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त्योहारों में कैसे रखे सेहत का ख्याल

त्योहारों में कैसे रखे सेहत का ख्याल

त्योहारों का संबंध खाने-पीने से जुड़ा है और भारतीय त्योहार तो खासतौर पर स्वादिष्ट पकवानों के बिना अधूरे हैं। दिवाली की बात हो तो हम सभी के जहन में तुरंत स्वादिष्ट मिठाइयों और इस मौके के लिए बनने वाले खास पकवानों का ख्याल आ जाता है।

त्योहारों के मस्ती भरे माहौल और दोस्तों और रिश्तेदारों के मान-मनुहारों के बीच हम अपने आप को जरूरत से ज्यादा और हाई कैलोरी वाला खाना खाने से रोक नहीं पाते। लेकिन कहीं न कहीं वजन बढ़ने और सेहत चौपट होने की फिक्र भी साथ ही होती है, लेकिन कुछ बातों का ख्याल रखकर आप भी त्योहारों का मजा बेफिक्र उठा सकते हैं।

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दिल्ली के डाइट एंड क्योर क्लीनिक की प्रमुख डाइटिशयन और न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. दिव्या गांधी और एससीआई इंटरनेशनल अस्पताल की न्यूट्रिशनिस्ट डॉ पारुल खन्ना के मुताबिक, कुछ खास बातों का ख्याल रखकर हम त्योहारों के उत्सवी माहौल का मजा बिना किसी फिक्र उठा सकते हैं।

बनाएं दिन भर की योजना : त्योहारों के समय दोस्तों-रिश्तेदारों के घर आने-जाने के बीच काफी कैलोरीयुक्त व्यंजन खा लिए जाते हैं। इससे बचने के लिए बेहतर है कि पूरे दिन की योजना पहले ही बना लें। अगर रात को दिवाली की पार्टी में जाना हो तो अपने ब्रेकफास्ट और लंच को पहले से ही हल्का रखें और पार्टी में जाने से पहले कुछ हेल्दी स्नैक खा कर जाएं, ताकि पेट भरा रहे और हैवी, रिच खाने पर आप ज्यादा जोर न दें।

घर में बनी मिठाइयां : बाजार में बनी मिठाइयों में काफी ज्यादा कैलोरी होती है। इसके अतिरिक्त इनमें कृत्रिम रंग और मेटानिल येलो, लेड नाइट्रेट, म्यूरिएरिक एसिड जैसे हानिकारक रसायन भी मिले हो सकते हैं जो कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। उत्सवी मौसम में आपूर्ति पूरी करने के लिए बाजार में दूध की जगह कॉर्न स्टार्च से भी पनीर बना लिया जाता है। बाजार की बनी मिठाइयों में आप सेहत के लिहाज से कुछ तब्दीली नहीं कर सकते। लेकिन घर में बनी मिठाइयों को आप स्वास्थ्य के अनुकूल बना सकते हैं।

डॉ. दिव्या गांधी सलाह देती हैं कि घर में मिठाइयां बनाते समय सफेद चीनी या अप्राकृतिक मिठास डालने से बचें। इसमें आप खजूर, गुड़, शहद और अंजीर जैसी मिठास बढ़ाने वाली प्राकृतिक चीजों का प्रयोग कर सकते हैं। साथ ही इन्हें बनाने के लिए स्किम्ड दूध का प्रयोग करें।

स्वास्थ्यवर्धक स्नैकिंग : न्यूट्रिशनिस्ट पारुल कहती हैं, दिवाली जैसे त्योहारों के समय केवल मीठा ही ज्यादा नहीं खाया जाता बल्कि नमक और वसायुक्त चीजें भी काफी खायी जाती हैं। इन्हें एक स्वास्थ्यवर्धक ट्विस्ट देने के लिए पकाने के तरीके में बदलाव लाना भी एक अच्छा उपाय है। जैसे कि तलने कि जगह बेक करें। बेक की हुई चकली और पूड़ियां, कम वसा वाले खाखरा और भुना हुआ चिवड़ा जैसे विकल्प स्वादिष्ट होने के साथ ही स्वास्थ्यवर्धक भी हैं।

भरपूर पानी : त्योहारों की भागदौड़ के बीच हम अकसर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भूल जाते हैं। कम पानी के कारण थकान और कमजोरी महसूस होती है क्योंकि यह शरीर में अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण को बाधित करता है। लेकिन पानी की भरपाई मीठे शर्बत और एरियेटिड ड्रिंक्स से न करें। ये तेजी से वजन बढ़ाते हैं और सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट सलाह देती हैं कि भागदौड़ के बीच प्यास लगने पर या उत्सवी पार्टी में शामिल होने पर इनकी जगह नींबू पानी, आइस्ड ग्रीन टी, टोमेटो जूस, जूस के साथ नारियल पानी या बिना क्रीम वाला सूप जैसे पेय लें।

मात्रा पर नियंत्रण : खास व्यंजन खासतौर पर त्योहारों के मौके के लिए ही बनाए जाते हैं, इसलिए खुशियों के मौके पर आपको इनसे पूरा परहेज करना जरूरी नहीं है। आप इन स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठा सकते हैं, बस इतना ध्यान रखें कि इन्हें बहुत ज्यादा मात्रा में न खाएं। अगर डिनर बुफे शैली का हो तो सबसे छोटी प्लेट ही चुनें और अपनी प्लेट को ज्यादा न भरें। कैलोरी युक्त व्यंजनों को केवल चखने तक ही सीमित रखें और ताजे फलों या मेवों से बने खाद्य पदार्थो का चुनाव करें तथा डिप्स व सॉस का प्राथमिकता दें।

चुनें सेहतमंद विकल्प : उन मिठाइयों को उठाएं जो आपका मुंह मीठा करने के साथ ही आपकी सेहत के लिहाज से भी मीठी हों। मावे की मिठाइयों की जगह थोड़ी मात्रा में सूजी, गाजर, लौकी या फिर मेवों की मिठाई चुनें। इन मिठाइयों में गुलाब जामुन या खोए की अन्य मिठाइयों की तुलना में कैलोरी कम होती है और पोषक तत्व ज्यादा होते हैं। साथ ही चांदी की बर्क लगी मिठाइयों से भी परहेज करें। अल्यूमिनियम की मिलावट के कारण ये आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

मिठाइयों की अवधि का रखें ध्यान : त्योहारों के समय में खुशियां मनाते हुए खाने-पीने में थोड़ी सी छूट जायज है, लेकिन उसके बाद आपको खुद अपने लिए कुछ सख्त नियम बनाने जरूरी हैं। ज्यादातर मिठाइयां खोए, दूध और क्रीम से बनी होती हैं। एक या दो दिन तक ही इनका स्वाद उठाया जा सकता है। इसके बाद इन्हें खाना सेहत के लिए खतरे को न्योता देने के बराबर है, क्योंकि दूध के उत्पादों से बनी होने के कारण इनमें फफूंद पैदा हो जाती है। इसलिए समय रहते ही अतिरिक्त मिठाइयां बांट दें और अपनी खुशियां दूसरों के साथ बांट कर खुशियों का मजा दुगना करें।

Source Article :- http://khabar.ibnlive.com/

सभी पाठकों को दिवाली की शुभ कामनायें!

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