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गर्भ :- The surefire way to conceive the right time

सही समय पर गर्भ धारण करने के लिए निश्चित तरीका

गर्भ धारण में देरी होना आज के समय में बहुत कुछ कह जाता है जिसका फल उस couple को भुगतना पड़ता है जिन्होंने अभी तक ज़िन्दगी को feel भी नहीं किया है क्योंकि शादी से पहले और शादी के बाद की ज़िन्दगी सभी के लिए  एक अलग रोमांच नयापन उत्साह प्यार और बहुत सारे सपने ले कर आती है हर युगल (couple) के अपने तरीके होते हैं एक दूसरे को समझने के की हम क्या करें . बच्चा अभी पैदा करें या हम उसके लिए मानसिक रूप से तैयार हो जाएँ और यही दशा औरत की भी होती है जिसकी नयी नयी शादी हुई हो और वो 1-2 साल तक कोई  बच्चा नहीं चाहते और उसके लिए वो बहुत से गलत उपाय अपना लेते हैं जैसे गर्भ निरोधक दवाई लेना या अन्य तरह के तरीके और तो और वो अपने मासिकधर्म के चक्र को भी आगे पीछे करने के लिया दवाई ली लगते हैं जिस का पता उस समय तो उन्हें नहीं लग पता लेकिन जब वो couple decide कर लेता है या यों  कहे की वो couple मानसिक रूप से तैयार हो जाता है की अब हमे बच्चा कर लेना चाहिये ! तमाम उपाय करने के बाद भी जब औरत को गर्भ धारण नहीं कर पाती तो तरह तरह के प्रशन उठने शुरु हो जाता हैं की किस में कमी है और किस में नहीं और तब सबसे पहले अपने दोस्तों या किसी डॉक्टर या विज्ञापन देख कर जगह जगह घूम कर पैसा और शरीर दोनों ख़राब कर लेते हैं और मानसिक परेशानी का सामना और रिश्तेदारों के तानो से अलग झूजना पड़ता है

जितने भी लोग बच्चा पैदा करना चाहते हैं, उनमे से लगभग 85% लोग एक साल के अन्दर ऐसा करने में सफल हो जाते हैं। जिसमे से 22% लोग तो पहले महिने के अन्दर ही सफल हो जाते हैं। यदि एक साल तक प्रयास करने पर भी बच्चा ना हो तो यह समस्या का विषय हो सकता है और ऐसे couples (जोड़ों) को infertile (बांझ) समझा जाता हैं।

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गर्भ धारण कैसे करें? (HOW TO GET PREGNANT)
बच्चा पैदा होने के लिए couples के बीच सेक्स (सम्भोग/intercourse) का होना अनिवार्य है। और इसके दौरान पुरुष का penis (लिंग) स्त्री के vagina (योनी) में जाना चाहिए और उसे स्त्री के vagina में sperm ( शुक्राणु ) छोड़ने होंगे, जिससे sperm, uterus (गर्भाशय) के मुख के पास इकठ्ठा हो जायेगा। यह प्रक्रिया सेक्स के दौरान स्वत: ही हो जाती है, इसलिए इसकी चिंता करने की कोई ज़रुरत नहीं है।
इसके आलावा सम्भोग ovulation (डिंबक्षरण) के समय के आस-पास होना चाहिए। डिंबक्षरण एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमे महिलाओं के Ovary (अंडाशय ) से egg (अंडे) निकलते हैं। Ovulation Menstruation Cycle (OMC) यानि डिंबक्षरण मासिक धर्म चक्र का पार्ट होता है, जो कि MC के चौदहवें दिन, जब bleeding start हो जाती है तब शुरू होता है।
बच्चा पैदा करने के लिए महिलाओं में सेक्स के दौरान orgasm (मामोन्माद-तृप्त) होना अनिवार्य नहीं है। डॉक्टर्स का कहना है कि दरअसल fallopian tube (डिंबवाही नलिका) जो कि अंडे को ovary (अंडाशय) से uterus (गर्भाशय) तक ले जाता है, sperm (शुक्राणु) को अपने अन्दर खींच ले जाता है और उसे egg से मिलाने की कोशिश करता है और इसके लिए महिलाओं में orgasm/मामोन्माद का आना जरूरी नहीं है।
गर्भ धारण के लिए शरीर और मन को तैयार करें
  1. खूब व्यायाम करें|
  2. वजन ज्यादा होने की दशा में उसे काम करना आपि प्राथमिकता होनी चाहिए
  3. गर्भ धारण की योजना से लभग टीम माह पूर्व फोलिक एसिड की गोलियों का सेवन करना शुरू करें|
  4. बाहर का खाना बंद कीजिए। भोजन में दाल तथा अन्य प्रोटीन युक्त पदार्थों को शामिल कीजिए।
  5. डॉक्टर की सलाह पर आयरन की गोलियां लेना शुरू कीजिये।
  6. पालक व फलियां प्रचुर मात्र में लीजिये | कोला , ड्रिंक्स , कैफीन व नशे सम्बन्धी पदार्थों से दूर रहिये, ये प्रजनन क्षमता पर प्रभाव डालते हैं|
  7. नियमित रूप से ले रही कोई दवाइयों को चिकित्सक के परामर्श ले कर बंद कर दीजिये | ये कुप्रभाव डाल सकती हैं

