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फाइबर (Fiber) यानी रेशे से होने वाले लाभ

फाइबर से दोस्ती / Fiber Friendship

फाइबर यानी रेशे से होने वाले लाभ पर शायद ही किसी को संदेह हो। पाचन प्रक्रिया और हृदय रोगों में होने वाले लाभ के कारण फूड कंपनियां बड़े स्तर पर उच्च फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ बाजार में उतार रही हैं। क्या खाद्य पदार्थों में मिलाए जाने वाले कृत्रिम फाइबर, प्राकृतिक फाइबर जितना ही लाभ पहुंचाते हैं? 

Fiber यानी रेशा हमारे भोजन का अहम हिस्सा है। स्पंज की तरह काम करते हुए Fiber प्राकृतिक तरीके से शरीर की सफाई करने में मदद करता है। साबुत अनाज, चोकर, फल व सब्जियां, दालें व बींस (राजमा व लोबिया) में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इससे न सिर्फ शरीर को ऊर्जा मिलती है, बल्कि Fiber युक्त चीजें खाने के बाद आपको कुछ देर तक भूख नहीं लगती। यही वजह है कि आहार विशेषज्ञ कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने और वजन कम करने के इच्छुकों को उच्च फाइबरयुक्त डाइट की सलाह देते हैं। अलसी, आलूबुखारा, चोकर, साबुत अनाजों में फाइबर की मौजूदगी आंतों को मजबूती देती है।

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रेशा पौधों से मिलने वाला वह भाग है, जिसे मानव शरीर में मौजूद एंजाइम पचा नहीं पाते। शरीर में पहुंच कर यह रेशा नमी को ग्रहण कर अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकलने में मदद करता है। दिनभर में 30 ग्राम फाइबर का सेवन उपयुक्त होता है।

फाइबर के प्रकार

फाइबर को सॉल्युबल और इन्सॉल्युबल दो भागों में बांटा जाता है।

सॉल्युबल फाइबर: पानी में घुलनशील ये फाइबर कोलेस्ट्रॉल को कम रखने में विशेष उपयोगी होते हैं। जई की भूसी और सूखे बींस (लोबिया और राजमा) में इसकी अधिकता होती है। इससे पेट से भोजन धीरे-धीरे आगे मूव करता है और ब्लड शुगर का स्तर स्थिर रखने में मदद मिलती है।

इनसॉल्युबल फाइबर: साबुत अनाज व उससे बने पदार्थो, बीज, ताजे फल व सब्जियों में इसकी अधिकता होती है। इससे खाद्य पदार्थ पचाने में आसानी होती है, जिससे आंतों पर कम दबाव पड़ता है और कब्ज नहीं होता। शोध बताते हैं कि कम वसा और अधिक फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थों से वायु संबंधी रोग नहीं होते। साथ ही कई तरह के कैंसर को रोकने में भी मदद मिलती है।

शरीर में फाइबर क्या काम करता है ?

वजन कम करना: Fiber स्पंज की तरह काम करते हुए पाचन तंत्र में मौजूद नमी को ग्रहण करता है, जिससे भोजन निगलने में आसानी रहती है। इससे भोजन से मिलने वाली संतुष्टि बढ़ती है, जो विभिन्न वजन कम करने वाले प्रोग्राम्स से भी नहीं मिलती। फाइबर से शरीर की वसा और शर्करा को ग्रहण करने की प्रक्रिया में सुधार होता है। पाचन प्रक्रिया धीमी होती है, जिससे शर्करा धीरे-धीरे रक्त में पहुंचती है। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और शर्करा की कमी के कारण होने वाली थकावट व कमजोरी नहीं होती। फाइबरयुक्त भोजन को चबाने में अधिक समय लगता है। ऐसे में एक ओर खाना खाने की गति में कमी आती है तो दूसरी ओर खाने से मिलने वाली संतुष्टि बढ़ जाती है।

