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केसर (Saffron)के आयुर्वेदिक एवं औषधीय गुण

केसर (Saffron) का उपयोग

केसर :- हमारी प्रकृति ने हमें कई ऐसे मसाले और जड़ी-बूटियां दी हैं जो हमारे लिए कम फायदेमंद नहीं है। इस का मसालों में विशिष्ट स्थान है। केसर सबसे कीमती मसाला है जिसे अंग्रेजी में सैफ्रोन कहते हैं। साधारणतः इसे उर्दू और अरबी में जाफरान कहते हैं। यह भारतीय रसोई घर का प्रमुख मसाला है। इसे मसालों का राजा कहें तो ज्यादा बेहतर होगा। इसमें करिश्माई गुण समाए हैं।

इसका वैज्ञानिक नाम क्रोकस सैटिबस है। इस के फूल में चमकता हुआ स्टिग्मा पाया जाता है। स्टिग्मा को जब अच्छी तरह सुखाया जाता है तब जाकर केसर प्राप्त होता है। ये फूल जाड़े में हाथ से तोड़े जाते हैं। स्टिग्मा एक केप्सूल की तरह होता है। जैसा कि इस के बारे में कहा जाता है कि यह सातवीं सदी में चीन पहुंचा और मध्यकाल में यूरोप में इसका प्रचार हुआ। यह मोरक्को और तुर्की में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

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केसर पाउडर और थ्रेड के रूपों में उपयोग में लाया जाता है। इस का सुगंध पाने के लिए इसे पानी में भिगोना पड़ता है। इस का सबसे ज्यादा आयात ईरान और स्पेन से होता है क्योंकि यहां के इस की क्वालिटी काफी अच्छी होती है। भारत में कश्मीर में इसकी खेती होती है

केसर
केसर

इस का इतिहास 300 सालों से भी ज्यादा पुराना है, हिन्दू धर्म ग्रंथों में यह एक पवित्र तत्त्व है और यूरोप और इस्लामिक शाहकाल में भी इसका बहुतात्यत में प्रयोग हुआ है. केसर एक पौराणिक और बहुत की कीमती खाद्य प्रदार्थ है

केसर प्रयोग, खाद्य, सौंदर्य और उपचार तीनो तरह से होता है वजन के हिसाब से यह दुनिया का सबसे महंगा मशाला है, कुछ सौ सालों पहले वजन के हिसाब से केसर सोने से भी ज्यादा मंहगा था हमने इसके बारे में सुना तो बहुत परन्तु इसे अतिश्योक्ति मान कर कभी इस प्रक्रति के अजूबे को गंभीरता से नहीं लिया . मैने जब इस लेख के लिए इस के बारे में जानकारी इक्कठा की तो मेरे लिए इसेक केसर के स्वास्थ्य लाभ और फायदे यह अविश्वश्नीय थे.

इस लेख के बाद आप इस का इस्तेमाल करने की जरुर सोचेंगे यह  मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ.

केसर लगातार खाने, पेट की दीवारों को मजबूत बनाने में मदद करता है भूख में सुधार।यह सूखी खाँसी और काली खांसी के मजबूत हमलों के साथ, जिगर और पित्ताशय के लिए प्रयोग किया जाता है।केसर, मस्तिष्क की कोशिकाओं और रक्त का पोषण होता है एक टॉनिक प्रभाव पड़ता है। इस की मदद मूत्राशय और गुर्दे की पथरी और रेत, चिकनी झुर्रियों से साफ किया और रंग में सुधार किया जा सकता है, यह एक कामशक्ति बढ़ाने वाला रसायन है। महिलाओं की कुछ बीमारियों में यह रामबाण साबित होता है। बच्चे के जन्म के बाद गर्भाशय की सफाई के लिए कुछ दिनों तक इसका नियमित सेवन करना बहुत अच्छा रहता है। माहवारी के दौरान दर्द, अनियमितता व गड़बड़ी से निजात के लिए यह एक अच्छी औषधि है। मासिक धर्म साफ लाने वाली, गर्भाशय व योनि संकोचन जैसे रोगों को भी दूर करती है।

गुर्दे की पथरी को तोड़ने के लिए और मूत्राशय इसका शहद के साथ मिलाया जाता है और मौखिक रूप से लिया जाता है।लेकिन जब सिरदर्द और अनिद्रा मदद लोशन।गर्म दूध के साथ पीसा, केसर मस्तिष्क की पतली ऊतक के विकास पर एक लाभदायक प्रभाव है, स्मृति और मानसिक काम को बेहतर बनाता है।

केसर के आयुर्वेदिक और औषधीय गुण :- 

1. उच्च रक्तचाप को ठीक करता है- Antihypertensive activity

Fatehi et all के द्वारा किये गए एक शोध में यह पाया गया की इस की पतियों के अर्क में उच्च रक्तचाप को कम करने की क्षमता होती है, यह हमारे रक्त के गुणों में बदलाव करने और स्नायु तंत्रों में सकारात्मक बदलाव करके रक्तचाप को कम करता है.

