घने तथा काले हो जाते हैं। इस तेल से सिर की खुश्की भी दूर हो जाती है।
  • 250 ग्राम घिया (लौकी) को लेकर अच्छी तरह से पीस लें और फिर इसे महीन कपड़े से छानकर इसका सारा पानी बाहर निकाल लें। इसके बाद इसमें 250 मिलीलीटर नारियल का तेल मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं। जब तक तेल थोड़ा गर्म न हो जाए तब तक इसमें लौकी का निकाला हुआ पानी धीरे-धीरे डालते रहें और इसे उबलने दें। जब सारा पानी जल जाए तब इसको आग पर से उतार लें। इस तेल को ठंडा करके बोतल में भर दीजिए।
  • इन तेलों  को प्रतिदिन बालों पर लगाने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं। इन तेलों  के उपयोग से सिर को ठंडक मिलती है। इन तेलों  को रोजाना इस्तेमाल करने से व्यक्ति की याद्दाश्त तेज होती है। पैर के तलवों में जलन होने पर इस तेल से पैर के तलवों की मालिश करने से बहुत आराम मिलता है। इस प्रकार से रोगी का इलाज प्राकृतिक चिकित्सा से करने से रोगी के बालों से सम्बन्धित सारे रोग ठीक हो जाते हैं।

