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Thinness(दुबलापन) दूर करने के आयुर्वेदिक और औषधीय उपचार

Thinness (दुबलापन)

Thinness (दुबलापन) का अर्थ सामान्य से कम वजन वाला व्यक्ति दुबला कहलाता है। जो व्यक्ति अधिक दुबला होता है वह किसी भी काम को करने में जल्द थक जाता है। ऐसे व्यक्तियों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। पाचन शक्ति में गड़बड़ी के कारण भी व्यक्ति अधिक दुबला हो सकता है। मानसिक, भावनात्मक तनाव, चिंता की वजह से भी व्यक्ति दुबला हो सकता है। इसके अलावा शरीर में हार्मोन्स असंतुलित हो जाने पर भी व्यक्ति दुबला हो सकता है। ज्यादातर लोग Thinness से छुटकारा पाने के लिए कई जतन करते हैं लेकिन परिणाम नहीं मिलता है।

कोई तन से दुखी, कोई मन से दुखी तो कोई दुखी बिन धन के……इस संसार में पूरी तरह से सुखी व्यक्ति को खोजना बड़ा मुश्किल काम है। किसी के पास भरपूर धन है तो शरीर रोगों का घर बना हुआ है। पूरी तरह से स्वस्थ और परफेक्ट शरीर वालों के पास धन की इतनी कमी है कि उनके चारों और दीनता-दरिद्रता ही टपकती नजर आती है। मनुष्य की खासियत ही यह है कि वह किसी भी चुनौती के सामने घुटने नहीं टेकता। दुबलापन को जहां कुछ लोग आनुवांशिक यानी खानदानी समस्या मानते हें तो वहीं साहसी और आशावादी लोगों ने इसका भी उपाय खोज निकाला है।

Thinness (दुबलापन) के कारण :- 

Thinness दुबलापन रोग होने का सबसे प्रमुख कारण मनुष्य के शरीर में स्थित कुछ कीटाणुओं की रासायनिक क्रिया का प्रभाव होना है जिसकी गति थायरायइड ग्रंथि पर निर्भर करती हैं। यह गले के पास शरीर की गर्मी बढ़ाती है तथा अस्थियों की वृद्धि करने में मदद करती है। यह ग्रंथि जिस मनुष्य में जितनी ही अधिक कमजोर और छोटी होगी, वह मनुष्य उतना ही कमजोर और पतला होता है। ठीक इसके विपरीत जिस मनुष्य में यह ग्रंथि स्वस्थ और मोटी होगी-वह मनुष्य उतना ही सबल और मोटा होगा।

देखा जाए तो 30 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति का वजन यदि उसके शरीर और उम्र के अनुपात सामान्य से कम है तो वह दुबला व्यक्ति कहलाता है। जो व्यक्ति अधिक दुबला होता है वह किसी भी कार्य को करने में थक जाता है तथा उसके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे व्यक्ति को कोई भी रोग जैसे- सांस का रोग, क्षय रोग, हृदय रोग, गुर्दें के रोग, टायफाइड, कैंसर बहुत जल्दी हो जाते हैं। ऐसे व्यक्ति को अगर इस प्रकार के रोग होने के लक्षण दिखे तो जल्दी ही इनका उपचार कर लेना चाहिए नहीं तो उसका रोग आसाध्य हो सकता है और उसे ठीक होने में बहुत दिक्कत आ सकती है। अधिक दुबली स्त्री गर्भवती होने के समय में कुपोषण का शिकार हो सकती है

अत्यंत दुबले व्यक्ति के नितम्ब, पेट और ग्रीवा शुष्क होते हैं। अंगुलियों के पर्व मोटे तथा शरीर पर शिराओं का जाल फैला होता है, जो स्पष्ट दिखता है। शरीर पर ऊपरी त्वचा और अस्थियाँ ही शेष दिखाई देती हैं।

