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फोड़ा (Phoda) होने के कारण व आयुर्वेदिक और औषधीय उपचार

फोड़ा (Staphylococcus bacteria)

फोड़ा बैक्टीरिअल इंफैक्शन (स्टैफाइलो कोक्कस नामक जीवाणु के द्वारा संक्रमण) के कारण होता है, जो कि त्वचा में बहुत अंदर तक पहुंच जाता है। शुरुआत लाल रंग की फुंसी से होती है जो बाद में बड़ी हो जाती है और इसमें सफेद पीप भर जाता है। यह काफी तकलीफदेह होता है। फोड़ा डिहाइड्रेशन या फिर किसी तरह के स्किन इंफैक्शन के कारण होता है। फोड़ा बाल के चारों ओर ऊबड़ लाल, पस से भरा हुआ लम्प होता है जो कोमल, गर्म और बहुत ही पीड़ादायक होता है। यह मटर के आकार से लेकर गोल्फ की गेंद के आकार तक का हो सकता है। जब फ़ोड़ा पक जाता है और उससे पस निकलने के लिए तैयार हो जाता है, तब इसके गांठ के केन्द्र में एक पीला या सफेद बिंदु बन जाता है। इसके गंभीर संक्रमण में रोगी को बुखार का अनुभव हो सकता है, उसकी लसिका में सूजन हो सकती है और उसे थकान भी महसूस होता है।

आज दुनिया का हर दूसरा व्यक्ति चमड़ी से जुड़े किसी न किसी रोग से जूझ रहा है। खुजलीजलन, फुंसियां, घमोरियां, दराद, लाल-सफेद चकत्ते… जैसी कई समस्याएं हैं जिनसे हर कोई परेशान है या कभी न कभी रह चुका है। कई बार छूत से यानी इनसे संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आने पर खुद को भी संक्रमण लगने से भी फोड़े- फुंसी या खुजली जैसी कोई त्वचा संबंधी समस्या हो सकती है।

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यहां हम कुछ ऐसे घरेलू उपाय दे रहे हैं जो सालों से आजमाए और परखे हुए हैं। ये नुस्खे कारगर तो हैं ही साथ ही इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है, ऊपर से ये हैं भी बहुत ही सस्ते..

फोड़े को उंगली की मदद से फोड़ने की कोशिश न करें। इससे आपकी त्वचा पूरी तरह से नष्ट हो सकती है।

फोड़ा ठीक करने के आयुर्वेदिक और औषधीय उपचार-

1. कालीमिर्च:

  • कालीमिर्च को सिल पर पीसकर फोड़े पर लगाने से फोड़ा बैठ जाता है।
  • 7 दाने कालीमिर्च के और 10 ग्राम ब्रह्मदण्डी को पानी में पीसकर और छानकर सुबह-शाम पीने से फोड़े के अलावा खुजली और दाद जैसे त्वचा के रोग भी ठीक हो जाते हैं।

2. चित्रक (चीता मूल): फोड़ा पकने के बाद चित्रक मूल को पीसकर लगाने से फोड़ा अपने आप फूट जाता है।

3. सोआ (बनसौंफ): सोआ (बनसौंफ) के पत्तों को तेल लगाकर गर्म करके फोड़े पर बांधने से फोड़ा जल्दी पककर फूट जाता है।

4. मैनफल: मैनफल के पेड़ की छाल का चूर्ण बनाकर फोड़े पर लगाने से फोड़े के कारण होने वाला दर्द खत्म हो जाता है।

5. पुष्कर जड़: पुष्कर जड़ को पीसकर फोड़े, फुंसी और जख्मों पर लगाने से लाभ होता है।

6. पाषाणभेद (सिलफड़ा): शहद में पाषाणभेद या सिलफड़ा को घिसकर फोड़े पर लगाने से आराम होता है।

7. कपूर: कपूर और रसौत को मक्खन में मिलाकर फोड़े के घाव पर लगाने से घाव ठीक हो जाता है।

8. चकबड़ : चकबड़ के पत्तों को पोटली बनाकर फोड़ों पर बांधने से फोड़े पककर जल्दी फूट जाते हैं।

9. प्याज: प्याज में एंटीसेप्टिक गुण पाए जाने के कारण यह फोड़े का एक बेहतरीन उपचार है। प्याज का एक टुकड़ा लेकर उसे फोड़े पर रखें और कपड़े के एक टुकड़े से ढंक दें। इससे पैदा होने वाली गर्मी से फोड़ा ठीक हो जाएगा।