बाल झड़ने का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार

 बालों के झड़ने के रोग का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार करने से पहले इस रोग के होने के कारणों को दूर करना चाहिए और फिर इसका उपचार प्राकृतिक चिकित्सा से करना चाहिए।
  • इस रोग से बचने के लिए भोजन संतुलित तथा पौष्टिक करना चाहिए।
  • बाल झड़ने के रोग को ठीक करने के लिए सप्ताह में एक बार फलों का भोजन करना चाहिए।
  • बालों को झड़ने से रोकने के लिए पत्ता गोभी, अनन्नास तथा आंवला का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए।
  • बाल झड़ने से रोकने के लिए व्यक्ति को अपने भोजन में सब्जियां, सलाद, मौसम के अनुसार फल और अंकुरित अन्न का अधिक मात्रा में उपयोग करना चाहिए।
  • भोजन में आटे की रोटी, चावल, फल व हरी सब्जियों का अधिक प्रयोग करना चाहिए।
  • इस रोग से पीड़ित रोगी को पालक व गाजर के रस का अधिक सेवन करना चाहिए। इससे रोगी के बाल झड़ना बहुत जल्द ही रुक जाते हैं।
  • रोगी व्यक्ति को अपने सिर के पसीने को सूखने नहीं देना चाहिए।
  • बालों को झड़ने से रोकने के लिए आंवले का अपने भोजन में अधिक उपयोग करना चाहिए तथा आंवले के मुरब्बा का सेवन करना भी बहुत लाभदायक होता है।
  • इस रोग से पीड़ित रोगी को अपने सिर को दही से धोना चाहिए और फिर नारियल के दूध से खोपड़ी की मालिश करनी चाहिए। इसके बाद सिर को धोना चाहिए और कुछ समय बाद बथुए के पानी से सिर को धोना चाहिए। ऐसा करने से रोगी के बाल झड़ना रुक जाते हैं।
  • इस रोग से पीड़ित रोगी को उंगुलियों से रात को सोने से पहले नित्य पांच मिनट तक सिर की मालिश करनी चाहिए तथा स्नान से पहले दस मिनट तक अपने शरीर पर सूखा घर्षण करना चाहिए। ऐसा कुछ दिनों तक करने से बाल झड़ना रुक जाते हैं।
  • रात में मेथी के बीजों को पानी में भिगो देना चाहिए। सुबह उठने पर इन्हें पीसकर लेप जैसा बना लेना चाहिए और फिर इस लेप को बालों पर लगाना चाहिए। ऐसा कुछ दिनों तक करने से रोगी के बाल झड़ना रुक जाते हैं।
  • बाल झड़ने के रोग में बेरी के पत्तों को पीसकर इसमें नींबू का रस मिलाकर सिर पर लगाने से बाल दुबारा उगने लगते हैं।
  • ताजे धनिये का रस या गाजर का रस बालों की जड़ों में लगाने से रोगी व्यक्ति के बाल झड़ने बंद हो जाते हैं।
  • सिर में जिस जगह से बाल झड़ गये हैं उस जगह पर प्याज का रस लगाने से बाल दुबारा से उग आते हैं।
  • गाजर को पीसकर लेप बना लें। फिर इस लेप को सिर पर लगाये और दो घंटे के बाद धो दें। ऐसा प्रतिदिन करने से बाल झड़ने बंद हो जाते हैं।
  • गंजेपन को दूर करने के लिए रात को सोते समय नारियल के तेल में नींबू का रस मिलाकर सिर की मालिश करनी चाहिए।
  • सूर्य तप्त नीली बोतल के तेल से सिर पर रोजाना मालिश करने से बाल गिरना रुक जाते हैं।
  • खाना खाने के बाद सिर को उंगलियों से खुजलाना चाहिए, इससे बाल झड़ना कुछ ही दिनों में रुक जाते हैं।
  • बाल झड़ने के रोग को ठीक करने के लिए रोजाना 2-3 बार लगभग पांच मिनट के लिए दोनों हाथों की उंगुलियों के नाखूनों को आपस में रगड़ना चाहिए।
  • सुबह सूर्योदय से पहले दैनिक कार्यों से निवृति के बाद स्नान करना चाहिए। इस प्रकार के स्नान से पेट, सिर और आंखों में गर्मी नहीं बढ़ती है। इसके फलस्वरूप बाल झड़ना रुक जाते हैं।
  • बालों को झड़ने से रोकने के लिए सप्ताह में कम से कम दो बार मुलतानी मिट्टी से बालों को धोना चाहिए।
  • इस रोग को ठीक करने के लिए खुली हवा में लंबी गहरी सांस लेनी चाहिए तथा कुछ व्यायाम भी करने चाहिए।
  • यदि किसी व्यक्ति को जुकाम, खांसी, तनाव, चिंता, प्रमेह आदि रोग हो गए हों तो उसे तुरंत ही इसका इलाज करना चाहिए क्योंकि ये बालों के झड़ने का कारण बन सकते हैं।
  • रोजाना रात को सोते समय 10 से 15 मिनट तक अपनी उंगलियों से बालों की जड़ों में सरसों या बादाम के तेल की हल्की-हल्की मालिश करनी चाहिए। ऐसा करने से बाल झड़ना रुक जाते हैं तथा बाल घने तथा लम्बे होने लगते हैं।
  • आंवला, ब्राह्मी तथा भृंगराज को एकसाथ मिलाकर पीस लें। फिर इस मिश्रण को लोहे की कड़ाही में फूलने के लिए रखना चाहिए और सुबह के समय में इसको मसल कर लेप बना लेना चाहिए। इसके बाद इस लेप को 15 मिनट तक बालों में लगाएं। ऐसा सप्ताह में दो बार करने से बाल झड़ना रुक जाते हैं तथा बाल कुदरती काले हो जाते हैं।
  • रात को तांबे के बर्तन में पानी भरकर रखें। सुबह के समय उठते ही इस पानी को पी लें। इसके साथ ही आधा चम्मच आंवले के चूर्ण का सेवन भी करें। इससे कुछ ही समय में बालों के झड़ने का रोग ठीक हो जाता है।
  • गुड़हल के फूल तथा पोदीने की पत्तियों को एक साथ पीसकर थोड़े से पानी में मिलाकर लेप बना लें। इस लेप को सप्ताह में कम से कम दो बार आधे घण्टे के लिए बालों पर लगाना चाहिए। ऐसा करने से बाल झड़ना रुक जाते हैं तथा बाल सफेद भी नहीं होते हैं।
