Search

गले में खराश (Sore Throats, Tonsil) के घरेलू नुस्खे

गले में खराश (Sore Throats, Tonsil) के आयुर्वेदिक व औषधीय गुण

गले में खराश सर्दियों के मौसम में होना एक आम बात है। सर्दी-जुकाम होने से पहले आपके गले में दर्द व खराश जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। लंबे समय तक गले में खराश होना काफी तकलीफदेह हो जाता है साथ ही यह आपके गले को भी जाम कर देता है। यह गले में खराश इतनी गंभीर होती है कि भोजन निगलने और साँस लेने में भी मुश्किल होती है गले मे होने वाली खराश अन्य बीमारियों की तरह लंबे समय तक नही रहती लेकिन कुछ ही दिनों में यह आपको पूरी तरह से प्रभावित कर निष्क्रिय व बीमार कर देती हैं।

क्या है गले में खराश

loading...

क्या आपके गले में खराश हमेशा बनी रहती है? इसे हल्के में न लें। गले में खराश एक बहुत ही सामान्य श्वसन समस्या है। यह मूल रूप से तब होती है जब गले की नाजुक अंदरूनी परत वायरस/ बैक्टीरिया से संक्रमित होती है, जिसके परिणामस्वरूप सूजन, स्राव खांसी और शरीर के सामान्य संक्रमण के प्रभाव के लक्षण होते हैं। इसमें गले में कांटे जैसी चुभन, खिचखिच और बोलने में तकलीफ जैसी समस्याएं आती हैं।कई बार गले में खराश की समस्या एलर्जी और धूम्रपान के कारण भी होती है। आमतौर पर गले की खराश का कारण वायरल ही होता है और यह कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाता है लेकिन यह जितने दिन रहता है काफी कष्ट देता है। कभी-कभी लंबे समय तक गले में रहने वाली खराश किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। जिसमें गले से कर्कश आवाज, हल्की खांसी, बुखार, सिरदर्द, थकान और गले में दर्द खासकर निगलने में परेशानी होती है। हमारे गले में दोनों तरफ टॉन्सिल्स होते हैं, जो कीटाणुओं, बैक्टीरिया और वायरस को हमारे गले में जाने से रोकते हैं, लेकिन कई बार जब ये टॉन्सिल्स खुद ही संक्रमित हो जाते हैं, तो इन्हें टॉन्सिलाइटिस कहते हैं। इसमें गले के अंदर के दोनों तरफ के टॉन्सिल्स गुलाबी व लाल रंग के दिखाई पड़ते हैं। ये थोड़े बड़े और ज्यादा लाल होते हैं। कई बार इन पर सफेद चकत्ते या पस भी दिखाई देता है। वैसे तो टॉन्सिलाइटिस का संक्रमण उचित देखभाल और एंटीबायोटिक से ठीक हो जाता है, लेकिन इसका खतरा तब अधिक बढ़ जाता है, जब यह संक्रमण स्ट्रेप्टोकॉक्कस हिमोलिटीकस नामक बैक्टीरिया से होता है। तब यह संक्रमण हृदय एवं गुर्दे में फैलकर खतरनाक बीमारी को जन्म दे सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और पूरी चिकित्सा लें।

#तुलसी का माउथवॉश :- तुलसी प्राकृतिक एंटीसेप्टिक पौधा है जो गले के संक्रमण को खत्म करने में बेहद प्रभावी है। आप तुलसी का माउथवॉश बनाकर इससे गरारे लें। इसके लिए तुसली की पत्तियों को पानी के साथ उबाल लें और फिर ठंडा कर लें। इस मिक्सचर से माउथवॉश की तरह ही दिन में कई बार गरारे करें।

#अदरक (Garlic)
अदरक गले में खराश का इलाज करने के लिए विभिन्न तरीकों में प्रयोग किया जाता है एक बहुत ही कारगर उपाय है। वास्तव में, अदरक एक इलाज के रूप में खांसी और जुकाम, गले में खराश के कारण होते हैं जो के लिए इस्तेमाल किया जा सकता। अदरक एक चाय के रूप में लिया जा सकता है, या यह सादे पानी और चीनी के साथ गर्म पेय में बनाया जा सकता। अदरक का रस भी शहद के साथ गले गले के उपचार के लिए ले लिया है.

#मेथी 
मेथी शायद साधारण पीड़ादायक गले के लिए सबसे अच्छा उपाय है। मेथी के बीज पानी की एक लीटर में डाल रहे हैं और उबाल करने की अनुमति दी। यह एक कम लौ पर आधे घंटे के लिए रखा जाता है। बाद में यह ठंडा और फिर तनावपूर्ण है। तरल गलगला की द्रववस्तु के रूप में उपचार गले में खराश के लिए प्रयोग किया जाता है.

