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पैरों में पसीने की बदबू से मुक्ति के औषधी उपचार

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पैरों में पसीने की बदबू (stinking feet )

पैरों में पसीने की भयंकर बदबू की समस्या से परेशान हैं? क्या लोग आपके नज़दीक आते ही नाक मुंह सिकोडते हैं? और तो और आपका प्यारा कुत्ता भी आपके पैरों की बदबू के कारण आपसे दूर भागता है? तो यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं जो आपको, पैरों की इस डरावनी बदबू को वश में करने में मदद करेंगे।

पैरों में पसीने की बदबू आने के मुख्य कारण :- 

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पसीना आना शरीर के लिए अच्छा है । त्वचा पर पसीने की बूंदें जमा होने से शरीर का तापमान कम होता है । यह बहुत जरूरी है क्योंकि तापमान बहुत बढ़ जाने से जान भी जा सकती है । मानव शरीर में बीस से तीस लाख पसीने की ग्रंथियां होती हैं जो तापमान को काबू में रखने के काम में लगी रहती हैं । सबसे ज्यादा पसीना आता है बगल में क्योंकि यहां सबसे ज्यादा ग्रंथियां मौजूद होती हैं । इसके बाद हाथों और पैरों में पसीना आता है । जरूरत से ज्यादा पसीना तकलीफदेह हो सकता है ।

जिन लोगों के पैरों में जायदा पसीना आटा है इसे हाइपर हाइड्रोसिस कहते हैं । ऐसे लोगों को ज्यादा पानी पीने की जरूरत होती है । हाइपर हाइड्रोसिस के कई कारण हो सकते हैं। किसी भी व्यक्ति को कितना पसीना आता है, यह उसकी जीन संरचना पर निर्भर करता है । कसरत करने पर शरीर का तापमान बढऩे लगता है ।ऐसे में पसीना आता है । बहुत ज्यादा मसाले वाला या तीखा खाना खाने से भी पसीना आता है । इसी तरह घबराहट होने और डर लगने पर भी पसीना आता है ।

शरीर पर जब पसीना आता है, तब न ही उसमें कोई रंग होता है और न ही बदबू। बदबूदार पसीने का कारण बैक्टीरिया है । शरीर का तापमान और पसीने से होने वाली नमी बैक्टीरिया के लिए एकदम सही माहौल बना देते हैं इसलिए जरूरी है कि नियमित रूप से नहाया जाए ।