प्याज को पीसकर घी में भूनकर फोड़े या घाव पर पोटली की भान्ति बांधने से इसमें बहुत लाभ मिलता है।

प्याज को गर्म राख में भूनकर और इसको कुचलकर गुड़ के साथ मिलाकर फोड़े पर बांधने से फोड़ा पक जाता है।

10. यवक्षार: यवाक्षार और सज्जीखार को पानी में मिलाकर फोड़े पर लगाने से फोड़ा जल्दी फूट जाता है।

11. कस्तूरी: जबादकस्तूरी को घाव पर लेप की तरह लगाने से फोड़ा जल्दी ठीक हो जाता है।

12. अगर: पानी में अगर को घिसकर फोड़े पर लगाने से फोड़ा ठीक हो जाता है।

13. गुग्गल: जब फोड़ा शुरू में होता है, तो गुग्गल को घोलकर फोड़े पर लेप की तरह लगाने से फोड़ा शुरूआती अवस्था में ही मिट जाता है।

14. राल: राल का मलहम बनाकर फोड़े पर लगाने से बिना दर्द के फोड़ा फूट जाता है।

15. खसखस: खसखस का तेल, कुन्दरू और सफेद मोम को एक साथ मिलाकर धीमी आंच पर गर्म करके छानने से प्राप्त मलहम को लगाने से बच्चों के फोड़े जल्दी ठीक हो जाते हैं।

16. कचूर: कचूर के पत्तों को पीसकर फोडे़ या गांठ पर पट्टी के साथ बांधने से फोड़ा खत्म हो जाता है।

17. पान: फोड़ों पर पान के पत्तों को गर्म करके बांधने से सूजन व दर्द कम होकर जल्दी ही फोड़ा ठीक हो जाता है।

18. विल्वपत्र (बेल के पत्ते): विल्वपत्र की पोटली फोड़ों पर बांधने से सूजन व फोड़ा जल्दी ठीक हो जाता है।

19. सहजना (मुनगा): सहजना की जड़ की छाल का काढ़ा सैंधानमक और हींग के साथ सेवन करने से फोड़े और उसके कारण होने वाले दर्द में आराम मिलता है।

20. निर्गुण्डी: निर्गुण्डी और करंज के पत्तों को पीसकर फोडे़ पर बांधने से सूजन खत्म हो जाती है।

21. अतिबला (कंघी): अतिबला या कंघी के फूलों और पत्तों का लेप फोड़ों पर करने से फोड़ा ठीक हो जाता है।

22. गुलसकरी (कुकराण्ड): गुलसकरी (कुकराण्ड) की जड़ को पीसकर फोड़े पर बांधने से फोड़ा जल्दी पककर अच्छा हो जाता है।

23. नागदन्ती: लगभग 3 से 6 ग्राम की मात्रा में नागदन्ती की जड़ की छाल को निर्गुण्डी (सिनुयार) और करंज के साथ लेने से फोड़े में होने वाली जलन ठीक हो जाती है।

24. इन्द्रायण: फोड़े पर इन्द्रायण की जड़ और विशाला (महाकाल, दन्द्रायण की एक भेद) को मिलाकर पत्थर पर पानी में घिसकर लेप की तरह फोड़े पर लगाने से फोड़े की सूजन और दर्द ठीक हो जाता है।

25. विधारा (घावपत्ता): फोड़े के घाव पर विधारा के पत्तों को पीसकर बांधने से फोड़ा ठीक हो जाता है।

26. हल्दी: हल्दी खून को साफ करता है और इसमें एंटी-इंफ्लामैटॉरी गुण पाया जाता है। गर्म दूध के साथ हल्दी मिलाकर पीने से फोड़ा ठीक हो जाता है। साथ ही आप हल्दी और अदरक का पेस्ट बनाकर फोड़े पर लगा सकते हैं। कुछ दिन तक ऐसा करने पर फोड़ा ठीक हो जाएगा।

27. भुई आमला: भुई आमला के पंचांग को चावल के पानी के साथ पोटली बनाकर फोड़े पर बांधने से फोड़ा ठीक हो जाता है।

28. पीपल:

  • पीपल को पोटली की तरह बांधने से दर्द वाले फोड़े में आराम मिलता है।
  • पीपल के पत्ते पर घी लगाकर उस पत्ते को गर्म करके फोड़े पर लगाने से फोड़े में से निकलने वाला मवाद बंद हो जाता है और फोड़ा भी ठीक हो जाता है।