गर्भ धारण के लिए कुछ विशेष बातें जो आपके लिए जानना जरुरी है :-

(1) डॉक्टर से जांच कराएं : बच्चे की planning/प्लानिंग करने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लेना और अपनी जांच करा लेना चाहिए। इससे यह पता चल जायगा कि आपको किसी तरह कि शारीरिक परेशानी तो नहीं है, या कोई infection/संक्रमण वगैरह तो नहीं है। इससे Sexually Transmitted Disease (यौन संचारित रोग) होने की सम्भावना ख़तम हो जाएगी। साथ ही अगर डिम्बग्रंथि अल्सर, फाइब्रॉएड, endometriosis (अन्तर्गर्भाशय-अस्थानता), गर्भाशय के स्तर की सूजन जैसे परेशानियों की भी जांच हो जाएगी।
(2) Ovulation (डिंबक्षरण) के समय के आस-पास सम्भोग करें : Gynecologists (स्त्रीरोग विशेषज्ञों) का मानना है कि बच्चा पैदा करने के लिए स्त्री के eggs ovary से निकलने के 24 घंटे के अन्दर ही fertilize (निषेचित) होने चाहियें। आदमी के sperms औरत के reproductive tract (प्रजनन पथ) में 48 से 72 घंटे तक ही जीवित रह सकते हैं। चूँकि बच्चा पैदा करने के लिए आवश्यक embryo (भ्रूण ) egg और sperm के मिलन से ही बनता है, इसलिए couples को ovulation के दौरान कम से कम 72 घंटे में एक बार ज़रूर सम्भोग करना चाहिए और इस दौरान पुरुष को इस्त्री के ऊपर होना चाहिए ताकि sperms के leakage की सम्भावना कम हो। साथ ही पुरुषों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वो 48 घंटे में एक बार से ज्यादा ना ejaculate (वीर्यपात) करें वरना उनका sperm count काफी नीचे जा सकता है, जो हो सकता है कि egg जो fertilize करने में पर्याप्त ना हो।
Ovulation (डिंबक्षरण) का समय कैसे पता करें? Ovulation (डिंबक्षरण) का समय पता करने का अर्थ है उस समय का पता करना जब ovaries से fertilization के लिए तैयार egg निकले। इसे जानने के लिए आपको अपने period-cycle (मासिक-धर्म) का अंदाजा होना चाहिए। यह 24 से 40 दिन के बीच हो सकता है। अब यदि आप को अपने next period के आने का अंदाजा है तो आप उससे 12 से 16 दिन पहले का समय पता कर लीजिये, यही आपका ovulation (डिंबक्षरण) का समय होगा।
For Example उदाहरण के लिए : यदि period की शुरुआत 30 तारीख को होनी है तो 14 से 18 तारिख का समय ovulation (डिंबक्षरण) का समय होगा।
बच्चा पैदा करने के लिए उपयुक्त समय का पता करने का एक और तरीका है : Vagina (यौनि) से निकलने वाले चिपचिपे तरल को अपने ऊँगली पर लीजिये और उसकी elasticity check कीजिये, जब ये अधिक और देर तक लचीला रहे तो समझ जाइये कि ovulation (डिंबक्षरण) हुआ है और अब आप बच्चा पैदा करने के लिए सम्भोग कर सकते हैं।
(3) एक healthy lifestyle (स्वस्थ जीवन शैली) बनाए रखें। बच्चा पैदा करने के chances/अवसर बढ़ाने के लिए बेहद आवश्यक है कि पति-पत्नी एक स्वस्थ्य-जीवनशैली बनाये रखें। इससे होने वाली संतान भी अच्छी होगी। खाने–पीने में पर्याप्त भोजन और फल की मात्रा रखें। Vitamins/विटामिन्स की सही मात्र से पुरुष-स्त्री दोनों की fertility rate/प्रजनन दर बढती है। रोजाना व्यायाम करने से भी फायदा होता है।
सिगरेट पीने वाली महिलाओं में conceive (गर्भ धारण)  करने के chances 40 % तक घट जाते हैं। 
(4) Stress-free (तनाव-मुक्त) रहने का प्रयास करें : इसमें कोई शक नहीं है कि अत्यधिक तनाव आपके reproductive function (प्रजनन कार्य) में बाधा डालेगा. तनाव से कामेक्षा ख़तम हो सकती है और extreme conditions (चरम स्थितियों) में स्त्रियों में menstruation की प्रक्रिया को रोक सकती है। एक शांत मन आपके शरीर पर अच्छा प्रभाव डालता है और आपके pregnant/गर्भवती होने की सम्भावना को बढ़ता है। इसके लिए आप regularly breathing- exercises (नियमित रूप से साँस लेने सम्बन्धी-अभ्यास) और relaxation techniques (आराम की तकनीक) का प्रयोग कर सकती हैं।
(5) Testicles (अंडकोष) को ज्यादा heat/गर्मी से बचाएँ : यदि sperms/शुक्राणू ज्यादा तापमान में expose / अरक्षित हो जायें तो वो मृत हो सकते हैं। इसीलिए testicles (जहाँ sperms का निर्माण होता है) body के बाहर होते हैं, ताकि वो ठंढे रह सकें। गाड़ी चलते समय ऐसे beaded सीट का प्रयोग करें, जिसमे से थोड़ी हवा पास हो सके और बहुत ज्यादा गरम पानी से इस अंग को ना धोएं। वैसे आम तौर पर इतना अधिक precaution (एहतियात) लेने की ज़रुरत नहीं है, पर जो लोग आग की भट्टी या किसी गरम स्थान पर देर तक काम करते हैं, उन्हें सावधान रहने की ज़रुरत है। X-Ray technicians को हमेशा lead coat पहन कर काम करना चाहिए। अन्यथा बच्चे में जन्मजात विसंगतियां हो सकती हैं।
 
