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डेंगू के कारण, लक्षण, उपचार और बचाव के उपाय

डेंगू (Dengue)

डेंगू  :- आज के समय में तेजी से बढने वाली बीमारी या बुखार में सबसे उपर नाम डेंगू का आता है आज हम डेंगू के बारे में जानकारी शेयर करेंगे.

डेंगू एक रक्तस्रावी बुखार है. सबसे पहले 1950 के दशक में फिलीपींस और थाईलैंड में डेंगू संक्रमण दर्ज किया गया, अब भारत सहित कई एशियाई और लैटिन अमेरिकी देशों में डेंगू के मामले दर्ज किए जा रहे हैं.

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एइडेस एगिप्टी मच्छरों से फैलने वाली यह बीमारी अक्सर शहरों में पलने वाले मच्छरों से होती है. दूसरे मच्छरों से अलग एइडेस एगिप्टी मच्छर दिन में काटते हैं और इनके हमले का समय सुबह तड़के और गोधूली बेला का होता है.

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और आईएमए के ऑनरेरी सेक्रेटरी जनरल डॉ. के.के. अग्रवाल बताते हैं, “बहुत से लोगों को नहीं पता कि डेंगू का मच्छर गंदी नालियों में नहीं बल्कि साफ सुथरे पानी में पनपते हैं। साफ सुथरे शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को इसका ज्यादा खतरा रहता है। बचाव इलाज से हमेशा बेहतर रहता है। अगर आप को डेंगू हो जाए तो घबराएं नहीं, भरपूर मात्रा में तरल आहार लें, क्योंकि डिहाइड्रेशन से ही बीमारी खतरनाक होती है और अगर डेंगू के मरीज का प्लेटलेट्स काउंट 10,000 से ज्यादा हो तो प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन की जरूरत नहीं होती। बल्कि बेवजह प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन नुकसान कर सकता है।

लक्षण

डेंगू के शुरुआती लक्षणों में रोगी को तेज ठंड लगती है, सिरदर्द, कमरदर्द और आंखों में तेज दर्द हो सकता है। इसके साथ ही उसे लगातार तेज बुखार रहता है। इसके अलावा, जोड़ों में दर्द, बेचैनी, उल्टियां, लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। डेंगू में तेज बुखार के साथ नाक बहना, खांसी, आखों के पीछे दर्द, जोड़ों के दर्द और त्वचा पर हल्के रैश होते हैं। हालांकि कुछ लोगों में लाल और सफेद निशानों के साथ पेट खराब हो सकता है। कभी-कभी, यह लक्षण फ्लू के साथ मिलकर कंफ्यूज भी कर देते हैं। पिछले कुछ सालों में डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं।

उपचार

चूंकि डेंगू वायरस के कारण होता है इसलिए इसका उपचार किसी एक तरह से संभव नहीं है। डेंगू का उपचार इसके लक्षणों में होने वाले आराम को देखते हुए किया जाता है। ऐसे में जरूरी है कि इन लक्षणओं को पहचानकर व्यक्ति बिना देरी के चिकित्सक से मिले और इसका उपचार करवाए। इस दौरान अधिक से अधिक पानी व पेय लेना चाहिए और आराम करना जरूरी है।

डेंगू के उपचार में अगर अधिक देरी हो जाए तो यह डेंगू हेमोरेजिक फीवर (डीएचएफ) का रूप ले लेता है और अधिक भयावह हो सकता है। डीएचएफ की आशंका दस साल से कम उम्र के बच्चों में सबसे ज्यादा होती है जिसमें उन्हें तेज पेट दर्द, ब्लीडिंग और शॉक जैसी सैमस्याएं हो सकती हैं।

बचाव के उपाय

फिलहाल डेंगू से बचाव के लिए अभी तक कोई टीका नहीं है इसलिए इसके बचाव के लिए हमारी सजगता और भी जरूरी है। डेंगू का वायरस मच्छरों द्वारा संक्रमित होता है इसलिए सबसे अधिक जरूरी है कि मच्छरों को घर में बिल्कुल न होने दें। साफ-सफाई बहुत जरूरी है क्योंकि गंदगी में डेंगू के मच्छरों की आशंका बढ़ जाती है। बाल्टियों व ड्रम में जमा पानी को हमेशा ढंककर रखें और आस-पास के गड्ढे आदि में पानी न जमा होने दें

जिन लोगों के घर में कोई डेंगू से पीड़ित है, वह थोड़ा ज्यादा ध्यान रखें कि मच्छर दूसरे सदस्यों को न काटे। बीमारी को फैलने से बचाने के लिए पीड़ित को मच्छरदानी के अंदर सोना चाहिए। अस्पतालों को भी चाहिए कि वे डेंगू के मरीजों को मच्छरदानी उपलब्ध करवाएं।

यह सच है कि डेंगू का मच्छर दिन के उजाले में घरों के अंदर या बाहर काटता है, लेकिन अगर रात में रोशनी जल रही हो तब भी ये मच्छर काट सकते हैं। बचाव के लिए मच्छर प्रतिरोधक का इस्तेमाल करें। बचाव के लिए पूरी बाजू की कमीज और पायजामा या पैंट पहनें।