पैरों में पसीने की बदबू को रोकने में सहायक घरेलू नुस्खे :-

    1. अपने मोज़े हर दिन बदलें: जब आप मोज़े पहनते हैं तो यह आपका पसीना सोखते हैं, और जब आप उन्हें निकाल देते हैं तो पसीना सूख जाता है। दूसरे दिन लगातार वही गंदे सॉक्स पहनना अपरिहार्य रूप से फिर उस पसीने को उष्णता देगा, जिससे बदबू आना शुरू हो जाएगी। अपने सॉक्स हर दिन बदलें, खास तौर पर अगर आप के पैरों में पसीना आने की संभावना है।
    2. सैंडल्स या खुली-उंगलियों वाले शूज पहनें: खुले शूज पहनने से हवा आपके पैरों के इर्द-गिर्द घुमेगी, इन्हें ठंडक देते हुए और इतना सारा पसीना निर्माण होने से रोकेगी. जब आप का पसीना आता है, तो वह तुरंत हवा के संचार के कारण भाप बन जाएगा।
      • सर्दी के महिनों के दौरान, चमडे या कॅनवास के जूते पहनें जो आपके पैरों को “साँस” लेने देंगे। रबड या प्लास्टीक जूतों से दूर रहें।
    3. पसीनारोधक (antiperspirant) का इस्तेमाल करें: जो पसीनारोधक आप अपने बगल के लिए इस्तेमाल करते हैं वही आप अपने पैरों के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि हर भाग के लिए अलग स्टीक हो। इसे साफ, सूखे पैरों पर रात में लगाएं, फिर सुबह अपने मोज़े और जूते रोज की तरह पहनें। इससे आपके पैर दिन के दौरान सूखे और फ्रेश रखने में मदद होगी।
      • पसीनारोधक वास्तव में पसीने में होने वाले इलेक्ट्रोलाइट्स से “जेल प्लग्ज ” तैयार करने की प्रतिक्रिया से काम करते हैं जो आपके पसीने की नलिकाएं अवरूद्ध करते हैं। आपके हर पैर पर लगभग 250,000 के आसपास पसीने की ग्रंथीयां होती हैं (आपके शरीर के किसी अन्य भाग में जितनी पसीना ग्रंथी हैं उससे अधिक हर इंच में)। थोडा सा पसीनाविरोधक लंबे समय के लिए काम कर सकता है।
      • इसे ठीक बाहर जाने से पहले न लगाएं, नहीं तो आप अपने शूज में फिसलने और खिसकने लगेंगे।
      • एक मिश्रण ½ नियमित विनिगर और ½ आयसोप्रोपेल अल्कोहोल से बनाकर तैयार रखें: इसे हर दिन बूंद बूंद से (एक मेडिकल ड्रॉपर इस्तेमाल करें) अपने पैरों की उंगलियों के बीच और पैरों की जलन होती हुई त्वचा पर डालें और फैलाएं। दोनों प्रॉडक्ट्स आपकी त्वचा के लिए हानिकारक नहीं है, विनिगर फंगस को मार देता है और अल्कोहोल बैक्टेरिया का विरोध करता है या मार देता है। इससे संपर्क होने पर उंगलियों से फंगस निकाल डालने में भी मदद करता है।
        1. आप अपने पैर 1/2 विनिगर, 1/2 पानी के मिश्रण में भिगोकर रख सकते हैं, यह और एक मार्ग है बदबू दूर रखने के लिए। बेकिंग सोडा के कुछ स्कूप्स और थाइम ऑइल ड्रॉप्स इसमें अधिक डालें, ये दोनों भी बदबूदार गंध हटाने में मदद करते हैं।
        2. अपने पैरों पर नीचे दिए हुए पाउडरों में से एक या अधिक घिसें: इसे अपने उंगलियों के बीच भी घिसें। अधिकांश फ्रूट पाउडर्स और स्प्रेज में पैर की बदबू से लडने के लिए जो होता है वह ये है:
          1. टेलकम पाउडर। यह एक ऍस्ट्रींजंट है, इसलिए यह आपके पैर को सुखा देता है।
    4. हैन्ड सैनिटायजर का उपयोग करें: यह अजीब लगेगा, लेकिन एक अच्छा सुगंधित (या सुगंध के बिना) हैन्ड सैनिटायजर आपके पैरों पर से बैक्टीरिया को मार सकता है और इनकी बढोतरी को रोक सकता है।
    5. अपने पैर अच्छी तरह सुखायें: जब आप अपने पैर सुखायें, तो इन्हें पूरी तरह सुखा दें। नमी, फिर चाहे वो पानी से हो या पसीने से, बैक्टीरिया पनपने के लिए एक पोषक वातावरण निर्माण करती है। अपने पैर संपूर्णतः सुखाने के लिए काफी समय लें और उंगलियों के बीच की जगह न भूलें।
