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दाद (Daad) के आयुर्वेदिक और औषधीय उपचार

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दाद (ringworm infection) और खुजली के घरेलू उपचार

दाद का इन्फेक्शन बहुत ख़राब फंगल इन्फेक्शन होता है। दाद कुछ विशेष जाति का फफूँदों के कारण उत्पन्न त्वचाप्रदाह है। ये फफूंदें माइक्रोस्पोरोन (Microsporon), ट्राकॉफाइटॉन (Trichophyton), एपिडर्मोफाइटॉन (Epidermophyton) या टीनिया जाति की होती है। दाद रोग कई रूपों में शरीर के अंगों पर आक्रमण करता है।अगर आपको ये इन्फेक्शन है तो आप अपने शरीर के किसी भी हिस्से पर लाल गोल निशान देख सकते हैं। ये बहुत तेज़ी से फैलता है जिस जगह पर हुआ है उसके आस पास की जगह पर भी फैलने लगता है। इसका इन्फेक्शन ज्यादा बढ़ने पर आप शरीर पर उभार और फुंसियाँ भी देख सकते हैं।

दाद खाज खुजली होने के कारण (Dad Khaj Khujli ka karan)

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  • किसी चीज से एलर्जी
  • किसी कीड़े का काट लेना जिससे उसका डंक शरीर में रह जाता है
  • स्किन इन्फेक्शन
  • रुखा सूखा सा मौसम
  • किसी गलत साबुन का इस्तेमाल
  • किसी दवाई से एलर्जी
  • तनाव
  • ड्राई त्वचा
  • धुप की वजह से
  • फफूंद संक्रमण
  • बालों में dandruf या जुएँ होना

दाद के लक्षण (Symptoms of ringworm infection)

अगर आपको शरीर पर लाल धब्बे दीखते हैं और खुजली होती है तो सावधान हो जाइए ये दाद है अगर ये आपके नाख़ून पर हुआ तो आपका नाख़ून जड़ से निकल सकता है बालों की जड़ो मे हुआ तो आपके बाल उस जगह से झड़ सकते हैं। ये आपको बालों की जड़ो ,पैर ,अंदरुनी भागो में हो सकता है। अलग अलग जगह दाद के अलग अलग लक्षण हैं जो निम्न हैं :-

बालों की जड़ो में होने के लक्षण (Hair follicles symptoms)

  • जड़ो में खुजली होना
  • छोटी छोटी फुंसी होना
  • बालों का झड़ना
  • चमड़ी का तड़कना
  • पस होना

शरीर पर लक्षण (Symptoms in body)

  • लाल पन और खुजली होना ।
  • पस की फुंसियाँ होना
  • खुजली के साथ उभार दिखना।

पैरों पर लक्षण (Symptoms in foot)

  • इर्रिटेशन और जलन होना।
  • फटी हुई चमड़ी

अंदरुनी भागों पर लक्षण (Groin ringworm symptoms)

  • कटाव या चमड़ी निकलना।
  • लालपन होना
  • अंदरुनी भागो में खुजली होना ।

दाद खाज खुजली की नेचुरल दवा एवम आयुर्वेदिक और औषधीय उपचार 

Natural medicine and including herbal and medicinal treatment of ringworm eczema itch