2. आक्षेप और दौरा रोकने में सहायक- Anticonvulsant activity

इस के पराग में मौजूद एक तत्त्व safranal पर किये गए सुध में यह पाया गया है की इसमे मिर्गी जैसे दौरों ( tonic convulsions)  को कम करने की क्षमता होती है, इस तत्त्व के उपयोग से दौरे का समय भी कम हुआ और दुआरे आने की संभावना भी कम हुई.

3. खांसी रोकने में सहायक- Antitussive activity

इस के पराग उर पत्तियों में मौजूद safranal और  crocin (दवाई नहीं) नामक तत्वों में खांशी कम करने की भी क्षमता होती है.

4. कैंसर रोधी- Antigenototoxic and cytotoxic effects of saffron

एक प्रयोग में जिसमे मनुष्य के सामान्य कोशिका और कैंसर वाले कोशिका का इस्तेमाल किया गया था उसमे केशर के तत्त्व जो की safranal है उसकी क्षमता का पता लगाया गया, इस प्रयोग से यह सोध्ह हुआ की यह तत्त्व BP-induced mutagenicity (कैंसर बनाने वाली प्रक्रिया) के विरुद्ध काम करता है.

इस का carotenoid नमाक दूसरा तत्त्व कैंसर कोशिकाओं के विरुद्ध काम करता है और उन्हे मरने में मदद करता है.

इस शोध के बाद केसर के इन तत्वों का कैंसर chemotherapy की तरह काम करने की काबिलियत शोध हो गयी है.

5. यौन क्षमता को बढ़ता है- Effect on sexual behavior

इस के तत्व safranal और crocin में कम्मोतेजना बढ़ाने वाले गुण होते है, इसलिए जो  उत्पाद यौन शक्ति बढ़ाने का वादा करते है उनमे इसका इस्तेमाल देखेंगे .

दूध और इस का यह प्रभाव शायद  पुराने लोगों को पता रहा होगा इसलिए युवा शादीशुदा  युगल को इसका सेवन करने के लिए कहा जाता था.

6. तनाव और चिंता को कम करता है- Anxiolytic activity

आज का विकासशील जीवन तनाव से भरा हुआ है, क्यों?

क्युकी आज प्रतिसर्धा और महत्वकंषा का युग है, जो योग्य है और होश्यार है वह सुविधा पायेगा और जो कमजोर है वह पीछे रह जायेगा.

इस दौड़ में कोई पूछे नहीं रहना चाहता और अपने शारीरिक और मासिक सीमाओं को धकेलता जाता है. कड़ी शारीरिक और मानशिक मेहनत और भावनात्मक दबाव मानुष को तनाव और चिंता में धकेल देता है.

केसर के तत्वों मे तनाव कम करने के गुण होते है यह तनाव बढ़ाने वाले कारकों के विरूद काम करता है.

7. मस्तिस्क और शरीर  को आराम देता है- Relaxant property

तनाव कम करने वाले तत्त्व ही शरीर को आरामदेह स्थिति में भी लाते है, अगर आप आराम करते वक्त असहज महशुस करते है या आराम करने के बाद भी आपका शरीर थका हुआ लगता है तो आपको केसर युक्त दूध का  इस्तेमाल करना चाहिए.

8. अवसाद से बहार निकलता है- Effect on depression

अवसाद ग्रथ लोगों को दो समूहों में बनता गया और कुछ को केसर के तत्वों के अर्क वाली गोली और और कुछ को खली गोलिया दी गयी, कुछ हफ़्तों के उपयोग के बाद जिन्होने केसर के तवों का उपयोग किया था उनमे अवसाद के स्टार में गिरावट देखि  गयी.

इस शोध की बाद यह  सिद्ध हो गया की केसर में मौजूद तत्त्व अवसाद से बहार निकालने में सहायक है.

9. मस्तिस्क की क्षमता को बढ़ता है- Effect on learning behavior and long-term potentiation

केसर के तत्त्व यद्दास और सिखाने (improved memory and learning skil) की क्षमता को पर बहुत ही सकारत्मक प्रभाव डालते है, बाल और युवा अवस्था में इके लगातार इस्तेमाल से दिमाग तेज होता है और दिमाकी काबिलियत बढ़ जाती है.

बुजुर्गों में भूलने की बिमारी(neurodegenerative disorders ) को ठीक करने के उपयोग में इसका बहुत ही सकारात्मक परिणाम देखा गया है.

10. आँखों की रोशनी बढ़ता है- Effects on ocular blood flow and retinal function

केसर की तत्त्व आँखों में नौजूद Retina और Choroid में खून का संचार बढ़ते है इसलिए उम्र के साथ जो अंकों की रोशनी कमजोर हनी की शिकायत होती है वह केसर के उपयोग से दूर की जा सकती है.

केसर के तत्त्व रेटिना में पहले से आ चुकी खराबी को ठीक करने में सहायक हैं.

