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बादाम के बारे में रोचक जानकारी जो आपने कभी नहीं सुनी होंगी

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बादाम जो की उर्जा का एक बहुत बड़ा स्त्रोत  माना जाता है सर्दी आते ही लोग इसका तरह तरह से सेवन करना शुरु कर देते हैं कोई बादाम को भिगो कर खाता है और कोई डायरेक्ट खाता है और उनके मन में एक सोच बनी हुई है की बादाम को गर्मी में भिगो कर खाना चाहिये और सर्दी में सीधे खाने से फायदा होता है शरीर में गर्मी बनी रहती है

बादाम में सोडियम नहीं होने से हाई बल्डप्रेशर के रोगियों के लिये भी लाभदायक रहता है। इसके अलावा इसके सेवन से खांसी (Cough) , डायबिटीज़ (diabetes) , एनीमिया (anemia) , पथरी (kidney stones) जैसी समस्याओं से भी निजात मिलता है।

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अगर आपको भी बादाम बिना भिगोए खाना पसंद है और आपको रातभर इसे पानी में भिगोकर रखने के विचार से परहेज है तो आज ही अपनी इस आदत को बदल दें  बादाम खाने का सही तरीका है इसका छिलका उतारकर खाना.

बादाम भिगोकर खाने से क्या फायदा होता है ?

आज हम आपको यहाँ बता रहे है की बादाम को भिगोकर खाने को क्यों बोला जाता है उसकी सबसे बड़ी वजह है बादाम के उपर जो भूरे रंग का छिलका होता है उसमे हममें से बहुत कम लोगों को ही ये बात पता होगी कि बादाम के भूरे छिलके में टैनिन नाम का तत्व पाया जाता है, जो आपके रंग को नुक्सान पहुंचाता है और दूसरा उसकी वजह से पोषक तत्व पूर्ण रूप से अवशोषित नहीं हो पाते हैं. एक बार अगर बादाम को भिगो दिया गया तो उसका छिलका बहुत आसानी से उतर जाता है. इसके बाद जब आप बादाम खाते हैं तो उसका पूरा पोषण शरीर को मिलता है.

इसके अलावा भीगे बादाम खाने से पाचन क्रिया भी संतुलित रहती है. यह lipase नाम का एंजाइम स्त्रावित करता है जो फैट (Fat) के पाचन के लिए कारगर है. इसके अलावा बादाम वजन घटाने (Weight Loss) में भी बहुत फायदेमंद होता है. इसमें मोनोसैचुरेटेड फैट्स (Mono-saturated fats) होते हैं जिससे बादाम खाने के काफी देर बाद तक पेट भरा-भरा महसूस होता है.

भिगोए हुए बादाम एंटी-ऑक्सीडेंट्स (Anti-Oxidants) का भी खजाना होते हैं, जिस वजह से ये बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करते हैं. भिगोए हुए बादाम में विटामिन बी17 (Vitamin b17) और फॉलिक एसिड (Folic Acid) होते हैं, जिनको कैंसर (Cancer) के खतरे को कम करने वाला माना जाता है.

आस्ट्रेलिया, कैलिफोर्निया, अफ्रीका और भारत में सबसे ज्यादा पाये जाने वाला बादाम प्रोटीन, वसा, विटामिन और मिनेरल का सबसे बड़ा स्रोत हैं। यह न केवल आपके व्यंजन के स्वाद को बढ़ाता है बल्कि इसके औषधीय फायदे भी हैं।

बादाम के 10 औषधीय गुण

1. रात को चार-पांच बादाम पानी में डालकर रख दें। सुबह उनके छिलके उतारकर पांच छोटी इलायची के साथ पीसकर उसमें थोडी-सी मिश्री मिला लें और पानी में मिलाकर पीने से पेशाब में जलन की समस्या दूर होती है।

2. पांच बादाम रात को पानी में डालकर रखें, सुबह उठकर उन बादामों का छिलका अलग करके उन्हें पीसकर मिश्री मिलाकर चाटकर खाने से सूखी खांसी में बहुत फायदा होता है।