इसमें अग्निमांद्य या जठराग्नि का मंद होना ही अतिकृशता का प्रमुख कारण है। अग्नि के मंद होने से व्यक्ति अल्प मात्रा में भोजन करता है, जिससे आहार रस या ‘रस’ धातु का निर्माण भी अल्प मात्रा में होता है। इस कारण आगे बनने वाले अन्य धातु (रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा और शुक्रधातु) भी पोषणाभाव से अत्यंत अल्प मात्रा में रह जाते हैं, जिसके फलस्वरूप व्यक्ति निरंतर कृश से अतिकृश होता जाता है। इसके अतिरिक्त लंघन, अल्प मात्रा में भोजन तथा रूखे अन्नपान का अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से भी शरीर की धातुओं का पोषण नहीं होता।

वजन बढ़ाने के लिए सबसे पहले तो आपका फिट रहना जरूरी है। आप वजन बढ़ाना चाहते हैं इसका ये अर्थ नहीं कि आप फिजीकली बिल्कुल भी सक्रिय नहीं होंगे। व्यायाम और एक्सरसाइज करना तब भी जरूरी होगा।

वजन बढ़ाने के लिए सबसे बढि़या उपाय है आप हाई कैलोरी का खाना खाएं। उन खाद्य पदार्थों का सेवन ज्यादा करें जिनमें कैलोरी की मात्रा अधिक हो। लेकिन इसका ये अर्थ नहीं कि आप जंकफूड भारी मात्रा में खाने लगे। बल्कि आपको हेल्दी और हाई कैलोरी भोजन को प्राथमिकता देनी हैं। अगर आप वजन हेल्दी रूप से बढ़ाना चाहते हैं तो आपको सुबह का नाश्ता हेवी करना होगा। च्यवनप्राश वजन बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक औषधी है। यह लगभग सभी के लिए आमतौर पर भी हेल्दी रहता है। इससे न सिर्फ शारीरिक उर्जा बढ़ती है बल्कि मेटाबोलिज्म भी मजबूत रहता है। शतावरी कल्पा लेने से न सिर्फ आंखें और मसल्स अच्छी रहती है बल्कि इससे वजन भी बढ़ता है। वसंतकुसुमकर रस शरीर को न सिर्फ आंतरिक उर्जा देता है बल्कि वजन को जल्दी बढ़ाने में भी लाभकारी है।

Thinness के अन्य कारण 

* पाचन शक्ति में गड़बड़ी के कारण व्यक्ति अधिक दुबला हो सकता है।
* मानसिक, भावनात्मक तनाव, चिंता की वजह से व्यक्ति दुबला हो सकता है।
* यदि शरीर में हार्मोन्स असंतुलित हो जाए तो व्यक्ति दुबला हो सकता है।
* चयापचयी क्रिया में गड़बड़ी हो जाने के कारण व्यक्ति दुबला हो सकता है।
* बहुत अधिक या बहुत ही कम व्यायाम करने से भी व्यक्ति दुबला हो सकता है।
* आंतों में टमवोर्म या अन्य प्रकार के कीड़े हो जाने के कारण भी व्यक्ति को Thinness (दुबलेपन) का रोग हो सकता है।
* मधुमेह, क्षय, अनिद्रा, जिगर, पुराने दस्त या कब्ज आदि रोग हो जाने के कारण व्यक्ति को Thinness (दुबलेपन) का रोग हो जाता है।
* शरीर में खून की कमी हो जाने के कारण भी Thinness (दुबलेपन) का रोग हो सकता है।

यह जानना जरूरी है कि आपके बॉडी मास इंडेक्स यानी बीएमआई के हिसाब से यह जानने कि कोशिश करें कि आपकी लंबाई और उम्र के हिसाब से आपका वजन क‌ितना होना चाहिए। इसका फार्मूला ये है-

बीएमआई = वजन (किलोग्राम) / (ऊंचाई X ऊंचाई (मीटर में))
आमतौर पर 18.5 से 24.9 तक बीएमआई आदर्श स्थिति है इसलिए वजन बढ़ाने के क्रम में ध्यान रखें कि आप इसके बीच में ही रहें।

आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और योग के सम्मिलित प्रयासों से Thinness (दुबलापन) की समस्या का 100-फीसदी कारगर उपाय खोज निकाला गया है। ये बेहद सरल उपाय ये हैं-एक तय मापदंड से कम वजन किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। 

यहां कुछ ऐसे ही खाद्य पदार्थों का जिक्र है जिन्हें खाकर अाप अपना दुबलापन (Thinness) दूर कर सकते हैं:

    1. अध्वगंधा चूर्ण और शतावर का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर 1 से 2 चम्मच प्रतिदिन शुद्ध दूध के साथ सोने से कुछ देर पहले लें। वसंतकुसुमाकर रस भी काफ़ी असरदार दवा है।
    2. भोजन के बाद एक केला नियम के खाए ।
    3. दूध में उबालकर प्रतिदिन 5 छुवारे यानी का सेवन करें।
    4. भोजन में सलाद, नाश्ते में अंकुरित अन्न, तथा फलों का प्रयोग प्रारंभ करें।
    5. किशमिश रात में भिगों दें और सुबह खाएं। दो-तीन महीने में फर्क नजर आने लगेगा। साथ ही, किशमिश फैट को हेल्दी कैलोरी में बदलने का काम करता है।
    6. दुबलेपन को दूर करने के लिए अखरोट खाना भी अच्छा ऑप्शन रहेगा, क्योंकि इसमें मोनो अनसैचुरेटेड फैट होता है। यह काफी फायदेमंद होता है।
    7. केले को संपूर्ण आहार माना गया है। रोजाना तीन-चार केले खाने से जल्द ही फर्क दिखाई देने लगता है।
    8. वजन बढ़ाने के लिए चाय, कॉफी, शराब, सिगरेट आदि से दूर रहना बहुत जरूरी है।
    9. भरपूर नींद लें। 7-8 घंटे की नींद लेने से वजन बढ़ाने में मदद मिलती है।
    10. वजन बढ़ाने के लिए धीरे-धीरे प्रयास करें, जंक फूड और फ़ास्ट  फूड न खायें।
    11. रोज एक कटोरी बीन्स खायें, इसमें पौष्टिकता के साथ 300 कैलोरी होती है।
    12. खरबूजा और तरजबू जैसे मौसमी फल खाने से वजन तेजी से बढ़ा सकते हैं।
    13. कब्ज, अपच और गैस की समस्या होने पर डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि कई बार कमजोरी के पीछे ये कारण भी होते हैं।
    14. डाइट में कार्बोहाइड्रेट और हेल्दी फैट्स की मात्रा बढ़ाएं। अध‌िक कैलोरी वाली डाइट जैसे रोटियां, राजमा, सब्जियां और केले जैसे फल आदि की मात्रा बढ़ाएं। दिन में कम से कम पांच बार थोड़ी-थोड़ी डाइट लें।
    15.  नाश्ते में बादाम, दूध, मक्खन, घी का पर्याप्त मात्रा में उपयोग करने से आप तंदुरस्त रहेंगे और वजन भी बढेगा।
    16.  भोजन में प्रोटीन की मात्रा बढाएं। दालों में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है। बादाम, काजू का नियमित सेवन करें।
    17. रोज सुबह ३-४ किलोमीटर घूमने का नियम बनाएं। ताजा हवा भी मिलेगी और आपका मेटाबोलिस्म भी ठीक रह्र्गा।और भोजन खूब अच्छी तरह से चबा चबा कर खाना चाहिये। दांत का काम आंत पर डालना उचित नहीं है। दोनों वक्त शोच निवृत्ति की आदत डालें।
    18. ५० ग्राम किश मिश रात को पानी में भिगोदे सुबह भली प्रकार चबा चबा कर खाएं। २-३ माह के प्रयोग से वजन बढेगा।किशमिश में अनाज की 99 % कैलोरी पायी जाती है और फाइबर भी बहुत अच्छी मात्रा में पाया जाता है। ये शरीर के फैट को हटा के स्वस्थ कैलोरी में परिवर्तित करता है।
    19. मलाई- मिल्क क्रीम में आवश्यकता से ज्यादा फैटी एसिड होता है। और ज्यादातर खाद्य उत्पादों की तुलना में अधिक कैलोरी की मात्रा होती है। मिल्क क्रीम को पास्ता और सलाद के साथ खाने से वजन तेजी से बढ़ेगा।
    20. अखरोट में आवश्यक मोनोअनसेचुरेटेड फैट होता है जो स्वस्थ कैलोरी को उच्च मात्रा में प्रदान करता है। रोज़ 20 ग्राम अखरोट खाने से वजन तेजी से प्राप्त होगा।