29. चम्पा: चम्पा की जड़ की छाल को दही में पीसकर फोड़ों पर लगाने से उनकी सूजन दूर हो जाती है।

30. रीठा: बड़े फोड़े पर रीठा का लेप करने से उसकी सूजन और दर्द ठीक हो जाता है।

31. जियापोटा (पितौजिया): फोड़े से होने वाले दर्द को नष्ट करने के लिए जियापोटा (पितौजिया) की गुठलियों को पीसकर लगाना चाहिए।

32. करील (करीर): करील या करीर के पत्तों और उनकी नये कोमल शाखाओं को पीसकर लेप लगाने से फोड़े की पीड़ा के साथ ही साथ सूजन और फोड़ा भी ठीक हो जाता है।

33. कचनार: कचनार की छाल, वरना की जड़ और सौंठ को मिलाकर इससे बने काढ़े को लगभग 20 से 40 मिलीलीटर की मात्रा में सेवन करने से फोड़ा पक जाता है और ठीक हो जाता है। इस काढ़े को फोड़े पर भी लगाया जा सकता है।

34. खीरा: खीरे को पीसकर और उसमें नमक मिलाकर फोड़े पर लगाने से उसकी सूजन कम हो जाती है और उसकी मवाद एक जगह पर इकट्ठी हो जाती है।

35. झड़बेर: फोड़ों पर झड़बेर (सबसे छोटे जाति के बेर, क्षुद्र बदर) की पत्तियों को पीसकर लगाने से फोड़े ठीक हो जाते हैं। इसके अलावा खुजली भी दूर हो जाती है।

36. इमली: फोड़े के घाव पर इमली के पत्तों को पीसकर बांधने से दर्द और सूजन दोनों दूर हो जाते हैं।

37. तीसी: तीसी के बीजों का चूर्ण बनाकर हल्के गर्म पानी में मिलाकर फोड़े पर बांधने से फोड़े की सूजन दूर हो जाती है और यदि उस फोड़े में मवाद है तो वह फूट जाता है।

38. सरसों : सरसों को पानी के साथ पीसकर पट्टी के रूप में फोड़े पर बांधने से उसकी सूजन खत्म हो जाती है।

39. चौलाई (गन्हारी):

  • चौलाई (गन्हारी) साग की जड़ को फोड़े को जल्दी पकाने के लिए पीसकर लगाने से फोड़ा जल्दी पक जाता है।
  • फोड़े और फुन्सियों पर चौलाई के पत्तों को बांधने से ये पककर नष्ट हो जाते हैं।

40. लोणा: बड़ी लोणा (बड़ी नोनी साग) को पीसकर फोड़े पर लगाने से उसकी सूजन व जलन कम हो जाती है।

41. चांगेरी: फोड़ों पर चांगेरी (तिनपतिया) के साग को पीसकर बांधने से उससे होने वाली जलन दर्द और सूजन खत्म हो जाती है।

42. चूका शाक: फोड़े पर चूका शाक को पीसकर लगाने से उसकी सूजन, जलन और दर्द खत्म हो जाती है।

43. कसोन्दी: कसोन्दी के पत्तों को फोड़े के घाव पर पीसकर लगाने से फोड़े की सूजन और दर्द दूर हो जाता है।

44. तुम्बी: फोड़े की जलन को दूर करने के लिए कड़वी तुम्बी की गुद्दी को फोड़े पर लगाना चाहिए।

45. अन्धाहुली (अध:पुष्पी): अन्धाहुली (अध:पुष्पी) जिसके फूल नीचे की ओर लटकते रहते हैं, उसकी जड़ को पीसकर फोड़े पर लेप की तरह लगाने से फोड़े की सूजन खत्म हो जाती है।

46. खुब्बाजी: खुब्बाजी के फूल और इसके कच्चे फल को पीसकर फोड़े पर लगाने से फोड़ा कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

47. शरीफा: शरीफा के पत्तों को पीसकर फोड़ों पर लगाने से फोड़े जल्दी ठीक हो जाते हैं।

48. त्रिफला: दूध या पानी के साथ त्रिफला को 6 महीनों तक रात को सोते समय रोगी को खिलाने से फोड़े-फुंसियां ठीक हो जाती हैं। खाने में नमक का कम इस्तेमाल और केवल दूध या रोटी या दूध से बने पदार्थों का सेवन करने से लम्बे समय तक फोड़े-फुन्सियां नहीं निकलती हैं।