(6) सेक्स के बाद थोड़ी देर आराम करें : सेक्स के बाद थोड़ी देर सीधे पीठ के बल लेटे रहने से महिलाओं कि योनी से sperms के निकलने के chances नहीं रहते। इसलिए सेक्स के बाद 15-20 मिनट लेटे रहना ठीक रहता है। सेक्स के दौरान स्त्री योनि का नीचे की ओर होना, गर्भ धारण के लिए अधिक संभावनाएं बनता है | स्खलन के बाद लिंग तुरंत न निकालें वीर्य को पूरी तरह योनि में जाने दें |

 

(7) सम्भोग के बाद क्या करें :-

संसर्ग करने के बाद आलिंगन करना भी ज़रूरी होता है। स्त्री ऐसा करने से अपने को साथी के ज़्यादा करीब महसूस करती है। गर्भ धारण करने के लिए महिलाओं में सेक्स के दौरान चरम सुख (orgasm ) प्राप्त होना अनिवार्य नहीं है| दरअसल स्त्री की फेलोपियन नलिका जो कि अंडे को अंडाशय से गर्भाशय तक ले जाती है , शुक्राणु को अपने अन्दर खींच लेती है और उसे अंडाणु से मिलाने की कोशिश करती है. और इसके लिए महिलाओं में ओर्गास्म का आना जरूरी नहीं है| फिर भी कम से कम दस पंद्रह मिनट तक योनि को नीचे की तरफ ही रहने दें, इससे शुक्राणु निवेश अच्छी प्रकार से हो सकेगा |