    6. अपने पैरों को स्क्रब करें: यह सभी जानते हैं, लेकिन शॉवर में साबुन और पानी से फटाफट घिसकर साफ करना काफी नहीं है। यहां उद्देश्य है कि कोई भी बैक्टेरिया और मृत त्वचा कोशिकाओं से मुक्ती पाना जिन पर बैक्टेरिया का पोषण होता है। इसलिए जब आप अपने पैर धोते हैं, अपने पैरों की संपूर्ण सतह की एक वॉशक्लॉथ, ब्रश, या अन्य कोई भी घिसने वाले तकनीक से परत उतारें और एक बैक्टेरिया विरोधी साबुन इस्तेमाल करें। अपनी उंगलियों के बीच भी स्क्रब करना न भूलें।
    7. लैवेंडर ऑयल : लैवेंडर ऑयल में एंटी फंगल गुण पाए जाते हैं। आपके पैरों में बदबू के कारण जो बैक्टीरिया पैदा हो जाते है यह उसे मारने में असरदार माना गया है। इस तेल की अच्छी खूशबू के कारण आप इस तेल से अपने पैरों में आने वाली बदबू से भी छूटकारा मिल सकता है। इसके प्रयोग करने के लिए गर्म पानी में कुछ बूंदें इस तेल की डालकर पैरों को अच्छे से धोएं इससे पैरों से आने वाली गंदी बदबू से आपको छूटकारा मिल जाएगा।
    8. अदरक और सिरका :- अदरक का पैरों की बदबू को मिटाने के लिए काफी योगदान रहता है। इसके लिए आप बस अदरक का रस निकाल लें और उस रस को अपने पैरों पर मल लें। फिर अपने पैरों को गुनगुने पानी से धो लें। वहीं अगर आप सिरका का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो सिरका की कुछ बूंदों को पानी में डाल लें और फिर उस पानी में अपने पैरों को डाल कर उन्हें साफ पानी से धो लें। ऐसा करने से पैरों से आने वाली गंदी बदबू से आपको छूटकारा मिल जाएगा।
    9. नमक :- नमक में एक तरह का एसिड होता है जो आपके पैरों में से आने वाली बदबू से निजात पाने में सबसे ज्यादा फायदेमंद है। इसका उपयोग करने के लिए गुनगुने पानी को एक बाल्टी में डाल लें। इस पानी में दो चम्मच नमक डाल लें और इस नमक वाले पानी में बीस से पच्चीस मिनट तक अपने पैरों को डूबा रहने दें। इसके बाद पैरो को नार्मल पानी से साफ करें और फिर उन्हें पोंछ लें। इसके बाद पैरों को खुला छोड़ दें।
    10. फिटकरी :- आप शायद यह नहीं जानते होंगे कि फिटकरी कसैली होती है और इसमें एंटी सेप्टिक गुण भी होता है जो बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है। इसको इस्तेमाल करने के लिए आप पहले एक चम्मच फिटकरी पाउडर को एक कप में डाल लें, और थोड़ी देर के बाद इस पानी से अपने पैरों को धो लें। इसके नियमित प्रयोग से आपके पैरों से आने वाली बदबू कुछ ही दिन में कम हो जाएगी।
    11. ब्लैक टी :- ब्लैक टी में एक तरह का एसिड होता है, जो पैरों में होने वाली बदबू फैलाने वाले बैक्टिरिया को खत्म कर देता है और इससे पसीना आना भी कम होता है। इसके लिए आप तीन कप गर्म पानी में दो ब्लैक टी बैग उबाल ले, इसके बाद इसको एक बाल्टी में डाल लें। इसके बाद इस पानी में अपने पैरों को रखें, ऐसा करने से पैरों से आने वाली पसीने की बदबू खत्म हो जाएगी।
    12. बैकिंग सोडा :- बैकिंग सोडे में बदबू को मिटाने के गुण होते है। यह पैरों की बदबू से निजात पाने का एक बेहतरीन तरीका है। यह एक अच्छा क्लिनिंग और कंडिशनिंग एजेंट है, जिससे पैरों की बदबू से आपको निजात मिल जाएगा। इसका इस्तेमाल करने के लिए एक बाल्टी में गुनगुना पानी डाल लें, इसके बाद उस गुनगुने पानी में एक कप बैकिंग सोडा मिला लें। सोडा मिलाने के बाद अपने पैरों को बाल्टी में डाल लें। कम से कम बीस से पच्चीस मिनट तक अपने पैरों को उस पानी में डला रहने दें। इसके बाद अपने पैरों को उस पानी से निकाल लें और अपने पैरों को तौलिए से पोंछने के बाद अपने पैरों को खुला रहने दें। ऐसा करने से बदबू से निजात मिलने में आपको कुछ मदद जरुर मिलेगी