3. बादाम की चार-पांच गिरी के छिलके उतारकर घी में भूनें। जब गिरी गुलाबी हो जाए तो उन्हें दूध में डालकर उबालें, फिर चीनी मिलाकर पीने से गर्भावस्था में शारीरिक शक्ति मिलती है। श्वेत-प्रदर रोग भी दूर होता है।

4. तीन-चार बदामों की गिरी पानी में डालकर, छिलके उतारकर लहसुन की एक कली और मिश्री के साथ पीसकर बच्चों को दिन में दो-तीन बार चटाने से काली खांसी का प्रकोप दूर होता है।

5. भीगे हुए बादामों की गिरी के छिलके उतारकर काली मिर्च के साथ पीसकर मिश्री मिलाकर सेवन करने से भूलने की बीमारी दूर होती है।

6. बादाम की पांच गिरी रात को पानी में डालकर रखें और सुबह उठकर उनके छिलके अलग करके काली मिर्च और सोंठ के साथ पीसकर, मिश्री मिलाकर सुबह-शाम खाली पेट सेवन करने से शीघ्रपतन की समस्या दूर होती है।

7. फास्फोरस, लौह और कैल्शियम से भरपूर बादाम की गिरी पीसकर दूध में मिलाकर पिलाने से बच्चों की हड्डियां मजबूत होती है।

8. बच्चों के दांत निकलते समय पानी में भिगोकर रखी गिरी के छिलके उतारकर और उसे पीसें। फिर दूध में मिलाकर रोजाना पिलाने से बहुत लाभ होता है, दांत आसानी से निकलते हैं।

9. बच्चों के तुतलाने की समस्या पर उन्हें रोजाना तीन गिरी पानी में भिगोकर, छिलके उतारकर पीसकर, थोड़ा-सा मक्खन मिलाकर चाटने से कुछ दिनों में उनकी तुतलाहट की समस्या दूर होने लगती है।

10. बादाम की दो गिरी और एक छुहारा रात को पानी में डालकर रखें। सुबह गिरी के छिलके उतारकर, छुहारे के साथ पीसकर, मक्खन और मिश्री मिलाकर सेवन करने से ऋतुश्राव के अवरोध और अल्प मात्रा में श्राव होने की समस्या दूर होती है।

Source :- http://www.sehatgyan.com

बादाम खाने के 5 नुक्सान

चर्बी को बढ़ाता है :- जब आप बादाम को खाते हैं तो इससे आपकी कमर के आस पास चर्बी जमने लगती है। बादाम में कई प्रकार के तत्व होते हैं जो वजन बढ़ाने का काम करते है  इसलिए आप बादाम का सेवन एक सीमित मात्रा में करें। फिर आपको इससे कोई नुकसान नहीं होगा।

पेट की समस्याएं :- कई बार ऐसा  होता है कि लोग जाने अनजाने में ये सोचकर बादाम का सेवन अधिक करने लगते हैं कि इससे उनका शरीर मजबूत और ताकतवर बनेगा। लेकिन यह एक गलत अवधारणा है। जब आप अधिक बादाम खाते हो तब पेट में यह कब्ज, और गैस को बनाने लगते हैं। यही नहीं इससे आपको डायरिया और पेट की बीमारियां भी लग सकती हैं। पेट दर्द की शिकायत भी हो सकती है।

सिर में भारीपन आना :- जब आप बादाम का अधिक सेवन करते हो तो इससे दिमागी की नसों में गरमी आती है और हमारा सिर भारी होने लगता है। यही नहीं हमे ठीक तरह से नींद भी नहीं आती है।

मुंह की समस्याएं :- जब इंसान  बादाम या फिर अन्य किस्म के सूखे मेवे खाता है तब उसके दांतों में यह जम जाता है। और आसानी से बाहर नहीं आता है। इससे मुंह से संबंधित समस्याएं जैसे मुंह की बदबू, मुंह में संक्रमण होना और दांतों में पीलापन आदि हो सकती हैं।

मधुमेह में :- जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या रहती हो वे भी बादाम का सेवन अधिक ना करें।

Source :- http://www.vedicvatica.com

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