  • लगभग 80 मिलीलीटर चुकन्दर के पत्तों के रस को सरसों के 150 मिलीलीटर तेल में मिलाकर आग पर पकाएं। जब पत्तों का रस सूख जाए तो इसे आग पर से उतार लें और ठंडा करके छानकर बोतल में भर लें। इस तेल से प्रतिदिन सिर की मालिश करने से बाल झड़ने रुक जाते हैं तथा बाल समय से पहले सफेद भी नहीं होते हैं।
  • कलौंजी को पीसकर पानी में मिला लें। इस पानी से सिर को कुछ दिनों तक धोने से बाल झडना बंद हो जाते हैं तथा बाल घने भी होना शुरु हो जाते हैं।
  • नीम की पत्तियों और आंवले के चूर्ण को पानी में डालकर उबाल लें और सप्ताह में कम से कम एक बार इस पानी से सिर को धोएं। ऐसा करने से कुछ ही समय में बाल झड़ना बंद हो जाते हैं।
  • बाल झड़ने से रोकने के लिए प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार कई प्रकार के आसन हैं जिनको करने से बाल झड़ने कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं। ये आसन इस प्रकार हैं- शवासन, सर्वांगासन, योगनिद्रा, मत्स्यासन, विपरीतकरणी मुद्रा तथा शरीर के अन्य उलटने-पलटने का आसन। इस प्रकार से प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार करने से रोगी के बाल झड़ने की समस्या दूर हो जाती है।
  • इस रोग का उपचार करते समय प्राकृतिक चिकित्सा के सुझावों पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए और फिर इसका उपचार करना चाहिए।
  •  घी खायें और बालों पर घी की मालिश करें।
  •  गेहूं के जवारे का रस पीने से भी बाल कुछ समय बाद काले हो जाते हैं।
  •  तुरई या तरोई के टुकड़े करके उसे धूप में सूखा कर कूट लें। फिर कूटे हुए मिश्रण में नारियल का इतना तेल डालें कि वह डूब जाए। इस तरह चार दिन तक उसे तेल में डूबोकर रखें फिर उबालें और छान कर बोतल में भर लें। इस तेल की मालिश करें। बाल काले होंगे।
  •  नींबू के रस से सिर में मालिश करने से बालों का पकना, गिरना दूर हो जाता है। नींबू के रस में पिसा हुआ सूखा आंवला मिलाकर सफेद बालों पर लेप करने से बाल काले हो जाते हैं।
  •  पीली बर्रे का वह छत्ता जिसकी मक्खियाँ उड़ चुकी हो 25 ग्राम, 10-15 देसी गुड़हल के पत्ते,1/2 लीटर नारियल तेल में मंद मंद आग पर उबालें सिकते-सिकते जब छत्ता काला हो जाये तो तेल को आग से हटा लें। ठंडा हो जाने पर छान कर तेल को शीशी में भर लें। प्रतिदिन सिर पर इसकी हल्के हाथ से मालिश करने से बाल उग जाते हैं और गंजापन दूर होता है।
  •  कुछ दिनों तक, नहाने से पहले प्रतिदिन सिर में प्याज का पेस्ट लगाएं। बाल सफेद से काले होने लगेंगे।
  •  नीबू के रस में आंवला पाउडर मिलाकर सिर पर लगाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं।
  •  तिल का तेल भी बालों को काला करने में प्रभावी है।
  •  आधा कप दही में चुटकी भर काली मिर्च और चम्मच भर नींबू रस मिलाकर बालों में लगाए। 15 मिनट बाद बाल धो लें। बाल सफेद से काले होने लगेंगे।
  •  नीम का पेस्ट सिर में कुछ देर लगाए रखें। फिर बाल धो लें। बाल झड़ना बंद हो जाएगा।
  •  चाय पत्ती के उबले पानी से बाल धोएं। बाल कम गिरेंगे।
  •  बेसन मिला दूध या दही के घोल से बालों को धोएं। इससे बालों और उनकी जड़ों को मज़बूत करने में लाभ होगा।
  •  दस मिनट तक कच्चे पपीता का पेस्ट सिर में लगाएं। बाल नहीं झड़ेंगे और रूसी (Dandruff) भी नहीं होगी।
  •  50 ग्राम कलौंजी 1 लीटर पानी में उबाल लें। इस उबले हुए पानी से बालों को धोएं। इससे बाल 1 महीने में ही काफी लंबे हो जायेंगे।
  •  नीम और बेर के पत्तो को पानी के साथ पीसकर सिर पर लगायें और इसके 2-3 घण्टों के बाद बालों को धो डालें। इससे बालों का झड़ना (Hair Loss) कम हो जाता है और बाल लंबे भी होते हैं।
  •  लहसुन का रस निकालकर सिर में लगाने से बाल उग आते हैं।
  •  सीताफल के बीज और बेर के बीज के पत्ते बराबर मात्रा में लेकर पीसकर बालों की जड़ों में लगाएं। ऐसा करने से बाल लंबे हो जाते हैं।
  •  10 ग्राम आम की गिरी को आंवले के रस में पीसकर बालों में लगायें। इससे बाल लंबे और घुंघराले हो जाते हैं।
  •  शिकाकाई और सूखे आंवले को 25-25 ग्राम लेकर थोड़ा-सा कूटकर इसके टुकड़े कर लें। इन टुकड़ों को 500 ग्राम पानी में रात को डालकर भिगो दें। सुबह इस पानी को कपड़े के साथ मसलकर छान लें और इससे सिर की मालिश करें। 10-20 मिनट बाद नहा लें। इस तरह शिकाकाई और आंवलों के पानी से सिर को धोकर और बालों केसूखने पर नारियल का तेल लगाने से बाल लंबे, मुलायम और चमकदार बन जाते हैं।
  •  ककड़ी में सिलिकन और सल्फर अधिक मात्रा में होता है जो बालों को बढ़ाते हैं। ककड़ी के रस से बालों को धोने से तथा ककड़ी, गाजर और पालक सबको मिलाकर रस पीने से बाल बढ़ते हैं। यदि यह सब न मिलें तो जो भी मिले उसका रस मिलाकर पी लें। इस प्रयोग से नाखून का गिरना भी बन्द हो जाता है