49. चर्बी : सुअर की चर्बी की शरीर पर मालिश करके गर्म पानी से स्नान करने से लम्बे समय तक फोड़े और फुन्सियां नहीं निकलती हैं।

50. चन्दन: फोड़े और फुन्सियों पर लाल चन्दन का लेप करने से फोड़े जल्दी ही ठीक हो जाते हैं।

51. आंवला: सूखे आंवलों को जलाकर और पीसकर चूर्ण बनाकर शुद्ध घी में मिला लें। इस मिश्रण को फोड़े-फुन्सियों पर लगाने से लाभ मिलता है।

52. मोम: फोड़े-फुन्सियों पर 20 ग्राम देशी मोम को 250 मिलीलीटर तिली के तेल में मिलाकर लगाने से ये खत्म हो जाते हैं।

53. थूहर: फोड़े-फुन्सियों पर थूहर का दूध लगाने से ये ठीक हो जाती हैं।

54. सुहागा: फोड़े-फुन्सियों को सुहागे के पानी में धोने से ये खत्म हो जाते हैं।

55. सत्यानाशी (पीला धतूरा) : सत्यानाशी के बीजों को ठंडे पानी में पीसकर फोड़े-फुन्सियों पर लेप की तरह से लगाने से ये ठीक हो जाती हैं।

56. चूना:

  • तेल या घी में पुराने चूने को मिलाकर लेप करने से फोड़े-फुन्सी की सूजन खत्म हो जाती है।
  • फोड़ों पर चूने के पानी में भीगा हुआ कपड़ा रखने से फोड़ों में आराम मिलता है।

57. अजवायन: अजवायन, नीम के पत्ते और शीशम के पत्तों को तवे पर जलाकर उनकी राख (भस्म) में छोटी इलायची और घी मिलाकर लगाने से फोड़े और फुन्सियां खत्म हो जाते हैं।

58. अलसी:

  • फोड़े-फुन्सियों पर अलसी के तेल की मालिश करने से ये पककर खत्म हो जाते हैं।
  • पानी में अलसी को पीसकर फोड़े पर लेप करने से फोड़ा जल्दी फूट जाता है।

59. मेंहदी: फोड़े पर मेंहदी के पत्तों को बांधने से फोड़े जल्दी ठीक हो जाते हैं।

60. आटा: फोड़ों से होने वाली जलन, खुजली और फोड़ों को ठीक करने के लिए गेहूं के आटे का गर्म या ठंडा लेप लगाना ठीक रहता है।

61. मिट्टी: मुल्तानी मिट्टी या चिकनी मिट्टी को पीसकर इसकी टिकिया बनाकर फोड़ों पर बांधने से फोड़े ठीक हो जाते हैं।

62. ग्वारपाठा: ग्वारपाठे के गूदे को पकाकर फोड़े पर लगाने से फोडे़ जल्दी ठीक हो जाते हैं।

63. बेर: बेर की छाल का चूर्ण फोड़ों और उसके घावों पर लगाने से ये जल्दी ठीक हो जाते हैं।

64. खिरैंटी:

  • तिल्ली का तेल खिरैंटी के पत्तों पर लगाकर आग में सेंककर बांधने से फोड़े जल्दी पककर ठीक हो जाते हैं।
  • कबूतर की बीट के साथ खिरैंटी की जड़ को पीसकर फुन्सियों पर लगाने से फुन्सियां ठीक हो जाती हैं।

65. गन्धक: फोड़े और उसकी गांठ पर गन्धकबिरोजा का लेप लगाने से फोड़े के जख्म जल्दी ठीक हो जाते हैं।

66. जदवार: फोड़े को ठीक करने के लिए जदवार को पानी में पीसकर लगाना उचित रहता है।

67. रसौत: पके हुए फोड़ों पर रसौत का लेप करने से ये ठीक हो जाते हैं।

68. नीम: फोड़े के लिए नीम सबसे अच्छा एंटीसेप्टिक होता है। इससे एंटी बैक्टीरिअल और एंटी माइक्रोबिअल गुण पाया जाता है, जो फोड़े के उपचार में फायदेमंद होता है। वास्तव में नीम हर तरह की त्वचा संबंधित समस्या के लिए फायदेमंद होता है। नीम को पीस कर इसका पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को अपनी त्वचा के संक्रमित हिस्से पर लगाएं। अगर आप चाहें तो नीम की पत्ती को उबाल कर भी इसका पेस्ट तैयार कर सकते हैं। पेस्ट को कुछ देर के लिए लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें।

