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पथरी का घरेलू इलाज (Pthri ka ghrelu ilaj)

पथरी का घरेलू इलाज

पथरी का घरेलू इलाज बताने से पहले आपको ये पता होना चाहिये की पथरी बनाने का मुख्य कारण पानी कम पीना है मुझे आज भी याद है हमारे बजुर्ग एक बात कहा करते थे की आपका पेशाब पानी की तरह साफ़ होना चाहिये यदि वेह साफ़ है तो आपको कोई बीमारी नही हो सकती और यदि आपके पेशाब का रंग पीला है तो आप अपने आप को कोई बीमारी न होते हुए भी उससे ग्रसित है अब वो कब आपको पता लगेगी ये आपकी जीवनी शक्ति पर निर्भर है

पथरी किसी भी उम्र में हो सकती है होता क्या है की हमारे गुर्दे को साफ़ सफाई के लिए पानी की जरुरत होती है और यदि हम भरपूर पानी नहीं पीते हैं तो गुर्दों का काम अधुरा रह जाता है और उसमे कैल्शियम और यूरिक एसिड जैसे पदार्थ इकट्ठा होना शुरु कर देते हैं जब गुर्दों की सफाई नहीं होगी तो जो भी हम ने खाया है वो अंदर सड़ेगा और उससे गैस एसिडिटी और पथरी जैसी बीमारी धीरे धीरे जन्म लेना शुरु कर देती है

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जब भी इस तरह के रोग होना शुरु होते हैं तो हमारे पेशाब पीला आना शुरु हो जता है और पेशाब करते वक़्त हलकी जलन होती है जो धीरे धीरे बढ़ती चली जाती है और यदि हम फिर भी ध्यान नहीं देते तो उनकी संख्या लगातार बढ़ने लगती है और वो या तो एक बड़ा रूप ले लेती है या छोटे छोटे दाने के रूप में अंदर इकठा होती रहती है आमतौर पर यह ये पथरी मूत्र के रास्ते शरीर से बाहर निकाल दी जाती हैं। बहुत से लोगों में पथरियाँ बनती हैं और बिना किसी तकलीफ के बाहर निकल जाती हैं, वहीँ अगर यही पथरी बड़ी हो जाएँ तो मूत्रवाहिनी में अवरोध उत्पन्न कर देती हैं| इस स्थिति में मूत्रांगो के आसपास असहनीय पीड़ा होती है। यह बीमारी आमतौर से 30 से 60 वर्ष के उम्र के लोगों में पाई जाती है और स्त्रियों की अपेक्षा पुरूषों में चार गुना अधिक पाई जाती है। मधुमेह रोगियों में को गुर्दे की पथरी होने की ज्यादा सम्भावना रहती है|

90 प्रतिशत पथरी का निर्माण केल्शियम ओक्झेलेट से होता है। गुर्दे की पथरी का दर्द आमतौर पर बहुत भयंकर होता है। पथरी जब अपने स्थान से नीचे की तरफ़ खिसकती है तब यह दर्द पैदा होता है। पथरी गुर्दे से खिसक कर युरेटर और फ़िर युरिन ब्लाडर में आती है। पेशाब होने में कष्ट होता है, उल्टी मितली, पसीना होना और फ़िर ठंड महसूस होना, ये पथरी के सामान्य लक्षण हैं। नुकीली पथरी से खरोंच लगने पर पेशाब में खून भी आता है। इस रोग में पेशाब थोड़ी मात्रा में कष्ट के साथ बार-बार आता है| रोग के निदान के लिये सोनोग्राफ़ी करवाना चाहिये।वैसे तो विशिष्ठ हर्बल औषधियों से 30 एम एम तक की पथरी निकल जाती है। लेकिन 4+5 एम एम तक की पथरी घरेलू नुस्खों के प्रयोग से समाप्त हो सकती हैं।

