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पानी जैसे पतले दस्त (अतिसार) होने पर करें ये अचूक उपाय

पानी जैसे पतले दस्त

पानी जैसे पतले दस्त आने का मतलब है की गंदगी से फैलने वाले बैक्टीरिया आपके शरीर में आक्रमण कर चुके हैं और आपकी आँतों में संक्रमण हो गया है जिस कारण पानी जैसे पतले दस्त बार बार आते हैं  इसे मेडिकल की भाषा में कोलाइटिस भी कहते हैं। पेट से उत्पन्न ज्यादातर रोगों की शुरुआत उल्टी-पानी जैसे पतले दस्त से ही होती है।

खुले में रखे सामान जहाँ मक्खी मच्छर की अधिकता हो वैसे खान-पान से, दूषित पानी जिसमे बैक्टीरिया हो उसका उपयोग करने से, खाली पेट चाय पीने से, अधिक ठंडे पदार्थों के सेवन करने से, अखाद्य और विजातीय पदार्थ भक्षण करने से , पाचन क्रिया ठीक न होने से, लिवर की प्रक्रिया में व्यवधान आने से प्राय: पानी जैसे पतले दस्त रोग की उत्पत्ति होती है।

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इस रोग में रोगी को पानी जैसे पतले दस्त होने लगते हैं। बार-बार शौच के लिये जाना पडता है। दस्त के तीव्र प्रकोप से पेट के निचले हिस्से में पीड़ा या बेचैनी महसूस होती है। पेट में मरोड़ दर्द के साथ उठना , उल्टी आना या कच्चा जी होना , बुखार होना, कमजोरी महसूस करना दस्त के लक्षण हैं। दस्त देर तक रहने पर आदमी को कमजोरी और निर्जलीकरण की समस्या पैदा हो जाती है। एक दिन में 5 या उससे ज्यादा बार मल त्याग करने पर स्थिति चिंताजनक होती है। दस्त आमतौर पर अगर एक हफ्ते में ठीक न हो तो इसे क्रॉनिक दस्त कहा जाता है। रोग  लम्बा चलने पर रोगी बहुत दुर्बल हो जाता है और समय पर ईलाज न लेने पर रोगी की मृत्यु भी हो जाती है।

पानी जैसे पतले दस्त रोग के  लक्षण

  1. रोगी को बार-बार मल त्यागने जाना
  2. नाभी के आस पास व पेटमें मरोड का दर्द होना
  3. गुड गुडाहट की आवाज के साथ दस्त होना
  4. दस्त में बिना पचा हुआ आहार पदार्थ निकलना
  5. हवा के साथ वेग से दस्त बाहर निकलना
  6. पसीना, बेहोश हो जाना
  7. दस्तों में शरीर का जल निकल जाने से डिहाईड्रेशन की हालत पैदा हो जाना

ये अतिसार रोग, डायरिया, हैजा जैसे रोग के प्रमुख लक्षण हैं। ये डॉक्टरी जांच से पता लग सकता है की मरीज़ को कौन सा रोग है क्योंकि एन सब रोगों के लक्षण एक जैसे हैं

पानी जैसे पतले दस्त रोकने के घरेलू उपाय

अब यहां पानी जैसे पतले दस्त (अतिसार) की सरल चिकित्सा लिख रहा हूं। अतिसार को तुरंत रोकने का प्रयास घातक भी हो सकता है। आहिस्ता-आहिस्ता अतिसार नियंत्रित करना उत्तम है। लेकिन यदि रोगी को तकलीफ ज्यादा हो तो तुरंत नजदीक के किसी डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिये और तब तक इनमे से कोई भी उपचार मरीज या रोगी को दिया जा सकता है

पानी जैसे पतले दस्त

1) पानी जैसे पतले दस्त के रोग को दूर करने का एक साधारण उपाय है 1 केला दही के साथ खाएं। इससे दस्त बहुत जल्दी नियंत्रण में आ जाते हैं।

२)  एक घोल बनाएं। आधा चम्मच निंबू का रस,आधा चम्मच अदरक का रस और चौथाई चम्मच काली मिर्च का पवडर मिश्रण कर लें। यह घोल दिन में दो बार लेना उचित होता है और  यह घोल पेट की ऐंठन को दूर करता  है।