    13. पानी अधिक से अधिक पिएं जिससे पसीने से दुर्गंध आपको न परेशान करे।
    14. रोज दिन में एक बार टमाटर का जूस लेने से अधिक पसीने से राहत मिलती है।
    15. कच्चे बैंगन का रस निकालकर हथेली और पैरों के तलवों पर लगाने से पसीना निकलना बंद हो जाता है।
    16. अगर पसीने में दुर्गंध आती हो तो नमक कम से कम खाना चाहिए।
    17. एक मुठ्ठी अरहर की दाल, एक चम्मच नमक और आधा चम्मच पिसी सौंठ ये तीनों मिलाकर सरसों के तेल में छौंक कर पीस लें। इस पाउडर से मालिश करने से पसीना आना बंद हो जाता है।
    18. मोठ सेंककर पीस लें। एक मुठ्ठी मोठ के इस आटे में आधा चम्मच नमक मिला लें। इसे सूखा ही, जहां पसीना अधिक आता हो, मलें। इससे अधिक पसीना निकलना बंद हो जाता है।
    19. हरड़ बारीक पीस लें। जहां पसीना अधिक आता हो, इसको मलें। मलने के दस मिनट बाद स्नान करें। अधिक पसीना आना बंद हो जाएगा।
    20. मूंग सेंककर पीस लें। इसमें पानी डालकर उबटन की तरह मलने से ज्यादा पसीना आना बंद हो जाता है।
    21. नहाने के पानी में चुटकी भर बेकिंग सोडा डालकर नहाने से भी पसीने को नियंत्रित कर सकते हैं।
    22. शरीर के जिस हिस्से पर पसीना अधिक आता है उन पर आलू की स्लाइस मलें। इससे पसीना आना कम होगा।
    23. तेज पत्ते को सुखाकर पीस लें और उबालकर 24 घंटे के लिए छोड़ दें। इस पानी से शरीर के उन हिस्सों की रोज सफाई करें जिनमें आपको पसीना अधिक आता है।
    24. सिवाय इसके कि आप खुले जूते पहन रहे हैं, आपको हमेशा मोज़े पहनना चाहीए। पैरों से नमी सोखकर दूर रखने में मदद होने के लिए सॉक्स के दो जोडी ट्राय करें।
    25. जब आप अपने सॉक्स धोते हैं, तो इन्हें वॉशर में अंदर से बाहर पलट दें ताकि त्वचा की मृत पपडीयां धोकर बाहर निकालना और बेहतर रूप से किया जा सकें।
  1. सोखनेवाले सॉक्स जो कॉटन या वूल से बनाए गए हैं उन्हें इस्तेमाल करें. बिना-सोखने वाले सॉक्स (जैसे नायलॉन) नमी आपके पैरों के इर्द-गिर्द जकड देते हैं, जो बैक्टेरिया के लिए एक आरामदायक छोटा सा कोना बन जाता है.
  2. जूतों को फ्रेश बनाने के लिए देवदार की लकडी या लौंग इस्तेमाल करें: देवदार की लकडी के छिलके या पूरे लौंग कुछ दिनों के लिए अपने जूतों के अंदर रखें जब आपको इन्हे पहन नहीं रहे हों। बदबू कुछ दिनों के बाद गायब हो जाएगी।
  3. अपने शूज अदल-बदल करें: अपने शूज को संपूर्णतः सूखा होने दें ताकि बैक्टेरिया वहां पर डेरा न डालें। शूज संपूर्ण सूखे हो जाने के लिए कमसे कम 24 घंटे लगते हैं।
    • सूखने की प्रक्रिया में मदद होने के लिए जूतों के अंदर के सोल्स बाहर निकाले। अन्यथा, वही जोडी लगातार दिन-ब-दिन पहनना मतलब बदबूदार पैरों की एक रेसिपी है। गीले शूज में अखबार तोड मरोडकर रखने से इन्हें रातभर में सूखा देगा।
    • अपने शूज नियमित रूप से धोएं: कई शूज वॉशिंग मशीन में भी डाले जा सकते हैं। बस निश्चिती करें कि इन्हें पहनने से पहले वे संपूर्णतः सूख गए हैं।
    • अक्सर अपने शूज निकालें: जब भी आप ब्रेक लेते हैं, अपने शूज निकालें। इससे आपके शूज और आपके पैर अधिक सूखे रहने में मदद होगी
    • शू ड्रायर का इस्तेमाल करें: बहुत से बढिया, कम-वॅटेज के शू और बूट ड्रायर्स होते हैं जो हवा प्रवाह के संचरण के इस्तेमाल से धीरे धीरे और पूर्ण रूप से गिले, पसीनेदार शूज सूखा देते हैं. दिन के अंत में या व्यायाम के बाद अपने शूज इनपर रखें और लगभग आंठ घंटों बाद सूखे, सेंके हुए और आरामदायक शूज पहनें। ड्रायर्स नमी हटा देते हैं जिसकी बदबू पैदा करनेवाले बैक्टेरिया को बढने के लिए जरूरत होती है और आपके शूज लंबे समयतक टिकने में मदद होती है।