पथरी का घरेलू इलाज कैसे करें

  1. प्याज पथरी के इलाज के लिए औषधीय गुण पाए जाते हैं। अगर आप सही ढंग से इस घरेलू उपचार का पालन करेंगे तो आपको इसका हैरान कर  देने वाला परिणाम मिलेगा। आपको इसका रस पीना है लेकिन पके हुए प्याज का। इसके लिए आप दो मध्यम आकर के प्याज लेकर उन्हें अच्छी तरह से छिल लें। फिर एक बर्तन में एक ग्लास पानी डालें और दोनों प्याज को मध्यम आंच पर उसमें पका लें। जब वे अच्छी तरह से पक जाये तो उन्हें ठंडा होने दें फिर उन्हें ब्लेंडर में डालकर अच्छी तरह से ब्लेंड कर लें। उसके बाद उनके रस को छान लें एवं इस रस का तीन दिनों तक लगातार सेवन करते रहे। यह घरेलू उपाय रामबाण का काम करता है।
  2. प्याज में पथरी नाशक तत्व होते हैं। करीब 70 ग्राम प्याज को अच्छी तरह पीसकर या मिक्सर में चलाकर पेस्ट बनालें। इसे कपडे से निचोडकर रस निकालें। सुबह खाली पेट पीते रहने से पथरी छोटे-छोटे टुकडे होकर निकल जाती है।
  3. तुलसी के पत्तों का रस एक चम्मच एक चम्मच शहद में मिलाकर जल्दी सबेरे लें। ऐसा 5-6 माह तक करने से छोटी पथरी निकल जाती है।
  4. मूली के पत्तों का रस २०० एम एल दिन में २ बार लेने से पथरी रोग नष्ट होता है।
  5. दो अन्जीर एक गिलास पानी मे उबालकर सुबह के वक्त पीयें। एक माह तक लेना जरूरी है।
  6. नींबू के रस में स्टोन को घोलने की शक्ति होती है। एक नींबू का रस दिन में 1-2 बार मामूली गरम जल में लेना चाहिये।
  7. पानी में शरीर के विजातीय पदार्थों को बाहर निकालने की अद्भुत शक्ति होती है। गरमी में 5 -6  लिटर और सर्द मौसम में 3-4 लिटर पानी पीने की आदत बनावें।
  8. तरबूज में पानी की मात्रा ज्यादा होती है । जब तक उपलब्ध रहे रोज तरबूज खाएं। तरबूज में पुरुषों के लिये वियाग्रा गोली के समान काम- शक्ति वर्धक असर भी पाया गया है।
  9. कुलथी की दाल का सूप पीने से पथरी निकलने के प्रमाण मिले है। 20 ग्राम कुलथी दो कप पानी में उबालकर काढा बनालें। सुबह के वक्त और रात को सोने से पहले पीयें।
  10. अंगूर में पोटेशियम और पानी की अधिकता होने से गुर्दे के रोगों लाभदायक सिद्ध हुआ है। इसमें अल्बुमिन और सोडियम कम होता है जो गुर्दे के लिये उत्तम है।
  11. गाजर और मूली के बीज 10-10 ग्राम, गोखरू 20 ग्राम, जवाखार और हजरूल यहूद 5-5 ग्राम लेकर पाउडर बनालें और 4-4 ग्राम की पुडिया बना लें। एक खुराक प्रत: 6 बजे दूसरी 8 बजे और तीसरी शाम 4 बजे दूध-पानी की लस्सी के साथ लें। बहुत कारगर उपचार है|
  12. पथरी को गलाने के लिये चौलाई की सब्जी गुणकारी है। उबालकर धीरे-धीरे चबाकर खाएं। दिन में 3-4 बार यह उपक्रम करें।
  13. बथुआ की सब्जी आधा किलो लें। इसे 800 मिलि पानी में उबालें। अब इसे कपडे या चाय की छलनी में छान लें। बथुआ की सब्जी भी इसमें अच्छी तरह मसलकर मिलालें। काली मिर्च आधा चम्मच और थोडा सा सेंधा नमक मिलाकर पीयें। दिन में ३-४ बार प्रयोग करते रहने से गुर्दे के विकार नष्ट होते हैं और पथरी निकल जाती है।
  14. गाय के दूध के लगभग 250 मिलीलीटर मट्ठे में 5 ग्राम जवाखार मिलाकर सुबह-शाम पीने से गुर्दे की पथरी खत्म होती है। जवाखार और चीनी 2-2 ग्राम की मात्रा में लेकर पीसकर पानी के साथ खाने से पथरी टूट-टूटकर पेशाब के साथ निकल जाती है। इस मिश्रण को रोज सुबह-शाम खाने से आराम मिलता है।
  15. 100 मिलीलीटर नारियल का पानी लेकर, उसमें 10 मिलीलीटर पालक का रस मिलाकर पीने से 14 दिनों में पथरी खत्म हो जाती है। पालक के साग का रस 20 से 40 मिलीलीटर की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम खाने से पथरी में लाभ मिलता है।
  16. गोक्षुर के बीजों का चूर्ण 3 से 6 ग्राम बकरी के दूध के साथ प्रतिदिन 2 बार खाने से पथरी खत्म होती है।
  17. भुनी हुई फिटकरी 1-1 ग्राम दिन में 3 बार रोगी को पानी के साथ सेवन कराने से रोग ठीक होता है।
  18. कलमीशोरा, गंधक और आमलासार 10-10 ग्राम अलग-अलग पीसकर मिला लें और हल्की आग पर गर्म करने के 1-1 ग्राम का आधा कप मूली के रस के साथ सुबह-शाम लेने से गुर्दे की पथरी में लाभ मिलता है।
  19. एक या दोनों गुर्दो में पथरी होने पर केवल आलू खाते रहने पर बहुत लाभ होता है। पथरी के रोगी को केवल आलू खिलाकर और बार-बार अधिक मात्रा में पानी पिलाते रहने से गुर्दे की पथरियां और रेत आसानी से निकल जाती हैं। आलू में मैग्नीशियम पाया जाता है जो पथरी को निकालता है तथा पथरी बनने से रोकता है।
  20. जिस व्यक्ति को पथरी की समस्या हो उसे खूब केला खाना चाहिए क्योंकि केला विटामिन बी-6 का प्रमुख स्रोत है, जो ऑक्जेलेट क्रिस्टल को बनने से रोकता है व ऑक्जेलिक अम्ल को विखंडित कर देता है। इसके आलावा नारियल पानी का सेवन करें क्योंकि यह प्राकृतिक पोटेशियम युक्त होता है, जो पथरी बनने की प्रक्रिया को रोकता है और इसमें पथरी घुलती है।
  21. करेला बहुत कड़वा होता है पर पथरी में यह भी रामबाण साबित होता है| करेले में पथरी न बनने वाले तत्व मैग्नीशियम तथा फॉस्फोरस होते हैं और वह गठिया तथा मधुमेह रोगनाशक है। जो खाए चना वह बने बना। पुरानी कहावत है। चना पथरी बनने की प्रक्रिया को रोकता है।गाजर में पायरोफॉस्फेट और पादप अम्ल पाए जाते हैं जो पथरी बनने की प्रक्रिया को रोकते हैं। गाजर में पाया जाने वाला केरोटिन पदार्थ मूत्र संस्थान की आंतरिक दीवारों को टूटने-फूटने से बचाता है।
  22. इसके अलावा नींबू का रस एवं जैतून का तेल मिलकर तैयार किया गया मिश्रण गुर्दे की पथरी को दूर करने में बहुत हीं कारगर साबित होता है। 60 मिली लीटर नींबू के रस में उतनी हीं मात्रा में जैतून का तेल मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें। इनके मिश्रण का सेवन करने के बाद भरपूर मात्रा में पानी पीते रहें।
  23. इस प्राकृतिक उपचार से बहुत जल्द हीं आपको गुर्दे की पथरी से निजात मिल जायेगी साथ हीं पथरी से होने वाली पीड़ा से भी आपको मुक्ति मिल जाएगी।
  24.  पथरी को गलाने के लिये आधा उबला चौलाई का साग दिन में थोडी थोडी मात्रा में खाना हितकर होता है, इसके साथ आधा किलो बथुए का साग तीन गिलास पानी में उबाल कर कपडे से छान लें, और बथुये को उसी पानी में अच्छी तरह से निचोड कर जरा सी काली मिर्च जीरा और हल्का सा सेंधा नमक मिलाकर इसे दिन में चार बार पीना चाहिये, इस प्रकार से गुर्दे के किसी भी प्रकार के दोष और पथरी दोनो के लिए साग बहुत उत्तम माने गये है।
  25.  जीरे को मिश्री की चासनी अथवा शहद के साथ लेने पर पथरी घुलकर पेशाब के साथ निकल जाती है। इसके अलावा तुलसी के बीज का हिमजीरा दानेदार शक्कर व दूध के साथ लेने से मूत्र पिंड में फ़ंसी पथरी निकल जाती है।