    21. तुरंत वजन बढाना हो तो केला खाइये। रोज़ दो या दो से अधिक केले खाने से आपका पाचन तंत्र भी अच्छा रहेगा। केले को दूध में फेट के भी ले सकते है.
    22. आलू कार्बोहाइड्रेट और काम्प्लेक्स शुगर का अच्छा स्त्रोत है। ये ज्यादा खाने से शरीर में फैट की मात्रा बढ़ जाती है।
    23. नारियल का दूध – यह आहार तेलों का समृद्ध स्रोत है और भोजन के लिए अच्छा तथा स्वादिस्ट जायके के लिए जाना जाता है। नारियल के दूध में भोजन पकाने से खाने में कैलोरी बढ़ेगी। जिससे आपके वजन में वृधि होगी।
    24. जो लोग शाकाहारी है और नॉनवेज नहीं खाते उनके लिए बीन्स से अच्छा कोई विकल्प नहीं है। बीन्स के एक कटोरी में 300 कैलोरी होती है। यह सिर्फ वजन बढ़ने में ही मदत नहीं करता बल्कि पौष्टिक भी होता है।
    25. मक्खन में सबसे ज्यादा कैलोरी पाई जाती है। मक्खन खाने के स्वाद को सिर्फ बढ़ाता ही नहीं बल्कि वजन बढ़ाने में भी मदद करता है।
    26. ब्राउन राइस कार्बोहाइड्रेट और फाइबर की एक स्वस्थ खुराक का स्रोत है। भूरे रंग के चावल कार्बोहाइड्रेट का भंडार है इसलिए नियमित रूप से इसे खाने से वजन तेजी से हासिल होगा।
    27. काजू स्वस्थ काया पाने का आसान तरीका है। काजू के तेल में न केवल वजन बढ़ाने बल्कि काजू रोज़ खाने से आपकी त्वचा कोमल और बाल चमकदार दिखने लगेंगे ।
    28. जैतून के तेल में आवश्यक कैलोरी बहुत बड़ी मात्रा में पाई जाती है। और यह हृदय रोग से लड़ने में भी बहुत मदद करता है।
  1. अश्वगंघा अवलेह को पानी और दूध से लेने से जल्दी असर करता है और वजन प्रबंधन में भी मदद करता है । इसका चूर्ण दूध, घी या शहद से लेने में भी असरकारक है। द्रकशरिष्ठा को लगातार एक महीने को गर्म और ठंडे पानी में शहद मिलाकर लेने से अच्छा रहता है। इन आयुर्वेदिक औषधियों को लेने से कोई साइड इफेक्ट नहीं होगा और आप आराम से अपना वजन भी बढा़ सकते हैं।
  1. * मोटापा घटाने एवं बजन कम करने के लिये ये भी आजमा सकते है इस प्रयोग को करने से आप एक माह में पाँच किलो तक बजन कम कर सकते हैं…* आप 2 चम्मच असली शहद एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर सुबह खाली पेट पियें दोनो टाइम खाना खाने के आधा घँटे बाद आधा चम्मच पाचक चूर्ण पानी के साथ लें .पाचक चूर्ण  बनाने का तरीका :-छोटी हरड, बहेडा, आँवला, सोंठ, पीपर, कालीमिर्च, कालानमक ये सब 20-20ग्राम असली हींग दो ग्राम सब कूट पीसकर रख लें पाचक चूर्ण तैयार है ये रात का खाना सोने से 2 घंटे पहले अवश्य खालें और रात को सोते समय 2 छोटी हरड का चूर्ण थोडे गुनगुने पानी से लें तथा बासी और ज्यादा मिर्च मसाले युक्त भोजन न करें

विशेष :- यथा संभव नशीले पदार्थों चाय, कॉफी, गुटका-तम्बाकू, सिगरेट और शराब आदि से दूर रहें।
ऊपर बताए इन प्रयोगों को यदि कोई लगातार दृढ़ संकल्पित होकर करें तो निश्चित रूप से उसे Thinness (दुबलेपन) और अन्य शारीरिक कमजोरियों से छुटकारा मिल जाएगा।

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Article Source :- http://www.eknowinfo.com/

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