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खुजली की समस्‍या का आयुर्वेदिक उपचार

खुजली की समस्‍या 

खुजली की समस्या दिनों दिन (अक्सर रात में भी) बढ़ती जा रही है | देखा गया है कि लोग खुजली से परेशान हो कर – दूसरों की नज़रों से बच कर पैंट की जेब में हाथ डाल कर खुजाते हैं |कोई नहीं देख रहा हो तो सीधे सीधे हाथ डाल कर खुजाते हैं | खुजली की तात्कालिक राहत दिलाने वाली क्रीमों की बिक्री बढ़ती जा रही है |टीवी पर भी पुरुषों के अंडकोष और जांघों के बीच की कोमल त्वचा की खुजली की परेशानी दूर करने का फ़ौरी नुस्खा – फलानी फलानी क्रीम लगाओ – रेखा-चित्रों के माध्यम से दिखाया / बताया जा रहा है |

जब त्वचा की सतह पर जलन का एहसास होता है और त्वचा को खरोंचने का मन करता है तो उस बोध को खुजली कहते हैं। खुजली के कई कारण होते हैं जैसे कि तनाव और चिंता, शुष्क त्वचा, अधिक समय तक धूप में रहना, औषधि की विपरीत प्रतिक्रिया, मच्छर या किसी और जंतु का दंश, फंफुदीय संक्रमण, अवैध यौन संबंध के कारण,  संक्रमित रोग की वजह से, या त्वचा पर फुंसियाँ, सिर या शरीर के अन्य हिस्सों में जुओं की मौजूदगी इत्यादि से।

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खुजली की समस्‍या के लिए आयुर्वेदिक उपचार

  1. खुजली वाली जगह पर चन्दन का तेल लगाने से काफी राहत मिलती है।
  2. दशांग लेप, जो आयुर्वेद की 10 जड़ी बूटियों से तैयार किया गया है, खुजली से काफी हद तक आराम दिलाता है।
  3. नीम का तेल, या नीम के पत्तों की लेई से भी खुजली से छुटकारा मिलता है।
  4. गंधक खुजली को ठीक करने के लिए बहुत ही बढ़िया उपचार माना जाता है।
  5. नीम के पाउडर का सेवन करने से त्वचा के संक्रमण और खुजली से आराम मिलता है।
  6. सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस का सेवन करने से भी खुजली से छुटकारा मिलता है।
  7. नींबू का रस बराबर मात्रा में अलसी के तेल के साथ मिलाकर खुजली वाली जगह पर मलने से हर तरह की खुजली से
  8. छुटकारा मिलता है।
  9. नारियल के ताज़े रस और टमाटर का मिश्रण खुजली वाली जगह पर लगाने से भी खुजली दूर हो जाती है।
  10. शुष्क त्वचा के कारण होनेवाली खुजली को दूध की क्रीम लगाने से कम किया जा सकता है।
  11. 25 ग्राम आम के पेड़ की छाल, और 25 ग्राम बबूल के पेड़ की छाल को एक लीटर पानी में उबाल लें, और इस पानी से ग्रसित जगह पर भाप लें। जब यह प्रक्रिया हो जाए तो ग्रसित जगह पर घी थपथपाकर लगायें। खुजली गायब हो जाएगी।
  12. करेले की जड़ का रस ग्रसित जगह पर लगाने से भी खुजली कम होती है।
  13. अगर खुजली पूरे शरीर में फैल रही है तो 3 या 4 दिनों तक पीसी हुई अरहर की दाल दही में मिश्रित करके पूरे शरीर पर
  14. लगायें। इससे खुजली फैलने से रुक जायेगी और जल्द ही गायब भी हो जायेगी।
  15. बबूल के पेड़ की छाल से एक्ज़िमा के कारण हो रही खुजली नियंत्रण में आती है।
  16. मौसमी घमौरियां और चुभने वाली गरमी पित्त व्यवस्था के कारण होती है। इनका इलाज छोटे डोज़ में प्रवाल पिश्ती
  17. के सेवन से किया जा सकता है।
  18. चन्दन और काली मिर्च को पीसकर एक महीन लेई बना लें, और उसे घी के साथ मिश्रित कर लें। एक खुरदुरे कपडे से इस
  19. मिश्रण को खुजली वाली जगह पर लगा लें, और उसके बाद उस खुजली वाली जगह को सूर्य की रोशनी लगने दें। खुजली से राहत दिलाने के लिए यह बहुत ही तेज़ तरीका है, पर यह अस्थायी तौर से ही राहत दिलाता है।
  20. पलाश के बीज रिंगवर्म, स्कैबिस, और एक्ज़िमा से होनेवाली खुजली को नियंत्रण में रखते हैं।इन बीजों को पीसकर, नींबू के रस के साथ मिश्रित करके खुजली वाली जगह पर लगाने से लाभ मिलता है।