किसी भी रोग को रोकने का सबसे आसान तरीका होता है उसके कारण का पता करें और उन से दूर रहें !

1. खूब पानी पियें (Drink plenty of water): – बालों को गिरने से रोकने के लिये पानी भी एक सस्ता और उपयोगी नुस्खा है। कुछ चंद जगहों को छोड़ कर पानी बिना किसी मूल्य के मिलता है। तो क्यों न खूब सारा पानी पीकर आप अपने बालों को झड़ने से रोकें! कई लोग पानी तब पीते हैं जब उन्हें प्यास लगती है। अगर आप भी ऐसा करेंगे तो आपके बालों को गिरने से कोई नहीं रोक सकेगा। प्यास न लगे फिर भी आप हर दो तीन घंटे पर एक ग्लास पानी पीयें। हमारे शरीर की बनावट में पानी की मात्रा कुछ ज्यादा, लगभग दो तिहाई होती है।

आपकी त्वचा, बाल, रक्त, शुक्राणु, इन सबको स्वस्थ रहने के लिए और अपना कार्य सक्षमता से करने के लिए पानी की ज़रुरत पड़ती है। आप अगर पानी तब पीते हैं जब आपको प्यास लगती है तो यकीनन आपकी प्यास बुझती है, लेकिन जब बिना प्यास लगे आप पानी पीते हैं तो आप अपने कोशिकाओं और इन्द्रियों को एक तरह से सींचते हैं। इससे आपके रक्तसंचार में सुधार होता है और आप के अन्दर किसी भी रोग को रोकने की शक्ति पैदा होती है।

आपके शुक्राणु स्वस्थ हो जाते हैं और आपके बालों की जड़ें भी मज़बूत हो जाती हैं। पानी आपकी त्वचा को एक अनोखी चमक देता है, क्योंकि ये आपके लीवर से और आपकी त्वचा की कई सतहों के नीचे से विषैले तत्व बाहर निकाल फेंकता है। इससे एक और फायदा होता है। आपके अन्दर की पाचन शक्ति बढती है और आपका वज़न भी कम हो जाता है। पानी आपके बालों में भी एक नयी चमक पैदा करता है, और उन्हें स्वस्थ और मज़बूत रखता है। तो अगर आप अपने बालों को गिरने से रोकना चाहते हैं तो जी भर के पानी पीजिये और पूरा दिन अपने शरीर को सींचित और स्वस्थ रखिये।

2. विटामिन डी की शरीर में कमी न हो (Vitamin D deficiency in the body is not):- अन्‍य आवश्‍यकताओं की तरह बालों को विडामिन डी की भी आवश्‍यकता होती है । ये भी एक तरह का निशुल्क नुस्खा है और बालों को गिरने से रोकता है। असल में विटामिन डी बालों को बढ़ने में काफी मददगार साबित होता है और बालों को बढ़ने के लिए यह बहुत ज़रूरी भी है। यह अपने आप में आयरन और कैल्शियम को सोख लेता है।

आयरन की कमी भी बालों के गिरने की वजह होती है। लेकिन जब आप अपने शरीर पर कम से कम 15 मिनिट के लिए भी सूर्य की किरणें पड़ने देते हैं, तो आपको उस दिन के लिए ज़रूरी मात्रा में विटामिन डी की खुराक मिल जाती है। लेकिन एक बात याद रहे, जब बहुत ही ज्यादा गर्मी हो तो आप अपने सिर और त्वचा को सूर्य की किरणों से बचाकर रखिये। बहुत ज्यादा गर्मी या तपती धूप आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। तो बेहतर यही होगा की आप सूर्य की किरणों का फायदा या तो सुबह उठाइए या शाम को।