पैरों में पसीने की बदबू को रोकने में सहायक टिप्स 

  • तनाव पसीना आने को बढावा देता है। इसी कारण से आप देखेंगे कि आपके जीवन और आपके पैरों में एक ही समय दुर्गंध आती है।
  • सिर्फ सॉक्स पहने न चले। इस तरह से ये ज्यादा गंदे हो जाते हैं और बहुत सारे बैक्टेरिया पनपने के लिए वातावरण बनता है। फिर, जब आप अपने शूज वापस पहनते हैं, बैक्टेरिया की संख्या में नमीयुक्त, गरम वातावरण में तेज़ी से वृद्धि होती है।
  • अपने पैर दिन में कम से कम एक बार धो लें।
  • अगर आप जल्दी में हैं, तो आप अपने पैर एक बैक्टेरिया विरोधी वाइप या रबिंग अल्कोहोल में डुबाये पेपर तौलीये से स्क्रब कर सकते हैं।
  • आप बेकिंग सोडा अपने पैरों के ऊपर और शूज के अंदर इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • निश्चिती करें कि आपको युएसडीए द्वारा सिफारिश की गई जिंक की दैनिक मात्रा (आरडीए) मिल रही है। जिंक की कमी पैरों के बदबू का कारण बन सकती है, साथ साथ एक शारिरीक दुर्गंध और सांस की बदबू भी। निश्चिती करें कि जिंक आपके मल्टी-विटामिन में शामिल है या अलग से जिंक सप्लिमेंट लें।
  • अपने शूज पर पाउडर डालना घर से बाहर करें, मतलब जहां हवा का अच्छा वेंटीलेशन हो, उदा. बरामदे में।
  • अपने पैरों की उंगलियों के नाखून काटना और घिसना भी शायद अच्छी मदद कर सकता है।
  • वे फ्रूट पाउडर्स इस्तेमाल करें जो अधिकांश कॉर्नस्टार्च या अन्य नॉन-टाल्क घटकों से बने हो।
  • निश्चिती करें कि आप दिन में एक बार नहाते हैं. हर बार अपने पैर धोएं।
  • खुले शूज पहनें ताकि हवा अंदर आ जाए और पसीनेदार पैर होना रोके जो बदबू आने का कारण होता है।
  • अगर यह संभव है तो एक्सट्रा सॉक्स साथ में रखें और इन्हें दिनभर में कमसे कम एक बार बदल दें।
  • कभी भी शूज बिना सॉक्स के न पहनें।
  • खुले शूज पहनें ताकि आपके पैर सांस ले सकें।

पैरों में पसीने की बदबू को रोकने में सावधानियाँ 

    • कभी भी अपने शूज हेअर ड्रायर से, ओवन में, या एक गरम वाहन के पीछे की खिडकी में न सूखाएं. अतिरिक्त उष्णता चमडे की हानि करती है, गोंद को ढीला कर देती है, और प्लास्टीक को पिघला देती है. शूज धीरे धीरे और कोमलता से सूखाने चाहीए ताकि उनके आकार, लचीलापन और मजबूती पर परिणाम न हो
    • टाल्क, जो फूट पावडर का एक सर्वसामान्य घटक है, अगर अक्सर सांस द्वारा अंदर खींची गई तो फुफुसोंको हानि पहुंचा सकती है.
    • अपने पोडियाट्रीस्ट या फिजीशियन से सलाह लें अगर आपको डायबिटीज़, पेरीफेरल व्हस्क्युलर डिजीज (पीविडी), पेरीफेरल आर्टरी डिजीज (पीएडी), पेरीफेरल न्युरोपथी, या पेरीफेरल एडीमा (मतलब नसों संबंधी अपूर्णता) है। वर्णन किया गया भिगोने का उपचार आपके लिए शायद ठीक सलाह नहीं होगा और इसे हर एक मामले के बारे में अलग से मूल्यांकन करना पडेगा। सावधानी बरतें और अपने पोडियाट्रीस्ट या फिजिशियन से सलाह लें।
  • पैरों की बदबू सिर्फ – पैरों की बदबू है। अगर कोई अन्य लक्षण हैं, तो यह ऍथलेट फूट या दाद या कोई इन्फेक्शन हो सकता है। इसे डॉक्टर द्वारा चेक करवाएं। मवाद के लिए चेक करें, बार बार आनेवाले फफोले, लगातार सूखी और परतदार त्वचा, खुजली या त्वचा के कैंसर के लक्षणों के लिए चेक करें।
  • अपने बेडरूम या कार में फ्रूट पाउडर को शेक करना टालें ताकि सांस से अंदर खींचे जाने की सम्भावना कम हो।
  • अगर आप शॉवर में अपने पैर धोते हैं, तो सावधान रहें क्योंकि साबुन से आपके पैर अधिक फिसलनेवाले हो जाएंगे।

Article Source :- http://hi.wikihow.com/http://hindi.khoobsurati.com/,  http://drinkeatright.blogspot.in/

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