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प्लेटलेट्स :- What can you do to increase the number of platelets

प्लेटलेट्स कैसे कम होते है ? How are low platelets ?

प्लेटलेट्स की संख्या कम होने  के कई कारण हो सकते हैं जैसे कीमोथेरेपी के विभिन्न फैक्टर के रूप में, गर्भावस्था में, भोज्य पदार्थों से एलर्जी होने से, और डेंगू बुखार के कारण | जीवित प्राणियों के खून (Blood ) का एक बड़ा हिस्सा प्लेटलेट्स ((जिनमें लाल रक्त कणिकाएं और प्लाजमा शामिल हैं)) से निर्मित होता है। दिखने में ये नुकीले अंडाकार होते हैं और इनका आकार एक इंच का चार सौ हजारवां हिस्सा होता है।

यह बोन मैरो में मौजूद सेल्स के काफी छोटे कण होते हैं, जिन्हें तकनीकी भाषा में मेगा कार्योसाइट्स कहा जाता है। ये थ्रोम्बोपीटिन हार्मोन की वजह से विभाजित होकर खून (Blood ) में समाहित होते हैं और सिर्फ 10 दिन तक संचारित होने के बाद स्वत:: नष्ट हो जाते हैं। प्लेटलेट्स की संख्या कम होने की स्थिति का समाना करने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञ की सलाह बहुत ज़रूरी होती है | इनके मार्गदर्शन में यहाँ दी गयी प्राकृतिक विधियों के उपयोग से संभवतः आप प्लेटलेट्स के स्तर को बढ़ाने में मदद पा सकते हैं |

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प्लेटलेट्स कैसे काम करते  है ? How platelets work ?

जब हमे कही चोट लग जाये या कही कट लग जाये या अंगुली कट जाने पर या नाक से निकंलने वाला रक्त बहना बंद हो जाए तो समझ लीजिये कि प्लेटलेट्स काम कर रही हैं | ये कोशिकाएं खून (Blood ) में पाई जाती हैं जहाँ ये आपस में बंधी हुई होती हैं और इस प्रकार आपके प्रवाहित होते हुए रक्त के बाहर निकलने के मार्ग को नियंत्रित करती हैं |

  • विशिष्टरूप से प्लेटलेट्स आपके खून (Blood ) में सिर्फ 10 दिन तक ही जीवित रहती हैं इसलिए इसनकी पुनः पूर्ती की ज़रूरत लगातार बनी रहती है |
  • एक औसत रूप से स्वस्थ व्यक्ति के प्रति माइक्रो लिटर रक्त में 150000 से 450000 तक प्लेटलेट्स पाई जाती हैं |
  • अगर आप कहते हैं कि आपकी प्लेटलेट्स की संख्या या प्लेटलेट्स काउंट 150 है तो इसका मतलब है कि आपमें प्रति माइक्रोलीटर रक्त में 150000 प्लेटलेट्स हैं |

चिकित्सीय उपचार को आवश्यकता के रूप में स्वीकारें: हालाँकि, इस बात पर भरोसा करना अच्छा है कि आप प्राकृतिक रूप से प्लेटलेट्स का स्तर बढ़ा लेंगे और सामान्यतः ऐसा करने में कोई नुकसान भी नहीं है, लेकिन आपकी स्थिति की विशिष्टता और आपके थ्रोम्बोसाइटोपिनिया की गंभीरता चिकित्सीय उपचार को ज़रूरी बना सकती है | अधिकांशतः इनमे शामिल हैं:

  • अपनी हालत के मूल कारण के लिए उपचार, जैसे खून (Blood ) को पलता करने वाले अन्य किसी विकल्प से हेपरिन को बदलना, अगर आपके थोम्ब्रोसाइटोपिनिया का कारण यही हो तो | विशेषरूप से अगर आप एक कार्डियोवैस्कुलर कंडीशन से सामना कर रहे हो तो यह बहुत ज़रूरी है कि आप डॉक्टर द्वारा लिखे गये खून (Blood ) को पतला करने वाले ब्लड थिनर को लेना बंद न करें |
  • पैक्ड रेड ब्लड सेल्स या प्लेटलेट्स के आधान(transfusion) से प्रत्यक्ष रूप से रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाया जाता है |
  • कुछ परेशानी उत्पन्न करने वाली दवाएं भी होती हैं जैसे कॉर्टिकोस्टेरॉयड (corticosteroid) या अन्य प्रतिरक्षा तंत्र का शमन करने वाली दवाएं | अगर आप संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हों तो ही डॉक्टर की सलाह से इन्हें लें |
  • अगर आपका स्प्लीन (spleen) ख़राब हो गया हो और आपकी स्वस्थ प्लेटलेट्स को गलत तरीके से फिल्टर करके बाहर करता जा रहा हो तो सर्जरी के द्वारा अपने स्प्लीन को निकलवा (spleenectomy) लें |
  • प्लाज्मा एक्सचेंज, जो सामान्यतः आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर सिर्फ गंभीर केसेस में ही कराया जाता है |