त्वचा रोग से जुड़ी समस्या

  1. औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी के रस में थाइमोल तत्व पाया जाता है। जिससे त्वचा के रोगों में लाभ होता है। इसकी पत्तियों का रस निकाल कर बराबर मात्रा में नींबू का रस मिलायें और रात को चेहरे पर लगाये तो झाइयां नहीं रहती, फुंसियां ठीक होती है और चेहरे की रंगत में निखार आता है।
  2. दाद व एक्जिमा रोग में इसके पौधे की मिट्टी की पट्टी एक से डेढ़ घंटे तक बांधी जाती है।
  3. दाद, खुजली और त्वचा की अन्य समस्याओं में तुलसी के अर्क को प्रभावित जगह पर लगाने से कुछ ही दिनों में रोग दूर हो जाता है।
  4. नैचुरोपैथों द्वारा ल्यूकोडर्मा का इलाज करने में तुलसी के पत्तों को सफलता पूर्वक इस्तेमाल किया गया है।
  5. कुष्ठरोग में – तुलसी की जड़ को पीसकर, सोंठ मिलाकर जल के साथ प्रात: पीने से कुष्ठ रोग निवारण का लाभ मिलता है।
  6. कुष्ठ रोग या कोढ में तुलसी की पत्तियां रामबाण सा असर करती हैं। खायें तथा रस प्रभावित स्थान पर मलें भी।
  7. कुष्ठ रोग में तुलसी पत्र स्वरस प्रतिदिन प्रातः पीने से लाभ होता है।
  8. तुलसी के पत्तों का रस एक्जिमा पर लगाने, पीने से एक्जिमा में लाभ मिलता है।
  9. दाद, छाज व खाज में तुलसी पंचांग नींबू के रस में मिलाकर लेप करते हैं।
  10. उठते हुए फोड़ों में तुलसी के बीज एक माशा तथा दो गुलाब के फूल एक साथ पीसकर ठण्डाई बनाकर पीते है।
  11. पित्ती निकलने पर मंजरी व पुनर्नवा की पत्ती समान भाग लेकर क्वाथ बनाकर पिएँ।
  12. चेहरे के मुँहासों में तुलसी पत्र एवं संतरे का रस मिलाकर रात्रि को चेहरा धोकर अच्छी तरह से लेप करते है।
  13. व्रणों को शीघ्र भरने तथा संक्रमण ग्रस्त जख्मों को धोने के लिए तुलसी के पत्तों का क्वाथ बनाकर उसका ठण्डा लेप करते हैं।
  14. रक्त विकारों में तुलसी व गिलोय का तीन-तीन माशे की मात्रा में क्वाथ बनाकर दो बार मिश्री के साथ लेते हैं।
  15. तुलसी पत्रों को पीसकर चेहरे पर उबटन करने से चेहरे की आभा बढ़ती है।

खुजली की समस्या के कई कारण हो सकते हैं – लेकिन एक कारण जो मुझे समझ में आया – वो ये है कि आजकल कपड़ों को धोने के लिये डिटर्जेंट का प्रचलन बढ़ गया है |

खुद एक प्रयोग कर के देख लीजिये – डिटर्जेंट से तहदार कपड़े – जैसे पैंट – धोइए | डिटर्जेंट से खूब झाग होता है |

पानी से एक या दो बार धोने पर अमूमन यह समझ लिया जाता है कि कपड़ा धुल गया और डिटर्जेंट निकल गया |

लेकिन ऐसा नहीं होता है – क्योंकि तीसरी बार उस पैंट पर पानी डाल कर रगड़ने और निचोड़ने से – फिर से झाग निकलता है |

इसका मतलब यह हुआ कि दो बार पानी से धोने से डिटर्जेंट पूरा नहीं निकला था |

अंडरवियर में जांघ की तरफ के कपड़े की सिलाई में दो या तीन तह होती है और उन तहों में डिटर्जेंट का कुछ अंश रह जाने की संभावना को अनदेखा नहीं किया जा सकता है | अक्सर लोग नहाने के तुरन्त बाद अंडरवियर पहन लेते है | अंडकोष और जांघों के बीच की त्वचा तो स्वाभाविक रूप से कोमल होती है  नहाने के बाद और भी नाज़ुक हो जाती है |उस समय डिटर्जेंट के कुछ अंश लगा हुआ अंडरवियर पहन लेने से डिटर्जेंट उस जगह की नाज़ुक त्वचा को काटने लगता है और उसकी वजह से खुजली आती है | खुजलाने में पहले तो बहुत मजा आता है लेकिन नाज़ुक त्वचा को खुजलाने से वो जगह छिल जाती है और छिलने से दर्द होता है | खुजली के इलाज के लिये खुजली मिटाने वाली कोई क्रीम लगा ली जाती है लेकिन वो परमानेंट इलाज नहीं है | खुजली करते रहो क्रीम लगाते रहो यह दुष्चक्र चलता रहता है पैसे और वक्त दोनों बर्बाद होते रहते हैं |

खुजली की समस्या का इलाज है – डिटर्जेंट को अच्छी तरह निकालो |

डिटर्जेंट के विज्ञापन भोले भाले लोगों को झाँसा देते हैं कि डिटर्जेंट लगाने से उनके कपड़े सफ़ेद हो जायेंगे – कपड़े सफ़ेद होने से उनका चरित्र – ईमान भी सफ़ेद हो जायेगा – कपड़े सफ़ेद होने से उनकी तरक्की हो जायेगी – कपड़े सफ़ेद होने से उनकी ज़िंदगी में खुशहाली आ जायेगी – वगैरा वगैरा – और ताज्जुब की बात है – भोले भाले – बाल-बुद्धि वाले लोग आसानी से इस झाँसे में फँस जाते हैं – और बाद में खुजली से पीड़ित रहते हैं |

लेकिन हकीकत तो यह है कि कोई भी क्रीम लगाने से खुजली की बीमारी नहीं जाती है क्योंकि खुजली की असली वजह तो वो डिटर्जेंट है जिसने झाँसा दे कर लोगों की ज़िंदगी खराब कर दी है |

खुजली से बचे रहना है तो पानी से अच्छी तरह कपड़े धो कर डिटर्जेंट को पूरा निकालना पड़ेगा – वरना खुजाते रहो |

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