(8) किसी तरह का नशा ना करे : ड्रग्स , नशीली दवाओं, सिगरेट या शराब के सेवन आदमी-औरत, दोनों के hormones/हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है और आपकी प्रजनन क्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। बच्चों में भी जन्मजात विसंगतियां हो सकती हैं।
(9) दवाओं का प्रयोग कम से कम करें : कई दवाइयां , यहाँ तक कि आराम से मिल जाने वाली आम दवाइयां भी आपकी fertility पर बुरा प्रभाव डाल सकती हैं.कई चीजें ovulation को रोक सकती हैं , इसलिए दवाओं का उपयोग कम से कम करें. बेहतर होगा कि आप किसी भी दवा को लेने या छोड़ने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लें.खुद अपना इलाज करना घातक हो सकता है, ऐसा risk ना लें।
(10) Lubricants (चिकनाई) को avoid (टालें) करें : Vagina को lubricate में प्रयोग होने वाले कुछ ज़ेल्स, तरल पदार्थ, इत्यादि sperms को महिलाओं की reproductive tract में travel करने में बाधक हो सकते हैं। इसलिए इनका प्रयोग अपने डाक्टर से पूछ कर ही करें। वैसे किसी artificial lubricant (कृत्रिम स्नेहक) का प्रयोग करने की आवश्यकता ही नहीं है, क्योंकि orgasm के दौरान शरीर खुद ही पर्याप्त मात्रा में liquid produce करता है जो sperm और ova दोनों के लिए healthy होता है।
गर्भ धारण का परीक्षण करें: –

१.अंडोत्सर्जन की अवधि बीत जाने के बाद, अगली माहवारी की प्रतीक्षा करें – अगर वह नही आता, तो गर्भावस्था के लिए परीक्षण करें |

२.अपना शरीर का तापमान लेते रहें | यदि अण्डोत्सर्ग के 14 दिन बाद तक आपका तापमान अधिक रहता है , तो आपके गर्भधारण के अवसर अनुकूल हैं |

३.आमतौर पर गर्भाधान के 6 से 12 दिनों के बाद होता है,आपको हल्की ऐंठन का भी अनुभव हो सकता है।

गर्भ धारण करने में यदि असमर्थ हैं तो करें ये उपाय :

अगर कोई स्त्री बांझपन के कारण माँ नही बन पा रही है तो उन्हें 40 ग्राम गुलकंद के साथ 20 ग्राम सौंफ मिलकर चबानी चाहियें. आप इसे चबाने के बाद एक गिलास दूध भी जरुर पियें. इससे न सिर्फ आपको बांझपन से मुक्ति मिलेगी बल्कि जल्द ही आप गर्भ को भी धारण करोगी.

गर्भ धारण करने के अन्य उपाय :

हर वो स्त्री जो माँ बनाना चाहती है अर्थात गर्भ धारण करना चाहती है, उन्हें माहवारी समय पर जरुर आनी चाहियें. ये स्त्रियाँ माहवारी खत्म होने के12वें से 18वें दिन तक रोज अपने पति के साथ भोग करें. ध्यान रहें कि इन दिनों के दौरान आपके पति का वीर्य आपकी योनी से आपके गर्भाशय तक रोज अंदर तक जाना चाहियें. आप उसे बाहर न गिरने दें.

माहवारी खत्म होने के 12वें से 18वें दिन स्त्री के गर्भ से अंडा तैयार होने के लिए बाहर निकलता है और पुरुष के वीर्य(Men’s Liquid) का इंतजार करता है. तो इन दिनों में अगर पति कावीर्यस्त्री के अंडे तक पहुँचता है तो उनका माँ बनना निश्चित होता है. इसीलिए माहवारी के बाद गर्भ धारण के लिए इन दिनों का अधिक महत्व है.

ध्यान देने योग्य :- ये लेख बहुत से पाठकों की डिमांड को देखते हुए लिखा गया है ये सभी बातें आपको गर्भ धारण को ध्यान रखते हुए आप की जानकारी के लिए दी गयी है यदि किसी को कही भी शक हो या कोई और परेशानी हो तो वो कृपा किसी डॉक्टर से संपर्क करें कोई प्रशन हो तो आप कमेंट बॉक्स या मेल के जरिये पूछ सकते हैं !

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