४)  भूरे चावल (Brown Rice ) 45 मिनट पानी में उबालें। छानकर चावल और पकाये हुए चावल का पानी रोगी को पिलायें । पानी जैसे पतले दस्त रोकने का यह भी एक अच्छा उपाय है।

५)  आम की गुठली का पावडर पानी के साथ लेने से अतिसार ठीक होता है।

६)  नींबू  बीज और छिलके सहित पीस लें और उसका पेस्ट बनालें। एक चम्मच पेस्ट दिन में तीन बार लेने से पानी जैसे पतले दस्त में फ़ायदा होता है।

७) अदरक इस रोग की अच्छी दवा मानी गई है। करीब १०० मिलि गरम पानी में अदरक का रस एक चम्मच मिलाकर गरम-गरम पीयें। अतिसार में अच्छे परिणाम आते हैं

८)  एक खास बात याद रखें कि अतिसार रोगी पर्याप्त मात्रा में शुद्ध जल पीता रहे। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होगी। विजातीय पदार्थ पेशाब के जरिये बाहर निकलते रहेंगे।

९)  सौंफ़ और जीरा बराबर मात्रा में लेकर तवे पर सेक लें या भुन लें और उसका पावडर बना लें। ५ ग्राम चूर्ण पानी के साथ हर तीन घंटे के फ़ासले से लेते रहें। बहुत गुणकारी उपाय है।
१०)  जीरा तवे पर सेक लें। पाव भर खट्टी छाछ में २-३ ग्राम जीरा-पावडर डालकर और इसमे आधा ग्राम काला नमक मिलाकर दिन में तीन बार पीने से अतिसार का ईलाज होता है।

११)  ५० ग्राम शहद पाव भर पानी में मिलाकर पीने से दस्त नियंत्रण में आ जाते हैं।

१२) आधा चम्मच मेथी के बीज,आधा चम्मच जीरा सिका हुआ और इसमें ५० ग्राम दही मिलाकर पीने से अतिसार रोग में बहुत लाभ होता

१३) अदरक  का रस नाभि  के आस -पास लगाने से अतिसार में लाभ होता है|

१४) कच्चा पपीता  उबालकर  खाने से दस्त में आराम लग जाता है|

१५) मिश्री और अमरूद खाना हितकारी है|

पानी जैसे पतले दस्त के रोगी के लिए ध्यान देने योग्य बातें

  1. बाहर खुले में बिकने वाली कोई भी चीजें न खाएं और फल के बारे में खासतौर पर ध्यान दें वो कटे हुए और खुले में रखे हुए ना हों ना ही सेल गड़े हों
  2. इस बीमारी में रोगी को  ज्यादा मात्रा में दही का सेवन करना चाहिये  इससे ठंडक मिलेगी और त्वचा को भी लाभ होगा।
  3. पानी जैसे पतले दस्त के रोगी को पानी के साथ तरल पदार्थों का सेवन बढाएं। ऐसे व्यक्ति को छाछ, नींबू की शिंकजी, चावल का मांड दें।
  4. भारी और मिर्च-मसाले का तला-भुना खाना खाने को भूल से भी ना खाएं । इसकी जगह जल्दी पचने वाला हल्का व सादा, कम कैलोरी वाला भोजन करें।
  5. इस मौसम में चीनी और नमक का घोल लेते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो पाए।
  6. पानी को उबाल कर ठंडा कर लें और वो पानी खूब पिएं, जिससे शरीर को डिटॉक्सीफाई होने में मदद मिले।
  7. खाना खाने से पहले और खाना खाने के बाद अच्छी तरह हाथ साफ करना न भूलें।

पानी जैसे पतले दस्त रोग से निपटने के लिए जरूरी है कि शरीर में हुई पानी व नमक की कमी को पूरा किया जाए। सामान्य रूप में पानी जैसे पतले दस्त वाले रोगियों की घर पर ही देखभाल की जाती है, परन्तु जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी होता है। आजकल सभी दवाई की दुकानों पर ओआरएस (ORS) के पैकेट आसानी से मिल जाते हैं। पैकेट लेने से पहले उसकी expirey date जरुर चेक करें और इस घोल को पानी में मिलाकर समय-समय पर लेने से पानी जैसे पतले दस्त की वजह से शरीर में आई पानी की कमी को पूरा किया जा सकता हैं। यदि दो दिन में हालत में सुधार न हो तो जल्द से जल्द किसी डॉंक्टर को दिखाना चाहिए।

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