#इलायची 
इलायची (अधिमानतः दालचीनी) के साथ का एक जलसेक गलगला की द्रववस्तु के रूप में गले में खराश की समस्याओं के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है। भले ही गले में खराश है जैसे कि इन्फ्लूएंजा एक गंभीर हालत के कारण कारण इस आसव अच्छा है; वास्तव में इन्फ्लूएंजा खुद को रोकने के लिए जलसेक में मदद करता है.

#मेंहदी
मेंहदी के पत्तों के काढ़े के gargling के लिए के रूप में लिया जाता है। यह गले में खराश में लाभकारी परिणाम है.

गले में खराश के इलाज के घरेलू नुस्खे :-

  1. हर 2 घंटे गर्म पानी में नमक डालकार गरारा करें क्योंकि गर्म पानी और नमक गले में ठंडक देते हें, एंटीसेप्टिक होने के नाते यह संक्रमण को कम करने में मदद करता है।
  2. रात को सोते समय दूध और आधा पानी मिलाकर पिएं।
  3. 1 कप पानी में 4-5 कालीमिर्च एवं तुलसी की 5 पत्तियों को उबालकर काढ़ा बना लें और इसे धीरे-धीरे चुसकी लेकर पिएं।
  4. गले में खराश होने पर जब भी प्यास लगें तो गुनगुना पानी ही पिएं।
  5. कालीमिर्च को 2 बादाम के साथ पीसकर सेवन करने से गले के रोग दूर हो सकते हैं।
  6. शरीर में टॉक्सिन की मौजूदगी गले की खराश को और बढ़ा देती है, इसलिए ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करें, ताकि टॉक्सिन शरीर से बाहर निकल सकें।
  7. अदरक की चाय भी गले की खराश में बहुत लाभदायक है।
  8. दो-तीन लौंग के साथ एक-दो लहसुन की कलियों को पीस कर पेस्ट बना लें इसमें थोड़ा सा शहद मिला लें। इस मिश्रण को दिन में दो या तीन बार लें।
  9. दूध में थोड़ी सी हल्दी डालकर इसे उबाल लें और बिस्तर पर जाने से पहले इसे पीएं। हल्दी में एंटीस्पेटिक होने की वजह से यह गले में आराम पहुंचाएंगा।
  10. शहद में अदरक का रस मिलाकर सेवन करें ।
  11. सौंफ चबाने से भी गले की खराश दूर होती है।
  12. एक पूरा प्याज को थोड़े से पानी में उबाल – उसे पीस कर उसमे थोड़ा मक्खन नमक मिला इस पेस्ट का सेवन करें ~ एक बार में ही आराम मिल जायेगा ।
  13. 1 – 2 लहसुन की कलियाँ व 2 लोंग ले उनका पेस्ट बना – उसे 1 कप शहद में मिला बोतल में रख लें ! जरूरत होने पर इस घोल का 1- 1 चम्मच सुबह – शाम सेवन करें।

सावधानी :- धूम्रपान न करें और ज्यादा मिर्च-मसाले वाला भोजन न लें। खान-पान में विशेष तौर पर परहेज बरतें। रूखा भोजन, सुपारी, खटाई, मछली, उड़द इन चीजों से परहेज करें। फ्रिज का ठंडा पानी न पिएं, न ही अन्य ठंडी चीजें खाएं। एहतियात ही इस परेशानी का हल है। गले का संक्रमण आमतौर पर वायरस और बैक्टीरिया के कारण होता है। इसके अलावा फंगल इंफेक्शन भी होता है, जिसे ओरल थ्रश कहते हैं। किसी खाने की वस्तु, पेय पदार्थ या दवाइयों के विपरीत प्रभाव के कारण भी गले में संक्रमण हो सकता है। इसके अलावा गले में खराश की समस्या अनुवांशिक भी हो सकती है। ज्यादा तैलीय व मैदे से बनी चीजों का सेवन करने से बचें। खानपान में त्रुटियां जैसे ठंडे, खट्टे, तले हुए एवं प्रिजर्वेटिव खाद्य पदार्थों को खाने और मुंह व दांतों की साफ-सफाई न रखने के कारण भी गले में सक्रमण की आशंका कई गुना बढ़ जाती है

अपील:– प्रिय दोस्तों  यदि आपको ये पोस्ट अच्छा लगा हो या आप हिंदी भाषा को इन्टरनेट पर पोपुलर बनाना चाहते हो तो इसे नीचे दिए बटनों द्वारा Like और Share जरुर करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस पोस्ट को पढ़ सकें हो सकता आपके किसी मित्र या किसी रिश्तेदार को इसकी जरुरत हो और यदि किसी को इस उपचार से मदद मिलती है तो आप को धन्यवाद जरुर देगा.

Article Source :- http://narendramodibjppm.blogspot.in/

Loading...
loading...

Related posts