प्लेटलेट्स बढ़ाने के उपाय ? Ways to increase platelets ?

प्लेटलेट्स को बढ़ाने वाले खाद्य-पदार्थ

  • प्रोटीन
  • अनार
  • विटामिन K से भरपूर खाद्य पदार्थ
  • विटामिन A से भरपूर खाद्य-पदार्थ
  • दूध
  • फोलेट युक्त भोजन
  • पपीता

रक्त में सफेद रक्त कणिकाओं को बढ़ाने वाले खाद्य-पदार्थ

  • जिंक शरीर को रक्त बनाने के लिए फोलिक एसिड की भी आवश्यकता होती है।
  • सेलेनियम
  • दही
  • लहसुन
  • ग्रीन टी

विटामिन C वाले फल जैसे संतरे, नीम्बू और आंवला।

प्लेटलेट्स को बढ़ाने वाले सुपर फूड्स :-

पपीते के पेड़ के कुछ पत्तों को तोडकर उसका रस निकालकर रोजाना सुबह और शाम पीने से platelets की कमी दूर हो जाती है |

बकरी के दूध में इतनी क्षमता होती है कि यह आपके रक्त की प्लेटलेट्स को बढ़ा सकती है.

डेंगू एक भयंकर बीमारी है इस बुखार में हमारे खून (Blood ) के प्लेटलेट्स बहुत तेजी से नीचे गिरते है जिसके परिणाम स्वरूप म्रत्यु भी हो सकती है . इस बीमारी में हम खूब मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए, अधिक तरल पदार्थ लेने से प्लेटलेट्स मेन्टेन रखने में मदद मिलती है.

नारियल पानी पीने से भी खून (Blood ) की प्लेटलेट्स में इम्प्रूवमेंट होती है |

पपीते का सेवन करने से भी रक्त Platlets में बढ़ोतरी होती है |

पेट का फूल जाना , वात रोग , भूख ना लगना , मूत्र में जलन , स्त्रियों के मासिक धर्म में अनियमिता , मूत्र का रुक – रुक का आना आदि सभी बीमारियों में धृतकुमारी का खाने में प्रयोग करना चाहिए |  इसके लगातार प्रयोग करने से ये सभी बीमारियाँ ठीक हो जाती है |

रोजाना सुबह के समय खाली पेट धृतकुमारी (एलोवेरा) का गुदा २० से २५ ग्राम की मात्रा में खाए  इसके अतिरिक्त इसका जूस भी बनाकर पी सकते है | इस प्रयोग से platelets की संख्या बढ़ जाती है |

गिलोय के 6″ तने को लेकर कुचल ले उसमे 4 -5 पत्तियां तुलसी की मिला ले इसको एक गिलास पानी में मिला कर उबालकर इसका काढा बनाकर पीजिये। और इसके साथ ही तीन चम्मच एलोवेरा का गुदा पानी में मिला कर नियमित रूप से सेवन करते रहने से जिन्दगी भर कोई भी बीमारी नहीं आती। और इसमें पपीता के 3-4 पत्तो का रस मिला कर लेने दिन में तीन चार लेने से रोगी को प्लेटलेट की मात्रा में तेजी से इजाफा होता है प्लेटलेट बढ़ाने का इस से बढ़िया कोई इलाज नहीं है यह चिकन गुनियां डेंगू स्वायन फ्लू और बर्ड फ्लू में रामबाण होता है।

रोगी को हर 1 घंटे में कुछ ना कुछ खाने को देते रहे यदि वो खाना नेचुरल हो तो और भी अच्छा है जैसे पपीता, नारियल गिरी, कीवी, सेब, अनार आदि

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