  • नीम की छाल की राख (भस्म) को अधिक बह रहे फोड़े पर लगाने से लाभ मिलता है।
  • लगभग 25 ग्राम नीम के पत्तों को पानी में पीसकर टिक्की बना लें, और इस टिक्की को 50 मिलीलीटर तिल के तेल में पकायें, जब यह टिक्की जल जाये तो तेल को छानकर फिर इसमें 6 ग्राम मोम मिलाकर घोंट लें और मरहम की तरह बना लें। इसके बाद इसे फूटे हुए फोड़े के घाव पर लगाने से घाव ठीक हो जाता है। इसको हर प्रकार के घाव पर लगाया जा सकता है।

69. गाजर: गाजर को पीसकर बिगड़े हुए फोड़े पर बांधने से फोड़े में आराम मिलता है।

70. लहसुन: फोड़ों पर लहसुन को पीसकर लगाने से फोड़ों के कीड़े मर जाते है और फोड़े भी ठीक हो जाते हैं।

71. गेंदा: गेंदा के पत्तों को मैदा या सूजी के साथ मिलाकर पीठ के फोड़े, विषाक्त फोड़े पर लगाने से फोड़ा ठीक हो जाता है।

72. चिरौंजी: चिरौंजी को गुलाबजल में पीसकर मालिश करने से चेहरे की फुंसियां ठीक हो जाती हैं।

73. जामुन: चेहरे की फुन्सियों को खत्म करने के लिए जामुन की गुठलियों को पीसकर लगाना ठीक रहता है।

74. तूतिया: लगभग 10 ग्राम तूतिया को गोबर में लपेटकर और सुखाकर आग में जला लें। इसके बाद इसमें 10-10 ग्राम की मात्रा में राल, सिन्दूर, मोम, और सज्जी के चूर्ण को गाय के घी में मिलाकर मरहम की तरह बनाकर फोड़े या फुन्सियों पर लगाने से ये मिट जाते हैं।

75. अंजीर: फोड़ों और उसकी गांठों पर सूखे अंजीर या हरे अंजीर को पीसकर पानी में औटाकर गुनगुना करके लगाने से फोड़ों की सूजन और फोड़े ठीक हो जाते हैं।

76. कत्था:

  • सफेद कत्था, गेरू और माजूफल को पीसकर फोड़ों पर लगाने से आराम मिलता है।
  • लगभग 10-10 ग्राम की मात्रा में कत्था, सिन्दूर, कमीला और कपूर को घी में मिलाकर नीम की डण्डी से घोंटकर लगाने से फोड़े-फुन्सियां ठीक हो जाते हैं।

77. जीरा: पानी में काले जीरे को पीसकर फोड़े पर लगाने से फोड़ा ठीक हो जाता है।

78. माजून: लगभग 7 ग्राम माजून चोबचीनी को पानी के साथ रात को सोते समय लेने से फोड़े नष्ट हो जाते हैं।

79. साखिधासव: 4 चम्मच पानी और 4 चम्मच साखिधासव को मिलाकर खाना खाने के बाद दोनों समय लेने से फोड़ों का मवाद नष्ट हो जाता है।

80. मैनसिल: पानी में मैनसिल को घिसकर गर्म करके फोड़े पर लगाने से फोड़ा पककर ठीक हो जाता है।

81. लोबान: लगभग 5 ग्राम लोबान और 5 ग्राम कपूर को पानी में पीसकर फोड़े पर लेप की तरह लगाने से फोड़ा पक जाता है।

82. धनिया: पानी में धनिये को पीसकर इसकी टिकिया बनाकर फोड़े पर बांधने से फोड़े का घाव ठीक हो जाता है।

83. तुलसी: लगभग 1 ग्राम तुलसी के पत्तों को पीसकर फोड़े पर बांधने से फोड़े से निकलने वाला खून बंद हो जाता है।

84. आक: आक की जड़ को पानी में पीसकर तैयार किए लेप को फोड़े-फुंसियो पर लगाने से लाभ मिलता है।

85. दालचीनी: दालचीनी को पानी में पीसकर उठते फोड़े पर लेप करने से फोड़ा बैठ जाता है तथा फोड़ा पकता भी नहीं है।

86. आम: आम के पेड़ के गोंद को थोड़ा गर्म करके लगाने से फोड़ा पककर, फूटकर बह जाता है और घाव आसानी से भर जाता है।

Article Source :- http://www.jkhealthworld.com/

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