यह भी ध्यान रखें कि खिड़कियों के पर्दे सुरक्षित हों और उनमें छेद न हों। एयर कंडीशंड कमरों में रहकर बीमारी से बचा जा सकता है। डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस बीमारी से बचने के लिए मच्छरों को अंडे देने से रोकने के लिए घर में पानी जमा होने से रोकना चाहिए। बाहर रखे साफ पानी के बर्तनों जैसे पालतू जानवरों के पानी के बर्तन, बगीचों में पानी देने वाले बर्तन और पानी जमा करने वाले टैंक इत्यिादि को साफ रखें।

उचित मच्छर प्रतिरोधक का प्रयोग करके और अन्य उपास करके मच्छरों से बचा जा सकता है। घर में मच्छरों के पनपने को रोकना चाहिए।

1-बारिश का पानी निकालने वाली नालियों, पुराने टायरों, बाल्टियों, प्लास्टिक कवर, खिलौनों और अन्य जगह पर पानी रुकने न दें।
2- फव्वारों, पक्षियों के बर्तनों, गमलों इत्यादि से हफ्ते में एक बार पानी बदल दें।
3- अस्थायी पूल्ज को खाली कर दें या उनमें मिट्टी भर दें।
4- स्विमिंग पूल का पानी बदलते रहें और उसे चलता रखें।
5- दीवारों, दरवाजों और खिड़कियों की दरारों को भर दें।
6-दरवाजों और खिड़कियों की अच्छे से जांच कर लें।
7- बच्चें को सुलाने वाले कैरियर और अन्य बिस्तर को मच्छरदानी से ढक दें।
8- लंबी बाजू की शर्ट, पैंट और जुराबें पहनकर मच्छरों के कटने से बचें।
9- टीशर्ट को अपनी पैंट और पैंट को जुराबों में डाल कर रखें, ताकि खाली जगह से मच्छर काट न सकें।
10- सूर्य उदय और अस्त के समय व शाम को घर के अंदर रहें, क्योंकि मच्छर इस वक्त ज्यादा सक्रिय होते हैं।

लोकल हेल्थ अथॉरिटी के अनुसार, भारत की राजधानी दिल्ली में अगस्त महीने में डेंगू के 477 मामले सामने आए हैं, 2010 के बाद यह सबसे ज़्यादा संख्या है और इस साल में 530 मामलों से भी ऊपर जाने की उम्मीद है। डेंगू इंफेक्शन का पता ब्लड टेस्ट के द्वारा लगाया जाता है। इससे बचने के लिए कोई स्पेशल दवाई नहीं है, लेकिन इस दौरान आपको सही से आराम करने और बहुत सारे पेय पदार्थ पीने की सलाह दी जाती है। डेंगू की चपेट में आने के बाद दिल्ली के लोग इससे बचने के लिए कुछ प्राकृतिक नुस्खे अपना रहे हैं। हम आपको हेल्थ एक्सपर्ट और डॉक्टर की सलाह से कुछ ऐसे ही घरेलू और प्राकृतिक नुस्खे बता रहे हैं ताकि आप खुद को डेंगू के प्रकोप से बचा सकें।

डेंगू में सहायक कुछ घरेलु नुस्खे :-

गिलोयः  गिलोय का आयुर्वेद में बहुत महत्व है। यह मेटाबॉलिक रेट बढ़ाने, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत रखने और बॉडी को इंफेक्शन से बचाने में मदद करती है। हमारी सलाह हैं कि इनके तनों को उबालकर हर्बल ड्रिंक की तरह सर्व किया जा सकता है। इसमें तुलसी के पत्ते भी डाले जा सकते हैं। यदि ये ज्यादा कढ़वा लगता है तो आप इसको उबालते समय इसमें कुछ मात्रा में अजवायन भी डाल सकते हैं

पीपते के पत्तेः  यह प्लेटलेट्स की गिनती बढ़ाने में हेल्प करता है। साथ ही, बॉडी में दर्द, कमजोरी महसूस होना, उबकाई आना, थकान महसूस होना आदि जैसे बुखार के लक्षण को कम करने में सहायक है। आप इसकी पत्तियों को कूट कर खा सकते हैं या फिर इन्हें ड्रिंक की तरह भी पिया जा सकता है, जो कि बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करते हैं। एक बार में 1/२ पत्ते से जायदा ना लें

हल्दीः यह मेटाबालिज्म बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जाती है। यही नहीं, घाव को जल्दी ठीक करने में भी मददगार साबित होती है। हल्दी को दूध में मिलाकर पीया जा सकता है।

कीवी  :- कीवी फल कैंसर जैसे रोग से राहत दिलवाता है। शरीर में खून की कमी को भी पूरा करता है। कीवी फल दिखने में चीकू फल जैसा लगता है, यह विटामिन सी से भरपूर होता है। इसके हर रोज २-३ कीवी खाने से भी डेंगू जल्द ठीक होता है.

नारियल पानी :– डेंगू होने पर नारियल पानी पीने से फायदा मिलता है।

अनार का जूस :- अनार में लोहा की भरपूर मात्रा होती है, जो रक्त में आयरन की कमी को पूरा करता है। जो डेंगू को जल्दी ठीक करने में मदद करता है !

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