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अंजनहारी:- Why originates stye? Stye treatment to recover

अंजनहारी क्यों निकलती है और अंजनहारी ठीक करने के उपचार

अंजनहारी के बारे में आप ने बहुत सुना होगा ये एक तरह की सफ़ेद मुह वाली फुंसी होती है जो आँखों की पलकों पर भोंहों पर या उनके किनारे पर निकलती है और ये बड़ी कष्टदायक होती है फुंसी छोटी से होती है लेकिन दर्द बहुत ज्यादा होता है कभी तो यह फूट कर इसमें से मवाद बाहर निकल जाता है लेकिन वही पर दोबारा होने में समय नहीं लगाती

अंजनहारी क्यों निकलती ही ?

अंजनहारी स्टाफीलोकोकस बैक्टीरिया (staphylococcus bacteria) के संक्रमण की वजह से होती है और आयुर्वेदिक मत के अनुसार विटामिन A और D की कमी से निकलती है | या पेट के ख़राब होने, कब्ज लम्बे समय होने से भी अंजनहारी निकल सकती हैं |

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अंजनहारी निकलने के कारण?

धूल के हानिकारक कणों का आँखों में जाना।

गन्दिगी वाली जगह से मच्छर के द्वारा

बाहर से आने पर बिना हाथ धोए आँखों को छूना।

यदि पहले से किसी को अंजनहारी हो और उसके छूने या नज़ला जुकाम के संपर्क में आने से संक्रमण होता है ।

आँखों की सफाई का ध्यान न रखना ।

कई कई दिन तक ना नहाना

ये कुछ कारण है जिनसे इस तरह के रोग होते है (कंजंक्टिवाइटिस(आँखों से पानी आना) मेरे नैना सावन भादो)

अंजनहारी के उपचार

गर्मी के दिन में ये रोग ज्यादा होता है यदि सुबह और रात को सोने से पहले गुलाब जल की कुछ बूंदे डाली जाएँ तो ये रोग होने का खतरा कम होता है और यदि हो जाये तो जल्दी ठीक हो जाता है

लौंग ( Cloves ) को पानी के साथ किसी सिलबट्टे पर रगड़ कर उसका लेप anjanhari पर करने से 1-2 दिन में ही ठीक हो जाती है

काली मिर्च को पानी के साथ किसी सिलबट्टे पर रगड़ कर उसका लेप anjanhari पर करने से थोड़ी सी जलन होती है, लेकिन जल्दी ही अंजनहारी ठीक हो जाती है

 त्रिफला का जल सुबह खाली पेट लेने से anjanhari के इन्फेक्शन में राहत मिलती है

रात को सोने से पहले 10-15 ग्राम त्रिफला का चूरण किसी कांच के गिलास में भे दें और सुबह उस पानी को छान कर उस पानी से आँखों को धोने से भी अंजनहारी ठीक होती है

पीसे हुए चन्दन के चूरे को और उसमे 2-३ काली केसर की मिलाकर उसका लेप anjanhari पर लगाने से भी राहत मिलती है

नीम को रात में पानी में उबाल कर सुबह उस नीम के ठडे पानी से आँखों को धोने से भी अंजनहारी में आराम मिलता है

छुहारे के बीज को पानी के साथ घिस कर उसे दिन में २-३ बार anjanhari पर लगाने से लाभ होता है |

हरड़ को पानी में घिसकर anjanhari पर लेप करने से लाभ होता है |

तुलसी के रस में लौंग घिस लें और anjanhariपर यह लेप लगाने से आराम मिलता है |

अंजनहारी होने पर किन बातों का ध्यान रखना चाहिये ?

अपना तौलिया, रूमाल आदि दूसरों के साथ शेयर न करें।

जब भी  अंजनहारी की दिक्कत हो तो आंखों को रगड़ना नहीं चाहिये इससे इन्फेक्शन होने और फैलने की सम्भावना रहती है

 किसी भी प्रकार का संक्रमण होने पर आंखों का मेकअप न करें।

आंखों में यदि ज्यादा anjanhari के वजेह से सोजिश हो तो किताब पढ़ने, कम्प्यूटर पर घंटों काम करने से बचना चाहिये

anjanhari निकलने पर मीठे फल (आम) और गरम तासीर की खाने की वस्तु से दूर रहना चाहिये

अंजनहारी को ठीक करने का दादी माँ का नुस्खा :- बचपन में जब कभी हम बच्चों को अंजनहारी हो जाती थी तो हमारी दादी कहा करती थी जब भी टॉयलेट जाओ तब अनामिका उंगली (Ring Finger )के किनारे को अपनी हथेली पर रगड़ कर उंगली के किनार से anjanhari को छूना है और मुह से 1 छू बोलना है ऐसा एक बार टॉयलेट जाने पर 7 बार करना है इस से 1-2 दिन में भी यह रोग ठीक हो जाता था

फिर भी यदि कोई भी परेशानी हो तो विशेषज्ञ से जरुर मिलें।

दोस्तों यदि आपको मेरा पोस्ट अच्छा लगा इसे जरुर शेयर करें और यदि किसी के पास कोई और उपचार हो तो बताने की कृपा करें

धन्यवाद

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