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जीका वायरस (Zika how dangerous virus) कितना खतरनाक

जीका वायरस (Zika how dangerous virus)

जीका वायरस अब ऐसा ही कुछ अमेरिकी महाद्वीप के उष्णकटिबंधीय इलाकों में देखने को मिल रहा है जहां पिछले कुछ महीनों में ‘जीका वायरस’ नाम के बीमारी ने अपना आतंक फैला रखा है। खास तौर पर ब्राज़ील, कोलंबिया, इक्वाडोर, ग्वाटेमाला, एल साल्वाडोर और कैरिबियाई इलाके इस बीमारी के चपेट में आ चुके हैं तथा अब संयुक्त राज्य अमेरिका भी इसके जद में आ सकता है। वैसे आज की दुनिया में मेडिकल साइंस ने काफी तरक्की की हुई है लेकिन कुछ बीमारियाँ अब भी ऐसी हैं जिनका इलाज ढूंढ पाना संभव नहीं हो सका है। इसके साथ ही साथ विश्व में बदलती परिस्थितियों के कारण नयी नयी बीमारियाँ जन्म ले रही हैं जैसे पिछले कुछ सालों में अफ्रीका में इबोला वायरस (Ebola Virus) का आतंक था। और अब ये नया वायरस जीका वायरस जिसे डेंगू (dengue) और चिकनगुनिया (chikungunya) की श्रेणी में ही रखा जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि जीका वायरस उत्तर और दक्षिण अमरीकी देशों में फैल सकता है.

जीका वायरस के लक्षण (Zika virus symptoms)  :-

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इस बीमारी से नवजात शिशुओं के दिमाग का पूरा विकास नहीं हो पाता है इससे प्रभावित शख़्स में हल्का बुखार, कजंक्टिवाइटिस और सिरदर्द जैसे लक्षण पाए जाते हैं. फ़िलहाल इस बीमारी का कोई इलाज या टीका नहीं है. माना जा रहा है कि यह वायरस अफ्रीका से आया. अमरीकी देशों में सबसे पहले ब्राज़ील में 2015 में यह पाया गया था. माना जा रहा है कि अमरीकियों में प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता की कमी होने की वजह से यह बीमारी वहां और तेज़ी से फैल रही है. ज़ीका वायरस(Zika virus)  एडीज़ मच्छर (डेंगू का वाइरस एडीज़ मच्छर के भीतर ही पनपता है। डेंगू बीमारी मादा एडीज़ मच्छरों के काटने से होती है) के काटने से फैलता है. ये मच्छर कनाडा और चिली के अलावा आस पास के देशों में भी पाए जाते हैं. डब्लूएचओ के स्थानीय दफ़्तर ‘पैन अमेरिकन हेल्थ ऑर्गनाइजेशन’ ने इस बीमारी पर एक बयान जारी किया है. उसने कहा है, “यह जीका वायरस (Zika virus) ऐसे ही फैलता रहेगा और हर उस देश में पहुंचेगा जहां एडीज़ मच्छर (Mosquito Adijh) पाए जाते हैं.” बयान के अनुसार, एक मामले में यह भी पाया गया कि यह बीमारी यौन संबंधों से फैली. इस बारे में अधिक सबूत मिलना अभी बाकी हैं. वहीं, 80 फ़ीसदी मामलों में इस रोग के लक्षण दिखते ही नहीं है. लेकिन इसका सबसे बड़ा असर अजन्मे बच्चों पर दिख रहा है. पिछले साल अक्तूबर से अब तक ब्राज़ील में माइक्रोसिफेली के चार हज़ार मामले सामने आ चुके हैं. इस बीमारी में बच्चे छोटे मस्तिष्क के साथ पैदा होते हैं.

जीका वायरस कैसे फैलता है ?(Zika how the virus is transmitted )?

एडीज़ मच्छर द्वारा इस जीवाणु के फैलाये जाने का खतरा है और इस मच्छर के काटे जाने के बाद यह औरों में फैल जाता है। जीका वायरस (Zika virus)का सबसे खतरनाक प्रभाव यह देखने को मिला है कि पिछले साल मई में ब्राज़ील में इस बीमारी के उजागर होने के बाद से कई सारे नवजात शिशुओं का जन्म अविकसित दिमाग व छोटे सिरों के साथ हुआ है। इस असाधारण लक्षण को माइक्रोसेफली कहा जाता है। इससे बच्चों  के भविष्य का जीवन काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कैरीबियाई इलाक़े, उत्तर और दक्षिण अमरीका के 21 देशों में इसके मरीज़ पाए गए हैं. कुछ देशों ने इससे बचने के लिए महिलाओं को गर्भवती न होने की सलाह भी दी है.दक्षिण अमेरिका के कुछ राज्यों में तो इमरजेंसी जैसे हालात बताकर महिलाओं को ‘प्रेग्नेंसी’ टालने की हिदायत जारी की गयी है और वह भी 2018 तक क्योंकि इस बीमारी के तीव्रता और फैलने के पैटर्न पर अब भी शोध जारी है।