  1. खुजली होने पर कुछ प्राथमिक सावधानी का रखना बहुत जरुरी है|
  • खुजली होने पर साफ सफाई का विशेष ध्यान दें|
  • नियमित रूप से अपने शरीर को साफ करें व साफ सुथरे कपड़े ही पहने|
  • साबुन का कम से कम इस्तेमाल करें| अगर करते भी है, तो mild साबुन का उपयोग करें|
  • जब khujli हो तो हाथ से ना खुजाएँ, बल्कि एक साफ सॉफ्ट कपडे से उस जगह पर हल्के साथ से सहलाएं|
  1. बेकिंग सोडा (Baking Soda) – बेकिंग सोडा खुजली में बहुत कॉमन उपचार है| बेकिंग सोडा लगाने से khujli में बहुत आराम मिलता है|
  • बाथ टब में ठंडा पानी भरें, फिर इसमें 1 कप सोडा मिलाएं| अब टब में करीब 1/2 घंटे तक बैठे रहें| निकलने के बाद टॉवल से शरीर को ना घिसे , बल्कि सॉफ्ट कपडे से हल्का पौंचे| हो सके तो बॉडी को खुद सूखने दें| कुछ दिन ऐसा रोज करें|
  • इसके अलावा आप 3 tbsp सोडा लें व उसमें 1 tbsp पानी मिला कर पेस्ट बना लें| अब जहाँ भी आपको खुजली होती है वहां ये पेस्ट लगायें और 10 min लगे रहने दें| फिर धो लें| दिन में एक बार कुछ दिन तक ऐसा करें|
  1. ठंडा पानी (Cold Water)– जहाँ भी खुजली हो वहां पानी डालें | ठन्डे पानी से khujli में बहुत आराम मिलता है| इसको इस्तेमाल करने के बहुत से तरीके है|
  • नल के द्वारा खुजली वाले स्थान पर पानी डालें|
  • बर्फ को एक कपड़े में लपेटकर खुजली वाले स्थान पर रखें|
  • शावर के नीचे खड़े हो जाएँ|
  • गीले कपड़े से खुजली वाले स्थान को सहलाएं|
  1. नीम्बू (Lemon)– नीम्बू का प्रयोग खुजली दूर करने के लिए भी किया जाता है| नीम्बू में citric एसिड होता है, जिस वजह से यह anticeptic की तरह कार्य करता है|
  • 1-2 नीम्बू का रस निकाल लें|
  • अब एक कॉटन की मदद से खुजली वाले स्थान पर ये लगायें|
  • अब इसे कुछ देर सूखने दें, फिर गुनगुने पानी से धो लें|
  • दिन में इसे 2 बार करें, जब तक आपको आराम ना मिलें|
  • इसके अलावा नीम्बू के रस में अलसी का तेल मिलाकर लगायें| खुजली दूर हो जाएगी|