पथरी का घरेलू इलाज में बर्ती जाने वाली सावधानियाँ :- कुछ खाने की वस्तुएं जो पथरी होने की आशंका बड़ा देती है उनसे यदि बचा जाये तो रोग से लड़ने में आसानी होगी

  1. काले अंगूरों के सेवन से परहेज करें।
  2. तिल, काजू अथवा खीरे, आँवला अथवा चीकू (सपोटा) में भी आक्सेलेट अधिक मात्रा में होता है।
  3. तरबूज और मशरूम में भी अधिक मात्रा में यूरिक एसिड व प्यूरीन पाई जाती है।
  4. बैंगन में यूरिक एसिड व प्यूरीन अधिक मात्रा में पाई जाती है।
  5. फूल गोभी में यूरिक एसिड व प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है।
  6. चाय, कॉफी व अन्य पेय पदार्थ जिसमें कैफीन पाया जाता है, उन पेय पदार्थों का सेवन बिलकुल मत कीजिए।

पथरी का घरेलू इलाज शुरु करने से पहले अल्ट्रासाउंड यी जो भी डॉक्टर टेस्ट कहें वो करवा लेना चाहिये और यदि आप किसी दर्द से ज्यादा पीड़ित नहीं है तभी पथरी का घरेलू इलाज शुरु करना चाहिये क्योंकि जो बात सामने आई है वो ये की 4-5 mm से लेकर 8-10 mm तक की पथरी तो निकल जाती है ज्यादा बड़ी पथरी हो तो वहां पथरी का घरेलू इलाज काम नहीं आता वहां आपको डॉक्टर से जरुर मिलना चाहिये और जैसा वो गाइड करें वैसा आप कर सकते हैं

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