चिंताजनक बात यह है कि इस जीका वायरस (Zika virus) बीमारी का कोई इलाज ईजाद नहीं हो सका है अब तक। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जीका वायरस(Zika virus) को शुरुआती महामारी का रूप माना है। इस वायरस को सबसे पहले 1947 में यूगांडा के बंदरों में पाया गया था और सबसे पहले मनुष्यों में अतिक्रमण का पहला मामला 1954 में नाइजेरिया से आया जिसके बाद इस बीमारी ने अफ्रीका, दक्षिण पूर्वी एशिया तथा प्रशांत महासागरीय इलाकों में अपना असर फैलाया। ब्राज़ील में अक्तूबर से अब तक इस जीका वायरस से जुड़े सबसे ज़्यादा 3,893 मामले सामने आए हैं. इसी अवधि में एक साल पहले कुल 160 ऐसे मामले दर्ज किए गए थे

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ‘जीका वायरस’(Zika virus) हेतु जल्द से जल्द टीका खोजने के काम के लिए आवाहन किया है क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि चिली और कनाडा के ठंडे इलाकों को छोड़कर यह वायरस समूचे अमेरिकी महाद्वीप को अपनी चपेट में ले सकता है। एशिया के लिए भी चेतावनी जारी की गयी है तथा पर्यटकों के आवाजाही पर भी जांच जारी है।

अमेरिकी विशेषज्ञों का कहना है कि जो नए अध्ययन शुरू किए गए हैं, उनमें यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या गर्भवती महिलाओं में जीका वायरस (Zika virus)संक्रमण तथा उनके नवजात बच्चों में सिर छोटा रह जाने की जन्मजात बीमारी माइक्रोसीफली (Microcephaly) के बीच में कोई संबंध है या नहीं।

  1. माइक्रोसीफली सिर छोटा रह जाने की ऐसी जन्मजात बीमारी है, जिसका कोई ज्ञात उपचार मौजूद नहीं है। माइक्रोसीफली के हल्के प्रभाव वाले मामलों में सिर छोटा रह जाने के अलावा आमतौर पर बच्चों में किसी भी तरह के कोई और लक्षण नहीं दिखते हैं, लेकिन डॉक्टरों को फिर भी नियमित रूप से उनके विकास पर नज़र रखनी पड़ती है।
  2. माइक्रोसीफली के अधिक प्रभाव वाले मामलों में बच्चों में स्पीच, ऑक्यूपेशनल और फिज़िकल थैरेपी की भी ज़रूरत पड़ सकती है।

एक डॉक्टर बताते हैं की उनका काम एडीज़ मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए जागरूकता फैलाना है. वे मुझे बताती हैं कि बिल्कुल थोड़े से साफ़ पानी में भी ये मच्छर अंडे दे सकते हैं और पनप सकते हैं. वे घर-घर जा कर लोगों को समझाती हैं कि किस तरह इन मच्छरों को रोका जा सकता है. एक घर में छोटा सा बर्तन मिला, जिसके पानी में एडीज़ के सैकड़ों लार्वा तैर रहे थे. पूरी दुनिया में फैला रोग डेंगू दरअसल आधुनिकता से उपजी बीमारी है. पचास साल पहले केवल कुछ देशों में ही डेंगू फैलता था. आज इसका प्रकोप दुनिया के 120 देशों में फैल चुका है. परिवहन के साधनों के ज़रिए डेंगू के मच्छर पूरी दुनिया में फैल गए हैं. इसके साथ ही शहरीकरण और हर तरह के नए बसावटों से ये मच्छर फैलते गए, इनकी तादाद बढ़ती गई. डेंगू की अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ नीना वालेचा कहती हैं कि पिछले कई दशकों में डेंगू के मरीज़ों की संख्या तीस गुना बढ़ गई है. 10 करोड़ लोग प्रभावित डेंगू से मरने वालों की तादाद सौ में एक से थोड़ी अधिक है. लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि क़रीब 10 करोड़ लोग इससे प्रभावित होते हैं. यह एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है. वालेचा आशंका जताती हैं कि यह रोग अभी और बढ़ेगा. जलवायु परिवर्तन से डेंगू के मच्छरों को फैलने में सहूलियत होगी. गर्मी और नमी बढ़ेगी तो इन मच्छरों की तादाद भी बढ़ेगी.

How to Care from Zika Virus :- अभी तक जीका वायरस के जो भी लक्षण सामने आये हैं उनसे तो यही लगता है की ये बीमारी असुरक्षित यौन सम्बन्ध से ही होती है कृपा किसी भी अनजान व्यक्ति से यौन सम्बन्ध ना बनाये ये आपके लिए खतरनाक हो सकता है और गिलोय का सेवन करते रहे क्यूंकि जीका वायरस (एडीज़ मच्छरों ) द्वारा पनपी बीमारी डेंगू को भी इसी दवाई ने रोका था जो हमारे भारत में बिल्कुल फ्री मिलती है अभी भारत में जीका वायरस फैलने के कोई चांस नहीं हैं ना ही इसके कोई लक्षण देखे गए हैं फिर भी परिवहन के साधनों के ज़रिए ये कहना मुश्किल है की हमारा देश जीका वायरस की बीमारी से बच पायेगा.

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Article Source :- http://hn.newsbharati.com/

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