विशेष टिप – अगर आपकी स्किन संवेदनशील (sensetive) है, तो यह तरीका ना अपनाएं|

  1. विनेगर (Vinegar) – एप्पल साइडर विनेगर anticeptic और anti – itching होता है| इसे लगाने से खुजली में बहुत जल्द आराम मिलता है|
  • बाथ टब में ठंडा पानी भर कर उसमें 2-3 कप विनेगर मिलाएं| अब 15-30 min तक इस पानी में बैठें| इसके बाद शरीर को सुखाकर moisturizer लगा लें| जब तक आराम ना मिले ऐसा रोज करें|
  • इसके अलावा आप थोडा सा विनेगर लेकर कॉटन की सहायता से खुजली वाले स्थान पर लगायें| ½ घंटे लगे रहने दें फिर धो लें| दिन में 2 करें जब तक आराम ना मिले|
  1. एलोवेरा 9Aloe vera) – एंटी-फंगल, एंटी-इंफ्लेमेंटरी, एंटीसेप्टिक (Anti-fungal , anti – Inflementri , antiseptic)और एंटीबायोटिक गुणों के कारण एलोवेरा त्वचा और संक्रमण के लिए एक बहुत ही अच्छी  जड़ी बूटी मानी जाती है। एलोवेरा का अर्क हर तरह के फंगल इन्फेक्शन को ठीक कर देता हैं । इसे तोड़कर सीधे दाद पर लगा लीजिये ठंडक मिलेगी। हो सके तो रात भर लगा कर रखें एलोवेरा antibactirial होता है| इसमें विटामिन E होता है, जो स्किन को moisturizer देता है साथ ही khujli कम करता है|
  • एक एलोवेरा की पत्ती से उसका gel निकाल लें| अब इस gel को खुजली वाले स्थान पर लगायें| 15 min बाद इसे गुनगुने पानी से धो लें| इस आसाम से उपचार को दिन में 1 बार जरुर करें|
  • इसके अलावा 1 tbsp एलोवेरा gel में 2 tbsp ग्रीन clay मिलाकर पेस्ट बना लें| इसे लगायें और सूखने दें फिर धो लें| दिन में एक बार रोज इसे करें|
  • इसके अलावा आप रोज सुबह एलोवेरा जूस पियें| खुजली नहीं होगी|
  1. तुलसी (Basil) – तुलसी से अच्छा आयुर्वेदिक उपचार और क्या हो सकता है| खुजली के उपचार के लिए यह सबसे अच्छा नेचुरल उपचार है| तुलसी में मौजूद तत्व खुजली जैसी बीमारी को झट से दूर कर देते है|
  • कुछ तुलसी की सुखी पत्तियां लें और उसे 2 कप पानी में डालकर उबालें| इसे कुछ देर ढक दें और ठंडा होने दें| अब कॉटन की मदद इसे खुजली वाले स्थान पर लगायें| बचे हुए पानी को ढककर रख दें और अगली बार उपयोग करें| जब भी आपको खुजली का दौरा पड़े आप इसे लगायें| बहुत आराम मिलेगा|
  • आइल अलावा तुलसी की पत्तियों को मसल कर खुजली वाले स्थान पर लगायें| कुछ देर सूखने दें फिर गुनगुने पानी से धो लें| जितने बार आपको खुजली महसूस हो इसे लगायें| khujli से जल्द आराम मिलेगा|
  1. अजवाइन के फूल (Celery flowers) – खुजली को दूर करने में यह बहुत सहायक है|
  • अजवाइन के फूल को 2 कप पानी में डालकर उबालें|
  • इसे ढककर ठंडा होने दें|
  • अब इसे छानकर कॉटन की मदद से खुजली पर लगायें|
  • इसे जितने बार हो सके लगायें|
  1. पिपरमेंट तेल (Piprment oil) – पिपरमेंट anticeptic होता है| खुजली के समय होने वाली जलन को यह शांत करता है|
  • बाथ टब को गुनगुने पानी भरे अब उसमें पिपरमेंट तेल की कुछ बूंदे डालें| अब इस पानी में ½ घंटे बैठे| शरीर सुखाकर moisturizer लगायें| कुछ दिन रोज ऐसा करें|
  • इसके अलावा पिपरमेंट तेल की कुछ बूंदे नारियल तेल, ओलिव तेल या बादाम के तेल में डाल कर खुजली पर लगायें| अब कुछ देर मसाज करें जिससे तेल स्किन में अच्छे से लग जाये| दिन में 2 बार ऐसा करने से बहुत जल्द खुजली से आराम मिलेगा|
  1. नीम (Neem)– नीम की पत्ती anticeptic होती है और शरीर में होने वाले संक्रमण से हमें बचाती है| नीम शरीर को सभी तरह के कीटाणु से बचाती है|
  • नीम की पत्तियां पीस कर पेस्ट बनाये और इसे खुजली वाले स्थान पर कुछ देर लगायें| फिर धो लें, खुजली से बहुत आराम मिलेगा|
  • इसके अलावा नीम के तेल को भी खुजली वाले स्थान पर लगाकर खुजली से छुटकारा पाया जा सकता है|
  • नीम के पत्तियों को पानी में उबालें अब इस पानी को थोडा ठंडा कर इससे नहायें| बहुत जल्द खुजली गायब हो जाएगी|
  1. चन्दन (Chandan) – चन्दन भी खुजली दूर करने में सहायक है|
  • चन्दन के तेल को कॉटन की सहायता से खुजली पर लगायें| थोड़ी देर मसाज करें आराम मिलेगा|
  • चन्दन का लेप भी खुजली में लगाकर आराम पाया जा सकता है|
  1. खुजली के लिए सबसे अच्छा है, कि आप शरीर को कभी रुखा और बेजान ना होने दें| शरीर को नमी देने के लिए इसकी क्रीम या तेल से समय समय पर मालिश करने रहे| सूखी त्वचा में ज्यादा खुजली होती है|
  • शरीर की त्वचा पर कहीं भी चकत्ते हो तो उस पर नींबू के टुकड़े काटकर फिटकरी भरकर रगड़ने से चकत्ते हल्के पड़ जाते हैं और त्वचा निखर उठती है।
  • टमाटर खट्टा होता है। इसकी खटाई खून को साफ करती है। नींबू में इसी तरह के गुण होते हैं। रक्तशोधन (खून साफ करना) के लिए टमाटर को अकेले ही खाना चाहिए। रक्तदोष (खून की खराबी) से त्वचा पर जब लाल चकत्ते उठे हों, मुंह की हडि्डयां सूज गई हो, दांतों से खून निकल रहा हो, दाद या बेरी-बेरी रोग हो तो टमाटर का रस दिन में 3-4 बार पीने से लाभ होता है। कुछ सप्ताह तक रोजाना टमाटर का रस पीने से चर्मरोग (त्वचा के रोग) ठीक हो जाते हैं।

