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केले (Banana) के आयुर्वेदिक और औषधीय गुण

केले (Banana) से घरेलू उपचार

केले में पोषक गुण भरपूर मात्रा में होते है। इसके गुदे में 74 प्रतिशत पानी, 20 प्रतिशत चीनी, 2 प्रतिशत प्रोटीन, 1.5 प्रतिशत वसा एक प्रतिशत सेल्यूलोज तथा विटामिन होते हैं। विटामिनों में ए, बी, तथा सी की प्रधानता होती है। खनिज लवणों में कैल्शियम, फास्फोरस, लोह तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। विटामिन केले के छिलके के नीचे होते हैं जो पकने पर गुदे में चले जाते हैं। केले में मौजूद पोषक तत्व एनर्जी और स्टेमिना बढ़ाते हैं।

केले के फल ही नहीं संपूर्ण वृक्ष ही उपयोगी है। अब तो वैज्ञानिकों ने इसमें ऐसे गुणों की खोज की हैं जिससे यह औषधीय गुणों की खान बन गया है। केला एक सर्वप्रिय फल है। शायद आप नहीं जानते, कि यह भारतीय फल नहीं है। सबसे पहले केले का पौधा दक्षिण-पूर्व एशिया इंडोनेशिया के जंगलों से प्राप्त हुआ था। 16वीं शताब्दी में स्पेन के लोग जब अमरीका में जाकर बसे तो वहां उन्होंने केले के पौधे लगाए। इसके बाद तो यह संपूर्ण विश्व में पैदा होने लगा। वैसे गर्म और नम प्रदेशों में केले के पौधे खूब उगते, फलते-फूलते हैं। कच्चे केले को पौधों से तोड़कर गोदामों में कुछ रासायनिक पदार्थों की सहायता से पकाया जाता है उसके बाद ही वह मीठा और स्वादिष्ट होता है। वैसे इसकी 200 से अधिक किस्में होती है। मजे की बात तो यह है कि इसे बीज से नहीं उगाया जाता है अपितु तने के हिस्से को जो जड़ों की गांठों से युक्त होता है, दूसरी जगह लगाकर नया पौधा तैयार किया जाता है। इसके पौधे 20 फुट तक बढ़ सकते हैं। केले के फल गुच्छे के रूप में आते हैं।
औषधीय केला महज एक फल ही नहीं है अपितु केले में अनेक औषधीय गुण भी है। आयुर्वेद में भी इसके औषधीय गुणों की काफी महत्ता बताई गई है।

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केले के आयुर्वेदिक और औषधीय गुण :- 