शरीर होता है टॉक्सिन फ्री: खाद्य पदार्थों में मौजूद रेशा पानी को ग्रहण कर अपशिष्ट पदार्थों को मुलायम बनाता है। इससे अपशिष्ट पदार्थ आंतों में अधिक समय तक नहीं रहते और उनके बाहर निकलने में आसानी होती है। मलाशय पर अधिक जोर नहीं पड़ता। Fiber की कमी से मल शुष्क व कड़ा हो जाता है, जिसमें विभिन्न दवाओं, विषाक्त व हानिकारक रसायन आदि कई तरह के संक्रमणों की मौजूदगी होती है। फाइबर से अपशिष्ट पदार्थ मलाशय से बाहर निकलने में कम समय लेते हैं। इससे प्राकृतिक तरीके से आंतों की सफाई हो जाती है और कोलेस्ट्रॉल का अवशोषण कम होने के कारण कोलेस्ट्रॉल लेवल स्थिर रहता है।

फाइबर के लाभ

– पाचन प्रकिया नियमित होती है

– अपशिष्ट पदार्थ देर तक आंतों में जमा रहकर टॉक्सिन नहीं फैलाते।

– कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होता है व हृदय रोगों में लाभकारी है।

– मलाशय के कैंसर को दूर करता है।

– वजन कम करने में मदद मिलती है।

आइसोलेटेड फाइबर बनाम डायटरी फाइबर

फूड प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनियां बड़े स्तर पर फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थ बाजार में उतार रही हैं। दही, आइसक्रीम, अनाज और जूस आदि में बड़ी मात्रा में आइसोलेटेड Fiber मिलाए जा रहे हैं। आइसोलेटेड Fiber के रूप में डिब्बों पर इन्युलिन, पेक्टिन, पॉली-डेक्सट्रोस, मिथाइलसेल्युलॉस और माल्टोडेक्सट्रिन नाम देखने को मिलते हैं। आइसोलेटेड फाइबर, खाद्य पदार्थों से प्राकृतिक रूप में भी मिलते हैं और कृत्रिम रूप से भी इन्हें बनाया जाता है। पर प्रश्न यह है कि कृत्रिम रूप से मिला कर बनाए गए फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थ भी क्या प्राकृतिक Fiber जैसा लाभ पहुंचाते हैं?

इसमें दो राय नहीं कि कंपनियों के फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थ शरीर को Fiber देते हैं। जिन लोगों की डाइट में फाइबर की कमी रहती है, उनमें इनके लाभ भी देखने को मिलते हैं, मसलन इन्युलिन फाइबर से शरीर में फेंड्रली बेक्टीरिया के विकास को बढ़ावा मिलता है। कोलन यानी मलाशय में पदार्थ को कैंसरकारी बनने से रोकने में भी यह असरदार है। शोध कहते हैं कि इन्युलिन की मौजूदगी भोजन से मिलने वाली संतुष्टि को बढ़ा देती है व इसमें केल्शियम और मैग्नीशियम आदि मिनरल को ग्रहण करने की क्षमता अधिक होती है।

रिफाइंड प्रोडक्ट्स में होता है कम फाइबर: रिफाइंड खाद्य पदार्थों में Fiber की मात्रा कम हो जाती है, मसलन मैदे से बनी ब्रेड। इसीलिए सफेद ब्रेड की जगह होलग्रेन ब्रेड को लेने की सलाह दी जाती है। कंपनियां सेहत के अलावा कई अन्य कारणों से भी पदार्थों में फाइबर मिलाती हैं, जैसे आइसक्रीम आदि डेजर्ट में Fiber वसा और शर्करा कम करने के लिए मिलाए जाते हैं। इसी तरह दही, योगर्ट और पुडिंग को गाढ़ा करने व पिज्जा को क्रिस्प बनाने के लिए भी फाइबर मिलाते हैं।