लहसुन का अर्क (Extracts of garlic) – लहसुन में प्राकृतिक एंटी-फंगल तत्‍व पाये जाते है, जो दाद सहित कई प्रकार के फंगल इंफेक्‍शन को ठीक करने में सहायक होते हैं। लहसुन को छिलकर उसके छोटे-छोटे टुकड़े कर उसका अर्क निकालकर दाद पर लगाने से आराम मिलता है। इस अर्क में जैतून का तेल और शहद मिलाने से यह घरेलू उपाय और अधिक प्रभावी हो जाता है

नारियल का तेल (Coconut Oil) – नारियल का तेल दाद के लिए सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपायों में से एक है, क्‍योंकि कवक के कारण होने वाले त्‍वचा संक्रमण को पूरी तरह से ठीक करने में मदद करता है। नारियल के तेल में जादू संघटक मध्‍यम श्रृंखला चैन फैटी एसिड (MCFA) विशेष रूप से लोरिक एसिड है। यह एसिड दाद संक्रमण के इलाज करने में बहुत मदद करते हैं। दाद वाले हिस्‍से पर थोड़ा सा नारियल तेल लेकर थोड़ी देर मसाज करें। इस उपाय को दिन में 3 से 4 बार करें।

कच्चा पपीता (Papaya)– कच्चा या हरा पपीता बाहरी परत से पुरानी मृ‍त कोशिकाओं को नष्ट करने में मदद करता है। बाहरी परत त्‍वचा की ऐसी जगह जहां पर दाद कवक बढते है। कच्‍चे पपीते में मौजूद कई प्रकार के एंजाइम जैसे पैपेन और चयमोपैपेन के कारण ऐसा होता है।
यह एंजाइम वायरस, यीस्‍ट और कवक के विभिन्‍न प्रकार की रक्षा ढा़ल को नष्‍ट करने में मदद करते है। साथ ही दोनों एंजाइम सूनज और जलन को दूर करते है। इस प्रकार से पपीता दाद संक्रमण के इलाज का एक बहुत ही अच्‍छा उपाय साबित हो सकता है।

राई के बीज (Mustard seeds) – छोटे छोटे राई के दाने दाद को ठीक करने में सहायक है। राई को 30 मिनट तक पानी में भिगो कर रख दें। फिर उसका पेस्ट बनाकर दाद की जगह पर लगा लें

दाद से बचने के उपाय  (Prevention,Treatment and cure for ringworm infection)

हमेशा अपने शरीर को साफ़ रखें ।शरीर को गिला न रखें हमेशा सुखा रखने की कोशिश करें। एंटी फंगल या मेडिकैटेट साबुन का प्रयोग करें शैम्पू का रोज़ाना इस्तेमाल करें।  जहाँ तक हो सके कॉटन के कपडे पहने । ज्यादा चुस्त कपडे ना पहनें। दूसरों के कपडे ,तोलिया ,बेड शीट ,ब्रश का उपयोग ना करें। अगर किसी को ये इन्फेक्शन है तो उनसे दुरी रखें हाथ ना मिलाएं क्योंकि ये इन्फेक्शन फेलता है। अगर आपके घर मे कोई जानवर है और उसे ये इन्फेक्शन है तो उस पर पट्टी कभी ना बांधें और तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएँ । आईये आपको इससे छुटकारा पाने के कुछ उपाए बताते हैं । इन्हें आप अपने दोस्तों को भी बताएं।

Article Source :- https://hinditips.com/

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