    1. अमरीकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी की पत्रिका में प्रकाशित एक शोध में बताया गया है। कि रोजाना तीन केले खाने से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा 21 प्रतिशत तक कम हो सकता है। औसतन एक केला में 500 मिलीग्राम पोटेशियम होता है जो कि शरीर में ब्लड प्रेशर तथा फ्लूयड को नियंत्रित करता है। यदि व्यक्ति एक दिन में तीन केले खाए तो ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कम हो सकता है।
    2. बुजुर्गों के लिए केला बहुत उपयोगी है। बुढ़ापे में दांत और आंत दोनों कमजोर हो जाते हैं। केला ही एक ऐसा फल है जो आसानी से खाया और पचाया जा सकता है। केले में काफी मात्रा में रेशा होता है जो बुजुर्गों को कब्ज से निजात दिलाता है।
    3. गर्भवती महिलाओं के लिए केला काफी लाभदायक है। गर्भावस्था में ऊबकाई आना एक सामान्य समस्या है जिसे केला खाकर दूर किया जा सकता है। इसमें कई खनिज और विटामिन होने की वजह से यह न केवल गर्भवती के लिए अपितु गर्भस्थ शिशु के लिए भी लाभदायक है।
    4. केला खाने से ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में पोटेशियम होता है जो ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है।
      दस्त लग जाने पर दही में केला मिलाकर खाने से लाभ होता है।
    5. केला में लौहतत्व काफी मात्रा में पाए जाते हैं अत: जिन्हें रक्त की कमी हो, उन्हें नियमित रूप से केला का सेवन करना चाहिए।
    6. केला खाने से हड्डियां मजबूत होती है क्योंकि इसमें कैल्श्यिम होता है। इसके अलावा इसमें फास्फोरस भी होता है।
    7. जिन लोगों को केला हजम नहीं होता उन्हें केला खाने के बाद एक इलायची खा लेनी चाहिए जिससे केला पच जाता है।
    8. यदि बाल झड़ते हों तो केला के गुदे में नीबू का रस मिलाकर लगाने से लाभ होता है।
    9. केला खाना पुरुषों के लिए काफी लाभदायक होता है क्योंकि इसमें उनमें प्रजनन क्षमता का विकास होता है। यदि कोई पुरुष एक सप्ताह में कम से कम तीन दिन केले खाए तो उसकी प्रजनन क्षमता बढ़ेगी। केला में उच्च स्तर का मेगोशियम होता है जो शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाता है।
    10. यदि बच्चा कोई नुकीली चीज या सिक्का आदि निगल ले तो उसे केला खिलाना चाहिए ताकि केले में फंसकर शौच के जरिए बाहर निकल आये।
    11. कुष्ठ रोग में इसकी जडाें को पीसकर प्रभावित भाग पर लगाना चाहिए।
    12. सुजाक रोग में केला को घी और शक्कर के साथ सेवन करें।
    13. दाद, खाज और खुजली होने पर केला के पत्तों को पीसकर लगाना चाहिए।
    14. पेट दर्द सताए तो केले के फूलों का रस छाछ के साथ पीने से लाभ होता है।
    15. सूजाक जैसे घातक बीमारी में केलों को बारीक काटकर धूप में सूखा लें। सूखने पर पीस लें और उसमें उतनी ही शक्कर मिलाकर चूर्ण बना लें। हर रोज एक चम्मच चूर्ण खाएं तथा ऊपर से एक गिलास दूध पीये लाभ होगा।
    16. रक्त पित्त और पथरी के रोगियों के लिए केले का मुरब्बा लाभदायक रहता है।
    17. आग से शरीर का कोई भाग यदि जल जाए तो उस पर पके केला के गूदे को ठीक से मसलकर लगा दें व पट्टी बांध दें, इससे जलन कम हो जाएगी व फफोले भी नहीं पड़ेगे।
    18. पीलिया में भी केला लाभदायक है।
    19. टीबी या क्षय रोग में रोगी को पका केला खिलाना चाहिए।
    20. सूखी खांसी में केले में पीपल के पल को भरदें व रात भर उसे खुले में रख दें। सुबह इसका सेवन करें। निश्चत लाभ होगा।
    21. सुबह सुबह एक केले के साथ आधा चम्मच शहद खाने से कमजोर हृदय पुष्ट होता है।
    22. आंतों में फोड़ा हो गया हो या सूजन आ गई हो तो रात को सोते समय केला उबालकर खाएं।
  1. अल्सर होने पर केले की सब्जी लाभदायक होती है। बार-बार शौच की शिकायत में चावल के साथ केले की सब्जी का सेवन लाभप्रद है। बार-बार लघुशंका जाने की शिकायत हो तो हर दो घंटे बाद एक केला खाएं।
  2. कब्ज के मरीज को खाली पेट केला खाना चाहिए।
  3. पेट जलन में पका केला फायदा देता है।
  4. खुजली प्रभावित भाग पर केले के गूदे में नींबू का रस मिलाकर लगाएं।
  5. नाक से खून बहने या नकसीर की शिकायत हो तो कच्ची खांड के साथ प्रतिदिन दो केला खाएं।
  6. दमे में अधपके केले पर सेंधा नमक और काली मिर्च लगाकर खाना चाहिए।
  7. मुंह और जीभ के छालों पर केला, दही और इलायची पीस कर लगावें, फायदा होगा।

केले का मुरब्बा – Kele ka Murabba

आवश्यक सामग्री – Ingredients for Kele ka Murabba

केले छिले हुए – 1 किलो
चीनी – 1 किलो
नींबू का रस – 100 ग्राम
दूध – 1/2 कप
काली मिर्च पाउडर – 1/2 टेबल स्पून
पानी – आवश्यकतानुसार

विधि How to make Kele ka Murabba

बड़े -बड़े मोटे, मीठे व बढ़िया क़्वालिटी के केले लीजिए. यह छिले हुए 1 किलो होने चाहिए. इनके 4-4 टुकड़े कर लीजिए. इन्हे काँटे से हल्का गोद लिजियेऽब एक बर्तन मे चासनी बनाने रखे जब ये तोड़ा गर्म हो जाए इसमे दूध डालकर चलाए यह मैल उतरने के लिए है चम्मच से उपर से जमा हुआ मैल सावधानी से उतार लीजिए. मैल उतरने के बाद नींबू का रस डाले व केले के टुकड़े भी डाल दे.

जब चासनी अच्छी तरह पक जाए और गाड़ी हो जाए तो गॅस बंद कर दे अब इसमे कालीमिर्च पाउडर डाले और मिलाए. ठंडा हो जाने पर चीनी मिट्टी या काँच के जार मे भरकर रख ले.

नोट- मुरब्बा निकालने के लिए हमेशा सॉफ व सुखी चम्मच का ही इस्तेमाल करे.

Article Source :- http://www.vedicvatica.com/

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