प्राकृतिक फाइबर के हैं फायदे अनेक: जहां कंपनियां वस्तुओं में एक या दो तरह के Fiber मिलाती हैं, वहीं बींस, चोकर, साबुत अनाज व फल-सब्जियों में कई तरह के लाभदायक Fiber एक साथ मिलते हैं। विभिन्न फाइबर के लाभ भी अलग होते हैं, जैसे हर Fiber कब्ज को दूर करने में उपयोगी नहीं है। मटर और जई इसमें लाभ पहुंचाते हैं, पर माल्टोडेक्सिट्रिन के सेवन से इसमें लाभ नहीं मिलता।

ध्यान रखें कि आइसोलेटेड फाइबर की अधिकता एसिडिटी कर सकती है। ऐसे खाद्य पदार्थ, जिनके डिब्बों पर आप ओलिगोफ्रूक्टस, पॉलीडेक्सट्रॉस और इन्युलिन पाते हैं, उनका अधिक मात्रा में सेवन करना वायु रोग और सूजन की परेशानी कर सकता है।

यूं बढ़ाएं फाइबर की मात्रा

ब्रेकफास्ट में Fiber की मात्रा बढ़ाएं। होलग्रेन ब्रेड टोस्ट, ताजे फल व फाइबरयुक्त पदार्थ जैसे दलिया व भूसी मिलाएं। फलों के ऊपरी हिस्से, बीज और गूदे में फाइबर सबसे अधिक होता है। चोकर सहित रोटी बनाएं। सलाद, कॉर्नफ्लेक्स, पोहा, चपाती, उपमा, ज्वार और जौ का सेवन करें। खाने में बादाम और अंकुरित भोजन की मात्रा बढ़ाएं। डाइट में Fiber के साथ पानी की मात्रा भी बढ़ाएं।

कुछ सब्जियों और फलों के छिलके में अधिक Fiber होता है। जरूरी है कि आप छिलके सहित फल खाएं और फलों को अच्छी तरह धो लें। बीजों में भी Fiber होता है, उदाहरण के तौर पर टमाटर से बीज निकाल देने से उनमें Fiber की मात्र कम हो जाती है।

इनसे पाएं नेचुरल फाइबर

फली/ बींस/दालें :- बींस (राजमा और लोबिया) में सबसे अधिक Fiber पाया जाता है। एक कप राजमा व लोबिया में 15 ग्राम से अधिक Fiber मिलता है। इसी तरह दाल विशेषकर मसूर की दाल में Fiber प्रचुर मात्रा में होता है। सब्जियों में मटर में सबसे अधिक Fiber होता है।

हरी पत्तेदार सब्जियां व फल :- हरी पत्तेदार सब्जियों में लोह तत्व, बेटा केरोटीन और Fiber अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। एक कप उबली हुई हरी सब्जियां जैसे पालक, पत्तेदार शलजम और चुकंदर में 4 से 5 ग्राम Fiber मिलता है। इसी तरह नाशपाति और सेब से भी Fiber मिलता है। एक बड़े सेब से जहां 3.3 ग्राम Fiber मिलता है, वहीं मध्यम आकार की नाशपाति से 5.1 ग्राम फाइबर मिल जाता है।

मेवा :- बादाम, पिस्ता और अखरोट में केवल प्रोटीन ही नहीं होता, उसमें फाइबर भी प्रचुर पाया जाता है। किशमिश में सॉल्यूबल और नॉन सॉल्यूबल दोनों तरह के Fiber होते हैं। किशमिश से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है।

जई :- ओट्स में आहारक Fiber पर्याप्त मात्रा में होते हैं। इसके अतिरिक्त इसमें आयरन, प्रोटीन और विटामिन बी 1 भी होता है। जई में वसा कम होती है, इससे शरीर में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद मिलती है। इससे कार्डियोवस्कुलर रोगों को कम करने में मदद मिलती है ।

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