3. पौष्टिक आहार लें (Nutritious diet):- कई लोग बालों की झडने का शिकार गलत खाने की वजह से होते हैं। ऐसा नहीं है की वे पौष्टिक खाने पर खर्च नहीं कर सकते लेकिन आदतन वे जंक फ़ूड पर पैसे बर्बाद करते हैं बनिबस्त पौष्टिक आहार पर खर्च करने के । जंक फ़ूड , डब्बाबंद आहार, तैलीय खाना, वगैरह में पौष्टिक तत्वों की कमी होती है लेकिन कई लोग इन्हें बड़े मज़े से खाते हैं। नतीजा यह होता है कि आपके शरीर को सही मात्रा में आयरन, कैल्सियम , जिंक , विटामिन सी और प्रोटीन वगैरह नहीं मिल पाते।

यह सब बालों के बढ़ने के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं इसीलिए जहाँ तक हो सके ऐसे पोषण रहित आहार का बहिष्कार किजिये और हरी सब्जियां, फल, सूखे मेवे, दूध, अंडे खाइए जिससे कि आपके जीवन में पौष्टिक आहारों की कमी पूरी हो सके।

4. तनाव से बचे (Stress Survivors):- बालों के गिरने की एक अहम् वजह तनाव भी है। तनाव से कई और बीमारियाँ भी पैदा होती हैं, इसीलिए इन बीमारियों से बचने के लिए, और बालों को गिरने से बचाने के लिए तनाव से दूर रहिये। हालांकि ऐसा कहना बहुत आसान होता है, लेकिन अगर आप पूरी तरह स तनाव से छुटकारा नहीं पा सकते तो इसे कम तो कर सकते हैं। और तनाव कम करने के लिए आपको अपनी सोच को बदलना होगा, और योग, मेडीटेशन, वगैरह जैसे उपायों से इसे कम कर सकते हैं।

5. धूम्रपान और शराब का सेवन ना करें (Avoid smoking and alcohol intake):- बालों के गिरने की एक और वजह धूम्रपान भी है, धूम्रपान से अथेरोसेलेरोसिस का विकास होता है। अथेरोसेलेरोसिस की अवस्था में आपकी नसों और रगों पर मैल जमा हो जाती है जिससे आपके पूरे शरीर के रक्तसंचार में अवरोध पैदा होता है। फलस्वरूप, अगर आप पौष्टिक आहार का सेवन भी कर रहे हैं तो भी पौष्टिक तत्व आपके बालों की जड़ों तक नहीं पहुँच पाते क्योंकि आपके सिर तक पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं पहुँचता। इस दशा में आपके बाल कमज़ोर होने लगते हैं और गिरने लगते हैं।

धूम्रपान की वजह से, सेक्स समस्याएं , दौरे पड़ना, उच्च रक्त चाप, हार्ट एटेक वगैरह जैसे रोग भी पैदा होते हैं। तो, अगर आपको अपनी ज़िन्दगी से प्यार है (न सिर्फ अपने बालों से) तो आज ही धूम्रपान करना छोड़ दीजिये। शराब आपके लीवर को नुकसान पहुंचाती है और आपके शरीर में ऐसे विषैले तत्व पैदा करती है जो की आपके बालों के लिए बहुत हीं हानिकारक साबित होते हैं। शराब आप नियंत्रित मात्रा में पियें बेहतर तो यही होगा कि आप शराब को हाथ ही ना लगायें।

6. हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल न करे (Not to use harmful chemicals):- अक्सर लोग टीवी पर और रंगीन पत्रिकाओं में लुभावने इश्तिहार देखकर ललचा जाते हैं और अपने बालों के लिए, बिना सोचे समझे कोई भी शेंफू और कंडीस्नर खरीद लेते हैं। कोई भी शेंफू खरीदने से पहले उसके अन्दर के मसालों के बारे में अच्छी तरह परख लें। कई शेंफू में कड़क तरह के मसाले डाले जाते हैं, जिनसे कि आपके बालों को हानि पहुँचती है और आपके बाल गिरने लगते हैं और आप गंजे भी हो सकते हैं। एक दो बार खरीदने के बाद अगर आपको लगे है कि कोई शेंफू आपके बालों के लिए ठीक नहीं है तो उसे फ़ौरन इस्तेमाल करना बंद कर दीजिये।

7. अत्यधिक गर्मी और बाल रंगने से परहेज़ करें (Avoid excessive heat and hair dye):- अत्यधिक गर्मी और बालों को बहुत ज्यादा रंगना या डाई करना आपके बालों के लिए ठीक नहीं होते। जहाँ तक हो सके अपने बालों को गर्मी से बचाएं और बालों को तभी रंगें या डाई करें जब बहुत ही ज्यादा ज़रूरी हो।

Source Article :- http://www.deshbandhu.co.in/, http://www.talktoday.in/,

http://bharatkaayurvedicgyan.blogspot.in/

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