11.हृदय सम्बन्धी बिमारियों से बचाता है-  Effect on coronary artery disease

इस शोध में जिन लोगों को ह्रदय सम्बन्धी बीमारी थी उन्हे ५० मिलीग्राम केसर को १०० ml दूध में  घोल कर रोजाना दिया गया

इसके उपयोग से एक प्रकार की रासायनिक क्रिया जीसी lipoprotein oxidation कहते है उसमे कमी आई इस शोध से यह सिद्ध हुआ की केसर में प्रतिऑक्सीकारक (Antioxidant) गुण होते है जो ह्रदय के बिमारियों सम्बन्धी रसायनों को कम कर सकते है.

केसर के अन्य प्रयोग:- 

1. नाक से नकसीर निकलने पर भी केसर बहुत फायदेमंद होता हैं। नकसीर पड़ने पर चंदन और केसर का लेप बनाकर लगाएं,नकसीर आना बंद हो जाएंगी। और सर्दी होने पर सुबह शाम केसर का दूध पीना चाहिए। ऐसा करना से सर्दी से राहत मिलेगी ।

2. केसर पाचन क्रिया को भी ठीक करता हैं। गैस और एसिडिटी की समस्या होने पर भी केसर राहत दिलाता हैं। केसर और दूध को एक साथ  पीने से शारीरिक शक्ति मिलती हैं ।

3. महिलाओं को ज्यादातर केसर का सेवन फ़ायदेमंद होता हैं। क्योंकि महिलाओं में मासिक धर्म में अनियमिता,गर्भाशय में सूजन ,मासिक धर्म के समय होने वाले दर्द में केसर का सेवन करने से राहत मिलती हैं ।

4. Kesar लिवर और ब्लेंडर की समस्याओं को ठीक करने में मदद करता हैं। यह रक्त को साफ़ करता हैं। जोड़ों  के दर्द से भी केसर आराम दिलाता हैं। यह थकान को दूर कर मांसपेशियों को आराम दिलाता हैं ।

5. Kesar अनिद्रा और अवसाद को  दूर करने में मदद करता हैं। रात को सोने से पहले दूध में केसर डालकर पीने से अनिद्रा की समस्या दूर होती हैं  आँखों की समस्याओं के लिए भी केसर अच्छा होता हैं ।

6. Kesar  और दूध-: केसर और दूध के पैक को आप हर रोज या फिर हफ्ते में दो बार भी लगा सकती हैं। इससे आपका चेहरा गुलाब की तरह चमकने और निखरने लगेगा ।

7. Kesar और पपीता-: पपीता में विटामिन और एंटीऑक्‍सीडेंट पाए जाते हैं जो स्‍किन के लिये बहुत अच्‍छे होते हैं। एक कटोरी  में पका हुआ  पपीता लें। फिर उसमें दूध, शहद और केसर डालकर मिक्स करें । इस पेस्ट को अपने  चेहरे पर 10-15 मिनट के लिए लगा कर रखें और फिर ठंडे पानी के साथ धो दें ।

8. Kesar और चंदन पाउडर-: केसर और चन्दन में थोड़ा सा दूध मिक्स करें और 5 मिनट तक अपने चेहरे लगा कर रखें। यह पैक ऑयली स्‍किन वालों के लिये बहुत अच्‍छा होता हैं। इसके अलावा यह सन टैन, मुंहासों  और पिंपल से भी लड़ता हैं ।

9. Kesar , शहद और बादाम-: रात को सोने से पहले बादाम को पानी में भिगो कर रखें फिर बाद में उसका पेस्ट बना लें । केसर को गुनगुने पानी में  भिगोएं और बाद में उसमें शहद और नींबू का रस मिलाएं । इस पैक को अपने चेहरे और गर्दन पर लगा दें इससे  झुर्रियां, एक्‍ने और दाग दूर हो जाएंगे ।

Kesar की असली नकली की पहचान :- 

असली केसर की पहचान करना बेहद आसान है, सबसे पहले असली केसर पानी में पूरी तरह से घुल जाता है। दूसरा तरीका है असली केसर को अगर आप गीले कपड़े में रगड़ेगें तो वो पीला रंग छोड़ेगा जबकि नकली केसर है तो शुरुआत में वो लाल रंग छोड़ेगा बाद में पीला।

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विशेष :- ध्यान रहे ज्यादा मात्रा में लेने पर दिमाग, भारी हो जाता है और नींद आने लगती है। इसका स्वभाव गर्म होता है। इसलिए औषधि के रूप में 250 मिलिग्राम व खाद्य के रूप में 100 मिलिग्राम से अधिक मात्रा में इसके सेवन की सलाह नहीं दी जाती।

Source Article :-

इस लेख पर दी गयी जानकर शोध आधारित है इसके श्रोत और अंग्रेजी शोध पत्रों के लिंक नीचे दिए गए है.

http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3249922/

http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3996758/

http://www.lifeextension.com/magazine/2013/7/A-Safer-Alternative-for-Managing-Depression/Page-01

http://www.diethealthclub.com/health-food/health-benefits-of-saffron.html

http://himachaldastak.com

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