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नींबू / lemon / Nimbu के आयुर्वेदिक और औषधीय गुण

नींबू एक फायदे अनेक

नींबू एक छोटा पेड़ अथवा सघन झाड़ीदार पौधा है। इसकी शाखाएँ काँटेदार, पत्तियाँ छोटी, डंठल पतला तथा पत्तीदार होता है। फूल की कली छोटी और मामूली रंगीन या बिल्कुल सफेद होती है। प्रारूपिक (टिपिकल) नींबू गोल या अंडाकार होता है। छिलका पतला होता है, जो गूदे से भली भाँति चिपका रहता है। पकने पर यह पीले रंग का या हरापन लिए हुए होता है। गूदा पांडुर हरा, अम्लीय तथा सुगंधित होता है। कोष रसयुक्त, सुंदर एवं चमकदार होते हैं।

इसकी कई किस्में होती हैं, जो प्राय: प्रकंद के काम में आती हैं, उदाहरणार्थ फ्लोरिडा रफ़, करना या खट्टा नींबू, जंबीरी आदि । कागजी नीबू, कागजी कलाँ, गलगल तथा लाइम सिलहट ही अधिकतर घरेलू उपयोग में आते हैं। इनमें कागजी नींबू सबसे अधिक लोकप्रिय है। नींबू की उपयोगिता जीवन में बहुत अधिक है। इसका प्रयोग अधिकतर भोज्य पदार्थों में किया जाता है। इससे विभिन्न प्रकार के पदार्थ, जैसे तेल, पेक्टिन, सिट्रिक अम्ल, रस, स्क्वाश तथा सार (essence) आदि तैयार किए जाते हैं।

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विटामिन सी से भरपूर नीबू स्फूर्तिदायक और रोग निवारक फल है। इसका रंग पीला या हरा तथा स्वाद खट्टा होता है। इसके रस में ५% साइट्रिक अम्ल होता है तथा जिसका pH २ से ३ तक होता है। इसके अलावा इसमें विटामिन ए, सेलेनियम और जिंक भी होता है। नीबू में ए, बी और सी विटामिनों की भरपूर मात्रा है-विटामिन ए अगर एक भाग है तो विटामिन बी दो भाग और विटामिन सी तीन भाग। इसमें -पोटेशियम, लोहा, सोडियम, मैगनेशियम, तांबा, फास्फोरस और क्लोरीन तत्त्व तो हैं ही, प्रोटीन, वसा और कार्बोज भी पर्याप्त मात्रा में हैं। विटामिन सी से भरपूर नीबू शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही एंटी आक्सीडेंट का काम भी करता है और कोलेस्ट्राल भी कम करता है। नीबू में मौजूद विटामिन सी और पोटेशियम घुलनशील होते हैं, जिसके कारण ज्यादा मात्रा में इसका सेवन भी नुकसानदायक नहीं होता। रक्ताल्पता से पीडि़त मरीजों को भी नीबू के रस के सेवन से फायदा होता है। यही नहीं, नींबू का सेवन करने वाले लोग जुकाम से भी दूर रहते हैं। नींबू दिन भर की विटामिन सी की जरूरत पूरी कर देता है।

नींबू के आयुर्वेदिक गुण :-

1. ) क्या आप अच्छी और साफ स्किन चाहते हैं? अगर हां, तो निशान वाली जगह पर नींबू का रस लगाएं।  नींबू का रस एक प्राकृतिक अमल है, जो स्ट्रेच मार्क्स को हल्का करता है। स्किन पर निशान वाली जगह पर नींबू के रस को दस मिनट के लिए लगाएं और फिर धो लें। साफ और चमकती हुई स्किन के लिए एक दिन में 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। ऐसा करने से स्किन पर मौजूद स्ट्रेच मार्क्स धीरे-धीरे दूर हो जाएंगे।

2.) दिन भर तरोताजा रहने और स्फूर्ति बनाए रखने के लिए एक गिलास गुनगुने पानी में एक नींबू का रस व एक चम्मच शहद मिलाकर पीना चाहिए। और यह करने से कभी भी मोटापा नहीं बढ़ता।

3.) एक बाल्टी पानी में एक Nimbu के रस को मिलाकर गर्मियों में नहाने से दिनभर ताजगी बनी रहती है।

4.) गर्मी के मौसम में हैजे से बचने के लिए Nimbuको प्याज व पुदीने के साथ मिलाकर सेवन करना चाहिए।

5.) लू से बचाव के लिए नीबू को काले नमक वाले पानी में मिलाकर पीने से दोपहर में बाहर रहने पर भी लू नहीं लगती।

6.) आपको बहुत देर से हिचकी आ रही है, तो Nimbuके रस में 2 छोटे चम्मच काला नमक ,शहद का 1 छोटा चम्मच मिलाकर पीयें।

7.) अगर आपकी त्वचा तैलीय है, तो नींबू के रस मे बराबर मात्रा मे पानी मिलाकर चेहरा साफ़ करें।

8.) Nimbu बालों के लिए भी काफी अच्छा होता है, बालों में लगाने पर बालों पर ऱूसी का असर नहीं होता है।

9.) पेट की परेशानी को दूर करने के लिए शहद में Nimbu का रस नियमित रूप से सुबह लें है। इससे कब्ज संबंधी समस्या को भी दूर किया जा सकाता है।

10.) मसूड़े फूलने पर नींबू को पानी में निचोड़ कर कुल्ला करने से अत्यधिक लाभ होगा। इतना ही नहीं नींबू से दांतों के दर्द को भी दूर किया जा सकता है।

11.) हैजे को दूर करना, पानी की कमी को दूर करना,ब्लड प्रेशर सामान्य करना, मिर्गी के दौरों को रोकना में भी नींबू उपयोगी है।

12.) Nimbu कैंसर की कोशिकाओं के विकास को रोकने में असर डाल सकता है । इसके अलावा गुर्दे या किडनी की पथरी को बनने से रोकने में भी इसे कारगर पाया गया है ।

13.) यदि आपको बदहजमी की समस्या है तो Nimbu काटकर उसमें काला नमक लगाकर चूसने से बदहजमी की परेशानी में राहत मिलती है। इसके अलावा आप बदहजमी की समस्या को सही करने के लिए गुनगुने पानी में एक चुटकी काला नमक और खाने का सोड़ा मिलाकर पी लें तो उससे भी राहत मिलेगी।

14.) बार-बार नींबू के रस और दांतो का संपंर्क होने से दांतों की ऊपरी सतह को नुकसान पहुंचता है। इससे बचने के लिए नींबू को रस को पानी में मिलाकर पिएं। इसके अलावा आप दांतो की सुरक्षा के लिए स्ट्रा की मदद भी ले सकते हैं। इससे नींबू के रस और दांतो में संपंर्क नहीं होगा।

15.) नींबू का रस सूखे होठों के लिए काफी फायदेमंद होता है। होठों को रात में गुनगुने पानी से धोकर नींबू के रस में ग्लिसरीन मिलाकर लगाने से होंठ नरम बने रहते हैं। आप चाहें तो मिल्क क्रीम या शहद में नींबू का रस मिलाकर भी होठों पर लगा सकते हैं। इसे लगाने से आपके होंठ फटेंगे नहीं और हमेशा गुलाबी बने रहेंगे।

16.) नींबू के 25 ग्राम रस में तुलसी के 11 पत्ते, जीरा, हींग व नमक (स्वादानुसार) मिलाकर गर्म पानी में मिला लें। इस मिश्रण को दिन में तीन बार पीने से तपेदिक रोग में आराम मिलता है।

17.) एक नींबू को गरम करके उसमें सेंधा नमक, भुना जीरा व कालीमिर्च भरकर चूसने से मलेरिया में लाभ होता है।

19.) नींबू पानी का ज्यादा सेवन हर्ट बर्न यानि सीने में जलन पैदा करता है। अगर आप नींबू पानी का सेवन ज्यादा करते हैं तो आपने इसका अनुभव जरूर किया होगा। हर्टबर्न की समस्या तब होती है जब एसोफेगस और पेट सही ढंग से काम नहीं करते हैं पेट से निकलने वाला एसिड वापस एसोफेगस में आ जाता है इस प्रक्रिया को रिफलक्स के नाम से जाना जाता है। इससे बचने के लिए एसिड युक्त खाद्य पदार्थ और पेय से दूर रहना चाहिए

20.) बहुत कम मामले ऐसे होते हैं जिनमें नींबू पानी ज्यादा यूरीन बनाने का काम करता है। नींबू में विटामिन सी,एस्कॉर्बिक एसिड की मात्रा बहुत अधिक होती है। यह तत्व डाइयुरेटिक तत्व के नाम से जाने जाते हैं इसका मतलब है कि यह किडनी में यूरीन के निर्माण को बढ़ाते हैं जिससे शरीर में पानी और सोडियम निकल जाते हैं और शरीर में पानी की कमी होने लगती है।

21.) Nimbu का सेवन कभी-कभी माइग्रेन का कारण भी बन सकता है। कुछ लोगों को इससे एलर्जी भी होती है। इसके अलावा यह अस्थमा के लक्षणों को भी बढ़ा सकता है।

22.) Nimbu के थोडे से बीजों को सुखा लें। फिर उनको पीसकर चूर्ण बनाएं। 2 ग्राम चूर्ण नित्य पानी से सेवन करें। पेट के कीडे खत्म होकर मल के साथ बाहर निकल जाएंगे।

23.) Nimbu का रस कील-मुहांसों पर भी काफी असरदार होता है। Nimbu में पाया जाने वाला विटामिन सी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार रखता है। इसमें पाए जाने वाले एल्काइन से कील-मुहांसों को जन्म देने वाले बैक्टीरिया दूर रहते हैं।

सावधानियाँ :- Nimbu पानी के अत्यधिक सेवन से क्लोरोक्विन का स्तर कम हो जाता है। क्लोरोक्विन सामान्यत: मलेरिया के उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है।

Nimbu का रस शरीर से आयरन को अवशोषित कर लेता है जिसके कारण मतली, डायरिया जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। अगर आप भी नींबू पानी का सेवन ज्यादा करते हैं तो इसका सेवन कम कर दें।

Article Source :- http://hindi.omnamahashivaya.com/

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